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Written By WD Feature Desk

Holashtak 2026: होलाष्टक में क्या न करें?

होलाष्टक और होलिका दहन से संबंधित खूबसूरत फोटो
Holashtak avoid these 10 things : हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होली से आठ दिन पहले के समय को 'होलाष्टक' कहा जाता है। जो कि इस बार 24 फरवरी 2026, दिन मंगलवार से शुरू हो चुका है। ज्योतिष के अनुसार, होलाष्टक में चंद्रमा, सूर्य, शनि, शुक्र, गुरु, मंगल, बुध और राहु उग्र अवस्था में होते हैं।ALSO READ: होलाष्टक की पौराणिक कथा: क्यों माने जाते हैं ये 8 दिन अशुभ?

इस कारण ग्रहों का स्वभाव काफी उग्र रहता है, जिससे व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता और मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है, इसलिए महत्वपूर्ण निर्णय टालने की सलाह दी जाती है। इसलिए भारतीय परंपरा में इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है।
 
  1. मांगलिक कार्य
  2. नया व्यापार
  3. गृह प्रवेश और भूमि पूजन
  4. यज्ञ और अनुष्ठान
  5. संगीत, नृत्य और आनंद के कार्यक्रम न करें
  6. कीमती वस्तुओं की खरीदारी
  7. व्रत और पूजा में कोई गड़बड़ी न हो
  8. नामकरण संस्कार
  9. मांसाहारी भोजन और नशीले पदार्थों से बचें
  10. अलगाव या झगड़े से बचें
 
होलाष्टक के दौरान आपको किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए, इसकी सूची नीचे दी गई है:
 

होलाष्टक में भूलकर भी न करें ये कार्य:

 

1. मांगलिक कार्य

होलाष्टक के दौरान विवाह (शादी), सगाई, मुंडन, और जनेऊ संस्कार जैसे शुभ व मांगलिक कार्य पूरी तरह वर्जित होते हैं।
 

2. नया व्यापार

इस समय किसी भी नए व्यवसाय या व्यापार की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। माना जाता है कि इस दौरान शुरू किए गए काम में आर्थिक नुकसान की संभावना रहती है।
 

3. गृह प्रवेश और भूमि पूजन

नए घर में प्रवेश करना या नए घर की नींव रखना (भूमि पूजन) इस अवधि में अशुभ माना जाता है।
 

4. यज्ञ और अनुष्ठान

इस अवधि में विशेष कामनाओं की पूर्ति के लिए किए जाने वाले बड़े यज्ञ या अनुष्ठान इस समय नहीं किए जाते है, सिर्फ नित्य पूजा और सामान्य पाठ किए जा सकते हैं।
 

5. संगीत, नृत्य और आनंद के कार्यक्रम न करें

होलाष्टक के दौरान घर में उत्सव या आनंद के कार्यक्रम जैसे संगीत, नृत्य आदि को स्थगित रखना चाहिए। यह समय मौन और शांति के लिए है।ALSO READ: होलाष्टक के 8 दिन क्यों माने जाते हैं अशुभ? जानें 12 राशियों पर क्या पड़ेगा असर
 

6. व्रत और पूजा में कोई गड़बड़ी न हो

होलाष्टक में व्रत या पूजा करने वाले लोग यह ध्यान रखें कि पूजा विधिपूर्वक हो और कोई भूल-चूक न हो। खासकर देवी-देवताओं की पूजा में निष्कलंकता होनी चाहिए।
 

7. नामकरण संस्कार

बच्चों का नामकरण संस्कार भी इन आठ दिनों में टाल देना चाहिए।
 

8. मांसाहारी भोजन और नशीले पदार्थों से बचें

इस समय मांसाहारी भोजन, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह शरीर और मन को अशुद्ध कर सकते हैं।
 

9. अलगाव या झगड़े से बचें

इस समय में परिवार के साथ झगड़े और मनमुटाव से बचने की सलाह दी जाती है। यह समय मानसिक शांति और सामंजस्य बनाए रखने के लिए है।
 

10. कीमती वस्तुओं की खरीदारी

नई गाड़ी, सोना-चांदी या अचल संपत्ति (मकान/प्लाट) खरीदने से बचना चाहिए। यदि बहुत जरूरी हो, तो ज्योतिषीय सलाह जरूर लें।

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