शुचि कर्णिक यात्राएं लुभाती हैं। सफर सिखाता है, और घुमक्कड़ी में है निर्मल आनंद। चाहे बेवजह हो, मंज़िल की चाह भी न हो पर अनुभव का घड़ा तो भर ही जाता है। अक्सर सुखद होती हैं यात्राएं। भीतर की ओर हों तो खुद को खोजने में मदद करती हैं...