सम्बंधित जानकारी
- live : मूर्ति गिरने पर नहीं थमा बवाल, शिंदे सरकार के खिलाफ MVA का मार्च
- Shivaji Statue : मूर्तिकार ने सौंपा था 6 फुट का मॉडल, निदेशालय ने दी थी मंजूरी, फिर कैसे बना दी 35 फुट की प्रतिमा
- शिवाजी की प्रतिमा टूटने पर बोले पीएम मोदी, सिर झुकाकर माफी मांगता हूं
- बदलापुर कांड पर MVA का प्रदर्शन, क्या बोले शरद पवार?
- असम CM हिमंता से JDU नेता का सवाल, क्या कामाख्या मंदिर में बलि प्रथा बंद करेंगे?
शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने पर बवाल, MVA का इंडिया गेट तक विरोध मार्च
Maharashtra Politics : महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी (MVA) के नेताओं ने महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने के विरोध में रविवार को दक्षिण मुंबई में प्रतिष्ठित हुतात्मा चौक से गेटवे ऑफ इंडिया तक मार्च निकाला।
मुंबई से करीब 480 किलोमीटर दूर मालवण तहसील के राजकोट किले में 17वीं सदी के मराठा योद्धा की प्रतिमा 26 अगस्त को गिर गई थी। इसका अनावरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चार दिसंबर 2023 को नौसेना दिवस के अवसर पर किया था। हाल ही में महाराष्ट्र दौरे पर आए पीएम मोदी ने भी घटना के लिए माफी मांगी थी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) सुप्रीमो शरद पवार, शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (शिवसेना-यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे, कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख नाना पटोले और पार्टी की मुंबई इकाई की प्रमुख वर्षा गायकवाड़ ने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में शहीद हुए लोगों की याद में बने हुतात्मा चौक पर पुष्पांजलि अर्पित कर विरोध मार्च की शुरुआत की।
राकांपा नेता राजेश टोपे और शिवसेना (यूबीटी) नेता सुनील प्रभु ने कहा कि विरोध मार्च का उद्देश्य प्रधानमंत्री द्वारा अनावरण किए जाने के 8 महीने बाद ही प्रतिमा ढह जाने को लेकर महाराष्ट्र के लोगों के गुस्से को आवाज देना है।
पूर्वाह्न करीब 11 बजे के बाद शुरू हुए मार्च में उद्धव ठाकरे, शरद पवार और नाना पटोले भी शामिल हुए। कोल्हापुर से कांग्रेस सांसद शाहू छत्रपति, राकांपा (एसपी) नेता एवं बारामती की सांसद सुप्रिया सुले और विधायक अनिल देशमुख शामिल हैं।शिवद्रोह्यांना भिडायला महाराष्ट्राचा वाघ आलाय! pic.twitter.com/sdenS2ktLx
— ShivSena - शिवसेना Uddhav Balasaheb Thackeray (@ShivSenaUBT_) September 1, 2024
हुतात्मा चौक पर शिवाजी की एक आवक्ष प्रतिमा स्थापित की गई। विरोध मार्च में शामिल लोगों ने मूर्ति ढहने की घटना की निंदा करने वाली तख्तियां लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार के खिलाफ नारे लगाए। शरद पवार ने विरोध मार्च के तहत कुछ दूरी तक पैदल यात्रा की।विरोधात जात असलेलं जनमत पुन्हा मिळवण्यासाठी सत्ताधाऱ्यांकडून माफीनामा सत्र सुरु आहे. परंतु कितीही माफीसत्र सुरु असलं तरी महाराष्ट्रातील जनता महाराजांचा अवमान कधीच विसरणार नाही. भ्रष्टाचार आणि निष्काळजीपणाला महाराजांनी कधीच माफी दिली नव्हती. शिवरायांचा हाच आदर्श महाराष्ट्रातील… pic.twitter.com/J3GUVVBh13
— Nationalist Congress Party - Sharadchandra Pawar (@NCPspeaks) September 1, 2024
Edited By : Nrapendra Gupta
