13.दुर्योधन : दुर्योधन के ध्वज पर कोबरा बना हुआ था। इसे सर्पकेतु भी कहते थे।
14.श्रीकृष्ण : भगवान श्रीकृष्ण के झंडे पर गरूड़ अंकित होने से उसे गरूड़ ध्वज कहा जाता है।
15.कर्ण : कर्ण का हस्तिकाश्यामाहार-केतु नामक ध्वज था।
16.अश्वत्थामा : अश्वत्थामा की ध्वजा पताका में सिंह की पूंछ का चिन्ह बना हुआ था।
17.घटोत्कच : घटोत्कच के ध्वज पर गिद्ध विराजमान था।
18.बलराम : बलरामजी ने हालांकि युद्ध में भाग नहीं लिया था लेकिन बलराम के झंडे पर ताल वृक्ष की छवि अंकित होने से उसे 'ताल ध्वज' कहते थे।
19. शाल्व के शासक अष्टमंगला ध्वज रखते थे। झंडे पर हाथी की आकृति थी और स्वर्ण मयूरों से शोभित था।
20.महीपति की ध्वजाओं पर स्वर्ण, रजत एवं ताम्र धातुओं से बने कलश आदि चित्रित रहते थे। इनकी एक ध्वजा सर्वसिद्धिदा कहलाती थी। इस ध्वजा पर रत्नजड़ित घड़ियाल के 4 जबड़े अंकित होते थे।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं।
दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें