1. धर्म-संसार
  2. सनातन धर्म
  3. रामायण
  4. Narendra Modi 11 days fast for Ram temple event

पीएम मोदी प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व 11 दिनों तक कौनसे व्रत अनुष्ठान का पालन करेंगे?

modi in nashik
PM Modi 11 days rituals : अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट कर कहा कि प्राण-प्रतिष्ठा से पूर्व 11 दिवसीय व्रत अनुष्ठान का पालन मेरा सौभाग्य है। मैं देश-विदेश से मिल रहे आशीर्वाद से अभिभूत। पीएम मोदी का यह अनुष्ठा 12 जनवरी 2024 को नासिक के पंचवटी से प्रारंभ हो गया है। आओ जानते हैं कि 11 दिनों तक मोदी कौनसे व्रत अनुष्ठान करें। 
 
ram mandir ayodhya: यह सभी जानते हैं कि हिंदू धर्म में कोई भी विशेष पूजा, प्राण प्रतिष्ठा या यज्ञ करना होता है तो जातक को पवित्र होना जरूरी होता है। उसे दैहिक, मानसिक और आत्मिक रूप से शुद्ध होना होता है। जैसे शबरी माला मंदिर में दर्शन करने के पूर्व व्यक्ति को 40 दिनों तक के व्रत का पालन करना होता है। इसमें सात्विक भोजन करना, बुरे विचारों से दूर रहना और पूजा एवं ध्यान करना शामिल होता है।
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक के साथ एक ऑडियो में बताया कि वे 11 दिनों तक शास्त्रों में बताए गए यम और नियमों का पालन करें। यह यम और नियम क्या होते हैं और पीएम मोदी 11 दिनों तक किस तरह का व्रत रखेंगे, जानिए सब कुछ।
 
क्या है यम और नियम:-
यम के 5 प्रकार हैं- 1. अहिंसा, 2. सत्य, 3. अस्तेय, 4. ब्रह्मचर्य और 5. अपरिग्रह।
नियम के 5 प्रकार हैं- 1. शौच, 2. संतोष, 3. तप, 4. स्वाध्याय और 5. ईश्वर प्राणिधान।
उपरोक्त यम नियमों का पालन करने के अलावा यह माना जा रहा है कि पीएम मोदी इन नियमों का पालन भी करेंगे:-
- फर्श पर सोएंगे। लकड़ी की चौकी पर सो सकते हैं।
- सूती वस्त्र ही धारण कर सकते हैं।
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर प्रार्थना करेंगे।
- जप, तप और ध्यान करेंगे।
- पूरे 11 दिन शांत रहेंगे।
- ज्यादातर समय मौन रहेंगे।
- धार्मिक ग्रंथों का पाठ करेंगे।
- खुद के काम खुद ही करेंगे।
- श्रीराम से जुड़ी जगहों का भ्रमण करेंगे।
- कम और सात्विक भोजन ही करेंगे।
- बाहर का खाना, बोतल बंद पानी और बर्फ, हल्दी, राई, उड़द, मूली, बैंगन, लहसुन-प्याज, तेल से बने पदार्थ, भुजिया चावल, चना खाने से परहेज कर सकते हैं। 
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
कलयुग में राम का नाम क्यों है श्रीराम से भी बढ़कर?