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सुरक्षा न मिलने से नाराज कम्प्यूटर बाबा न्यायालय की शरण में
इंदौर। मध्यप्रदेश में पिछले 15 सालों से काबिज शिवराज सरकार को जड़ से उखाड़ देने की खुली चुनौती देने वाले कम्प्यूटर बाबा न्यायालय की शरण में पहुंच गए हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर हाई कोर्ट में रीट पिटीशन दायर की है, क्योंकि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने रीट पिटीशन में प्रिंसीपल सेकेट्री होम मिनिस्ट्री, आईजी, डीआईजी, कमिश्नर कलेक्टर को पार्टी बनाते हुए विशेष सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
उन्होंने कहा कि मैं लगातार नर्मदा के लिए लड़ रहा हूं। मुझे लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं जिसके चलते मैंने अधिकारियों को कई बार आवेदन दिया है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नही हुई है जिसके चलते मुझे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। संत समागम होने के बाद मुझे लगातार किसी न किसी माध्यम से धमकियों की जानकारी मिल रही है।
कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि मुझे लोकप्रियता की कोई जरूरत नहीं है। मैं नर्मदा को बचाकर रहूंगा। प्रदेश में गौहत्या हो रही है। मठ-मंदिरों के लिए कभी शिवराज कुछ नहीं करवा पाए हैं। शिवराज सरकार निकम्मी सरकार हो गई है। उसने धर्म का मजाक बना दिया है। कोई षड्यंत्र में मेरी मौत हुई या मुझे नर्मदा के लिए मरना पड़ा तो मैं मरने के लिए भी तैयार हूं लेकिन इसके जिम्मेदार शिवराज सिंह होंगे।
बाबा के अनुसार शिवराज सरकार ने जो किया है, उससे हम संत समाज बेहद नाराज हैं इसलिए हम शिवराज सरकार को जड़ से उखाड़कर फेंक देंगे। सनद रहे कि बाबा ने सरकार से मिला मंत्री पद त्याग दिया है लेकिन आज तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है। इसके बावजूद बाबा से सारी सुविधाएं और सुरक्षा वापस ले ली गई है।
