सम्बंधित जानकारी
- दोबारा न करें RT-PCR टेस्ट, जानिए कोरोना जांच पर ICMR की नई एडवाइजरी
- NCPCR ने राज्यों से मांगा बाल गृहों में बच्चों के Corona से संक्रमित होने का आंकड़ा
- 'ड्राई स्वैब आरटी-पीसीआर' टेस्ट उपयोग के लिए स्वीकृत
- स्पाइसहेल्थ ने की सबसे सस्ती RT-PCR जांच की घोषणा, लगेंगे मात्र 299 रुपए
- थोड़ी राहत, मध्यप्रदेश में कोविड 19 के लिए RT-PCR अब 700 रुपए में
फर्जी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट पर कैबिनेट मंत्री ने की लैब में छापेमारी, 4 युवक हिरासत में | RT-PCR report
ऋषिकेश। फर्जी आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट के सहारे हरियाणा से टिहरी जनपद में घुस रहे लोगों की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने ऋषिकेश के ढालवाला स्थित पुलिस चेक पोस्ट पर तैनात एक लैब की पिकेट पर अचानक छापेमारी की। मौके पर पुलिस और मंत्री को देख लैब संचालकों में हड़कंप मच गया। इस दौरान लैब की पिकेट पर संदिग्ध किट भी मिलने की जानकारी मिली है जिन्हें पुलिस ने जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया।
ALSO READ: RT-PCR टेस्ट क्या है,जानिए Details
बताया जा रहा है कि फर्जी आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट देने की एवज में लोगों से 1,000 रुपए वसूले जा रहे थे। रिपोर्ट देने के लिए भी मात्र 1 घंटे का समय लिया जा रहा था। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि इस प्रकार की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। मंत्री ने दावा किया कि जांच में जो भी संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट के सहारे क्षेत्र में पहुंचने वाले लोगों की वजह से जहां कोविड-19 के संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है, वहीं सरकार के स्वास्थ्य बुलेटिन में भी इसका असर देखा जा रहा है। अब यह भी आशंका जताई जा रही है कि रिपोर्ट देने वाली लैब के साथ दूसरी लैब के संचालकों की मिलीभगत भी हो सकती है।
हरियाणा से उत्तराखंड पहुंचे 4 युवकों को स्वास्थ्य विभाग ने जो आरटी-पीसीआर रिपोर्ट दी थी, वो फर्जी थी। हरियाणा से आए युवकों ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से शिकायत की थी। युवकों की फर्जी रिपोर्ट देखने के बाद शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल गुस्से में आ गए और ढालवाला चेक पोस्ट पर पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। चारों युवकों को भी हिरासत में लिया गया है।
