सम्बंधित जानकारी
- शंख की ध्वनि से भागते हैं रोग, जानिए कैसे
- Astrology 2020 and position of Saturn : साल 2020 और शनि की चाल, क्या होगा आपकी जिंदगी का हाल
- What is Death : मृत्यु का अर्थ सिर्फ 'मरना' ही नहीं है, जानिए क्या कहते हैं शास्त्र
- Astrology 2020 : नए साल में केतु का राशि परिवर्तन किन राशियों के लिए है शुभ, किनके लिए अशुभ
- Year 2020 numerology : 21 वीं सदी का 20 वां साल राहु का है, लोकप्रिय व्यक्ति रहें सतर्क, करें उपाय
किस देवता को चढ़ता है कौन सा प्रसाद, पढ़ें दिलचस्प जानकारी
हर देवता को कोई विशेष प्रसाद पंसद होता है । आइए जानें दिलचस्प जानकारी
श्री गणेश: गणेशजी को मोदक या लड्डू अच्छा लगता है। इसके अलावा आप उन्हें बूंदी के लड्डू भी अर्पित कर सकते हैं। गणपति जी को गन्ने की गडेरी, जामुन, सूखी गरी और गुड़ बहुत ही प्रिय है।
श्री राम भोग : भगवान श्रीरामजी को केसर युक्त खीर और पूरे घर के भोजन के साथ कलाकंद पसंद हैं।
श्री विष्णु भोग : विष्णुजी को किशमिश का भोग लगाना चाहिए। साथ ही आवले का भोग लगाना अतिशुभ होता है। खीर में सूखे मेवे डालने चाहिए और अंत में तुलसी जरूर डालें। उसे उत्तम प्रकार से बनाएं और फिर विष्णुजी को भोग लगाने के बाद वितरित करें।
श्री शिव भोग : शिवजी को भांग और पंचामृत (दूध, दही, शहद, गंगा जल, घी) का पसंद है। श्रावण मास में शिवजी की उपवास रखकर उनको गुड़, चना और चिरौंजी के अलावा दूध अर्पित करने से सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है।
श्री हनुमान भोग : हनुमानजी को हलुआ, लाल व ताजे फल, गुड़ से बने लड्डू, गुड़ धनिया और तुलसी दल अर्पित करते हैं। शुद्ध घी से बने बेसन के लड्डू भी पसंद हैं।
श्री लक्ष्मी भोग : लक्ष्मीजी को धन की देवी माना गया है। कहते हैं कि अर्थ बिना सब व्यर्थ है। लक्ष्मीजी को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय भोग को लक्ष्मी मंदिर में जाकर अर्पित करना चाहिए। लक्ष्मीजी को सफेद और पीले रंग के मिष्ठान्न, बहुत पसंद हैं।
श्री दुर्गा भोग : माता दुर्गा को शक्ति की देवी माना गया है। दुर्गाजी को खीर, मालपुए, मीठा हलुआ, केले, नारियल, धान का लावाऔर मिष्ठान्न बहुत पसंद हैं। यदि आप माता के भक्त हैं तो बुधवार और शुक्रवार को पवित्र रहकर माताजी के मंदिर जाएं और उन्हें ये भोग अर्पित करें।
श्री सरस्वती भोग : माता सरस्वती को दूध, पंचामृत, दही, मक्खन, सफेद तिल के लड्डू तथा धान का लावा पसंद है। सरस्वतीजी को यह किसी मंदिर में जाकर अर्पित करना चाहिए।
श्रीकृष्ण भोग : भगवान श्रीकृष्ण को माखन और मिश्री का भोग बहुत पसंद है।
श्री काली और भैरव भोग : माता काली और भगवान भैरवनाथ को लगभग एक जैसा ही भोग लगता है। हलुआ, पूरी और मदिरा उनके प्रिय भोग हैं। किसी अमावस्या के दिन काली या भैरव मंदिर में जाकर उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करें। इसके अलावा इमरती, जलेबी और 5 तरह की मिठाइयां भी अर्पित की जाती हैं।
