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    <title><![CDATA[चुनाव 2026]]></title>
    <link>https://hindi.webdunia.com/election-2026</link>
    <description><![CDATA[Vidhan Sabha Chunav Result 2026,Election Results 2026 Live Updates: विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 (Assembly Elections Results 2026): West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam और Puducherry विधानसभा चुनाव 2026 की ताजा खबरें, रिजल्ट, विश्लेषण और LIVE ...]]></description>
    <copyright>Copyright webdunia.com</copyright>
    <lastBuildDate>Tue, 30 Jun 2026 19:33:11 +0530</lastBuildDate>
    <language>en-us</language>
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      <title>चुनाव 2026</title>
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    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल के फालता में BJP की प्रचंड जीत, देबांग्शु पांडा ने जहांगीर खान को 1 लाख से ज्यादा वोटों से दी शिकस्‍त, शुभेंदु अधिकारी की भविष्यवाणी हुई सच]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/bjp-secured-big-victory-in-falta-assembly-election-in-west-bengal-126052500001_1.html</link>
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      <description><![CDATA[Falta Assembly Election Result : पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा में हुए दोबारा मतदान में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की है। फालता सीट पर बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने धमाकेदार जीत दर्ज की है। उन्होंने 109021 वोटों के अंतर से लेफ्ट ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="BJP secured big victory in Falta Assembly election in West Bengal" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-12/13/full/1765630362-3332.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="BJP" /></p>
	<strong>Falta Assembly Election Result : </strong>पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा में हुए दोबारा मतदान में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की है। फालता सीट पर बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने धमाकेदार जीत दर्ज की है। उन्होंने 109021 वोटों के अंतर से लेफ्ट उम्मीदवार शंभू नाथ कुर्मी को हराया। बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को कुल 149666 वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर CPI(M) के शंभू नाथ कुर्मी को केवल 40645 वोट से संतोष करना पड़ा। तीसरे स्थान पर कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला को केवल 10084 वोट मिले। टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को 7783 वोट मिले। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव से पहले इस सीट पर ऐलान किया था कि भाजपा 1 लाख से ज्‍यादा वोटों से जीतेगी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा में हुए दोबारा मतदान में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की है। फालता सीट पर बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने धमाकेदार जीत दर्ज की है। उन्होंने 109021 वोटों के अंतर से लेफ्ट उम्मीदवार शंभू नाथ कुर्मी को हराया। बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को कुल 149666 वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर CPI(M) के शंभू नाथ कुर्मी को केवल 40645 वोट से संतोष करना पड़ा।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/suvendu-adhikari-shapath-grahan-west-bengal-cabinet-ministers-list-pm-modi-126050900015_1.html" target="_blank">पश्चिम बंगाल में &#39;कमल&#39; राज: शुभेंदु अधिकारी के साथ 5 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी ने किया रोड शो</a></strong></p>
	तीसरे स्थान पर कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला को केवल 10084 वोट मिले। टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को 7783 वोट मिले। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव से पहले इस सीट पर ऐलान किया था कि भाजपा 1 लाख से ज्‍यादा वोटों से जीतेगी।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	जीत पर क्‍या बोले प्रधानमंत्री मोदी?</h3>
<p>
	प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा में हुए दोबारा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा की जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि फालता की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि लोकतंत्र की जीत हुई है और डर-धमकी की राजनीति को नकार दिया गया है। प्रधानमंत्री ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने पर देबांग्शु पांडा को बधाई देते हुए कहा कि यह पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/bhavishyavani/bjp-west-bengal-win-bangladesh-tension-future-prediction-126050800027_1.html" target="_blank">भाजपा की पश्चिम बंगाल में जीत के बाद बांग्लादेश से बढ़ेगा तनाव, क्या होगा भविष्य?</a></strong></p>
</p>
<p>
	रुझानों में बीजेपी की बढ़त के बाद से ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया था। दक्षिण 24 परगना जिले की इस सीट पर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से छेड़छाड़ और अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद मतदान रद्द कर दिया गया था।<br />
	<br />
	इसके बाद 21 मई को निर्वाचन क्षेत्र के सभी 285 बूथ पर पुनर्मतदान कराया गया। पुनर्मतदान के दौरान 2.36 लाख मतदाताओं में से 87 प्रतिशत से अधिक ने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। जीत की खबर सामने आते ही दक्षिण 24 परगना में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्सव जैसा माहौल बना दिया। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवार को बधाई दी और इसे संगठन की बड़ी सफालता बताया। जीत के बाद बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने कहा कि यह सिर्फ उनकी नहीं बल्कि फालता की जनता की जीत है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/bjp-punjab-2027-election-domino-effect-strategy-126050800023_1.html" target="_blank">पश्चिम बंगाल और असम के बाद अब पंजाब पर भाजपा की नजर, क्या 2027 में ‘Domino Effect’ से बदलेगा राज्य का राजनीतिक समीकरण?</a></strong></p>
</p>
<h3>
	मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किसे दिया जीत का श्रेय?</h3>
<p>
	पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फालता विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडेय की एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से हुई जीत का श्रेय जनता को देते हुए तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि डायमंड हार्बर मॉडल अब &#39;तृणमूल की हार-बार&#39; मॉडल बन गया है। इस जीत के साथ बंगाल में भाजपा विधायकों की संख्या बढ़कर 208 हो गई है। भाजपा की बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत के अंतर का यह नया रिकॉर्ड है।<br />
	Edited By : Chetan Gour</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 24 May 2026 22:08:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 25 May 2026 00:51:48 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[वीडी सतीशन आज लेंगे केरल CM पद की शपथ, राज्यपाल को सौंपी 20 नामों की लिस्ट]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/united-democratic-front-government-announced-in-kerala-126051700038_1.html</link>
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      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/17/thumb/1_1/1779034083-4939.jpg"/>
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      <description><![CDATA[UDF Government Announced in Kerala : केरल की राजनीति में सोमवार को एक ऐतिहासिक पल देखने को मिलेगा। यहां करीब 60 साल बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब पूरा यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) मंत्रिमंडल एकसाथ शपथ लेने जा रहा है। सुबह 10 बजे नई सरकार का भव्य ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="United Democratic Front Government Announced in Kerala" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/17/full/1779034083-4939.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
	<strong>UDF Government Announced in Kerala :</strong> केरल की राजनीति में सोमवार को एक ऐतिहासिक पल देखने को मिलेगा। यहां करीब 60 साल बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब पूरा यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) मंत्रिमंडल एकसाथ शपथ लेने जा रहा है। सुबह 10 बजे नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और 20 विधायक मंत्री पद की। वीडी सतीशन ने राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को 20 मंत्रियों की लिस्ट सौंप दी है। सतीशन ने साफ किया कि मंत्रियों के नामों की इस पूरी सूची को पार्टी हाईकमान की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही राज्यपाल के पास भेजी है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	20 विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ</h3>
<p>
	केरल की राजनीति में सोमवार को एक ऐतिहासिक पल देखने को मिलेगा। यहां करीब 60 साल बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब पूरा यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) मंत्रिमंडल एकसाथ शपथ लेने जा रहा है। सुबह 10 बजे नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और 20 विधायक मंत्री पद की।  सतीशन ने राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को 20 मंत्रियों की लिस्ट सौंप दी है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/regional-hindi-news/congress-appoints-vd-satheesan-as-kerala-chief-minister-126051400024_1.html" target="_blank">केरल में &#39;सतीशन युग&#39; की शुरुआत: कांग्रेस ने दिग्गज नेताओं को छोड़ क्यों चुना वीडी सतीशन का चेहरा?</a></strong></p>
</p>
<h3>
	कांग्रेस के खाते में गए सबसे ज्यादा मंत्री</h3>
<p>
	इसके लिए तिरुवनंतपुरम में भव्य आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सतीशन ने साफ किया कि मंत्रियों के नामों की इस पूरी सूची को पार्टी हाईकमान की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही राज्यपाल के पास भेजी है। UDF की इस नई सरकार में सबसे ज्यादा मंत्री पद कांग्रेस के खाते में गए हैं। कांग्रेस से वीडी सतीशन, के मुरलीधरन, रमेश चेन्निथला, सनी जोसेफ, एपी अनिल कुमार, बिंदु कृष्णा, पीसी विष्णुनाध, एम लिजू,टी सिद्दीक, ओजे जनीश, रोजी एम जॉन, और केए तुलसी मंत्री पद की शपथ लेंगे।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Shri V.D. Satheesan handed over the list of Ministers to be sworn in tomorrow along with him to the Hon’ble Governor Shri Rajendra Vishwanath Arlekar at Lok Bhavan today. <a href="https://t.co/AnjBXuJbei">pic.twitter.com/AnjBXuJbei</a></p>
		— Kerala Governor (@KeralaGovernor) <a href="https://twitter.com/KeralaGovernor/status/2055997441749749773?ref_src=twsrc%5Etfw">May 17, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>
	शपथ समारोह में कौन-कौन होगा शामिल?</h3>
<p>
	इस बड़े सियासी उलटफेर और ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कई राज्यों के मंत्री शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने हाल के विधानसभा चुनावों में यूडीएफ गठबंधन को 10 साल बाद सत्ता में वापसी दिलाई।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/vd-satheesan-kerala-cm-kc-venugopal-out-126051400038_1.html" target="_blank">केरलम में केसी वेणुगोपाल कैसे हुए OUT, वीडी सतीशन होंगे मुख्यमंत्री</a></strong></p>
</p>
<h3>
	चुनाव में यूडीएफ की ऐतिहासिक जीत</h3>
<p>
	सतीशन ने कहा कि कांग्रेस के 11 मंत्री होंगे। यूडीएफ ने 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जिससे वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के दशक लंबे शासन का अंत हुआ। कांग्रेस के नेतृत्व में गठबंधन ने 140 सदस्यीय विधानसभा में कुल 102 सीटों के साथ भारी बहुमत हासिल किया। कांग्रेस ने 63 सीटों पर जीत दर्ज की। आईयूएमएल ने 22, एलडीएफ ने 35 और भाजपा ने 3 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की।<br />
	Edited By : Chetan Gour</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 18 May 2026 07:36:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 18 May 2026 08:00:55 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[केरल में CM चेहरे पर फंस गई कांग्रेस, प्रचंड जीत के 9 दिन बाद भी फैसला नहीं, जानें क्यों हो रही देरी?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/kerala-assembly-election-2026-news/congress-stuck-in-selection-of-chief-ministerial-face-in-kerala-126051200051_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/kerala-assembly-election-2026-news/congress-stuck-in-selection-of-chief-ministerial-face-in-kerala-126051200051_1.html</guid>
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      <description><![CDATA[केरल विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बाद  भी कांग्रेस अब वहां  पर अपने मुख्यमंत्री चेहरे का चयन नहीं कर सकी है। पश्चिम बंगाल, असम,  तमिलनाडु जहां पर केरल के साथ विधानसभा चुनाव हुए थे वहां पर मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हो चुका है लेकिन ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">
	<p style="float: left;clear: both;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/12/full/1778590573-0665.jpeg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 10px; padding: 1px; float: left; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	केरल विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बाद  भी कांग्रेस अब वहां  पर अपने मुख्यमंत्री चेहरे का चयन नहीं कर सकी है। पश्चिम बंगाल, असम,  तमिलनाडु जहां पर केरल के साथ विधानसभा चुनाव हुए थे वहां पर मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हो चुका है लेकिन कांग्रेस अपने गण केरल में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर फंस गई है। मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर पार्टी के भीतर गहराता असमंजस उसकी सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गया है। चुनाव परिणाम आए नौ दिन बीत चुके हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी है।<br />
