सम्बंधित जानकारी
- Chess Olympiad 2022 के मस्कट 'थांबी' के चर्चे, उद्घाटन में चेन्नई रंग और रोशनी से हुआ सराबोर (Pics & Videos)
- भारत है मेजबान तो पाक हुआ परेशान, शतरंज ओलंपियाड से वापस बुलाई टीम
- शतरंज ओलंपियाड में ज्यादा नहीं खलेगी विश्वनाथन आनंद की कमी
- 5 बार के विश्व विजेता ने कहा, शतरंज ओलंपियाड में भारत जीतेगा काफी मेडल
- रिकॉर्ड 6 टीमों के साथ शतरंज ओलंपियाड में उतरेगा भारत,यह होंगे खिलाड़ी
'May the game begin कहकर 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया 44वें शतरंज ओलम्पियाड का उद्घाटन
चेन्नई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मे द गेम्स बिगिन (खेल को शुरू होने दें) की उद्घोषणा के साथ गुरुवार को 44वें शतरंज ओलंपियाड के शुरू होने की घोषणा की।
श्री मोदी ने कहा, “शतरंज का सबसे प्रतिष्ठित आयोजन, शतरंज के घर भारत आया है। यह टूर्नामेंट एक विशेष समय पर यहां आया है। हम इस साल औपनिवेशिक शासन से भारत की आज़ादी की 75वीं सालगिरह का जश्न मना रहे हैं। यह हमारा आज़ादी का अमृत महोत्सव है। यह हमारा सौभाग्य है कि हम अपने देश के इतने महत्वपूर्ण समय में आपकी मेज़बानी कर रहे हैं।”
शतरंज का शीर्ष आयोजन 44वां शतरंज ओलंपियाड 28 जुलाई से नौ अगस्त 2022 तक चेन्नई में आयोजित किया जा रहा है। 1927 से आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी पहली बार भारत में और 30 साल बाद एशिया में की जा रही है। इस आयोजन में 187 देश भाग ले रहे हैं जो शतरंज ओलंपियाड में सबसे बड़ी भागीदारी होगी। भारत इस प्रतियोगिता में अपनी अब तक की सबसे बड़ी टुकड़ी को भी मैदान में उतार रहा है जिसमें छह टीमों के 30 खिलाड़ी शामिल हैं।
श्री मोदी ने तमिलनाडु और शतरंज के संबंध के बारे में कहा, “तमिलनाडु में सुंदर प्रतिमाओं के साथ कई मंदिर हैं जो विभिन्न खेलों को दर्शाते हैं। तमिलनाडु का शतरंज के साथ ऐतिहासिक संबंध है। इस राज्य ने दुनिया को कई शतरंज मास्टर्स दिये हैं। यह एक जीवंत संस्कृति और सबसे पुरानी भाषा 'तमिल' का घर है।”
उन्होंने कहा, “44वां शतरंज ओलंपियाड कई रिकॉर्डों का टूर्नामेंट रहा है। शतरंज ओलंपियाड पहली बार अपनी जन्मस्थल भारत में आयोजित हो रहा है। यह तीन दशकों में पहली बार भारत आया है। इस आयोजन में ओलंपियाड के इतिहास में सर्वाधिक टीमें हिस्सा ले रही हैं। इस बार महिला वर्ग में भी ओलंपियाड इतिहास की सर्वाधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रही हैं। ओलंपियाड की सबसे पहली टॉर्च रिले भी इसी बार शुरू हुई है।”
श्री मोदी ने कहा कि खेलों में कोई हारता नहीं, बल्कि खेलों में सिर्फ विजेता और भविष्य के विजेता होते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों और टीमों को 44वें ओलंपियाड के लिये शुभकामनाएं देते हुए कहा, “May the game begin।”
टीम इंडिया 2 में निहाल सरीन, डी गुकेश, आर प्रागनानंदा, रौनक साधवानी और 30 वर्षीय बी. अधिबान सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। इसने न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी बसे चेस प्रेमियों ने उम्मीदें पाल रखी हैं। इस टीम का औसत एलो 2649 है लेकिन पिछले छह महीनों में धुर विरोधियों के खिलाफ स्कोर करने की उनकी क्षमता उन्हें पदक के प्रबल दावेदार के रूप में सामने लाकर रखती है।
44 वां शतरंज ओलंपियाड 28 जुलाई से 10 अगस्त तक होना है और इसमें 187 देश पंजीकृत हैं। इससे पहले किसी भी ओलंपियाड में इतनी संख्या में देशों ने कभी भाग नहीं लिया।(वार्ता)
श्री मोदी ने कहा, “शतरंज का सबसे प्रतिष्ठित आयोजन, शतरंज के घर भारत आया है। यह टूर्नामेंट एक विशेष समय पर यहां आया है। हम इस साल औपनिवेशिक शासन से भारत की आज़ादी की 75वीं सालगिरह का जश्न मना रहे हैं। यह हमारा आज़ादी का अमृत महोत्सव है। यह हमारा सौभाग्य है कि हम अपने देश के इतने महत्वपूर्ण समय में आपकी मेज़बानी कर रहे हैं।”
