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Written By WD Feature Desk
Last Updated : मंगलवार, 10 मार्च 2026 (17:50 IST)

क्या तीसरा एंटी क्राइस्ट आ चुका है? नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी ने बढ़ाई दुनिया की चिंता

Third Antichrist Mabus
फ्रांसीसी भविष्यवक्ता माइकल डी नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों में 'एंटी-क्राइस्ट' (Antichrist) का जिक्र बहुत चर्चित और डरावना माना जाता है। नास्त्रेदमस ने अपनी किताब 'प्रॉफेसीज' में 3 ऐसे व्यक्तियों का जिक्र किया है, जो ईसाई धर्म के विरोधी होंगे और वे दुनिया में भारी विनाश, युद्ध और अराजकता लाएंगे।
 

1. एंटी-क्राइस्ट का अर्थ क्या है?

धार्मिक और दार्शनिक संदर्भ में 'एंटी-क्राइस्ट' वह व्यक्ति होता है जो शांति, मानवता और धर्म के विपरीत कार्य करता है। हालांकि इसे ईसाई धर्म का विरोधी भी माना गया है। यह कोई असुर या शैतान नहीं, बल्कि एक ऐसा सत्ताधारी मनुष्‍य है जो दुनिया को विनाश के रास्ते पर ले जाएगा। उसकी शक्तियां और इरादे विनाशकारी होते हैं।
 

2. पहले 2 एंटी-क्राइस्ट कौन थे?

नास्त्रेदमस के व्याख्याकारों (Interpreters) के अनुसार, पहले 2 एंटी-क्राइस्ट पहले ही आ चुके हैं:- नेपोलियन और हिटलर। हालांकि कई व्याख्‍याकार इसे नहीं मानते हैं। वे किसी मुस्लिम को एंटी क्राइस्ट मानते हैं।
 
पहला (नेपोलियन बोनापार्ट): जिसने यूरोप को युद्ध की आग में झोंक दिया। नास्त्रेदमस ने उसे 'PAU NAY LORON' के नाम से संकेत दिया था।
दूसरा (एडोल्फ हिटलर): जिसे नास्त्रेदमस ने 'HISTER' कहा था। हिटलर के कारण द्वितीय विश्व युद्ध हुआ और करोड़ों लोग मारे गए।
 

3. 'तीसरा एंटी-क्राइस्ट' (The Third Antichrist)

माबस कौन है? नास्त्रेदमस ने तीसरे एंटी-क्राइस्ट के लिए 'माबस' (Mabus) शब्द का प्रयोग किया है। इसके बारे में कुछ मुख्य बातें ये हैं:
 
विनाशकारी शुरुआत: नास्त्रेदमस के अनुसार, जब माबस की मृत्यु होगी, तब दुनिया में एक ऐसा भीषण युद्ध (तीसरा विश्व युद्ध) शुरू होगा जो पहले के दोनों युद्धों से कहीं ज्यादा भयानक होगा।
 
अवधि: उसकी शक्ति और उसके कारण होने वाला विनाश लगभग 27 साल तक चल सकता है।
पहचान: उसकी पहचान को लेकर कई मत हैं। कुछ लोग इसे किसी आतंकवादी संगठन का प्रमुख मानते हैं, तो कुछ इसे किसी शक्तिशाली देश का तानाशाह। नास्त्रेदमस ने संकेत दिया है कि वह 'नीली पगड़ी' या 'पूरब' (Middle East या Asia) से संबंधित हो सकता है।
 

4. भविष्य मालिका और पुराणों से तुलना

दिलचस्प बात यह है कि नास्त्रेदमस का 'तीसरा एंटी-क्राइस्ट' भारतीय ग्रंथों के पात्रों से काफी मिलता-जुलता है:
 
भविष्य मालिका: संत अच्युतानंद जी ने 'कलि राक्षस' (कलयुग का प्रतीक) के प्रभाव में काम करने वाले म्लेच्छ राजाओं का वर्णन किया है। मालिका के अनुसार, अंत समय में कुछ ऐसे क्रूर शासक उभरेंगे जो पूरी दुनिया को परमाणु युद्ध की ओर धकेल देंगे।
 
कल्कि पुराण: इसमें 'कलि' नामक एक सत्ता का वर्णन है जो अधर्म का राजा है। भगवान कल्कि का मुख्य युद्ध इसी आसुरी शक्ति से होगा।
 
5. क्या वह आ चुका है?
आधुनिक व्याख्याकार मानते हैं कि वर्तमान वैश्विक तनाव (रूस-यूक्रेन, मिडिल ईस्ट संकट) इस तीसरे एंटी-क्राइस्ट के उदय की भूमिका हो सकते हैं। नास्त्रेदमस ने लिखा है कि जब यह तीसरा व्यक्ति आएगा, तो आकाश में एक धूमकेतु दिखाई देगा और समुद्र का रंग बदल जाएगा।

Mabus जल्द ही मरेगा, और उसकी मृत्यु के बाद भयानक विनाश होगा, लोग और पशु भयंकर बदला लेंगे, और अचानक दुनिया में भूख, युद्ध और बदला दिखाई देगा।
 
तीसरा एंटी-क्राइस्ट उस 'अंधकार' का प्रतीक है जो 'सतयुग' या 'शांति के युग' के आने से ठीक पहले आता है। सभी भविष्यवाणियां- चाहे वे नास्त्रेदमस की हों या भविष्य मालिका की यही कहती हैं कि विनाश के इस दौर के बाद ही दुनिया में एक नई आध्यात्मिक शक्ति का उदय होगा।
 
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