	<br />
	दरअसल कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद के लिए कई मजबूत दावेदारों का होना है और अगर आपसी सहमति से मुख्यमंत्री का चयन नहीं हुआ तो केरल में पार्टी दो फाड़ में बंट सकती है। यहीं वजह है कि दिल्ली से लेकर तिरुवनंतपुरम तक लगातार बैठकों और मंथन का दौर जारी है।<br />
	<br />
	बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री चयन को लेकर अब दिल्ली में पार्टी आलाकमान जल्द फैसला लेगा, इसको लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के मुरलीधरन तथा वीएम सुधीरन को भी दिल्ली बुलाया गया है ताकि किसी सर्वमान्य नाम पर सहमति बनाई जा सके। जबकि मुख्यमंत्री पद के सबसे बड़े  दावेदार पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल दिल्ली में ही मौजूद है।<br />
	<br />
	<strong>केरल में तीन चेहरों के बीच फंसी कांग्रेस-</strong>केरल में मुख्यमंत्री पद की दौड़ फिलहाल तीन बड़े नेताओं के बीच सिमट गई है। एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उनके अलावा वीडी सतीशन और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथला भी मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल हैं।<br />
	<br />
	बताया जा रहा है कि पार्टी पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक ने तिरुवनंतपुरम में नव-निर्वाचित विधायकों से व्यक्तिगत रायशुमारी की थी, जिसमें वेणुगोपाल को सबसे ज्यादा समर्थन मिला। कांग्रेस के अधिकांश विधायक केसी वेणुगोपाल के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि 63 कांग्रेस विधायकों में से करीब 47 ने उन्हें अपनी पहली पसंद बताया है। वहीं कुछ विधायकों ने रमेश चेन्नीथला को दूसरी पसंद बताया।<br />
	<br />
	वहीं मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर बने गतिरोध के बीच राहुल गांधी ने केरल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्षों और वर्तमान कार्यकारी अध्यक्षों को दिल्ली बुलाकर अलग-अलग दौर की बैठकें की हैं। इससे पहले राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष खरगे ने मुख्यमंत्री पद के तीनों प्रमुख दावेदारों से व्यक्तिगत और सामूहिक बातचीत भी की। बैठकों में केरल कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ और पार्टी की राज्य प्रभारी दीपा दासमुंशी भी मौजूद रहीं।<br />
	<br />
	 <strong>केरल में क्यों डर रही कांग्रेस?</strong> मुख्यमंत्री चेहरे के चयन में इतनी देरी से लगता है कि केरल में कांग्रेस की सबसे बड़ी चुनौती सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि सत्ता का नेतृत्व तय करना बन गई है। पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मुख्यमंत्री ऐसा हो जो संगठन, सहयोगी दलों और विधायकों के बीच संतुलन बनाए रख सके।<br />
	<br />
	हालांकि विधायकों का झुकाव केसी वेणुगोपाल की ओर बताया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस आलाकमान अंतिम फैसला लेने से पहले किसी भी तरह की नाराजगी से बचना चाहता है। यही कारण है कि लगातार बैठकों और मंथन के बावजूद मुख्यमंत्री के नाम पर अब तक आधिकारिक घोषणा नहीं हो सकी है। अब सबकी निगाहें दिल्ली में होने वाली अंतिम बैठकों और कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर टिकी हैं।<br />
	<br />
	वहीं मुख्यमंत्री चयन में हो रही देरी पर पार्टी नेता रमेश चेन्नीथला ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां फैसले चर्चा और सहमति से लिए जाते हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां सभी निर्णय कुछ नेताओं तक सीमित रहते हैं, जबकि कांग्रेस में सभी पक्षों की राय ली जाती है।</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 12 May 2026 18:20:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 12 May 2026 18:27:36 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Kerala Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>विकास सिंह</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[असम में नई सरकार का गठन आज, मुख्यमंत्री समेत 4 मंत्री लेंगे शपथ]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/assam-assembly-election-2026-news/assam-new-government-cm-4-ministers-oath-ceremony-may-12-126051100077_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/assam-assembly-election-2026-news/assam-new-government-cm-4-ministers-oath-ceremony-may-12-126051100077_1.html</guid>
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      <description><![CDATA[असम में भाजपा की सहयोगी अगप और बीपीएफ के दो मंत्रियों सहित चार मंत्री 12 मई को मुख्यमंत्री पद के लिए नामित हिमंत विश्व शर्मा के साथ राजग नीत नयी सरकार में मंत्री पद की शपथ लेंगे। शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि पूर्व मंत्री रंजीत कुमार ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="himanta biswa sarma" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-11/04/full/1762249456-8656.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	असम में भाजपा की सहयोगी अगप और बीपीएफ के दो मंत्रियों सहित चार मंत्री 12 मई को मुख्यमंत्री पद के लिए नामित हिमंत विश्व शर्मा के साथ राजग नीत नयी सरकार में मंत्री पद की शपथ लेंगे। शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि पूर्व मंत्री रंजीत कुमार दास असम विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार होंगे।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/pm-modi-urges-people-to-reduce-dependence-on-imported-foreign-goods-amid-west-asia-war-crisis-126051100076_1.html" target="_blank">PM मोदी ने 24 घंटे में दूसरी बार देशवासियों से सोना कम खरीदने की अपील की, खाने के तेल पर समझाइश, बोले- युद्ध के प्रभाव से देश को बचाना है</a></strong></p>
</p>
<p>
	बोरा, असम गण परिषद (अगप) के अध्यक्ष हैं और बोरो, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) से विधायक हैं। और दोनों राजग नीत पूर्व सरकार में मंत्री रह चुके हैं। नियोग पिछली सरकार में भी मंत्री थीं। तेली पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रहे हैं, जिन्होंने 2026 के चुनाव में राज्य की राजनीति में वापसी की।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	 </p>
<p>
	शर्मा ने एक्स पर घोषणा करते हुए मुझे खुशी हो रही है कि मेरे चार सहयोगी - रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नियोग, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की गरिमामय उपस्थिति में मेरे साथ मंत्री पद की शपथ लेंगे।’’</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/is-india-facing-energy-lockdown-pm-modi-7-appeals-fuel-gold-foreign-exchange-crisis-126051100068_1.html" target="_blank">क्या भारत में लगने वाला है &#39;एनर्जी लॉकडाउन&#39;! मोदी की 7 अपीलों के पीछे की पूरी कहानी</a></strong></p>
</p>
<p>
	शर्मा ने कहा कि मुझे यह बताते हुए भी खुशी हो रही है कि माननीय विधायक रंजीत दास असम विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए हमारे उम्मीदवार होंगे। उन्होंने कहा कि मेरी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। हम सब मिलकर एक मजबूत, अधिक विकसित और समृद्ध असम के लिए पूरी लगन से काम करते रहेंगे। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 11 May 2026 23:39:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 12 May 2026 07:29:42 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Assam Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Vijay first decisions as CM : तमिलनाडु CM बनते ही एक्शन में विजय, 3 बड़े फैसलों के दस्तावेजों पर किए सिग्नेचर]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/vijay-takes-charge-as-tamilnadu-cm-signs-key-policy-documents-126051000013_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/vijay-takes-charge-as-tamilnadu-cm-signs-key-policy-documents-126051000013_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778250938-8088.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778250938-8088.jpg</image>
      <description><![CDATA[तमिलगा वेत्री कषगम (tvk) के संस्थापक विजय रविवार को मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद ही एक्शन में आ गए। उन्होंने घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने, महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष बल गठित करने और राज्यभर में मादक पदार्थ तस्करी रोधी इकाइयां ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="vijay tamilnadu" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/full/1778250938-8088.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	तमिलगा वेत्री कषगम (tvk) के संस्थापक विजय रविवार को मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद ही एक्शन में आ गए। उन्होंने घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने, महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष बल गठित करने और राज्यभर में मादक पदार्थ तस्करी रोधी इकाइयां बनाने संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/why-governor-stopped-actor-vijay-during-tamilnadu-chief-minister-oath-speech-126051000011_1.html" target="_blank">Thalapathy Vijay CM Oath : ऐसा क्या हुआ कि शपथ स्पीच के दौरान विजय को राज्यपाल ने रोका, जानिए पूरा मामला</a></strong></p>
</p>
<p>
	विजय ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यहां जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में अपने पहले संबोधन में कहा कि ‘‘वास्तविक धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय’’ के लिए प्रतिबद्ध शासन के नए युग की शुरुआत अब हो गई है। उन्होंने कहा कि उनके अलावा सत्ता का कोई दूसरा केंद्र नहीं होगा और वही सत्ता के एकमात्र केंद्र होंगे।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-founder-c-joseph-vijay-become-tamilnadu-chief-minister-126051000002_1.html" target="_blank">Tamil Nadu CM oath ceremony : तमिलनाडु के 9वें CM बने एक्टर विजय, थलपति ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ</a></strong></p>
</p>
<p>
	विजय ने सरकार गठन में उनकी पार्टी को समर्थन देने के लिए कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और वाम दलों का धन्यवाद किया। <br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Tamil Nadu has chosen.<br />
			<br />
			A new generation. A new voice. A new imagination.<br />
			<br />
			My good wishes to Thiru Vijay - may he fulfil the hopes of the people of Tamil Nadu. <a href="https://t.co/sp8FsMLBOb">pic.twitter.com/sp8FsMLBOb</a></p>
		— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) <a href="https://twitter.com/RahulGandhi/status/2053360819573006383?ref_src=twsrc%5Etfw">May 10, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>उन्होंने बच्चों का विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि टीवीके की जीत उन्हीं की वजह से हुई, क्योंकि उन्होंने अपने परिवारों को उनकी पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए राजी किया।<br />
	<br />
	<h3>
		पीएम मोदी ने दी बधाई </h3>
	<p>
		प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख सी जोसेफ विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई दी और कहा कि केंद्र सरकार लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करती रहेगी। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 10 May 2026 12:38:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 10 May 2026 13:29:37 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Thalapathy Vijay CM Oath : ऐसा क्या हुआ कि शपथ के दौरान विजय को गवर्नर ने टोका और दी हिदायत, जानिए पूरा मामला]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/why-governor-stopped-actor-vijay-during-tamilnadu-chief-minister-oath-speech-126051000011_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/why-governor-stopped-actor-vijay-during-tamilnadu-chief-minister-oath-speech-126051000011_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/10/thumb/1_1/1778395360-702.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/10/thumb/1_1/1778395360-702.jpg</image>
      <description><![CDATA[तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने रविवार सुबह 10.15 बजे तमिल में शपथ ली। इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के दौरान अचानक राज्यपाल अर्लेकर ने एक्टर विजय को रोका। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="tamilnadu cm vijay" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/10/full/1778395360-702.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने रविवार सुबह 10.15 बजे तमिल में शपथ ली। इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के दौरान अचानक राज्यपाल अर्लेकर ने एक्टर विजय को रोका। दरअसल, थलापित विजय शपथ लेते समय निर्धारित लाइनों के अलावा और बातें बोलने लगे, तब उन्हें राज्यपाल अर्लेकर ने उन्हें टोक दिया और कहा कि वही पढ़ें जो लिखकर दिया है।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-founder-c-joseph-vijay-become-tamilnadu-chief-minister-126051000002_1.html" target="_blank">Tamil Nadu CM oath ceremony : तमिलनाडु के 9वें CM बने एक्टर विजय, थलपति ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ</a></strong></p>
	विजय के साथ 9 और मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु, सेल्वी एस कीर्तना शामिल है। ये सभी TVK के विधायक हैं। सहयोगी दलों के किसी विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है।  विजय ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यहां जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में अपने पहले संबोधन में कहा कि ‘वास्तविक धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय’ के लिए प्रतिबद्ध शासन के नए युग की शुरुआत अब हो गई है। उन्होंने कहा कि उनके अलावा सत्ता का कोई दूसरा केंद्र नहीं होगा और वही सत्ता के एकमात्र केंद्र होंगे।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="hi">
