मुख्यमंत्री शिवराज ने कराया कोरोना टेस्ट, विधानसभा सत्र पर सर्वदलीय बैठक में फैसला संभव
तीन दिन से घटाकर एक दिन का हो सकता है सत्र
भोपाल। मध्यप्रदेश में कल से शुरु हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले आज सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपना कोरोना टेस्ट कराया है। मुख्यमंत्री पूरी तरह स्वस्थ है और आज वह अपने पहले से निर्धारित सभी कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
विधानसभा सत्र से पहले सभी सदस्यों को अपना कोरोना टेस्ट कराना अनिवार्य है इसलिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपना कोविड टेस्ट कराया है। इससे पहले विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर समेत अन्य मंत्रियों ने भी अपना कोरोना टेस्ट कराया है।
वहीं कल से शुरू हो रहे सत्र पर कोरोना का साया मंडराने लगा है। सोमवार से शुरू हो रहे तीन दिन के शीतकालीन सत्र से पहले चार विधायकों समेत विधानसभा सचिवालय से जुड़े 50 से अधिक कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गए है।
शनिवार को नरसिंहपुर के गाडरवारा विधायक सुनीता पटेल और सिवनी के लखनादौन से विधायक योगेंद्र बाबा समेत विधानसभा के 17 और कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इससे पहले शुक्रवार को 34 कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए थे।
इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अब विधानसभा सत्र पर संशय के बादल मंडराने लगे है और सत्र की कार्यवाही को तीन दिन से घटाकर एक दिन का किया जा सकता है।
वहीं संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या विधानसभा के सचिवालय से जुड़े कर्मचारी और विधायक के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद और अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। वहीं सत्र को लेकर सवाल पर कहा कि सरकार की कोशिश रहेगी की सत्र को नहीं टाला जाए।
कोविड टेस्ट के बिना एंट्री नहीं- कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते विधानसभा में प्रवेश से पहले सभी विधायकों को कोरोना रिपोर्ट दिखाना होगी,यह रिपोर्ट 3 दिन से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। विधायकों के कोरोना जांच के लिए विधानसभा परिसर में रैपिड जांच की सुविधा उपलब्ध रहेगी इसके साथ विधायक जिलों से भी अपनी कोरोना रिपोर्ट ला सकते है लेकिन तीन दिन से अधिक पुरानी रिपोर्ट मान्य नहीं होगी।
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विकास सिंह