क्या सुनीता विलियम्स को मिलेगा भारत रत्न, तृणमूल कांग्रेस सांसद की राज्यसभा में मांग
हालांकि तृणमूल सदस्य ने दावा किया कि गुजरात के एक राजनीतिज्ञ सुनीता के करीबी रिश्तेदार थे। इस पर विरोध जताते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तृणमूल सदस्य के कथन के इस हिस्से को कार्यवाही से हटाने की मांग की।
सुनीता की उपलब्धि की सराहना करते हुए तृणमूल सदस्य मोहम्मद नदीमुल हक ने शून्यकाल के दौरान कहा कि वह 286 दिन अंतरिक्ष में बिताने के बाद सुनीता 18 मार्च को सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आईं। उन्होंने कहा कि सुनीता की यह उपलब्धि सराहनीय है और पूरा भारत इस पर गर्व करता है। उन्होंने कहा कि उनकी यह उपलब्धि 1969 में स्थापित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को भी गौरवान्वित करेगी।
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हक ने कहा कि सुनीता 2007 में भारत आई थीं और तब उन्हें कई सम्मान दिए गए थे। भारत सरकार ने 2008 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा कि सुनीता ने कुछ समय पहले भारत आने की इच्छा जताई थी।
तृणमूल सदस्य ने कहा कि तब सुनीता ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का परोक्ष संदर्भ देते हुए कहा था कि वह उनका सम्मान करती हैं। उन्होंने कहा कि सुनीता कुछ राज्यों में गई थीं लेकिन उन राज्यों की सरकारों ने उन्हें सम्मानित नहीं किया था।
हक ने कहा कि गुजरात के एक राजनीतिज्ञ सुनीता के करीबी रिश्तेदार थे। उन्होंने दिवंगत राजनीतिज्ञ का नाम भी लिया जो गुजरात के गृह मंत्री थे और 2003 में उनकी हत्या कर दी गई थी।
इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि किसी के लिए भारत रत्न की मांग करना एक अलग बात है किंतु इसमें किसी दिवंगत नेता का संदर्भ नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति का संदर्भ देना सही नहीं है जो अब हमारे साथ नहीं हैं। उन्होंने आसन से अनुरोध किया कि तृणमूल सदस्य के कथन का वह हिस्सा सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाना चाहिए। राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश ने कहा कि जो भी हिस्सा अप्रासंगिक होगा, उसे कार्यवाही से हटा दिया जाएगा।
edited by : Nrapendra Gupta