			C Joseph Vijay says : मैं कांग्रेस और मेरे ब्रदर राहुल गांधी का बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करता हूं<a href="https://t.co/YjD4hxGPEJ">https://t.co/YjD4hxGPEJ</a><a href="https://twitter.com/hashtag/trendingreelsvideo?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#trendingreelsvideo</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/vijaythalapathyfans?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#vijaythalapathyfans</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/tamilnadupolitics?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#tamilnadupolitics</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/vijaythalapathy?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#vijaythalapathy</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/vijayfans?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#vijayfans</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/trending?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#trending</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/thalapathyvijay?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#thalapathyvijay</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/trendingnow?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#trendingnow</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/rahulgandhi?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#rahulgandhi</a> <a href="https://t.co/cIpxNotCfQ">pic.twitter.com/cIpxNotCfQ</a></p>
		— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) <a href="https://twitter.com/WebduniaHindi/status/2053366872146629044?ref_src=twsrc%5Etfw">May 10, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
	<p>
		विजय ने सरकार गठन में उनकी पार्टी को समर्थन देने के लिए कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और वाम दलों का धन्यवाद किया। उन्होंने बच्चों का विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि टीवीके की जीत उन्हीं की वजह से हुई, क्योंकि उन्होंने अपने परिवारों को उनकी पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए राजी किया। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 10 May 2026 12:11:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 10 May 2026 12:53:50 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Tamil Nadu CM oath ceremony : तमिलनाडु के 9वें CM बने एक्टर विजय, थलपति ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-founder-c-joseph-vijay-become-tamilnadu-chief-minister-126051000002_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-founder-c-joseph-vijay-become-tamilnadu-chief-minister-126051000002_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/10/thumb/1_1/1778388771-1703.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/10/thumb/1_1/1778388771-1703.jpg</image>
      <description><![CDATA[एक्टर विजय तमिलनाडु ने 9वें मुख्यमंत्री बन गए। विजय की दो साल पुरानी पार्टी TVK ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="796" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/10/full/1778388771-1703.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	एक्टर विजय तमिलनाडु ने 9वें मुख्यमंत्री बन गए। चेन्नई के खचाखच भरे जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल अर्लेकर ने उन्हें शपथ दिलवाई। विजय की दो साल पुरानी पार्टी TVK ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने तमिल में शपथ ली। इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद रहे। शपथ लेते समय विजय निर्धारित लाइनों के अलावा और बातें बोलने लगे, इस पर राज्यपाल अर्लेकर ने उन्हें टोक दिया और कहा कि वही पढ़ें जो लिखकर दिया है।<br />
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="923" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/10/full/1778381009-6124.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	<br />
	अब विजय के पास 121 विधायक हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 118 है। तमिलनाडु में 1967 के बाद यानी गैर-द्रविड़ दल का मुख्यमंत्री होगा। इससे पहले 1963-1967 तक कांग्रेस सरकार में एम भक्तवत्सलम मुख्यमंत्री थे। शपथ ग्रहण से जुड़ा पल-पल का अपडेट्‍स- Edited by : Sudhir Sharma</p>
<br /><blockquote class="twitter-tweet">
	<p dir="ltr" lang="hi">
		<a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> तमिलनाडु: TVK चीफ और मुख्यमंत्री-डेजिग्नेटेड विजय अपने घर से रवाना हुए।<br />
		<br />
		वे आज चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। <a href="https://t.co/BlrTHQV3xD">pic.twitter.com/BlrTHQV3xD</a></p>
	— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/2053305562046386630?ref_src=twsrc%5Etfw">May 10, 2026</a></blockquote>
<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script><h3>
	चार दिनों तक चला राजनीतिक ड्रामा</h3>
<p>
	शनिवार को विजय ने लगातार चौथे दिन राज्यपाल आर्लेकर से मुलाकात की। इससे पहले हुई बैठकों में राज्यपाल समर्थन के आंकड़ों से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए उन्हें सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला था। स्थिति तब बदली जब विजय विभिन्न दलों के समर्थन पत्रों के साथ दोबारा राजभवन पहुंचे। उनके साथ TVK के वरिष्ठ नेता केए सेंगोट्टैयन और आधव अर्जुना भी मौजूद रहे। इस सप्ताह राजनीतिक समीकरण तब पूरी तरह बदल गए जब कांग्रेस ने DMK के साथ अपना पुराना गठबंधन तोड़ते हुए TVK को समर्थन देने का फैसला किया। 51 वर्षीय विजय पिछले कई दिनों से विभिन्न दलों से लगातार बातचीत कर रहे थे और आखिरकार उन्होंने सरकार बनाने लायक समर्थन जुटा लिया।</p><p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="596" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/10/full/1778387973-8899.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="953" /></p>
</p>
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चेन्नई स्थित नेहरू स्टेडियम पहुंच गए हैं। यहां वे विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। कांग्रेस नेताओं ने उनका स्वागत किया।<p>
	चार दिनों तक चले सियासी असमंजस के बाद तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख सी जोसेफ विजय को आवश्यक समर्थन जुटाने के बाद औपचारिक रूप से सरकार बनाने का न्योता दे दिया गया है। कई दलों के समर्थन के साथ राज्य की चुनाव बाद की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय ‘थलापति’ आज सुबह 10 बजे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	TVK को किन दलों का मिला समर्थन</h3>
<p>
	विजय को अब 120 विधायकों का समर्थन हासिल है, जो 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े से अधिक है।  शनिवार को विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने अपने-अपने दो विधायकों के साथ TVK को “बिना शर्त समर्थन” देने का ऐलान किया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इससे पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पांच, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के दो और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी CPI(M) के दो विधायकों के समर्थन से TVK बहुमत के आंकड़े तक पहुंची थी। हालांकि VCK, IUML, CPI और CPI(M) ने TVK को समर्थन दिया है, लेकिन वे औपचारिक रूप से गठबंधन में शामिल नहीं हुए हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	राज्यपाल ने दिया औपचारिक न्योता</h3>
<p>
	तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शनिवार को विजय को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया। विजय ने 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए विभिन्न दलों के समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपे थे। लोक भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया, “थिरु सी जोसेफ विजय ने आज लोक भवन में तमिलनाडु के राज्यपाल से मुलाकात की और तमिलगा वेत्री कझगम विधायक दल के नेता चुने जाने की जानकारी वाला पत्र सौंपा।” बयान में आगे कहा गया कि राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पद के नामित उम्मीदवार को 13 मई 2026 तक विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने का निर्देश दिया है। </p><h3>
	ये विधायक बनेंगे विजय मंत्रिमंडल का हिस्सा</h3>
<p>
	तमिलनाडु में मेलूर से कांग्रेस विधायक विश्वनाथ विजय की कैबिनेट में मंत्री बनेंगे. हालांकि वो आज मंत्री पद की शपथ नहीं लेंगे। विजय की नई सरकार में शपथ लेने वाले नेताओं के नाम सामने आ गए हैं। विजय के साथ जो नेता मंत्री पद की शपथ लेंगे, उनमें थिरू एन. आनंद, सीटीआर निर्मल कुमार, अरुण राज और आधव अर्जुना शामिल हैं. इनके अलावा कीर्तना, राजमोहन, वेंकटरामनन और सेनगोट्टैयान भी मंत्रिमंडल का हिस्सा बनेंगे।</p>TVK चीफ सी. जोसेफ विजय चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में पहुंचे। राज्यपाल का थलपति विजय ने किया स्वागत।विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है और इसी के साथ आज से राज्य की कमान उनके हाथों में आ गई है। विजय के शपथ समारोह की शुरुआत वंदेमातरम से हुई। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ। सबसे आखिर में तमिलगान हुआ। यह पहला मौका था जब किसी सीएम के शपथ ग्रहण समारोह में पूरा वंदेमातरम गाया गया। <p>
	<p>
		29 साल की एस. कीर्तना बनीं टीवीके सरकार की सबसे युवा मंत्री। उन्होंने तमिलनाडु की शिवपासी सीट से चुनाव जीता है</p>
	<p>
		डॉ. टीके प्रभु ने मंत्री पद की शपथ ली। वे कराईकुडी सीट से विधायक प्रभु पेशे से डेंटिस्ट हैं। वे पहली बार विधायक चुने गए हैं।</p>
	<p>
		तमिल एक्टर और डायरेक्टर राजमोहन ने भी मंत्री पद की शपथ ली। वे टीवीके के प्रचार सचिव और एग्मोर सीट से नवनिर्वाचित विधायक हैं।  </p>
	<p>
		आर. निर्मलकुमार ने भी मंत्री पद की शपथ ली। वे तमिलनाडु में भाजपा सोशल मीडिया के चीफ रह चुके हैं। थिरुपरंकुंद्रम सीट से नवनिर्वाचित विधायक निर्मलकुमार कभी AIADMK का भी हिस्सा रहे।</p>
	मायलापुर से नव निर्वाचित विधायक पी. वेंकेटरामनन ने मंत्री पद की शपथ ली। वे लंबे समय से विजय के साथ हैं। 2000 में वे विजय के मैनेजर थे।</p>
<p>
	गोबीचेट्टिपालयम सीट से नव निर्वाचित विधायक केए. सेंगोट्टैयन ने भी मंत्री पद का शपथ ग्रहण किया। 9वीं बार के विधायक सेंगोट्टैयन टीवीके से पहले लंबे समय तक AIADMK से जुड़े रहे।</p>
<p>
	टीवीके के महासचिव केजी अरुण राज ने भी मंत्री पद की शपथ ली। तिरुतेंगोडे सीट से नव निर्वाचित विधायक अरुण पूर्व IRS अधिकारी हैं।</p>
टीवीके नेता और प्रमुख रणनीतिकार आधव अर्जुन ने भी मंत्री पद की शपथ ली। वे विल्लिवक्कम सीट से विधायक है और वीसीके के जनरल सेक्रेटरी रह चुके हैं।<br />
थिरू एन.आनंद ने मंत्री पद की शपथ ली। वे त्यागराज सीट से विधायक हैं, इसके साथ ही आनंद टीवीके के महासचिव और प्रवक्ता भी हैं।]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 10 May 2026 10:40:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 10 May 2026 12:11:01 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[केरल में CM को लेकर सस्पेंस बरकरार, बेनतीजा रही कांग्रेस की बैठक, किसके सिर सजेगा ताज?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/kerala-assembly-election-2026-news/congress-held-a-meeting-regarding-government-formation-in-kerala-126050900062_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/kerala-assembly-election-2026-news/congress-held-a-meeting-regarding-government-formation-in-kerala-126050900062_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/09/thumb/1_1/1778349129-6815.jpg"/>
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      <description><![CDATA[Kerala Politics News : केरल में नए मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस में सस्पेंस बरकरार है। दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर 3 घंटे चली बैठक में कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई। सभी विधायकों ने 'वन-लाइन रेजोल्यूशन' पास कर अंतिम फैसला खरगे और राहुल ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Congress held a meeting regarding government formation in Kerala" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/09/full/1778349129-6815.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
	<strong>Kerala Politics News : </strong>केरल में नए मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस में सस्पेंस बरकरार है। दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर 3 घंटे चली बैठक में कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई। सभी विधायकों ने &#39;वन-लाइन रेजोल्यूशन&#39; पास कर अंतिम फैसला खरगे और राहुल गांधी पर छोड़ दिया है। अब कांग्रेस का हाईकमान इस मुद्दे को सुलझाएगा। आलाकमान बहुत जल्दी अपना फैसला देने वाला है, जिसका सभी को इंतजार है। केरल के नए मुख्यमंत्री के संबंध में दीपा दासमुंशी ने कहा कि सभी कांग्रेस विधायकों ने एक पंक्ति के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें पार्टी आलाकमान को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	अब इस मुद्दे को सुलझाएगा कांग्रेस का हाईकमान </h3>
<p>
	केरल में नए मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस में सस्पेंस बरकरार है। दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर 3 घंटे चली बैठक में कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई। सभी विधायकों ने &#39;वन-लाइन रेजोल्यूशन&#39; पास कर अंतिम फैसला खरगे और राहुल गांधी पर छोड़ दिया है। अब कांग्रेस का हाईकमान इस मुद्दे को सुलझाएगा। आलाकमान बहुत जल्दी अपना फैसला देने वाला है, जिसका सभी को इंतजार है। केरल के नए मुख्यमंत्री के संबंध में दीपा दासमुंशी ने कहा कि सभी कांग्रेस विधायकों ने एक पंक्ति के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें पार्टी आलाकमान को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/kerala-assembly-election-2026-news/kerala-election-2026-udf-landslide-victory-ldf-major-defeat-bjp-gains-126050400057_1.html" target="_blank">केरल में UDF की ऐतिहासिक जीत, LDF का सफाया; BJP ने भी बढ़ाया जनाधार</a></strong></p>
