गुरुवार, 2 अप्रैल 2026
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Written By WD Feature Desk

Good Friday: गुड फ्राइडे से जुड़ी 6 खास परंपराएं जानिए

गुड फ्राइडे और ईसाई परंपरा
Holy Friday 2026: गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे यीशु मसीह के क्रूस पर बलिदान और मृत्यु की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिन विशेष रूप से ईस्टर सप्ताह का हिस्सा होता है और ईसाई समुदाय के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। गुड फ्राइडे का मूल संदेश बलिदान, क्षमा और मानवता के उद्धार का प्रतीक है। इस दिन ईसाई लोग विशेष प्रार्थनाओं, उपवास और चर्च सेवाओं में भाग लेते हैं। इस दिन के अवसर पर बच्चे और बड़े मिलकर चर्च में हिस्सा लेते हैं, बाइबिल की कहानियों को सुनते हैं और मसीह के बलिदान के अर्थ को समझते हैं।ALSO READ: Good Friday 2026: गुड फ्राइडे क्यों है खास दिन, क्या करते हैं ईसाई लोग इस दिन?
 
चर्चों में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है, और कई स्थानों पर क्रूस यात्रा (Procession) का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें मसीह के जीवन और उनके क्रूस पर चढ़ाए जाने की घटनाओं का स्मरण किया जाता है।
 
1. वेनेरेशन ऑफ द क्रॉस (Veneration of the Cross)
2. हॉट क्रॉस बन्स (Hot Cross Buns)
3. चर्च की घंटियों का शांत होना
4. पेशन प्ले (Passion Play) और जुलूस
5. काली पोशाक और प्रतीकों को ढंकना
6. 'तीन घंटे की सेवा' (Three Hour Service)
 

आइए यहां जानते हैं गुड फ्राइडे से जुड़ी विशेष परंपराएं....

 

1. वेनेरेशन ऑफ द क्रॉस (Veneration of the Cross)

चर्च में इस दिन लकड़ी का एक बड़ा क्रूस (Cross) वेदी के पास रखा जाता है। लोग बारी-बारी से उसके पास जाते हैं और उसे चूमते हैं या झुककर प्रणाम करते हैं। यह ईसा मसीह के प्रति कृतज्ञता और उनके बलिदान को स्वीकार करने का एक तरीका है।
 

2. हॉट क्रॉस बन्स (Hot Cross Buns)

यह एक पुरानी और वैश्विक परंपरा है। इस दिन खास तरह के मीठे बन (Buns) खाए जाते हैं, जिनके ऊपर सफेद क्रॉस बना होता है।
 
महत्व: इसमें पड़े मसाले उन सुगंधित मसालों का प्रतीक हैं जिनसे ईसा मसीह के शरीर को लेपन किया गया था, और क्रॉस उनके बलिदान को दर्शाता है।
 

3. चर्च की घंटियों का शांत होना

गुड फ्राइडे के दिन चर्च की घंटियां नहीं बजाई जातीं। इसकी जगह कई जगहों पर लकड़ी के 'खड़कने' (Ratchets) का उपयोग किया जाता है। घंटियां फिर से रविवार (ईस्टर) की सुबह ही गूंजती हैं, जो शोक के अंत और खुशी की शुरुआत का संकेत देती हैं।
 

4. पेशन प्ले (Passion Play) और जुलूस

दुनिया के कई देशों और भारत (विशेषकर गोवा और केरल) में ईसा मसीह के अंतिम घंटों का जीवंत मंचन किया जाता है। लोग सड़कों पर भारी क्रूस उठाकर चलते हैं, जिसे 'वे ऑफ द क्रॉस' (Way of the Cross) कहा जाता है। यह ईसा मसीह के उन कष्टों को महसूस करने के लिए किया जाता है जो उन्होंने सूली तक पहुंचने के रास्ते में सहे थे।
 

5. प्रतीकों को ढंकना

चर्च और घरों में अक्सर मूर्तियों और तस्वीरों को काले या बैंगनी कपड़े से ढंक दिया जाता है। चर्च के भीतर की सजावट हटा दी जाती है और वेदी को बिल्कुल खाली छोड़ दिया जाता है, जो दुनिया में ईसा मसीह की गैर-मौजूदगी (मृत्यु के समय) के शोक को दर्शाता है।
 

6. 'तीन घंटे की सेवा' (Three Hour Service)

दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच चर्च में एक विशेष मौन और प्रार्थना सभा होती है। माना जाता है कि इसी दौरान ईसा मसीह क्रूस पर जीवित थे और अंत में उन्होंने प्राण त्यागे थे। इस समय लोग पूरी तरह शांत रहते हैं और आत्म-मंथन करते हैं।
 
कई देशों में गुड फ्राइडे के दिन कोई भी लोहे की चीज का उपयोग करने जैसी परंपराओं से बचा जाता है, क्योंकि वे इसे क्रूस पर कीलों और कष्टों से जोड़कर देखते हैं। गुड फ्राइडे के अवसर पर कई देश जैसे भारत, अमेरिका, यूके और फिलिपींस में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भारत में यह पर्व मुख्य रूप से गोवा, केरल और नागालैंड जैसे राज्यों में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
 
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