सम्बंधित जानकारी
- वुहान में Coronavirus की चपेट में आई थी भारत की पहली COVID-19 मरीज, यह है पूरी कहानी
- स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के पास हैं अभी 1.91 करोड़ से अधिक खुराकें
- सरकारी स्कूलों में क्यों कम हो रहे हैं टीचर
- वैक्सीन की दोनों डोज के बाद भी टीम इंडिया को कराना होगा COVID-19 टेस्ट, 4 अगस्त से है पहला टेस्ट
- क्या फिर लगेगा Lockdown? तीसरी लहर को लेकर मोदी की चेतावनी...
कोरोना वायरस क्या ‘मौसम का अपडेट’ है?
सरकार ने एक बार फिर से लोगों को चेताया है और कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर की बात लोगों के लिए सिर्फ मौसम का अपडेट है, वे इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि देश के कई हिस्सों में कोरोना के नियमों की अनदेखी की जा रही है। ये वायरस को काबू में करने के लिए अब तक की मेहनत पर पानी फेर सकता है।
यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कही। उन्होंने कहा कि लोग कोरोना की तीसरी लहर की बात को मौसम के अपडेट की तरह ले रहे हैं। इसकी गंभीरता और इससे जुड़ी जिम्मेदारियों को लोग समझ नहीं रहे हैं। देश के कई हिस्सों में कोविड-उपयुक्त व्यवहार का घोर उल्लंघन देखा जा रहा है जो इसे काबू में करने के लिए अब तक की मेहनत पर पानी फेर सकता है।
लव अग्रवाल ने कहा, सभी से अनुरोध करना चाहते हैं कि जब हम कोरोना की तीसरी लहर के बारे में बात करते हैं, तो हम इसे मौसम के अपडेट के रूप में ले रहे हैं।
नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा कि दुनिया आज कोरोना की तीसरी लहर का सामना कर रही है। भारत में इसे रोकने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज साफ किया है कि तीसरी लहर कब आएगी इस पर चर्चा करने के बजाय हमें इस बात पर फोकस करना चाहिए कि कैसे इसे बचा जाए।
सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि देश के कई हिस्सों में कोरोना के नियमों की अनदेखी की जा रही है। ये वायरस को काबू में करने के लिए अब तक की मेहनत पर पानी फेर सकता है।
यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कही। उन्होंने कहा कि लोग कोरोना की तीसरी लहर की बात को मौसम के अपडेट की तरह ले रहे हैं। इसकी गंभीरता और इससे जुड़ी जिम्मेदारियों को लोग समझ नहीं रहे हैं। देश के कई हिस्सों में कोविड-उपयुक्त व्यवहार का घोर उल्लंघन देखा जा रहा है जो इसे काबू में करने के लिए अब तक की मेहनत पर पानी फेर सकता है।
नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा कि दुनिया आज कोरोना की तीसरी लहर का सामना कर रही है। भारत में इसे रोकने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज साफ किया है कि तीसरी लहर कब आएगी इस पर चर्चा करने के बजाय हमें इस बात पर फोकस करना चाहिए कि कैसे इसे बचा जाए।
