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लगातार दूसरी बार मध्यावधि चुनाव, फिर बनी गठबंधन सरकार
देश में गठबंधन की राजनीति का दौर अपने शैशवकाल में ही था, लिहाजा राजनीतिक अस्थिरता का दौर भी जारी था। भाजपा की अगुवाई ... -
लोकसभा चुनाव 1971 : रामनाथ गोयनका जीते, केके बिड़ला हारे
Ramnath Goenka win and KK Birla loss in elections: अखबार मालिकों और उद्योगपतियों के राज्यसभा में जाने के तो कई उदाहरण ... -
जबलपुर का ऐतिहासिक उपचुनाव, शरद यादव पहुंचे लोकसभा में
Jabalpur Lok Sabha seat: पांचवीं लोकसभा में शरद यादव भी पहुंचे थे, लेकिन 1974 में उपचुनाव के जरिए। यह उपचुनाव उन्होंने ... -
कांग्रेस पर से हटा नेहरू-गांधी परिवार का साया
चंद्रशेखर सरकार के 6 मार्च, 1991 को इस्तीफे के साथ ही लोकसभा भंग हो गई और महज डेढ वर्ष के भीतर ही देश को मध्यावधि चुनाव ... -
5वीं लोकसभा 1971 : देश ने देखा इंदिरा गांधी का मोहिनीअट्टम
1971 में इंदिरा गांधी ने कांग्रेस को भारी बहुमत से जीत दिलाई। 'गरीबी हटाओ' के चुनावी नारे के साथ प्रचार करते हुए वे 352 ... -
लोकसभा चुनाव 1967 : बदलाव की बयार, कांग्रेस के वर्चस्व को मिली चुनौती
देश अप्रैल 1967 में आजादी के बाद चौथी चुनाव पूर्व की राजनीतिक गतिविधियों से गुजर रहा था। जिस कांग्रेस ने अब तक चुनावों ... -
लोकसभा चुनाव 1962 : कांग्रेस जीती लेकिन नेहरू के करिश्मे की चमक हुई फीकी
सन् 1962 में तीसरा आम चुनाव आते-आते प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की सफेद चादर थोड़ी-थोड़ी मैली हो चुकी थी। उनके अपने ही ... -
लोकसभा चुनाव 1957 : बरकरार रहा पंडित नेहरू का करिश्मा
लोकसभा का दूसरा आम चुनाव 1957 में हुआ। 1956 में भाषायी आधार पर हुए राज्यों के पुनर्गठन के बाद लोकसभा का यह आम चुनाव ... -
लोकसभा चुनाव 1952 : पहले आम चुनाव की कहानी
पहले आम चुनाव में लोकसभा की 497 तथा राज्य विधानसभाओं की 3283 सीटों के लिए भारत के 17 करोड 32 लाख 12 हजार 343 मतदाताओं ... -
बार-बार भूकंप : कहीं पृथ्वी हम से नाराज तो नहीं?
भूंकप यानी धरती के डोलने-थरथराने का सिलसिला नया नहीं है। लेकिन पिछले कुछ समय से यह सिलसिला बेहद तेज हो गया है। ... -
राष्ट्रपति चुनाव: विपक्ष ने उम्मीदवार चयन में ही नैतिक हार मान ली
राष्ट्रपति पद के लिए सत्ताधारी पक्ष की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का चुना जाना तय है। उनकी जगह भाजपा किसी और को भी ... -
महाराष्ट्र में भाजपा को किसकी मदद से मिल रही है यह ताकत?
महाराष्ट्र एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई में ढाई साल पुरानी महाविकास अघाड़ी की ... -
जनता से जुड़े सवालों को लेकर सड़कों पर कब उतरेगी कांग्रेस?
आजादी के बाद देश पर सर्वाधिक समय (लगभग 55 साल) तक शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी इस समय अपने अस्तित्व के संकट से जूझ ... -
आखिरकार सरकार ने कुबूला कि वही घटाती-बढ़ाती है पेट्रोल-डीजल के दाम
आखिरकार अब यह साफ हो गया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें सरकार के स्तर पर ही तय होती हैं और इसमें तेल ... -
'वर्ल्ड हैपीनेस रिपोर्ट-2021' पिछड़े और आपदाग्रस्त देश भी भारत के मुकाबले ज्यादा खुशहाल क्यों?
भारत में पहले से ही ढहती अर्थव्यवस्था और उसके चलते बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और खेती की बर्बादी जैसी आम आदमी की तमाम ... -
महामारी से निबटने के झोलाछाप तरीके ही बढ़ा रहे हैं संकट
भारत में नौकरशाही तो राजनीतिक सिस्टम का हिस्सा बहुत पहले से बनती रही है। आर्थिक, वैदेशिक और रक्षा मामलों के विशेषज्ञ और ... -
सरकार मगरूर है मगर विपक्ष तो भी नाकारा है!
भारतीय राजनीति इस समय अपने इतने निकृष्टतम दौर से गुजर रही है कि वह देश की समस्याओं का समाधान करने के बजाय खुद अपने आप ... -
पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव आया, कुछ मिथक टूटे हैं, कुछ और टूटेंगे
पंजाब में राजनीतिक और आर्थिक तौर पर बहुत कुछ बदल गया है। जिस तरह उत्तर प्रदेश के बारे में कहा जाता है कि केंद्र की ... -
आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर की पार्टियों की तादाद बढ़ जाएगी
भारत में इस समय आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त कुल सात राजनीतिक दल हैं, लेकिन आने वाले समय में इनकी ... -
पेट्रोल-डीजल के दामों में राहत कब तक कायम रहेगी?
देश में जब-जब भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते हैं और जनता में हाहाकार मचता है तो सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी ...