शतरंज का शीर्ष आयोजन 44वां शतरंज ओलंपियाड 28 जुलाई से नौ अगस्त 2022 तक चेन्नई में आयोजित किया जा रहा है। 1927 से आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी पहली बार भारत में और 30 साल बाद एशिया में की जा रही है। इस आयोजन में 187 देश भाग ले रहे हैं जो शतरंज ओलंपियाड में सबसे बड़ी भागीदारी होगी। भारत इस प्रतियोगिता में अपनी अब तक की सबसे बड़ी टुकड़ी को भी मैदान में उतार रहा है जिसमें छह टीमों के 30 खिलाड़ी शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “44वां शतरंज ओलंपियाड कई रिकॉर्डों का टूर्नामेंट रहा है। शतरंज ओलंपियाड पहली बार अपनी जन्मस्थल भारत में आयोजित हो रहा है। यह तीन दशकों में पहली बार भारत आया है। इस आयोजन में ओलंपियाड के इतिहास में सर्वाधिक टीमें हिस्सा ले रही हैं। इस बार महिला वर्ग में भी ओलंपियाड इतिहास की सर्वाधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रही हैं। ओलंपियाड की सबसे पहली टॉर्च रिले भी इसी बार शुरू हुई है।”
श्री मोदी ने कहा कि खेलों में कोई हारता नहीं, बल्कि खेलों में सिर्फ विजेता और भविष्य के विजेता होते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों और टीमों को 44वें ओलंपियाड के लिये शुभकामनाएं देते हुए कहा, “May the game begin।”
विश्व चैंपियनशिप के चैलेंजर फैबियानो कारुआना के नेतृत्व वाली स्टार खिलाड़ियों से लैस अमेरिकी टीम एलो 2771 के साथ औसत रेटिंग के मामले में सबसे आगे है, जबकि भारत एलो 2696 के साथ दूसरे स्थान पर है।विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन की टीम नॉर्वे को एलो 2692 में तीसरी वरीयता प्राप्त है। उसके बाद स्पेन (एलो 2687), पोलैंड (एलो 2683) और अजरबैजान (एलो 2680) का स्थान है।Sports unites us. Every sporting tournament gives the message that we are stronger and better together. pic.twitter.com/FHk8vnZM6B
— Narendra Modi (@narendramodi) July 28, 2022
टीम इंडिया 2 में निहाल सरीन, डी गुकेश, आर प्रागनानंदा, रौनक साधवानी और 30 वर्षीय बी. अधिबान सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। इसने न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी बसे चेस प्रेमियों ने उम्मीदें पाल रखी हैं। इस टीम का औसत एलो 2649 है लेकिन पिछले छह महीनों में धुर विरोधियों के खिलाफ स्कोर करने की उनकी क्षमता उन्हें पदक के प्रबल दावेदार के रूप में सामने लाकर रखती है।
टाप भारतीय टीम में विदित गुजराती, पेंटाला हरिकृष्णा, अर्जुन एरिगैसी, एसएल नारायणन और कृष्णन साईस्किरन शामिल हैं। इनके पास अनुभव और ताकत का मिश्रण है। अर्जुन और नारायणन डेब्यू कर रहे हैं। अर्जुन एलो 2700 के निशान के करीब मँडरा रहे है और नारायणन एक गंभीर स्थिति और ठोस शैली का प्रदर्शन करते हैं। हरिकृष्णा और शशिकिरन सिद्ध प्रमाणिकता वाले पुराने योद्धा हैं, जबकि विदित ने भी इलीट वर्ग के बीच अपनी पहचान बनाई है।There could not have been a better place to host the 44th Chess Olympiad than Tamil Nadu, which is India's chess powerhouse. pic.twitter.com/w5tPJhjdNL
— Narendra Modi (@narendramodi) July 28, 2022
May the 44th Chess Olympiad in Chennai be an enriching experience for everyone. Best wishes to all the participants. https://t.co/u2DZzotHGF
— Narendra Modi (@narendramodi) July 28, 2022कोनेरू हम्पी, डी हरिका, आर वैशाली, तानिया सचदेव और भक्ति कुलकर्णी वाली महिला टीम को 2487 के औसत एलो के साथ टॉप सीड दी गई है और यह टीम खिताब की प्रबल दावेदार है। दूसरी ओर, यूक्रेन (2478) और जॉर्जिया (2475) भारत के बहुत करीब हैं और इस लिहाज से भारत को सोने के पदक के लिए हर दिन अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है।अन्य भारतीय टीमों में भी उलटफेर करने की क्षमता है और बिना किसी दबाव के उनके पास पदक छीनने की भी क्षमता है।
