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Written By WD Feature Desk
Last Updated : गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026 (16:01 IST)

मंगल 2027 तक नरेंद्र मोदी को देगा मजबूती, इसके बाद इस नेता का होगा उदय

The image shows Narendra Modi, and the caption reads:
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली में मंगल ग्रह वर्ष 2027 तक मजबूत स्थिति में बना रहेगा, जिससे उन्हें नेतृत्व, निर्णय क्षमता और राजनीतिक मजबूती मिलती रहेगी। इस अवधि में उनके लिए बड़े फैसले लेना और सत्ता पर पकड़ बनाए रखना आसान रहेगा। हालांकि इसके बाद ग्रहों की चाल में बदलाव के साथ एक नए नेता के सितारे बुलंदी पर पहुंचने का संकेत मिलता है। यह परिवर्तन भारतीय राजनीति में नए समीकरण और नई दिशा का संकेत दे सकता है।
 

पीएम नरेंद्र मोदी और मंगल:

1. जन्म कुंडली में मंगल: पीएम मोदी की जन्म कुंडली वृश्चिक लग्न की है और उनकी राशि भी वृश्चिक है। वृश्चिक लग्न कुंडली के लग्न में मंगल और चंद्र बैठे हैं। मंगल और चंद्र की युति को महालक्ष्मी योग कहते हैं। इसी के साथ ही लग्नेश मंगल केंद्र में स्वराशिस्थ होकर 'रूचक' नामक पंच महापुरुष राजयोग बना है। मंगल छठे एवं प्रथम भाव का स्वामी होकर लग्न में स्थित हैं, इसलिए मोदी के शत्रु मोदी से कभी जीत नहीं पाएं। जिन लोगों ने भी उनसे सीधा सीधा पंगा लिया उनका भविष्य खतरे में आ गया है। मोदी जी के कुंडली में शत्रुहंता योग है। उनके शत्रुहंता योग से 2 तरह के लोग ही बच सकते हैं- 1. पहला वह जिसकी कुंडली में भी शत्रुहंता योग हो, राहु की पोजिशन स्ट्रांग हो या जिसका मंगल स्ट्रांग हो और 2. दूसरा वह व्यक्ति बच सकता है जिसमें कोई आध्यात्मिक बल हो या जो किसी अध्यात्मिक शक्ति से जुड़ा हो।
 
2. मंगल की महादशा: वर्तमान में पीएम मोदी की कुंडली में मंगल की महादशा चल रही है जो 29 नवम्बर 2021 से प्रारंभ होकर 29 नवम्बर 2028 तक रहेगी। गुरु की अंतर्दशा होने से दुनिया के सभी नेता मोदी को अपना नेता मानेंगे और दशम भाव में शुक्र के होने से चुनौतियां तो बहुत मिलेंगी परंतु गुरु के कारण उन सबसे पार पा लेंगे। 07/12/027 के बाद उनकी राजनीतिक स्थिति में बदलाव होना प्रारंभ होगा और इसके बाद 2028 तक उनका पद पर बने रहना मुश्किल हो जाएगा। इस बीच देश के पटल पर एक नए नेता के उदय होने की संभावना प्रबल है।
 
3. लाल किताब: लाल किताब ज्योतिष के अनुसार, 17 सितंबर 2020 से 17 सितंबर 2026 तक शनि की महादशा चल रही है, जिसके अंतर्गत शनि की ही अंतर्दशा है। इसके बाद 17 सितंबर 2032 तक राहु की दशा शुरू होगी। इस दशा का संकेत है कि वर्ष 2027 तक प्रधानमंत्री मोदी की शक्ति और भारत का सम्मान पूरी दुनिया में और भी अधिक बढ़ेगा। इसका अर्थ है कि उन्हें 2027 तक कोई पद से नहीं हटा सकता है। 
 

सीएम योगी आदित्यनाथ और मंगल: 

1. जन्म कुंडली में मंगल: यदि हम मोदी की कुंडली और गोचर से कंपेयर करें तो सभी नेताओं में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की कुंडली में भी शत्रुहंता योग होने के साथ ही मंगल की पोजिशन स्ट्रांग है। योगीजी की सिंह लग्न की कुंडली में पंचम में गुरु और कर्म भाव में शनि, सूर्य और बुध की युति है। छठे में राहु और 12वें में केतु विराजमान है। इसी के साथ लाभ भाव में मंगल और शुक्र की युति है और सप्तम भाव में चंद्रमा है। हालांकि उनकी राशि कुंभ है और लग्न में सिंह राशि है। उन पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण चल रहा है। कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती 24 जनवरी 2020 से शुरू हुई है और 3 जून 2027 को समाप्त होगी।
 
2. शुक्र की महादशा में होगा सत्ता परिवर्तन: योगी आदित्यनाथ की कुंडली में शुक्र की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा चल रही है। इसके अंतर्गत राहु की प्रत्यांतर दशा चल रही है। इसी क्रम में फिर गुरु, शनि, बुध और केतु की प्रत्यांतर दशा चलेगी। इसके बाद वर्ष 2027 में शुक्र में सूर्य की अंतर्दशा चलेगी। सूर्य की अंतर्दशा जब चलेगी तब उनका सितारा बुलंदी पर होगा। शनि शुक्र की दशान्तर्दशा सितंबर 2026 से नवंबर 2029 की अवधि में योगी आदित्यनाथ के केंद्र में जाने के प्रबल ग्रह योग हैं। कहा जा रहा है कि जब शुक्र में मंगल की दशा प्रारंभ होगी तब योगी आदित्यनाथ का सितारा आसमान में चमकता हुआ नजर आएगा।
 
3.लाल किताब: योगी आदित्यनाथ राहु की महादशा में मुख्यमंत्री बने, इसके बाद केतु की दशा प्रारंभ हुई और अब वर्तमान में गुरु की महादशा चल रही है। यह दशा वर्ष 2022 से प्रारंभ होकर 2028 को समाप्त होगी। बृहस्पति के बाद 5 जून 2028 से सूर्य की महादशा प्रारंभ होगी। सूर्य इनके कर्म भाव में विराजमान है। यह दशा वर्ष 2030 तक चलेगी। इस दौरान योगी आदित्यनाथ को केंद्र में मजबूत नेता बनने से कोई नहीं रोक सकता।
 
अस्वीकरण (Disclaimer): चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

Edited by: Anirudh Joshi