</p>
<h3>
	पूरा केरल बेसब्री से कर रहा इंतजार </h3>
<p>
	उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी अंतिम फैसला लेंगे। नई दिल्ली में शनिवार को हुई कांग्रेस की मीटिंग में कोई फैसला नहीं हो सका है। इस लंबी बैठक के बाद भी सस्पेंस पूरी तरह से बरकरार है और पार्टी ने अभी तक मुख्यमंत्री पद के लिए किसी चेहरे का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। पूरा केरल अब इस बात का बेसब्री से इंतजार कर रहा है कि राज्य की कमान किसके हाथों में सौंपी जाएगी और यह ताज किसके सिर सजेगा।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/tamil-nadu-politics-congress-breaks-alliance-with-dmk-supports-vijay-tvk-india-bloc-crisis-126050700072_1.html" target="_blank">INDIA गठबंधन पर संकट, कांग्रेस ने DMK का छोड़ा साथ, विजय की TVK को समर्थन</a></strong></p>
</p>
<h3>
	23 मई तक का है समय...</h3>
<p>
	दीपा दासमुंशी का कहना है कि पार्टी नेतृत्व सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है और नाम की घोषणा उचित समय पर की जाएगी। उनके पास 23 मई तक का समय है, इसलिए उससे पहले कभी भी नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो सकता है। इस बीच केरल में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर पार्टी के अंदर ही घमासान तेज हो गया है और कुछ जगहों पर समर्थकों द्वारा भारी विरोध प्रदर्शन किए गए हैं।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/rahul-gandhi-bjp-vote-theft-allegation-bengal-election-results-126050600032_1.html" target="_blank">राहुल गांधी का बड़ा हमला: &#39;भाजपा का हर छठा सांसद वोट चोर&#39;, हरियाणा सरकार को बताया &#39;घुसपैठिया&#39;</a></strong></p>
</p>
<h3>
	बैठक में कांग्रेस के कई कद्दावर नेता हुए शामिल </h3>
<p>
	दीपा दासमुंशी ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए साफ और कड़ा संदेश दिया है कि ऐसी अनुशासनहीनता कांग्रेस की संस्कृति का हिस्सा बिलकुल नहीं है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में केरल कांग्रेस के कई कद्दावर नेता शामिल हुए, जिनमें वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्नितला प्रमुख हैं। केरल में सतीशन, चेन्निथला और कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल मुख्यमंत्री पद उम्मीदवार माने जा रहे हैं।<br />
	Edited By : Chetan Gour</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 09 May 2026 23:46:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 09 May 2026 23:24:55 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Kerala Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[तमिलनाडु में सस्पेंस हुआ खत्म, राज्यपाल से मिले TVK चीफ विजय, आज होगी शपथ के साथ ताजपोशी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/thalapathy-vijay-tvk-government-formation-tamil-nadu-majority-120-mlas-126050900060_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/thalapathy-vijay-tvk-government-formation-tamil-nadu-majority-120-mlas-126050900060_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/09/thumb/1_1/1778328837-7632.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/09/thumb/1_1/1778328837-7632.jpg</image>
      <description><![CDATA[Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Oath Taking Ceremony : तमिलनाडु में कई दिनों से जारी राजनीतिक अनिश्चितता शनिवार को खत्म हो गई। तमिल सुपर स्टार और तमिल वैट्री कड़गम (टीवीके) नेता विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु में सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Thalapathy vijay tvk government formation tamil nadu majority 120 mlas" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/09/full/1778328837-7632.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Thalapathy Vijay" width="1200" /></p>
	<strong>Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Oath Taking Ceremony :</strong> तमिलनाडु में कई दिनों से जारी राजनीतिक अनिश्चितता शनिवार को खत्म हो गई। तमिल सुपर स्टार और तमिल वैट्री कड़गम (टीवीके) नेता विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु में सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने 120 विधायकों के समर्थन के साथ राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को मुख्यमंत्री नियुक्त कर दिया है। टीवीके चीफ विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर रविवार सुबह 10 बजे शपथ लेंगे।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	राज्यपाल ने टीवीके का दावा किया स्‍वीकार </h3>
<p>
	तमिलनाडु में कई दिनों से जारी राजनीतिक अनिश्चितता शनिवार को खत्म हो गई। तमिल सुपर स्टार और तमिल वैट्री कड़गम (टीवीके) नेता विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु में सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने 120 विधायकों के समर्थन के साथ राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को मुख्यमंत्री नियुक्त कर दिया है। टीवीके चीफ विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर रविवार सुबह 10 बजे शपथ लेंगे।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamilnadu-tvk-government-vijay-invited-to-form-government-by-governor-126050800075_1.html" target="_blank">तमिलनाडु में TVK सरकार, विजय को राज्यपाल ने दिया सरकार बनाने का न्योता</a></strong></p>
</p>
<h3>
	वीसीके और आईयूएमएल पार्टियों का समर्थन</h3>
<p>
	तमिलनाडु लोकभवन ने इस समय की पुष्टि की है। तमिलनाडु में सरकार गठन के लिए अधिकतर विधायकों (120) का समर्थन मिलने के बाद टीवीके नेता विजय तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मिलने लोक भवन गए थे। राज्यपाल से मुलाक़ात के दौरान विजय ने वीसीके और आईयूएमएल पार्टियों का समर्थन पत्र पेश किया था। विजय ने बहुमत के आधार पर सरकार बनाने का दावा किया था। तमिलनाडु में अपनी सरकार बनाने और बहुमत का आंकड़ा साबित करने के लिए टीवीके प्रमुख विजय को काफी जद्दोजहद और कड़ी मेहनत करनी पड़ी है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	नई कैबिनेट के 9 विधायक भी मंत्री पद की ले सकते हैं शपथ</h3>
<p>
	सरकार बनाने का यह जादुई आंकड़ा जुटाने के लिए पिछले महज 4 दिनों के भीतर राज्यपाल के साथ उनकी यह लगातार चौथी अहम मुलाकात थी। शनिवार शाम को जब विजय सरकार बनाने का अंतिम दावा पेश करने के लिए राजभवन यानी लोक भवन पहुंचे, तो उनके साथ उनके इस नए गठबंधन के कई बड़े और प्रमुख नेता भी मौजूद थे। शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई के मशहूर जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस खास मौके पर केवल विजय ही अकेले शपथ नहीं लेंगे, बल्कि उनके साथ उनकी नई कैबिनेट के 9 अन्य विधायक भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण कर सकते हैं।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/tamil-nadu-politics-congress-breaks-alliance-with-dmk-supports-vijay-tvk-india-bloc-crisis-126050700072_1.html" target="_blank">INDIA गठबंधन पर संकट, कांग्रेस ने DMK का छोड़ा साथ, विजय की TVK को समर्थन</a></strong></p>
</p>
<h3>
	टीवीके समर्थक विधायकों की संख्या बढ़कर 120 हुई</h3>
<p>
	वीसीके के दो विधायकों के समर्थन से टीवीके ने तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में 118 सीटों के बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। अब टीवीके समर्थक विधायकों की संख्या 120 हो गई। विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के पास शुरुआत में बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम, यानी 108 सीटें थीं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	टीवीके को किस-किस ने दिया समर्थन </h3>
<p>
	टीवीके ने अपने पहले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद सरकार बनाने के लिए द्रमुक के सहयोगी दलों कांग्रेस, भाकपा, माकपा और वीसीके से संपर्क किया था और समर्थन मांगा था। टीवीके को समर्थन देने वाली पार्टियों- कांग्रेस के 5 तथा भाकपा, माकपा और वीसीके के दो-दो विधायक हैं। आईयूएमएल ने भी विजय को समर्थन दिया है।   </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/thalapathy-vijay-tvk-party-prashant-kishor-pk-strategy-tamilnadu-2026-126050500050_1.html" target="_blank">क्या PK की सलाह से विजय ने तमिलनाडु में बजाया जीत का डंका, TVK की जीत की क्यों 1 साल पहले की थी भविष्यवाणी</a></strong></p>
</p>
<h3>
	वीसीके का टीवीके को बिना शर्त समर्थन </h3>
<p>
	विदुथलाई चिरुथाइगल काची यानी टीवीके को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की और अभिनेता से नेता बने विजय के अब जल्द ही राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर से मिलने की उम्मीद है। टीवीके नेता अधव अर्जुन ने बताया कि वीसीके ने उनकी पार्टी को समर्थन दिया है।<br />
	Edited By : Chetan Gour</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 09 May 2026 21:07:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 10 May 2026 00:08:05 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Supreme Court पहुंचा TVK का मामला, पूर्व IPS ने दायर की याचिका, क्‍या तमिलनाडु में बनेगी विजय सरकार?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/issue-regarding-government-formation-in-tamil-nadu-has-reached-supreme-court-126050900054_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/issue-regarding-government-formation-in-tamil-nadu-has-reached-supreme-court-126050900054_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-07/28/thumb/1_1/1753711686-5891.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-07/28/thumb/1_1/1753711686-5891.jpg</image>
      <description><![CDATA[Issue of Government Formation in Tamil Nadu : उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर एक पूर्व आईपीएस अधिकारी ने शनिवार को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) द्वारा सबसे अधिक सीट जीतने के बावजूद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Issue regarding government formation in Tamil Nadu has reached Supreme Court" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-07/28/full/1753711686-5891.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="Supreme Court" /></p>
	<strong>Issue of Government Formation in Tamil Nadu : </strong>उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर एक पूर्व आईपीएस अधिकारी ने शनिवार को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) द्वारा सबसे अधिक सीट जीतने के बावजूद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा टीवीके प्रमुख सी जोसेफ विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं करने के कदम को चुनौती दी है। यह याचिका भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के सेवानिवृत्त अधिकारी एम. रामसुब्रमणि द्वारा दायर की गई है। रामसुब्रमणि ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक के रूप में कार्य किया था। </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	कौन हैं यह पूर्व आईपीएस अधिकारी?</h3>
<p>
	उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर एक पूर्व आईपीएस अधिकारी ने शनिवार को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) द्वारा सबसे अधिक सीट जीतने के बावजूद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा टीवीके प्रमुख सी जोसेफ विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं करने के कदम को चुनौती दी है। यह याचिका भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी एम. रामसुब्रमणि द्वारा दायर की गई है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-politics-tvk-dmk-admk-stalin-palaniswami-126050800021_1.html" target="_blank">तमिलनाडु में बड़ा सियासी गेम, DMK की शर्त ने बढ़ाई ADMK की उलझन, TVK को छोटे दलों से उम्मीद</a></strong></p>
</p>
<h3>
	क्‍या लिखा है याचिका में?</h3>
<p>
	रामसुब्रमणि ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक के रूप में कार्य किया था। उनकी याचिका में दलील दी गई है कि राज्यपाल का विधानसभा के बाहर बहुमत साबित करने का निर्णय असंवैधानिक है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद से अब तक 3 बार थलपति विजय ने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके बावजूद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	याचिका में दलील दी गई है कि राज्यपाल का विधानसभा के बाहर बहुमत साबित करने का निर्णय असंवैधानिक है। याचिका में कहा गया कि राज्यपाल टीवीके को सदन में अपना बहुमत साबित करने का अवसर देने से इनकार नहीं कर सकते। तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच कांग्रेस के 5 विधायक शनिवार को हैदराबाद में डेरा डाले हुए हैं।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/thalapathy-vijay-supporter-sets-himself-on-fire-in-tamil-nadu-126050900051_1.html" target="_blank">तमिलनाडु में विजय के समर्थक ने खुद को लगाई आग, सरकार गठन में देरी से हुआ नाराज, अस्पताल में कराया भर्ती</a></strong></p>
</p>
<p>
	यह कदम विधायकों की &#39;जोड़तोड़&#39; की किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए उठाया गया है। विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) को 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीट मिली हैं, जो बहुमत के लिए जरूरी 118 सदस्यों की संख्या से कम है। 5 विधायकों वाली कांग्रेस ने विजय को समर्थन देने की घोषणा की है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	टीवीके नेताओं ने सरकार गठन के लिए वीसीके प्रमुख थोल. थिरुमावलवन से औपचारिक रूप से समर्थन मांगा है। बताया जा रहा है कि पार्टी की ओर से वीसीके नेतृत्व को समर्थन का अनुरोध करते हुए एक पत्र भी भेजा गया है। चेन्नई में लगातार राजनीतिक बैठकों और बातचीत का दौर जारी है। राजनीतिक गलियारों में अब सबकी नजर वीसीके के फैसले पर टिकी हुई है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-political-crisis-vijay-tvk-vck-deputy-cm-demand-ammk-horse-trading-126050900003_1.html" target="_blank">तमिलनाडु में सस्पेंस : विजय के शपथ ग्रहण पर संकट बरकरार, लगे हार्स ट्रेडिंग के आरोप</a></strong></p>
