सम्बंधित जानकारी
- NEET रीटेस्ट को लेकर सरकार की बड़ी तैयारी, PM मोदी खुद कर रहे निगरानी, वायुसेना के विमानों से भेजे जाएंगे पेपर
- यह सुझाव देश के हित में है
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर केंद्रित केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ का लोकार्पण
- डोनाल्ड ट्रंप बोले- मुझे भारत पसंद, प्रधानमंत्री मोदी का बहुत बड़ा फैन, अमेरिकी राजदूत को आया सरप्राइज कॉल
- मोदी सरकार के खिलाफ की जा रही साजिश, राहुल गांधी के आरोपों पर BJP का पलटवार
प्रधानमंत्री मोदी से म्यांमार के राष्ट्रपति ने की मुलाकात, बोले- भारत के खिलाफ नहीं होने देंगे अपनी जमीन का इस्तेमाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और म्यांमार के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद पड़ोसी देश होने का कर्तव्य निभाते हुए साफ-साफ कह दिया कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं होने देंगे। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने भी म्यांमार की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की और दोनों पक्षों ने अपनी सुरक्षा हितों के लिए अवैध गतिविधियों के लिए संप्रभु क्षेत्र के दुरुपयोग को रोकने के महत्व पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और म्यांमार के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद पड़ोसी देश होने का कर्तव्य निभाते हुए साफ-साफ कह दिया कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं होने देंगे।
वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने भी म्यांमार की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की और दोनों पक्षों ने अपनी सुरक्षा हितों के लिए अवैध गतिविधियों के लिए संप्रभु क्षेत्र के दुरुपयोग को रोकने के महत्व पर जोर दिया। बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, तकनीक और लोगों के आपसी संबंधों समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बात हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति भारत का समर्थन दोहराया। दोनों देशों के बीच मुख्य रूप से व्यापार और आर्थिक संबंध, रक्षा और सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, विकास सहयोग और क्षेत्रीय स्थिति पर बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने पर विचार किया।
Our talks covered ways to deepen cooperation in trade, rare earths, healthcare, connectivity, heritage restoration and capacity building. We also agreed to work closely in areas such as maritime security, cyber security and more. pic.twitter.com/1xTyJ2RiI0
— Narendra Modi (@narendramodi) June 1, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति भारत का समर्थन दोहराया। दोनों देशों के बीच मुख्य रूप से व्यापार और आर्थिक संबंध, रक्षा और सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, विकास सहयोग और क्षेत्रीय स्थिति पर बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने पर विचार किया।
इससे पहले रविवार को राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से मुलाकात की और सुरक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। शनिवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की।
राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के पद संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। वे एक बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे। उनके साथ कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है। आज राष्ट्रपति ह्लाइंग मुंबई जाएंगे, जहां वे उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे तथा कुछ महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा भी करेंगे।
Edited By : Chetan Gour
Edited By : Chetan Gour
