फ्लैश लाइट से मांग रहे थे मदद, रेस्क्यू ऑपरेशन पर उठे सवाल, किसी ने कहा, धुत नशे में था इंजीनियर युवराज
नोएडा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता का एक और वीडियो सामने आया है। बचाव दल के कर्मचारी पास ही सीढ़ी पर बैठे थे, लेकिन सही रास्ता खोजने में उलझे हुए नजर आए थे। रेस्क्यू टीम युवराज की लोकेशन पहचानने में असमर्थ रही जबकि उनकी फ्लैश लाइट साफ दिखाई दे रही थी।
क्या नशे में था युवराज
दूसरी तरफ सोशल मीडिया में एक तस्वीर दिखाकर कहा जा रहा है कि युवराज नशे में धुत था। इसलिए हादसे का शिकार हो गया। सोशल मीडिया में कहा जा रहा है कि नोएडा के नाले में डूबकर मरे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज दारु के नशे में धुत था। गुरुग्राम के बार में 3 घंटे तक पार्टी हुई, फिर कार ड्राइव की गई।
क्या कहा रिचा अनिरूद्ध ने
जर्नलिस्ट रिचा अनिरूद्ध ने ट्वीट किया और कहा- वाह! वो इतना धुत्त था कि गुरुग्राम से कार चलाकर नोएडा तक आ गया.. इतना धुत्त था कि डूबती कार से निकल कर उसकी छत पर आ गया..इतना धुत्त था कि पिता को कॉल कर लिया.. इतना धुत्त था कि मोबाइल की लाइट जला कर मदद माँगता रहा.. नशे में धुत्त वो था या नोएडा का प्रशासन और तुम जैसे लोग? डरो ऊपर वाले के "सुदर्शन" से युवराज की जगह कोई तुम्हारा अपना होता तो भी प्रशासन की ऐसे ही चाकरी करते?
क्या है वीडियो में
इस नए फुटेज में युवराज दूर से मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर मदद मांगते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ दिखता है कि वह जंगलनुमा इलाके में फंसे हुए थे और अपनी लोकेशन बताने के लिए लगातार फोन की लाइट हवा में घुमा रहे थे। वीडियो का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह है जिसमें बचाव दल के कर्मचारी पास ही सीढ़ी पर बैठे दिखते हैं, लेकिन वे सही रास्ता खोजने में उलझे हुए नजर आते हैं। सीढ़ी पर बैठे होने की वजह से ऐसा लगता है कि उन्हें युवराज की सटीक दिशा को लेकर कन्फ्यूजन था और वे मौके पर क्या करना चाहिए, इस पर माथापच्ची करते दिख रहे थे। इस वजह से रेस्क्यू में देर कैसे हुई, यह बड़ा सवाल बनकर सामने आ रहा है।
तो बच सकती थी जान
युवराज सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर काम करते थे। वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवराज बिल्कुल अकेले हैं और लगातार कोशिश कर रहे हैं कि बचाव टीम उनकी लोकेशन पहचान ले। घटना वाले क्षेत्र में गहरी खाई, भारी झाड़ियां और ऊंचे-नीचे रास्ते होने की वजह से राहत दल को दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन वीडियो यह भी दिखाता है कि युवराज की लाइट साफ दिखाई दे रही थी, इसके बावजूद टीम तत्काल दिशा तय नहीं कर पाई। इससे यह सवाल उठ रहा है कि अगर रेस्क्यू टीम जरा और सतर्कता से काम करती, तो क्या युवराज को समय रहते बचाया जा सकता था? लेकिन अब पूरा सिस्टम युवराज को ही शराबी साबित करने पर तुला हुआ है।
Edited By: Navin Rangiyal