</p>
<h3>
	विजय के समर्थक ने की आत्मदाह की कोशिश</h3>
<p>
	एक बार फिर से तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) प्रमुख विजय का शपथ ग्रहण समारोह रद्द कर दिया गया है। इस बीच विजय के एक समर्थक ने आत्मदाह करने की कोशिश की है। वह विजय के जल्द मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद कर रहे थे लेकिन सरकार गठन में लगातार हो रही देरी से बेहद भावुक और नाराज थे। खबरों के अनुसार, 40 वर्षीय इसक्कियप्पन ने खुद को आग लगा ली। वो बुरी तरह से झुलस गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/is-president-rule-possible-in-tamil-nadu-126050800024_1.html" target="_blank">क्या तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन संभव है? त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में राज्यपाल के सामने कौन से विकल्प हैं?</a></strong></p>
</p>
<p>
	यह पहली बार नहीं है जब इसक्कियप्पन ने इस तरह का कदम उठाया हो। 4 महीने पहले भी उन्होंने विजय के मुख्यमंत्री बनने की कामना करते हुए अपने चेहरे में 16 फुट लंबा &#39;वेल&#39; (भाला) आरपार किया था। उस दौरान भी उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं। सरकार गठन में हो रही देरी का असर अब समर्थकों की भावनाओं पर भी दिखाई देने लगा है।<br />
	Edited By : Chetan Gour</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:11:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 09 May 2026 18:27:29 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[विजय थलपति की सरकार बनने का रास्ता साफ, 120 विधायकों का समर्थन हासिल]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/vijay-tvk-government-formation-tamil-nadu-majority-120-mlas-126050900052_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/vijay-tvk-government-formation-tamil-nadu-majority-120-mlas-126050900052_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/09/thumb/1_1/1778328837-7632.jpg"/>
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      <description><![CDATA[तमिल सुपर स्टार और तमिल वैट्री कड़गम (टीवीके) नेता विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु में सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। उनके समर्थक विधायकों की संख्‍या बढ़कर 120 हो गई है, जबकि बहुमत के लिए 118 विधायकों की जरूरत है। अब वीसीके नामक पार्टी ने भी विजय ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Vijay Thalapathy" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/09/full/1778328837-7632.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	तमिल सुपर स्टार और तमिल वैट्री कड़गम (टीवीके) नेता विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु में सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। उनके समर्थक विधायकों की संख्‍या बढ़कर 120 हो गई है, जबकि बहुमत के लिए 118 विधायकों की जरूरत है। अब वीसीके नामक पार्टी ने भी विजय के समर्थन का ऐलान कर दिया है। </p>
<h3>
	वीसीके का बिना शर्त समर्थन </h3>
<p>
	विदुथलाई चिरुथाइगल काची यानी टीवीके को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की और अभिनेता से नेता बने विजय के अब जल्द ही राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर से मिलने की उम्मीद है। टीवीके नेता अधव अर्जुन ने बताया कि वीसीके ने उनकी पार्टी को समर्थन दिया है। वीसीके नेता वन्नी अरसु, जो पार्टी के विधायक दल के नेता भी हैं, ने राज्यपाल आर्लेकर को संबोधित पत्र में टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/bollywood-gossip/thalapathy-vijay-last-movie-jana-nayagan-release-on-june-22-126050800046_1.html" target="_blank">राजनीति के बाद अब सिनेमाघरों में धमाल मचाएंगे थलपति विजय, इस खास दिन रिलीज होगी &#39;जन नायकन&#39;!</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	वीसीके के दो विधायकों के समर्थन से टीवीके ने तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में 118 सीटों के बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। अब टीवीके समर्थक विधायकों की संख्या 120 हो गई। विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के पास शुरुआत में बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम, यानी 108 सीटें थीं। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/thalapathy-vijay-supporter-sets-himself-on-fire-in-tamil-nadu-126050900051_1.html" target="_blank">तमिलनाडु में विजय के समर्थक ने खुद को लगाई आग, सरकार गठन में देरी से हुआ नाराज, अस्पताल में कराया भर्ती</a></strong></p>
<h3>
	किस-किस ने दिया टीवीके को समर्थन </h3>
<p>
	टीवीके ने अपने पहले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद, सरकार बनाने के लिए द्रमुक के सहयोगी दलों कांग्रेस, भाकपा, माकपा और वीसीके से संपर्क किया था और समर्थन मांगा था। हालांकि विजय, जिन्होंने दो सीटों पर जीत हासिल की है, को उनमें से एक सीट छोड़नी पड़ेगी। इससे पार्टी के विधायकों की संख्या घटकर 107 रह जाएगी।<br />
	<br />
	टीवीके को समर्थन देने वाली पार्टियों - कांग्रेस के पांच तथा भाकपा, माकपा और वीसीके के दो-दो विधायक हैं। बताया जा रहा है आईयूएमएल ने भी विजय को समर्थन दिया है। इस तरह कुछ विधायकों की संख्या बढ़कर 120 हो गई है। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। <br />
	Edited by: Vrijendra Singh Jhala </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 09 May 2026 17:40:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 09 May 2026 17:45:50 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[तमिलनाडु में विजय के समर्थक ने खुद को लगाई आग, सरकार गठन में देरी से हुआ नाराज, अस्पताल में कराया भर्ती]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/thalapathy-vijay-supporter-sets-himself-on-fire-in-tamil-nadu-126050900051_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/thalapathy-vijay-supporter-sets-himself-on-fire-in-tamil-nadu-126050900051_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/thumb/1_1/1778064892-0934.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/thumb/1_1/1778064892-0934.jpg</image>
      <description><![CDATA[Tamil Nadu Politics : तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस अभी भी जारी है। एक बार फिर से तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) प्रमुख विजय का शपथ ग्रहण समारोह रद्द कर दिया गया है। इस बीच विजय के एक समर्थक ने आत्मदाह करने की कोशिश की है। वह विजय के ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Thalapathy Vijay supporter sets himself on fire in Tamil Nadu" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/full/1778064892-0934.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Thalapathy Vijay" width="1200" /></p>
	<strong>Tamil Nadu Politics : </strong>तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस अभी भी जारी है। एक बार फिर से तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) प्रमुख विजय का शपथ ग्रहण समारोह रद्द कर दिया गया है। इस बीच विजय के एक समर्थक ने आत्मदाह करने की कोशिश की है। वह विजय के जल्द मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद कर रहे थे लेकिन सरकार गठन में लगातार हो रही देरी से बेहद भावुक और नाराज थे। खबरों के अनुसार, 40 वर्षीय इसक्कियप्पन ने खुद को आग लगा ली। वो बुरी तरह से झुलस गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस अभी भी जारी है। एक बार फिर से तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) प्रमुख विजय का शपथ ग्रहण समारोह रद्द कर दिया गया है। इस बीच विजय के एक समर्थक ने आत्मदाह करने की कोशिश की है। इसक्कियप्पन विजय के जल्द मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद कर रहे थे लेकिन सरकार गठन में लगातार हो रही देरी से बेहद भावुक और नाराज थे। खबरों के अनुसार, 40 वर्षीय इसक्कियप्पन ने खुद को आग लगा ली। वो बुरी तरह से झुलस गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	इससे पहले भी समर्थक उठा चुका है यह कदम </h3>
<p>
	यह पहली बार नहीं है जब इसक्कियप्पन ने इस तरह का कदम उठाया हो। 4 महीने पहले भी उन्होंने विजय के मुख्यमंत्री बनने की कामना करते हुए अपने चेहरे में 16 फुट लंबा &#39;वेल&#39; (भाला) आरपार किया था। उस दौरान भी उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं। तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद भी सरकार गठन का रास्ता अभी तक साफ नहीं हो पाया है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamilnadu-government-formation-vijay-tvk-majority-dmk-aiadmk-alliance-news-126050800050_1.html" target="_blank">Joseph Vijay : TVK ने जुटाया बहुमत का आंकड़ा, थलपति विजय तीसरी बार राज्यपाल से मिलेंगे</a></strong></p>
</p>
<p>
	थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी है लेकिन स्पष्ट बहुमत से दूरी और अन्य दलों का खुला समर्थन नहीं मिलने के कारण सत्ता गठन पर लगातार सस्पेंस बना हुआ है। सरकार गठन में हो रही देरी का असर अब समर्थकों की भावनाओं पर भी दिखाई देने लगा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	खबरों के अनुसार, वल्लियूर में भी एक युवक ने आत्मदाह की कोशिश की जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इन घटनाओं के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। घटना के बाद पूरे राज्य में सनसनी फैल गई है। राज्य में बढ़ते तनाव और समर्थकों की भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए भाजपा नेता तमिलिसाई सौंदराराजन ने थलपति विजय से शांति की अपील करने को कहा है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-political-crisis-vijay-tvk-vck-deputy-cm-demand-ammk-horse-trading-126050900003_1.html" target="_blank">तमिलनाडु में सस्पेंस : विजय के शपथ ग्रहण पर संकट बरकरार, लगे हार्स ट्रेडिंग के आरोप</a></strong></p>
</p>
<p>
	तमिलिसाई ने चिंता जताते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में कार्यकर्ताओं की भावनात्मक प्रतिक्रियाएं खतरनाक रूप ले रही हैं। उन्होंने विजय से आग्रह किया कि वह तुरंत अपने समर्थकों और वोटर्स के नाम संदेश जारी करें और किसी भी तरह के आत्मघाती या हिंसक कदम से बचने की अपील करें।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	टीवीके नेताओं ने सरकार गठन के लिए वीसीके प्रमुख थोल. थिरुमावलवन से औपचारिक रूप से समर्थन मांगा है। बताया जा रहा है कि पार्टी की ओर से वीसीके नेतृत्व को समर्थन का अनुरोध करते हुए एक पत्र भी भेजा गया है। चेन्नई में लगातार राजनीतिक बैठकों और बातचीत का दौर जारी है। राजनीतिक गलियारों में अब सबकी नजर वीसीके के फैसले पर टिकी हुई है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	Supreme Court पहुंचा तमिलनाडु में TVK का मामला</h3>
उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर एक पूर्व आईपीएस अधिकारी ने शनिवार को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) द्वारा सबसे अधिक सीट जीतने के बावजूद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा टीवीके प्रमुख सी जोसेफ विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं करने के कदम को चुनौती दी है।
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/is-president-rule-possible-in-tamil-nadu-126050800024_1.html" target="_blank">क्या तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन संभव है? त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में राज्यपाल के सामने कौन से विकल्प हैं?</a></strong></p>
</p>
<p>
	यह याचिका भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी एम. रामसुब्रमणि द्वारा दायर की गई है। रामसुब्रमणि ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक के रूप में कार्य किया था। उनकी याचिका में दलील दी गई है कि राज्यपाल का विधानसभा के बाहर बहुमत साबित करने का निर्णय असंवैधानिक है। Edited By : Chetan Gour</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 09 May 2026 17:21:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 09 May 2026 17:44:50 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[हिमंता से शुभेंदु तक: BJP का सरकार में आने का 'पैराशूट मॉडल', बड़ा सवाल चुनावी मजबूरी या नई रणनीति?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/bjp-parachute-model-scores-a-hat-trick-in-west-bengal-with-suvendu-adhikari-becoming-the-chief-minister-126050900033_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/bjp-parachute-model-scores-a-hat-trick-in-west-bengal-with-suvendu-adhikari-becoming-the-chief-minister-126050900033_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/09/thumb/1_1/1778317643-2909.jpeg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/09/thumb/1_1/1778317643-2909.jpeg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में आज शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ राज्य में पहली बार बीजेपी सत्ता में काबिज हो गई है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार के गठन के साथ साल 2014 में केंद्र में मोदी सरकार के गठन के साथ मोदी-शाह की जोड़ी ने जिस अंग', ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">
	<p style="float: left;clear: both;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/09/full/1778317643-2909.jpeg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 10px; padding: 1px; float: left; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	पश्चिम बंगाल में आज शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ राज्य में पहली बार बीजेपी सत्ता में काबिज हो गई है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार के गठन के साथ साल 2014 में केंद्र में मोदी सरकार के गठन के साथ मोदी-शाह की जोड़ी ने जिस अंग&#39;, &#39;बंग&#39;, और &#39;कलिंग&#39; मिशन का आगाज किया था, वह अब पूरा हो गया है। बीते एक दशक में बीजेपी ने अपने विस्तार के लिए एक खास मॉडल अपनाया है,  जिसे सरकार में आने का &#39;पैराशूट मॉडल&#39; कहा जा रहा है।<br />
