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Lockdown में मजबूर मां, विकलांग बच्चे को कंधे पर टांगे चली सैकड़ों किलोमीटर...
कीर्ति राजेश चौरसिया
सैकड़ों किलोमीटर के पैदल सफर में व्यक्ति खुद ही खुद के लिए बोझ बन जाता है, ऐसे में एक मां अपने विकलांग बच्चे को एक अन्य बच्चे की मदद से डंडे में कपड़े के सहारे टांगकर गुजरात के सूरत से पन्ना तक पहुंच गई। इस दृश्य को जिसने भी देखा भीतर तक हिल गया।
Lockdown के इस दौर में ऐसे कई मंजर देखने को मिल रहे हैं, जब कोई भूखा-प्यासा सिर्फ जिंदगी की तलाश में अपने मूल ठिकाने की ओर लौट रहा है। कहीं आंखों में आंसू हैं, तो कहीं पांवों में छाले। इन लोगों के दर्द को अनुभव करना ही मुश्किल है। लेकिन, इस मां की पीड़ा सबसे अलग है। इसे न सिर्फ अपनी चिंता करनी है, बल्कि अपने विकलांग बच्चे का भी सहारा बनना है।
सूरत से जैसे-तैसे पन्ना तक पहुंची इस महिला को लोगों ने देखा तो उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। यह महिला सतना के मझगंवा क्षेत्र की रहने वाली है। इसके साथ दो बच्चे हैं, इनमें से छोटा विकलांग है। महिला के साथ उसका पति भी नहीं है। महिला ने बताया कि वह किसी तरह यहां तक पहुंची है। कहीं किसी ने रास्ते में वाहन पर बैठाया तो उसने पैदल भी लंबा सफर तय किया है। सूरत से पन्ना की दूरी लगभग 1000 किलोमीटर है।
स्थानीय व्यक्ति प्रमोद पाठक ने बताया कि हमने इस महिला को देखने के बाद इसकी खाने-पीने की मदद साथ ही कुछ आर्थिक मदद भी की। साथ ही हमने तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी को इस महिला की स्थिति के बारे में अवगत कराया। उन्होंने भी तत्काल सहयोग किया। तहसीलदार ने कहा कि यहां से एक वाहन सतना जा रहा है, उससे इस महिला को भेजा जा सकता है। बाद उस वाहन से महिला को सतना भेजा गया।
