तुमसा कोई नहीं है मां मेरे हर दुःख-दर्द की दवा है मेरी मां, मुसीबतों के समय मख़मली ढाल है मेरी मां, अपनी चमड़ी के जूते बनाकर पहनाऊं वह भी कम है, मां, इस जहां में तो क्या, किसी भी जहां में तुमसा कोई नहीं है मां -विनीता शर्मा ...