	 <br />
	<strong>दरअसल भारतीय राजनीति में पिछले एक दशक के दौरान बीजेपी ने सिर्फ वैचारिक विस्तार ही नहीं किया, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी एक नई रणनीति अपनाई। यह रणनीति है सत्ता में आने का ‘पैराशूट मॉडल”। पैराशूट मॉडल यानि पार्टी की वह रणनीति जिसमें दूसरे दलों के प्रभावशाली नेताओं को भाजपा में शामिल कर उन्हें बड़ी राजनीतिक भूमिका देना। यानि जिन राज्यों में भाजपा का संगठन मजबूत नहीं था वहां पर पहले दूसरे दलों के बड़े नेताओं की पैराशूट एंट्री कराई गई, फिर उनके चेहरे को आगे कर राज्य में संगठन खड़ा किया गया है और सत्ता में आने पर उन्हें मुख्यमंत्री पद से नवाजा गया है।<br />
	 </strong>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="suvendu adhkari bengal cm oath taking ceremony" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/09/full/1778307210-7717.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="suvendu adhkari bengal cm oath taking ceremony," width="1200" /></p>
	<br />
	इस कड़ी में पश्चिम बंगाल में आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले शुभेंदु अधिकारी, बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने वाले सम्राट चौधरी और असम में दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हिमंता बिस्व सरमा तीन बड़े नाम शामिल है। यह तीनों नेता भाजपा की राजनीतिक प्रयोग के बड़े उदाहरण हैं। इन नेताओं की राजनीतिक यात्रा यह दिखाती है कि भाजपा अब केवल कैडर आधारित पार्टी नहीं रह गई, बल्कि वह क्षेत्रीय सामाजिक समीकरणों और स्थानीय नेतृत्व को भी अपने विस्तार का अहम माध्यम बना रही है।<br />
	 <br />
	<strong>ममता के करीब अब बंगाल में BJP के मुख्यमंत्री-</strong>शुभेंदु अधिकारी जिनकी गिनती ममता बनर्जी के सबसे विश्वस्त नेताओं के तौर पर होती थी वह 2020 तक टीएमसी में नंबर-2 के नेता था। शुभेंदु लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस का मजबूत चेहरा रहे और नंदीग्राम आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। वहीं  शुभेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने के बीच भी एक सियासी कहानी है। 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले साल 2020 में जब टीएमसी में रणनीतिक सहयोगी के तौर पर प्रशांत किशोर और उनकी कंपनी I-PAC की एंट्री हुई तो अचानक से पार्टी में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का  कद बढ़ना शुरु हुआ, तो शुभेंदु अधिकारी ममता का साथ छोड़ भाजपा में शामिल हो गए।  <br />
	<br />
	2020 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने सीधे 2021 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम में चुनौती दी और चुनाव में उन्हें हराकर राष्ट्रीय राजनीति में सुर्खियों में आ गए। 2021 में भाजपा को वह सफलता नहीं मिली जिसे वह सत्ता में आ सके  लेकिन शुभेंदु पश्चिम बंगाल में भाजपा की राजनीति का केंद्रीय चेहरा बन गए। भाजपा ने उनके जरिए यह समझा कि बंगाल में केवल वैचारिक राजनीति से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्थानीय जनाधार वाले नेताओं की भी जरूरत है। इस बार विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ भवानीपुर में हराकर पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार की इबारत लिख दी।<br />
	 <br />
	<strong>हिमंता बिस्व सरमा बीजेपी का नया हिंदुत्व चेहरा- </strong>वहीं असम में भाजपा की दूसरी बार सत्ता में काबिज कराने वाले हिमंता बिस्व सरमा भाजपा के पैराशूट मॉडल की सबसे ब़ड़ी मिसाल माने जाते हैं। कभी कांग्रेस में तरुण गोगोई सरकार के सबसे प्रभावशाली मंत्री रहे हिमंता ने 2015 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। उस समय इसे केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का फैसला माना गया, लेकिन बाद की राजनीति ने साबित किया कि भाजपा ने पूर्वोत्तर की राजनीति को बदलने के लिए उन्हें रणनीतिक रूप से इस्तेमाल किया। हिमंता ने न केवल असम में भाजपा को मजबूत किया, बल्कि पूर्वोत्तर के कई राज्यों में पार्टी के विस्तार में केंद्रीय भूमिका निभाई। आज वे भाजपा के सबसे प्रभावशाली मुख्यमंत्रियों में गिने जाते हैं। असम विधानसभा चुनाव में भाजपा को दूसरी बार प्रचंड बहुमत से सरकार बनाकर उन्होंने एक बार मोदी-शाह के निर्णय को सही साबित कर दिया है।<br />
	 
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="samrat chaudhary cabinet expansion" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/07/full/1778136366-6879.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="samrat chaudhary cabinet expansion" width="1200" /></p>
	<br />
	<strong>2017 में पैराशूट एंट्री, अब बीजेपी के पहले &#39;सम्राट&#39;-</strong> पश्चिम बंगाल से ठीक पहले बिहार में पहली बार बीजेपी के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले सम्राट चौधरी भी भाजपा की इसी रणनीति का हिस्सा है। सम्राट चौधरी मूल रूप से राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता और नेता था और बाद में नीतीश के साथ आकर सत्ता का स्वाद चखा। वह साल 2017 में भाजपा में शामिल हुए। इसके बाद वह बिहार भाजपा के अध्यक्ष और बाद में  नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री बने। सम्राट चौधरी बीजेपी की गिनती उन मुख्यमंत्रियों के तौर पर है जो आरएसएस की पृष्ठभूमि से नहीं आते हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी ख़ुद समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। शकुनी चौधरी का नाम कुशवाहा समाज के बड़े नेताओं में शुमार है और वो ख़ुद भी विधायक और सांसद रहे वहीं सम्राट चौधरी की गिनती भी राज्य के कुशवाहा समाज के बड़े नेताओं पर होती है।<br />
	<br />
	दरअसल बिहार जैसे सामाजिक समीकरणों वाले राज्य में भाजपा को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो क्षेत्रीय जातीय राजनीति को समझते हों। सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाकर भाजपा ने ओबीसी राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की और अब वह राज्य में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर इसे मजबूत भी कर रहे है।<br />
	 <br />
	इन तीनों उदाहरणों से भाजपा की राजनीति में आए बदलाव को समझा जा सकता है। एक समय भाजपा अपने मूल संगठन और वैचारिक प्रतिबद्धता को सबसे ऊपर रखती थी। पार्टी में वर्षों काम करने वाले कार्यकर्ताओं को ही शीर्ष पद मिलते थे। लेकिन नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा ने अधिक व्यावहारिक राजनीति अपनाई। अब पार्टी चुनावी जीत को प्राथमिकता देती है और इसके लिए दूसरे दलों से प्रभावशाली नेताओं को शामिल करने में कोई हिचक नहीं दिखाती। ऐसे राज्य जहां भाजपा का संगठन कमजोर था वहां पर भाजपा ने सत्ता में आने का पैराशूट मॉडल बनाया और फिर सत्ता में काबिज हुई। भाजपा की चुनावी सफलता यह संकेत देती है कि फिलहाल यह रणनीति कारगर साबित हो रही है। भाजपा समझ चुकी है कि क्षेत्रीय नेतृत्व, जातीय समीकरण और स्थानीय राजनीतिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण हैं। हिमंता, सम्राट और शुभेंदु जैसे नेता भाजपा के लिए केवल चेहरे नहीं हैं, बल्कि वे उन सामाजिक और क्षेत्रीय समूहों तक पहुंच का माध्यम हैं जहां पार्टी पहले कमजोर मानी जाती थी।</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 09 May 2026 14:30:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 09 May 2026 14:48:15 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>विकास सिंह</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[तमिलनाडु में सस्पेंस : विजय के शपथ ग्रहण पर संकट बरकरार, लगे हार्स ट्रेडिंग के आरोप]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-political-crisis-vijay-tvk-vck-deputy-cm-demand-ammk-horse-trading-126050900003_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-political-crisis-vijay-tvk-vck-deputy-cm-demand-ammk-horse-trading-126050900003_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778219775-7985.jpg"/>
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      <description><![CDATA[तमिलनाडु में अभिनेता विजय के शपथ पर संकट अभी भी बरकरार है। उनके पास 116 विधायकों का समर्थन है और वह बहुमत के आंकड़े से महज 2 कदम दूर हैं। वीसीके के लिखित में समर्थन नहीं दिया है। एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनकरण ने हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाकर मामले को ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="vijay thalapathy need 2 mla to become CM" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/full/1778219775-7985.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="tvk chief vijay thalapathy" width="1200" /></p>
	तमिलनाडु में अभिनेता विजय के शपथ पर संकट अभी भी बरकरार है। उनके पास 116 विधायकों का समर्थन है और वह बहुमत के आंकड़े से महज 2 कदम दूर हैं। वीसीके के लिखित में समर्थन नहीं दिया है। एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनकरण ने हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाकर मामले को और पेचीदा बना दिया है। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	विजय ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा किया था। उन्होंने 118 विधायकों के समर्थन के बात कही थी लेकिन उनके पास लिखित में केवल 116 विधायकों का ही समर्थन था। वीसीके आज समर्थन को लेकर फैसला कर सकती है। कहा जा रहा है कि VCK ने समर्थन के बदले उपमुख्यमंत्री पद की मांग रखी है। हालांकि टीवीके की ओर से उन्हें शहरी विकास विभाग देने का प्रस्ताव रखा गया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	टीवीके के पास खुद 107 विधायक हैं। कांग्रेस के 5, सीपीआई और सीपीआईएम के 2-2 विधायकों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है। ऐसे में उन्हें सरकार बनाने के लिए 2 और विधायकों का समर्थन चाहिए।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	दिनकरण ने लगाया हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप</h3>
<p>
	इसी बीच एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनकरण ने राज्यपाल से मिलकर शिकायत की कि उनका एकमात्र विधायक कामराज लापता है। दिनकरण ने आशंका जताई कि टीवीके हॉर्स ट्रेडिंग यानी विधायकों की खरीद-फरोख्त कर रही है। उन्होंने कहा कि कामराज पुदुचेरी में एआईएडीएमके विधायकों के साथ थे, लेकिन अब उनका फोन बंद है और वे मिल नहीं रहे हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	IUML ने दिया बड़ा झटका</h3>
<p>
	इस बीच एक बड़ा राजनीतिक मोड़ तब आया जब IUML ने टीवीके को समर्थन देने की खबरों से इनकार कर दिया। पार्टी ने साफ कहा कि वह DMK के साथ ही बनी रहेगी। पार्टी के विधानसभा में 2 विधायक है।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 09 May 2026 08:43:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 09 May 2026 08:51:42 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[तमिलनाडु में विजय सरकार का रास्ता लगभग साफ, शपथग्रहण को लेकर अभी भी सस्पेंस क्यों]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-vijay-tamilnadu-new-chief-minister-oath-ceremony-126050800081_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-vijay-tamilnadu-new-chief-minister-oath-ceremony-126050800081_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/07/thumb/1_1/1778150030-8873.jpg"/>
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      <description><![CDATA[तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने Vijay के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। हालांकि अभी शपथ ग्रहण की तारीख का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है, क्योंकि राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar को अभी Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK) और ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="vijay" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/07/full/1778150030-8873.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="vijay" width="1200" /></p>
	तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने Vijay के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। हालांकि अभी शपथ ग्रहण की तारीख का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है, क्योंकि राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar को अभी Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK) और Indian Union Muslim League (IUML) के समर्थन पत्र का इंतजार है।अब तक लोक भवन की ओर से विजय के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।  </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/uttar-pradesh/riot-and-extortion-curbed-by-zero-tolerance-policy-under-yogi-government-126050800035_1.html" target="_blank">योगी सरकार में जीरो टॉलरेंस से दंगों और फिरौती पर लगी लगाम, सपा सरकार में हर दिन होते थे 19 दंगे और 33 अपहरण</a></strong></p>
</p>
<p>
	सूत्रों के मुताबिक  विजय ने राज्यपाल को 116 विधायकों के समर्थन हस्ताक्षर सौंपे हैं, जो बहुमत के आंकड़े 118 से दो कम हैं। टीवीके के पास खुद 107 विधायक हैं। शुक्रवार शाम विजय ने तीसरी बार तीन दिनों के भीतर राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस बीच एक बड़ा राजनीतिक मोड़ तब आया जब IUML ने टीवीके को समर्थन देने की खबरों से इनकार कर दिया। पार्टी ने साफ कहा कि वह Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) के साथ ही बनी रहेगी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	बताया जा रहा है कि टीवीके पिछले कई घंटों से VCK प्रमुख Thol Thirumavalavan से संपर्क करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। सूत्रों के अनुसार, VCK ने समर्थन के बदले उपमुख्यमंत्री पद की मांग रखी है। हालांकि टीवीके की ओर से उन्हें शहरी विकास विभाग देने का प्रस्ताव रखा गया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	वहीं, कांग्रेस, Communist Party of India (CPI) और Communist Party of India (Marxist) (CPI-M) पहले ही टीवीके को समर्थन दे चुके हैं। CPI(M) ने बिना शर्त समर्थन पत्र सौंपते हुए इसे जनादेश और राजनीतिक स्थिरता के लिए जरूरी बताया है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से भी बैकचैनल बातचीत की गई, जिससे विजय के पक्ष में समर्थन जुटाने में मदद मिली।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-new-cm-2026-suvendu-adhikari-amit-shah-announcement-126050800052_1.html" target="_blank">West Bengal New CM 2026 : शुभेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री, अमित शाह ने किया नाम का ऐलान</a></strong></p>
