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अक्षय तृतीया पर ऐसे करें पूजन, आज अवश्य करें ये कार्य...। Akshaya Tritiya 2018

2018 akshay tritiya
वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया कहते हैं। इसी दिन से सतयुग का आरंभ होता है इसलिए इसे युगादि तृतीया भी कहते हैं। चूंकि इस दिन किया हुआ जप, तप, ज्ञान तथा दान अक्षय फल देने वाला होता है अतः इसे 'अक्षय तृतीया' कहते हैं।

यदि तृतीया मध्याह्न से पहले शुरू होकर प्रदोष काल तक रहे तो श्रेष्ठ मानी जाती है। इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका बड़ा ही श्रेष्ठ फल मिलता है। यह व्रत दान प्रधान है। इस दिन अधिकाधिक दान देने का बड़ा माहात्म्य है।
अक्षय तृतीया व्रत-पूजन कैसे करें-
 
* व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में सोकर उठें।
 
* घर की सफाई व नित्य कर्म से निवृत्त होकर पवित्र या शुद्ध जल से स्नान करें।
 
* घर में ही किसी पवित्र स्थान पर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
 
निम्न मंत्र से संकल्प करें-
 
ममाखिलपापक्षयपूर्वक सकल शुभ फल प्राप्तये
भगवत्प्रीतिकामनया देवत्रयपूजनमहं करिष्ये।
 
संकल्प करके भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराएँ।
 
षोडशोपचार विधि से भगवान विष्णु का पूजन करें।
 
भगवान विष्णु को सुगंधित पुष्पमाला पहनाएँ।
 
नैवेद्य में जौ या गेहूँ का सत्तू, ककड़ी और चने की दाल अर्पण करें।
 
अगर हो सके तो विष्णु सहस्रनाम का जप करें।
 
अंत में तुलसी जल चढ़ाकर भक्तिपूर्वक आरती करनी चाहिए। इसके पश्चात उपवास रहें।
 
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अक्षय तृतीया के दिन अवश्य करें ये काम...
 
* इस दिन समुद्र या गंगा स्नान करना चाहिए।
 
* प्रातः पंखा, चावल, नमक, घी, शक्कर, साग, इमली, फल तथा वस्त्र का दान करके ब्राह्मणों को दक्षिणा भी देनी चाहिए।
 
* ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए।
 
* आज के दिन नवीन वस्त्र, शस्त्र, आभूषणादि बनवाना या धारण करना चाहिए।
 
* नवीन स्थान, संस्था, समाज आदि की स्थापना या उद्घाटन भी आज ही करना चाहिए।
 
* इस दिन सत्तू अवश्य खाना चाहिए।

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अगर आप भी हैं इन बातों से परेशान तो अक्षय तृतीया पर ऐसे करें पूजन