मनरेगा मजदूरी फर्जीवाड़े में फंसे मोहम्मद शमी की बहन बहनोई सहित 18 रिश्तेदार
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में मनरेगा मजदूरी में हुए लाखों रुपये के फर्जीवाड़े में भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की बहन बहनोई समेत 18 लोगों के नाम सामने आये हैं।जिलाधिकारी के आदेश पर जोया ब्लॉक की ग्राम पंचायत पलौला में मनरेगा योजना में फर्जीवाड़े की जांच पीडी डीआरडीए अमरेन्द्र प्रताप सिंह, बीडीओ लोकचंद आनन्द व लोकपाल कृपाल सिंह कर रहे थे।
पिछले कई दिनों से चल रही जांच में 18 लोगों के नाम सामने आए। जिनसे रिकवरी की जानी है, उनमें मुख्य रूप से गेंदबाज मोहम्मद शमी की बहन शबीना, उनके पति गज़नबी, तीन देवर आमिर सुहेल,नसरुद्दीन,शेखू के अलावा ग्राम प्रधान गुले आयशा के बेटों के अलावा दो बेटियां भी शामिल हैं।
अधिकृत सूत्रों ने बताया कि जनवरी 2021 को मनरेगा जॉब कार्ड में दर्ज हुआ था। अगस्त 2024-25 तक इन पांचों ने बगैर काम मनरेगा मजदूरी का भुगतान अपने बैंक खातों में लिया था। गांव में बिना काम किए मनरेगा मजदूरी हासिल करने का प्रकरण मीडिया में सुर्खियों में आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच बैठाई थी। चूंकि मामला क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना की ससुराल के परिवार से जुड़ा था इसलिए फूंक फूंककर कदम रख रहा था। मोहम्मद शमी की बहन शबीना की सास गुले आयशा पत्नी शकील अहमद मौजूदा ग्राम प्रधान है। शिकायत के बाद मामला खुला तो फर्जीवाड़े की परतें एक एक कर सामने आ गई।
शुरुआती जांच में तत्कालीन वीडीओ, एपीओ, आपरेटर समेत ग्राम प्रधान व ग्राम प्रधान के नजदीकी लोग दोषी पाए गए हैं।जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने बुधवार देर शाम बताया कि जोया ब्लाक के पलौला गांव में मनरेगा मजदूरी मामले में फर्जीवाड़े की शिकायत प्राप्त होने पर प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई। इस संबंध में संबंधित ग्राम प्रधान के खाते सीज करने के साथ ही मजदूरी की रकम रिकवरी कराकर नोटिस भेजा गया।
इस संबंध में संबंधित अधिकारियों , कर्मचारियों के निलंबन के साथ ही रिपोर्ट दर्ज़ कराने के आदेश दिए हैं।उनके ख़िलाफ़ पंचायती राज एक्ट के तहत विभिन्न प्रावधानों में विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ।इस संबंध में कमीश्नर रुरल डेवलपमेंट लखनऊ को प्रपत्र भेजा गया है। इस तरह की गड़बड़ियों को लेकर जिले भर में एक अभियान चलाया जाएगा
।(एजेंसी)