</p>
<p>
	234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है और टीवीके अब सरकार गठन के बेहद करीब पहुंच चुकी है। राज्यपाल कार्यालय की ओर से VCK का समर्थन पत्र मिलते ही शपथ ग्रहण समारोह की तारीख का ऐलान किया जा सकता है। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 08 May 2026 22:26:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 08 May 2026 23:16:00 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[तमिलनाडु में TVK सरकार, विजय को राज्यपाल ने दिया सरकार बनाने का न्योता]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamilnadu-tvk-government-vijay-invited-to-form-government-by-governor-126050800075_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamilnadu-tvk-government-vijay-invited-to-form-government-by-governor-126050800075_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778250938-8088.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778250938-8088.jpg</image>
      <description><![CDATA[तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) प्रमुख थलापति विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दे दिया है। कल यानी शनिवार को विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। विजय ने राज्यपाल से तीसरी बार मुलाकात कर सरकार बनाने ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="vijay tamilnadu" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/full/1778250938-8088.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) प्रमुख थलापति विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दे दिया है। कल यानी शनिवार को विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। विजय ने राज्यपाल से तीसरी बार मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/mobile-news/itel-zeno-200-india-launch-price-specifications-126050800073_1.html" target="_blank">itel zeno 200 : iPhone जैसा लुक और 120Hz डिस्प्ले, लॉन्च हुआ सस्ता स्मार्टफोन</a></strong></p>
</p>
<p>
	इससे पूर्व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम) ने तमिलनाडु में सरकार के गठन के लिए टीवीके का समर्थन किया था। टीडीपी को सीपीआई-सीपीएम और कांग्रेस के समर्थन दिए जाने के बाद सरकार बनाने के लिए 116 विधायकों का समर्थन मिल गया है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-new-chief-minister-suvendu-adhikari-political-journey-126050800063_1.html" target="_blank">Suvendu Adhikari : कांग्रेस के पार्षद से TMC में मंत्री और अब BJP से बंगाल के मुख्यमंत्री बने शुभेंदु अधिकारी</a></strong></p>
</p>
<p>
	234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीडीपी ने 108 सीटें जीती हैं चूंकि विजय, जिन्होंने दो सीटें जीती हैं, उनको एक सीट से इस्तीफा देना होगा, इसलिए टीडीपी की संख्या 107 रह जाएगी। उस समय सदन की संख्या घटकर 233 हो जाएगी, इसलिए बहुमत के लिए 117 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होगी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इससे पहले विजय और राज्यपाल आरवी अर्लेकर की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। हालांकि दोनों बार राज्यपाल ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज कर दिया था। उनका कहना था कि टीवीके प्रमुख के पास सदन में पर्याप्त समर्थन नहीं है। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 08 May 2026 20:01:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 08 May 2026 20:05:49 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Suvendu Adhikari : कांग्रेस के पार्षद से TMC में मंत्री और अब BJP से बंगाल के मुख्यमंत्री बने शुभेंदु अधिकारी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-new-chief-minister-suvendu-adhikari-political-journey-126050800063_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-new-chief-minister-suvendu-adhikari-political-journey-126050800063_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778241377-6983.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778241377-6983.jpg</image>
      <description><![CDATA[Suvendu Adhikari CM of Bengal : 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री चुना गया। कांग्रेस के पार्षद से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर अब मुख्यमंत्री पद तक पहुंच चुका है।  नंदीग्राम और ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="shuvedu adikari" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/full/1778241377-6983.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	Suvendu Adhikari CM of Bengal : 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री चुना गया। कांग्रेस के पार्षद से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर अब मुख्यमंत्री पद तक पहुंच चुका है।  नंदीग्राम और भवानीपुर जैसी अहम सीटों पर जीत के साथ उन्होंने खुद को बंगाल की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल किया। शुभेंदु की राजनीति को आक्रामक शैली, मजबूत संगठन क्षमता और जनसंपर्क आधारित नेतृत्व के लिए जाना जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	 </p>
<p>
	<span style="background-color:#ffff00;">56 साल के शुभेंदु ने टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर से हराया है। वे नंदीग्राम से भी लगातार दूसरी बार चुनाव जीते। यहां से 2021 में उन्होंने ममता को हराया था। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में 207 सीटें जीती हैं।<br />
	<br />
	1995 में कांथी नगर पालिका में पार्षद के रूप में चुनकर अपने चुनावी सफर की औपचारिक शुरुआत करने वाले शुभेंदु ने पहले ममता के साथ राजनीति की। फिर ममता से लड़कर अपनी राजनीति चमकाई और अब वे बंगाल में सीएम की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।</span></p>
<p>
	 </p>
<p>
	शुभेंदु अधिकारी की कहानी केवल राजनीतिक पद हासिल करने की नहीं, बल्कि लगातार संघर्ष, समय के साथ बदलाव और जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाने की कहानी भी है। उनका मुख्यमंत्री बनना पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है। शुभेंदु अधिकारी ने रबिन्द्र भारती यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है।  </p>
<p>
	 </p>
<p>
	शुभेंदु अधिकार पश्चिम बंगाल की राजनीति का वे चेहरा बन चुके हैं, जिन्होंने अपने लंबे राजनीतिक सफर में कई बड़े उतार-चढ़ाव देखे। कांग्रेस के एक साधारण पार्षद के रूप में राजनीति शुरू करने वाले शुभेंदु अधिकारी अब भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद तक पहुंच गए हैं। उनका यह सफर संघर्ष, रणनीतिक बदलाव और मजबूत जनाधार का उदाहरण माना जा रहा है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-new-cm-2026-suvendu-adhikari-amit-shah-announcement-126050800052_1.html" target="_blank">West Bengal New CM 2026 : शुभेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री, अमित शाह ने किया नाम का ऐलान</a></strong></p>
</p>
<h3>
	राजनीतिक परिवार से संबंध</h3>
<p>
	शुभेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पूर्वी मेदिनीपुर जिले के कर्कुली गांव में हुआ था। उनके पिता Sisir Adhikari लंबे समय तक बंगाल की राजनीति में सक्रिय रहे। राजनीतिक माहौल में पले-बढ़े शुभेंदु ने शुरुआती दिनों से ही जनसंपर्क और संगठनात्मक राजनीति में रुचि दिखाई।</p>
<h3>
	कांग्रेस से राजनीति की शुरुआत</h3>
<p>
	1995 (नगर पालिका चुनाव): शुभेन्दु अधिकारी ने मात्र 25 वर्ष की उम्र में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर कांथी (Contai) नगर पालिका से पार्षद का चुनाव जीता था। स्थानीय राजनीति में सक्रियता और जनता के बीच मजबूत पकड़ के कारण वे जल्द ही चर्चित चेहरा बन गए। पार्षद रहने के बाद, साल 2006 में वे इसी नगर पालिका के अध्यक्ष (Chairman) भी बने।</p>
<h3>
	TMC में एंट्री और तेजी से उभार</h3>
<p>
	1998 में उन्होंने अपने पिता के साथ All India Trinamool Congress (TMC) का दामन थाम लिया। इसके बाद उनकी राजनीतिक यात्रा ने तेज रफ्तार पकड़ ली।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	2006 में वे कांति दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक चुने गए और राज्य की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई। इसके बाद 2009 और 2014 में तामलुक लोकसभा सीट से सांसद बने।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ममता बनर्जी सरकार में शुभेंदु अधिकारी को परिवहन मंत्री समेत कई अहम विभागों की जिम्मेदारी मिली। सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका ने TMC को सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।<br />
	<br />
	<h3>
		लोकसभा और विधानसभा दोनों हारे</h3>
	<p>
		शुभेंदु ने 2001 के विधानसभा चुनाव और 2004 के लोकसभा चुनाव लड़े, लेकिन दोनों में हार गए। अंततः उन्हें 2006 में सफलता मिली जब उन्होंने कोंटाई विधानसभा सीट जीती। 2007 में, नंदीग्राम में कृषि भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने उन्हें टीएमसी की अग्रणी पंक्ति में ला खड़ा किया।</p>
</p>
<h3>
	BJP में शामिल होकर बदली राजनीतिक दिशा</h3>
<p>
	2020-21 में बंगाल की राजनीति ने बड़ा मोड़ लिया, जब शुभेंदु अधिकारी ने TMC छोड़कर Bharatiya Janata Party का दामन थाम लिया। 2021 विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराकर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता बने और राज्य में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरों में शामिल हो गए। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 08 May 2026 17:19:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 08 May 2026 17:58:06 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[West Bengal New CM 2026 : शुभेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री, अमित शाह ने किया नाम का ऐलान]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-new-cm-2026-suvendu-adhikari-amit-shah-announcement-126050800052_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-new-cm-2026-suvendu-adhikari-amit-shah-announcement-126050800052_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778239646-0643.jpg"/>
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      <description><![CDATA[कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बैठक शुरू हो गई है। केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के सीएम मोहन चरण मांझी मीटिंग में मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी होंगे। विधायक दल की मीटिंग ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="shuvendu adhikari" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/full/1778239646-0643.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बैठक शुरू हो गई है। केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के सीएम मोहन चरण मांझी मीटिंग में मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी होंगे। विधायक दल की मीटिंग में उनके नाम पर मुहर लग गई है।    शुभेंदु अधिकारी राज्यपाल से मिलने लोकसभवन पहुंचे और सरकार बनाने का दावा पेश किया। वे कल सुबह 11 बजे कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री की शपथ लेंगे।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamilnadu-government-formation-vijay-tvk-majority-dmk-aiadmk-alliance-news-126050800050_1.html" target="_blank">Joseph Vijay : TVK ने जुटाया बहुमत का आंकड़ा, थलपति विजय तीसरी बार राज्यपाल से मिलेंगे</a></strong><br />
		<br />
		<span style="background-color:#ffff00;">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया अभी कुछ ही देर पहले पूरी हुई है। 8 प्रस्ताव और समर्थन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से सभी में एक ही नाम है। मैं सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधायी दल के नेता के रूप में निर्वाचित घोषित करता हूं।</span><br />
		 </p>
	कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में कल 10 बजे मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में PM मोदी, शाह समेत NDA के कई बड़े नेता शामिल होंगे। सुवेंदु ने CM ममता बनर्जी को भवानीपुर से हराया है। वे नंदीग्राम से भी लगातार दूसरी बार चुनाव जीते। यहां से 2021 में उन्होंने ममता को हराया था।<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="hi">
			<a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "अभी कुछ समय पहले ही चुनाव की प्रक्रिया पूरी हुई। 8 प्रस्ताव और समर्थन मिले हैं सभी में एक ही नाम मिला है। मैं सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानमंडल दल के नेता के रूप में निर्वाचित घोषित करता हूं।" <a href="https://t.co/zkl9IWHzC6">pic.twitter.com/zkl9IWHzC6</a></p>
		— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/2052710617400938716?ref_src=twsrc%5Etfw">May 8, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>भाजपा ने विधानसभा चुनाव में 207 सीटें जीती हैं।  बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आए। BJP ने 294 में से 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। TMC सिर्फ 80 पर सिमट गई। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीट हैं, एक सीट फालता पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा। रिजल्ट 24 मई को आएगा।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-new-chief-minister-suvendu-adhikari-political-journey-126050800063_1.html" target="_blank">Suvendu Adhikari : कांग्रेस के पार्षद से TMC में मंत्री और अब BJP से बंगाल के मुख्यमंत्री बने शुभेंदु अधिकारी</a></strong></p>
