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10 और 11 दिसंबर को बन रहा है गजकेसरी योग, इस दिन जन्मे जातकों का कैसा होगा भविष्य
kundali Gajakesari Yog
क्या होता है गजकेसरी योग (What is Gajakesari Yoga called) : यदि जन्मपत्रिका में गुरु और चन्द्र एक दूसरे से केन्द्र में स्थित हों तब गजकेसरी नामक योग बनता है। और यदि यह दोनों ग्रह किसी क्रूर ग्रह से संबंध नहीं रखते हों तो कुंडली में गजकेसरी राजयोग बनता है। इस योग को अत्यंत शुभ माना जाता है।
ग्रह गोचर ( Planet transit ) : वर्तमान में 10 और 11 दिसंबर 2021 को यह योग चतुर्थ भाव में स्थित कुंभ राशि में बन रहा है। 10 और 11 दिसंबर को जन्मे या पूर्व में गजकेसरी योग में जन्मे जातक का भविष्य कैसा होगा यह जानिए।
क्या फल होता है गज केसरी योग का (What is the result of gaj kesari yog)
1. कहते हैं कि इस योग में जन्में व्यक्ति के जीवन में कभी भी धन-सम्पदा, स्त्री सुख, सन्तान सुख, घर, वाहन, पद-प्रतिष्ठा, सेवक आदि में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आती है।
2. ऐसा जातक जीवन पर्यंत सुख-समृद्धि युक्त रहता है और वह सफलता के शिखर को छूता है और वह उच्चपद प्राप्त करता है।
3. चतुर्थ भाव में इस योग का निर्माण व्यक्ति को विद्वान बनाता है और पारिवारिक जीवन में भी ऐसे लोगों को शुभ फल मिलते हैं।
4. इस योग का प्रभाव षष्ठम, अष्टम और द्वादश भाव में बहुत कम प्रभावशाली माना जाता है।
5. इस योग में जन्म लेने वाले जातक फुर्तीले और साहसी होते हैं।
6. इस योग वाले जातकों को फिट और माडर्न बने रहना पसंद होता है।
7. इस योग में जन्में जातक समझदार होते हैं और वे अपनी वाणी सभी को प्रभावित करने में सक्षम होते हैं।
8. ऐसे जातक कई विद्याओं में पारंगत होने के साथ ही अपने गुणों से मान-सम्मान और तरक्की प्राप्त कर लेते हैं।
9. ऐेसे लोग नौकरी या राजनीति में उच्च पद पर होते हैं।
10. इस योग में जन्मे जातक धार्मिक या आध्यात्मिक प्रवृति के भी हो सकते हैं।
