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Budget 2020: बेहद तेज गति से राजनीति का ‘शिखर’ छूने वाली शख्सियत निर्मला सीतारमण
साल 2008 में जब निर्मला सीतारमण भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं तो उनके तेजतर्रार व्यक्तित्व और बेबाक भाषा को देखते हुए उन्हें पार्टी का प्रवक्ता बना दिया गया, इस नियुक्ति के बाद वे अक्सर न्यूज चैनल पर बहस करती हुई नजर आती थीं।
लेकिन तब तक किसी ने सोचा भी नहीं था कि वे इतनी तेजी से देश की पहली महिला रक्षामंत्री और इसके बाद वित्तमंत्री बनेगीं।
एक महिला होने के बावजूद निर्मला सीतारमण ने अपनी योग्यता और मेहनत के बूते पर देश में एक मिसाल कायम कर राजनीति के शिखर को छुआ है।
साल 2020 में मोदी सरकार में बतौर वित्तमंत्री जब वे दशक का पहला बजट पेश कर रही थीं तो एक बार फिर से चर्चा में थीं। जानते हैं वित्तमंत्री और रक्षामंत्री के अलावा आखिर कौन हैं निर्मला सीतारमण।
जेएनयू से पढ़ीं, लंदन में रहीं
देश की पहली महिला रक्षामंत्री होने के अलावा सीतारमण पेशे से अर्थाशास्त्री भी हैं। तमिलनाडू के मदुरै में 18 अगस्त 1959 को पैदा हुईं निर्मला सीतारमण ने सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज से बीए किया, इसके बाद उन्होंने जेएनयू से एमए इकोनॉमिक्स की डिग्री ली और वहीं से एमफिल भी किया। जब वे जेएनयू में थीं, तभी उनकी मुलाकात आंध्रप्रदेश के डॉक्टर पराकाला प्रभाकर से हुई। जिनसे उन्होंने शादी की।
‘सेल्स गर्ल’ का काम किया
जब प्रभाकर ने लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से पीएचडी कर रहे थे, तो सीतारमण भी उन्हीं के साथ लंदन में रहने लगी थीं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान उन्होंने लंदन के एक होम डिकोर में सेल्स गर्ल के तौर पर भी काम किया। बाद में वे प्राइसवॉटरहाउस कूपर्स नाम की कंपनी में सीनियर मैनेजर हो गईं। बता दें कि सीतारमण ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस में भी काम किया। और वे 2003 से 2005 तक नेशनल कमिशन फॉर वुमन की सदस्य भी रह चुकी हैं।
भाजपा में प्रवक्ता के तौर पर काम करने के बाद 2014 में उन्हें मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल किया गया। 2016 में वे राज्यसभा की सदस्य बनीं। इसी साल वे वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) और वित्त व कारपोरेट मामलों की राज्य मंत्री बनीं। 3 सितंबर 2017 को सीतारमण भारत की पहली रक्षामंत्री बनीं। हालांकि इंदिरा गांधी ने भी रक्षा मंत्रालय की कमान संभाली थीं, लेकिन तब वे प्रधानमंत्री भी थीं।
सुषमा की जगह भरेगीं निर्मला
राफेल मामले में संसद में कांग्रेस को दिए उनके जवाबी भाषण को काफी पसंद किया गया था। उनके भाषण के वीडियो वायरल हो चुके हैं। भाजपा की तेजतर्रार नेता सुषमा स्वराज के निधन के बाद पार्टी में उन्हें दूसरी सुषमा के तौर पर भी देखा जाता है।
वित्तमंत्री के रूप में उन्होंने दूसरी बार बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कश्मीर का जिक्र किया। अपने भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कश्मीरी कविता का अनुवाद करते हुए कहा,
‘हमारा वतन खिलते हुए शालीमार बाग जैसा, हमारा वतन डल झील में खिलते हुए कमल जैसा, नौजवानों के गर्म खून जैसा, मेरा वतन तेरा वतन हमारा वतन, दुनिया का सबसे प्यारा वतन’।
लेकिन तब तक किसी ने सोचा भी नहीं था कि वे इतनी तेजी से देश की पहली महिला रक्षामंत्री और इसके बाद वित्तमंत्री बनेगीं।
एक महिला होने के बावजूद निर्मला सीतारमण ने अपनी योग्यता और मेहनत के बूते पर देश में एक मिसाल कायम कर राजनीति के शिखर को छुआ है।
जेएनयू से पढ़ीं, लंदन में रहीं
देश की पहली महिला रक्षामंत्री होने के अलावा सीतारमण पेशे से अर्थाशास्त्री भी हैं। तमिलनाडू के मदुरै में 18 अगस्त 1959 को पैदा हुईं निर्मला सीतारमण ने सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज से बीए किया, इसके बाद उन्होंने जेएनयू से एमए इकोनॉमिक्स की डिग्री ली और वहीं से एमफिल भी किया। जब वे जेएनयू में थीं, तभी उनकी मुलाकात आंध्रप्रदेश के डॉक्टर पराकाला प्रभाकर से हुई। जिनसे उन्होंने शादी की।
‘सेल्स गर्ल’ का काम किया
जब प्रभाकर ने लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से पीएचडी कर रहे थे, तो सीतारमण भी उन्हीं के साथ लंदन में रहने लगी थीं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान उन्होंने लंदन के एक होम डिकोर में सेल्स गर्ल के तौर पर भी काम किया। बाद में वे प्राइसवॉटरहाउस कूपर्स नाम की कंपनी में सीनियर मैनेजर हो गईं। बता दें कि सीतारमण ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस में भी काम किया। और वे 2003 से 2005 तक नेशनल कमिशन फॉर वुमन की सदस्य भी रह चुकी हैं।
भाजपा में प्रवक्ता के तौर पर काम करने के बाद 2014 में उन्हें मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल किया गया। 2016 में वे राज्यसभा की सदस्य बनीं। इसी साल वे वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) और वित्त व कारपोरेट मामलों की राज्य मंत्री बनीं। 3 सितंबर 2017 को सीतारमण भारत की पहली रक्षामंत्री बनीं। हालांकि इंदिरा गांधी ने भी रक्षा मंत्रालय की कमान संभाली थीं, लेकिन तब वे प्रधानमंत्री भी थीं।
सुषमा की जगह भरेगीं निर्मला
राफेल मामले में संसद में कांग्रेस को दिए उनके जवाबी भाषण को काफी पसंद किया गया था। उनके भाषण के वीडियो वायरल हो चुके हैं। भाजपा की तेजतर्रार नेता सुषमा स्वराज के निधन के बाद पार्टी में उन्हें दूसरी सुषमा के तौर पर भी देखा जाता है।
‘हमारा वतन खिलते हुए शालीमार बाग जैसा, हमारा वतन डल झील में खिलते हुए कमल जैसा, नौजवानों के गर्म खून जैसा, मेरा वतन तेरा वतन हमारा वतन, दुनिया का सबसे प्यारा वतन’।
