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Astrology 2020 for India : वर्ष 2020 में क्या कह रहे हैं भारत के सितारे
यह वर्ष 'प्रमादी' नामक संवत्सर वाला रहेगा। नववर्ष कर्क लग्न में हो रहा है। संवत् की राशि कन्या है। इनके स्वामी बुध ग्रह हैं। वर्ष के राजा पद पर श्रीबुध की स्थिति एवं मंत्री पद पर श्रीचंद्र विराजमान हैं।
नूतन वर्ष सभी के लिए मंगलकारी हो, ऐसी प्रभु श्रीकृष्ण से प्रार्थना है।
चंद्र, गुरु व शनि की गोचर स्थिति के अनुसार वर्ष में शुभ-अशुभ दोनों फल रहेंगे। धान्य में महंगाई होगी। वृक्षों में फल की कमी आएगी। अन्न की उत्पत्ति होगी। रेल यात्रा दुर्घटना, भूकंप व जन-धन की क्षति हो सकती है। वर्षा के जल से नदी-नालों व बांध-तालाब में पूर्णता जल व पेयजल की समुचित व्यवस्था होगी।
कृषि संबंधित नए उपकरणों का सृजन होगा। कहीं पर बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त व जन-धन की हानि हो सकती है, वहीं अनावृष्टि से पीने के पानी की चिंता रहेगी। खाने वाली संपूर्ण वस्तुएं अच्छी होंगी। पश्चिम में दुर्भिक्ष व उत्तर में अच्छी अन्न उत्पत्ति और धातु मूल्यवृद्धि होगी। पूर्व के राज्यों में अन्न कम रहेगा। प्रजा में 3 मास दुख रहेगा तथा बाद में सुख की प्राप्ति होगी।
मध्यप्रदेश में धन-धान्य का नाश हो सकता है। दक्षिण में स्पर्श देशभक्ति की स्थिति दिखाई देगी। कीट प्रकोप से फसलें नष्ट हो सकती हैं। वर्षा की चिंता बनी रहेगी। राज्य में दुग्ध पदार्थों की प्रचुर मात्रा में उत्पत्ति होगी। प्रशासन तथा कानून व्यवस्था की स्थिति उत्तम रहेगी। जनसाधारण में हर्ष का माहौल बना रहेगा। व्यापारिक व्यक्ति के लिए यह वर्ष वृद्धि होने का रहेगा। संघर्ष में कहीं पर आतंकी घटनाओं से जनजीवन प्रभावित होगा, फिर भी क्षमता बनी रहेगी।
बेरोजगार युवकों के लिए यह वर्ष नए आयाम लेकर आएगा। छात्राओं के लिए यह वर्ष उन्नति वाला रहेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए इस वर्ष में नाना प्रकार के उतार-चढ़ाव रहेंगे। वर्ष के मध्य से भारत व विश्व के अनेक देशों में अर्थतंत्र कमजोर रहेगा। यह वर्ष विनाशक दुर्घटनाओं, प्राकृतिक प्रकोपों, भूकंप तथा साथ ही आपसी झगड़ों से ग्रस्त वाला हो सकता है। युद्ध का भी भय विश्व में बना रहेगा।
राजनीति वालों के लिए यह वर्ष कठिन रहेगा। अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए नाना प्रकार का संघर्ष करना पड़ेगा। आपसी वाद-विवाद में राजनीति रहेगी। वर्ष के अंतिम महीनों में प्राकृतिक आपदा और नए रोगों से पशुओं की हानि हो सकती है।
भारत में केंद्र सरकार को विशेष कठिन परिस्थिति का सामना करना पड़ेगा। यह वर्ष सरकार के लिए चुनौतियों से परिपूर्ण रहेगा। पड़ोसी देशों से हिंसक साजिशें रची जाएंगी जिसके फलस्वरूप सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति रहेगी। देश में बड़ी आतंकवादी घटना हो सकती है। राष्ट्रीय संपदा को भी नुकसान हो सकता है। विज्ञान के क्षेत्र में अच्छी उन्नति होगी। नई तकनीक व विज्ञान के क्षेत्र में नया अध्याय जुड़ेगा।
देश-विदेश में भारत की छवि अच्छी बनेगी। भारत के अंदर उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा व राजस्थान में आर्थिक स्थिति कमजोर रहेगी। उत्तरप्रदेश व बिहार में यह वर्ष प्रगतिशील रहेगा। महाराष्ट्र, तेलंगाना, हैदराबाद, उत्तरप्रदेश, चेन्नई, केरल, कर्नाटक व आंध्र में आर्थिक संकट रहेगा। अंडमान-निकोबार द्वीप, दक्षिण अफ्रीका, उत्तर कोरिया, दुबई व रूस आदि देशों के लिए यह वर्ष उत्तम रहेगा और नई तकनीक के सृजन वाला रहेगा।
