गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, ईंधन बचाने के लिए सरकारी कर्मचारियों के प्रवास पर कड़े प्रतिबंध
Gujarat News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद गुजरात सरकार द्वारा राज्य में ईंधन बचाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने एक कड़ा सर्कुलर (परिपत्र) जारी कर सभी सरकारी कार्यालयों और कर्मचारियों के लिए 11 महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्तर पर ईंधन की बर्बादी को रोकना और पर्यावरण की रक्षा करना है।
1. यात्रा और बैठकों पर कड़े प्रतिबंध
नए नियमों के अनुसार, सरकारी अधिकारियों के लिए अपरिहार्य (अनिवार्य) परिस्थितियों के अलावा विदेश यात्रा करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, विदेशों में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण, सेमिनार या अध्ययन दौरों से बचने के लिए कहा गया है।
अन्य राज्यों या केंद्र सरकार की बैठकों में भी व्यक्तिगत रूप से जाने के बजाय ऑनलाइन माध्यम से जुड़ने और जिले के बाहर की अनावश्यक यात्राओं से बचकर टेलीफोन, ई-मेल या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का अधिकतम उपयोग करने का आदेश दिया गया है। यदि जिले से बाहर जाना बहुत जरूरी हो, तो नियंत्रण अधिकारी की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
2. सरकारी वाहनों और ईंधन बचत के उपाय
ईंधन की बचत करने के लिए जो अधिकारी एक से अधिक सरकारी विभागों का प्रभार (चार्ज) संभाल रहे हैं, उन्हें अपने मुख्य वाहन के अलावा अन्य सभी अतिरिक्त वाहनों को तत्काल प्रभाव से 'सरकारी वाहन पूल' में जमा कराना होगा। कार्यालयों में उपलब्ध वाहनों की समीक्षा की जाएगी और अनावश्यक वाहनों का उपयोग बंद कर दिया जाएगा। साथ ही, जहाँ भी संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
3. सार्वजनिक परिवहन का उपयोग और जनजागरूकता
सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने व्यक्तिगत निजी वाहनों का उपयोग कम करने और मेट्रो, एस.टी. बस व रेलवे जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आम नागरिक घबराहट (पैनिक) में आकर अनावश्यक वस्तुओं की खरीदारी या जमाखोरी न करें, इसके लिए सरकार द्वारा एक विशेष जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
4. स्वदेशी खरीद और सरकारी कैंटीन के लिए नए नियम
सरकार की खरीद नीति को और मजबूत करते हुए अब सभी सरकारी संस्थानों में स्वदेशी वस्तुओं, स्थानीय उत्पादों, MSME और भारतीय मूल की सेवाओं को ही प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, पर्यावरण अनुकूल कदमों के तहत सभी सरकारी कैंटीनों के लिए अगले 6 महीनों के भीतर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
Edited By : Chetan Gour
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