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मीडिया: पत्रकारिता में दरकते भरोसे को बचाएं कैसे?
हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाते समय हम सवालों से घिरे हैं और जवाब नदारद हैं। पं. जुगुलकिशोर शुकुल ने जब 30 मई ,1826 को ... -
शिवाजी के किलों की कहानी बताती है हिन्दवी स्वराज्य दर्शन
लेखक लोकेन्द्र सिंह बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। कवि, कहानीकार, स्तम्भलेखक होने के साथ ही यात्रा लेखन में भी उनका दखल ... -
अमृतकाल में भारत का सांस्कृतिक पुनर्जागरण
सनातन संस्कृति का यह स्वर्णिम दौर चल रहा है और भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सनातन संस्कृति के महत्वपूर्ण ... -
प्रगतिशील लोकतंत्र के लिए जरूरी है ‘एक देश एक चुनाव’
एक स्वस्थ, टिकाऊ और विकसित लोकतंत्र वही होता है, जिसमें विविधता के लिए भरपूर जगह होती है, लेकिन विरोधाभास नहीं होते। ... -
Neglected Tropical Disease Day : 30 जनवरी को एनटीडी दिवस पर विशेष
नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीज डे पर विशेष लेख उपेक्षित नहीं प्राथमिकता वाली बीमारी मानने से पाएंगे पार आओ संकल्प लें ... -
Media 2022: मीडिया बदला, नजरिया भी और काम करने का अंदाज भी बदल गया
वर्ष 2020 की शुरुआत में ही ये लगने लगा था कि हमारा जीवन कम से कम अगले कुछ वर्षों तक सामान्य नहीं रहने वाला और हमें ... -
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े हैं हिन्दी के पाठक एवं लेखक - प्रियंका ओम
माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के आयोजन ‘हिन्दी पत्रकारिता सप्ताह’ के अंतर्गत कहानीकार सुश्री प्रियंका ओम ने ... -
असाधारण सफलताएं प्राप्त करने की कहानी का नाम है अजीत जोगी
अजीत जोगी यानि एक ऐसा नायक जिसने बेहद खुरदरी जमीन से जिंदगी की शुरुआत की -
क्या संकट में है पत्रकारिता की पवित्रता?
पूरी नैतिकता के साथ, सत्य के साथ खड़े होकर अपनी खबरों से मीडिया को समृद्ध कर रहा है। -
देश के दुखों की नदी में तैरते सवाल
इन सात दशकों में जैसा देश बना या बनाया गया है, उसके कारण उपजे संकट भी सामने हैं। -
lockdown success story : लॉकडाउन में निखरी विद्यार्थियों की रचनात्मकता, बनाए 200 से अधिक वीडियो
भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपने पत्रकारीय अभिव्यक्ति के ... -
मध्यप्रदेश में कोरोना : संवेदना, सक्रियता और साहस इन 3 मंत्रों से जीती जाएगी यह जंग
मध्यप्रदेश उन राज्यों में है जहां कोरोना का संकट कम नहीं है। खासकर भोपाल, इंदौर जैसे शहर कोरोना के हॉटस्पॉट के रूप में ... -
हिन्दी भाषा को समृद्ध एवं जनप्रिय बनाने वाले पं. माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती
पं. माखनलाल चतुर्वेदी हिन्दी पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में एक ऐसा नाम हैं, जिसे छोड़कर हम पूरे नहीं हो सकते। ... -
आपातकाल को लेकर जनता को जागरूक रहना चाहिए : हरेन्द्र प्रताप
प्रख्यात चिंतक और विचारक हरेन्द्र प्रताप ने आपातकाल के दर्द को बयां करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को आपातकाल के ... -
'हिन्द स्वराज' के बहाने गांधीजी की याद...
महात्मा गांधी की मूलत: गुजराती में लिखी पुस्तक 'हिन्द स्वराज' हमारे समय के तमाम सवालों से जूझती है। महात्मा गांधी की यह ... -
जाने-माने लेखक रामकुमार कृषक को बृजलाल द्विवेदी सम्मान
हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता को सम्मानित किए जाने के लिए दिया जाने वाला पं. बृजलाल द्विवेदी अखिल भारतीय साहित्यिक ... -
आप चुनाव तो जीत जाएंगे पर भरोसा खो बैठेंगे !
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में परिवर्तन कर देश की जनता को यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे राजनीतिक ... -
सार्वजनिक संवाद में गिरावटः सनक में बदलती उत्तेजना
भारतीय राजनीति और समाज में संवाद के गिरते स्तर और संवाद माध्यमों पर भीड़ के मुखर हो उठने का यह विचित्र समय है। यह वाचाल ... -
असहिष्णुता की बहस के बीच केरल की राजनीतिक हत्याएं
केरल में आए दिन हो रही राजनीतिक हत्याओं से एक सवाल उठना लाजिमी है कि भारत जैसे प्रजातांत्रिक देश में क्या असहमति की ... -
भारत और इजराइल के रिश्ते : संस्कृति के दो पाट
इजराइल और भारत का मिलन दरअसल दो संस्कृतियों का मिलन है। वे संस्कृतियां जो पुरातन हैं, जड़ों से जुड़ी है और जिन्हें ...
