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आखिर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में अयोध्या क्यों नहीं जा रहे चारों शंकराचार्य?
- क्या चारों शंकराचार्य को पीएम मोदी से कोई बैर है
- क्या बताई रामलला प्राण प्रतिष्ठा में नहीं जाने की वजह
- शंकराचार्य नहीं गए तो क्या होगा प्राण प्रतिष्ठा समारोह में
दरअसल, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का न्योता इस समय देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। केंद्र की बीजेपी सरकार पर प्राण प्रतिष्ठा के जरिए वोट की राजनीति करने के आरोप लग रहे हैं।
अयोध्या में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा है। प्राण प्रतिष्ठा के भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई अहम लोग शामिल होंगे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि चारों शंकराचार्यों ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से दूरी बना ली है।
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का कड़े शब्दों में विरोध करते हुए पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि हम इस कार्यक्रम में ताली बजाने थोड़े ना जाएंगे। स्वामी निश्चलानंद समेत चारों शंकराचार्यों वीडियो सोशल मीडिया में पर खूब वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए न्योता तो मिला है, लेकिन इसमें उन्हें सिर्फ एक आदमी के साथ आने के लिए कहा गया है।
100 को भी साथ बुलाते तो नहीं जाता : निश्चलानंद ने यहां तक कह दिया कि अगर 100 आदमी के साथ भी मुझे आने का न्योता मिला होता तब भी मैं इस कार्यक्रम में नहीं जाता। उन्होंने आगे कहा मोदी वहां मूर्ति को स्पर्श करें और वह खड़े होकर ताली बजाएं और जय जयकार करें, यह मुमकिन नहीं है। उन्होंने आगे कहा, भगवती सीता को पहले अपनी बड़ी बहन मानते थे, लेकिन वह खुद छोटी बहन बनना पसंद करती हैं। उनके इस रिश्ते को कोई तोड़ नहीं सकता। ऐसे में मुझे अयोध्या से कोई परहेज नहीं हो सकता।
क्या कहा अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने : उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने राम मंदिर पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में चारों शंकराचार्य नहीं जाएंगे। मंदिर अभी पूरी तरह से बना नहीं है, इसलिए आधे अधूरे मंदिर में भगवान को स्थापित किया जाना धर्म संम्मत नहीं है। उन्होंने कहा कि हम एंटी मोदी नहीं है लेकिन हम एंटी धर्म शास्त्र भी नहीं होना चाहते।
प्राण प्रतिष्ठा की क्या जल्दी : उन्होंने कहा, मंदिर अभी बना नहीं है और प्रतिष्ठा की जा रही है। कोई ऐसी परिस्थिति नहीं है जिसकी वजह से यह प्राण प्रतिष्ठा जल्दी करनी पड़े। ऐसे में उचित मुहूर्त और समय का इंतजार किया जाना चाहिए। हम एंटी मोदी नहीं है लेकिन हम एंटी धर्म शास्त्र भी नहीं होना चाहते। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी लोग त्यागपत्र दें।
शंकराचार्य जगतगुरु स्वामी भारती तीर्थ : हिन्दू महासभा उत्तर प्रदेश ने भी एक वीडियो शेयर किया है। यह वीडियो श्रृंगेरी मठ के शंकराचार्य जगतगुरु स्वामी भारती तीर्थ का बताया गया है। वीडियो में दावा किया गया है रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शंकराचार्य नहीं जाएंगे। इसमें कहा गया है कि हिन्दू समुदाय को बेवकूफ बनाने और लोकसभा चुनाव से पहले प्रोपेगंडा खड़ा करने के लिए यह बीजेपी का प्रयोजित कार्यक्रम है।
Edited By : Navin Rangiyal