	<h3>
		क्या कहा अमित शाह ने  </h3>
	<p>
		भवानीपुर की जनता का भी बहुत बहुत धन्यवाद। शुभेंदु अधिकारी ने पिछले चुनाव में नंदीग्राम में हराया था। दीदी इस बार तो सुवेंदु दा ने आपको आपके घर में हराया है। भवानीपुर की जनता का दिल से धन्यवाद। इस जीत का महत्व पार्टी के विस्तार तक सीमित नहीं है। इसका महत्व भाजपा-NDA का 21वां राज्य हुआ तक सीमित नहीं है। 2014 से जो यात्रा निकली, ये अभूतपूर्व यात्रा है। अपने पुरुषार्थ से, कौशल से जनमत को कैसे संजोया जा सकता है। इसका दुनियाभर में सबसे बेहतरीन उदाहरण है 2014 से 2026 तक भाजपा की यात्रा। पूरा देश आज इस बात के लिए हमारे पार्टी और मोदी जी को स्वीकृति देता है। 2014 में बंगाल में हमारा खाता खुला। फिर 3 हुए, अगले चुनाव में 77 हुए और आज हम यहां बैठे हैं। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 08 May 2026 16:38:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 08 May 2026 19:20:47 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Joseph Vijay : TVK ने जुटाया बहुमत का आंकड़ा, थलपति विजय तीसरी बार राज्यपाल से मिलेंगे]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamilnadu-government-formation-vijay-tvk-majority-dmk-aiadmk-alliance-news-126050800050_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamilnadu-government-formation-vijay-tvk-majority-dmk-aiadmk-alliance-news-126050800050_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778228996-2271.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778228996-2271.jpg</image>
      <description><![CDATA[अभिनेता से नेता बने थलपति विजय तमिलनाडु के राज्यपाल RV Arlekar से फिर मुलाकात करेंगे। लगातार तीन दिनों में यह उनकी तीसरी बैठक होगी। माना जा रहा है कि विजय राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को खत्म करने की कोशिश करेंगे।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;">
		<img align="" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777868838-7042.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 10px; padding: 1px; float: left; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	अभिनेता से नेता बने थलपति विजय तमिलनाडु के राज्यपाल RV Arlekar से फिर मुलाकात करेंगे। लगातार तीन दिनों में यह उनकी तीसरी बैठक होगी। माना जा रहा है कि विजय राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को खत्म करने की कोशिश करेंगे।<br />
	<br />
	<span style="background-color:#ffff00;">टीवीके नेता विजय को आखिरकार बहुमत का दावा करने के लिए जरूरी सीटों का आंकड़ा पा लिया है। इसमें कांग्रेस की 5 और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है।</span></p>
<p>
	 </p>
<p>
	 बताया जा रहा है कि विजय के पास अब सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़ा पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के पांच विधायकों के अलावा Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK), Communist Party of India (Marxist) और Communist Party of India के दो-दो विधायकों का समर्थन मिलने से टीवीके का आंकड़ा 118 सीटों के बहुमत के पार पहुंच गया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	 इससे पहले विजय और राज्यपाल आरवी अर्लेकर की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। हालांकि दोनों बार राज्यपाल ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज कर दिया था। उनका कहना था कि टीवीके प्रमुख के पास सदन में पर्याप्त समर्थन नहीं है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इसी बीच तमिल राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है। खबरें हैं कि दशकों से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रही Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) विजय को सत्ता से दूर रखने के लिए 50 साल बाद साथ आ सकती हैं। उधर, चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर टीवीके कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। CPI, CPI(M) और VCK के समर्थन की खबरों के बीच समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया।   <br />
	<br />
	तमिलनाडु में कुल सीटों की संख्या 234 है। 234 सदस्यीय विधानसभा में इस बार बंटा हुआ जनादेश आया है। तमिलनाडु चुनाव में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 118 के आंकड़े से पीछे रह गई। डीएमके को 59 सीटें मिलीं जबकि एआईएडीएमके ने 47 सीटें जीतीं। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 08 May 2026 16:20:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 08 May 2026 16:28:14 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[क्या तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन संभव है? त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में राज्यपाल के सामने कौन से विकल्प हैं?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/is-president-rule-possible-in-tamil-nadu-126050800024_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/is-president-rule-possible-in-tamil-nadu-126050800024_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778228996-2271.jpg"/>
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      <description><![CDATA[तमिलनाडु की राजनीति में हालिया घटनाक्रमों ने एक बार फिर संवैधानिक नैतिकता और राज्यपाल की शक्तियों पर बहस छेड़ दी है। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के बीच हालिया संवाद ने 'त्रिशंकु विधानसभा' ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/full/1778228996-2271.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
</p>
<br />
<strong>चेन्नई/नई दिल्ली: </strong>तमिलनाडु की राजनीति में हालिया घटनाक्रमों ने एक बार फिर संवैधानिक नैतिकता और राज्यपाल की शक्तियों पर बहस छेड़ दी है। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के बीच हालिया संवाद ने &#39;त्रिशंकु विधानसभा&#39; (Hung Assembly) की स्थिति में सरकार गठन की जटिलताओं को सतह पर ला दिया है।<br />
<br />
<strong>क्या है ताजा विवाद</strong><strong>?</strong><br />
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में राज्य विधानसभा में सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत का समर्थन स्थापित नहीं हो पाया है। राज्यपाल का यह रुख इस सिद्धांत पर आधारित है कि उनकी पहली प्राथमिकता एक &#39;स्थिर सरकार&#39; का गठन करना है। यदि कोई भी दल बहुमत साबित नहीं कर पाता, तो राज्य &#39;संवैधानिक तंत्र की विफलता&#39; की ओर बढ़ सकता है, जिससे अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-politics-tvk-dmk-admk-stalin-palaniswami-126050800021_1.html" target="_blank">तमिलनाडु में बड़ा सियासी गेम, DMK की शर्त ने बढ़ाई ADMK की उलझन, TVK को छोटे दलों से उम्मीद</a></strong><br />
<br />
<strong>त्रिशंकु विधानसभा: राज्यपाल के पास क्या हैं विकल्प?</strong><br />
जब किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तो राज्यपाल को अपनी विवेकपूर्ण शक्तियों का उपयोग करना पड़ता है। सरकारिया आयोग और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, वरीयता का क्रम इस प्रकार होना चाहिए:<br />
<br />
<strong>चुनाव-पूर्व गठबंधन: </strong>सबसे पहले उन दलों के गठबंधन को आमंत्रित करना जिन्होंने चुनाव साथ मिलकर लड़ा हो और जिनके पास सर्वाधिक सीटें हों।<br />
<br />
<strong>सबसे बड़ा अकेला दल: </strong>वह पार्टी जो सबसे अधिक सीटें जीतकर आई हो और अन्य के समर्थन से बहुमत का दावा पेश करे।<br />
<br />
<strong>चुनाव-पश्चात गठबंधन: </strong>चुनाव के बाद बना नया गठबंधन, जो सदन में बहुमत दिखाने में सक्षम हो। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-vijay-tvk-government-formation-aiadmk-revolt-congress-support-126050600011_1.html" target="_blank">तमिलनाडु में AIADMK में बवाल, विजय के समर्थन में पलानीसामी के 30 विधायक?</a></strong><br />
<br />
<strong>सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले और राज्यपाल की सीमाएं</strong><br />
भारत के न्यायिक इतिहास में दो बड़े फैसले राज्यपाल की शक्तियों और राष्ट्रपति शासन की संभावनाओं को परिभाषित करते हैं:<br />
<br />
<strong>1. एस.आर. बोम्मई मामला (1994):</strong><br />
नौ न्यायाधीशों की पीठ ने स्पष्ट किया था कि राज्यपाल को विकल्पों की तलाश करनी चाहिए। यदि सभी विकल्प विफल हो जाते हैं और कोई भी दल स्थिर सरकार बनाने में सक्षम नहीं होता, तभी इसे संवैधानिक तंत्र की विफलता माना जाएगा। अदालत ने कहा था कि राज्यपाल को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दलबदल जैसी गतिविधियों को बढ़ावा न मिले।<br />
<br />
<strong>2. रामेश्वर प्रसाद बनाम भारत संघ:</strong><br />
सात न्यायाधीशों की पीठ ने राज्यपालों द्वारा &#39;पक्षपातपूर्ण राजनीति&#39; करने के खिलाफ चेतावनी दी थी। अदालत ने पाया था कि अक्सर अनुच्छेद 356 का उपयोग केंद्र में सत्ताधारी दल के राजनीतिक हितों को साधने के लिए किया जाता रहा है।<br />
<br />
<strong>&#39;कूलिंग-ऑफ पीरियड&#39; की आवश्यकता: </strong><br />
अदालत ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी &#39;कूलिंग-ऑफ पीरियड&#39; को लेकर भी की थी। अक्सर सक्रिय राजनीति से तुरंत निकले नेताओं को राज्यपाल बना दिया जाता है, जिससे उनकी &#39;तटस्थता&#39; पर सवाल उठते हैं। रामेश्वर प्रसाद मामले में कहा गया था कि बिना किसी अंतराल के राज्यपाल नियुक्त किए गए व्यक्ति से दलीय राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की उम्मीद करना कठिन होता है।<br />
<br />
<strong>क्या तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लगेगा</strong><strong>?</strong><br />
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति शासन &#39;अंतिम विकल्प&#39; होना चाहिए। जैसा कि सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है, गठबंधन सरकारें अब अपवाद नहीं बल्कि नियम बन गई हैं। यदि सी. जोसेफ विजय या कोई अन्य समूह वैचारिक समानता के आधार पर चुनाव-पश्चात गठबंधन के माध्यम से बहुमत साबित कर देता है, तो राज्यपाल उसे सरकार बनाने से नहीं रोक सकते। तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन तभी संभव है जब राज्यपाल पूरी तरह आश्वस्त हो जाएं कि कोई भी दल या &#39;समूह&#39; (चाहे चुनाव-पूर्व हो या बाद का) एक स्थिर सरकार देने की स्थिति में नहीं है। हालांकि, राज्यपाल को &#39;उचित समय&#39; देना अनिवार्य है, लेकिन यह समय इतना लंबा भी नहीं होना चाहिए कि लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो।<br />
<br />
<strong>संपादकीय नोट: </strong>यह लेख संवैधानिक प्रावधानों, सरकारिया आयोग की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णयों के विश्लेषण पर आधारित है।<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 08 May 2026 13:05:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 08 May 2026 14:01:07 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[तमिलनाडु में बड़ा सियासी गेम, DMK की शर्त ने बढ़ाई ADMK की उलझन, TVK को छोटे दलों से उम्मीद]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-politics-tvk-dmk-admk-stalin-palaniswami-126050800021_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-politics-tvk-dmk-admk-stalin-palaniswami-126050800021_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778225749-3515.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/thumb/1_1/1778225749-3515.jpg</image>
      <description><![CDATA[तमिलनाडु में टीवीके नेता विजय को राज्यपाल 2 बार बहुमत साबित करने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने से इनकार कर चुके हैं। इधर टीवीके विधायक भी डीएमके और एडीआईएमके के बीच गठबंधन की खबरों से परेशान है। हालांकि दोनों दलों में एक मामले में ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="tamilnadu number game" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/08/full/1778225749-3515.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="tamilnadu number game" width="1200" /></p>
	</p>
	तमिलनाडु में टीवीके नेता विजय को राज्यपाल 2 बार बहुमत साबित करने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने से इनकार कर चुके हैं। इधर टीवीके विधायक भी डीएमके और एडीआईएमके के बीच गठबंधन की खबरों से परेशान है। हालांकि दोनों दलों में एक मामले में फिलहाल पेंच उलझा हुआ है। विजय की टीवीके को फिलहाल छोटे दलों से काफी उम्मीदें हैं। बहरहाल यह देखना दिलचस्प है कि तमिलनाडु के सियासी खेल में किसकी सरकार बनेगी? <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-mlas-ready-to-resign-if-dmk-aiadmk-form-government-in-tamilnadu-126050700082_1.html" target="_blank">DMK-AIADMK गठबंधन की अटकलों के बीच TVK का बड़ा ऐलान, 107 विधायक इस्तीफे को तैयार</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	नंबर गेम किसके साथ?</h3>
<p>
	गौरतलब है कि टीवीके 108 सीटों जीतकर तमिलनाडु में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। डीएमके 59 और एडीएमके 47 सीटे जीतकर दूसरे और तीसरे नंबर पर है। कांग्रेस के पास 5 और पीएमके के 4 विधायक हैं। आईयूएमएल, सीपीआई, सीपीआईएम और वीसीके के पास 2-2 विधायक हैं। भाजपा, डीएमडीके और एएमएमकेएमएनकेजेड के पास 1-1 विधायक है। कांग्रेस टीवीके को समर्थन का एलान कर चुकी है और विजय की पार्टी सत्ता से मात्र 6 सीटें दूर है। ऐसे में सभी की नजरें छोटे दलों पर है। </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या है डीएमके की शर्त?</h3>
<p>
	तमिलनाडु की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले डीएमके और एडीएमके के विजय को सत्ता में आने से रोकने के लिए एक साथ आने को तैयार है। हालांकि डीएमके ने एडीएमके से साफ कहा है कि अगर आप हमारे साथ आना चाहते हैं तो आपको भाजपा से गठबंधन तोड़ना होगा। इधर पलानीसामी की पार्टी भाजपा का साथ छोड़ने को तैयार नहीं है। </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	स्टालिन की पार्टी की मुश्किल</h3>
<p>
	तमिलनाडु की राजनीति में आईयूएमएल, सीपीआई, सीपीआईएम और वीसीके आदि दल डीएमके के साथ रहे हैं। स्टालिन की पार्टी कांग्रेस के विजय को समर्थन से खासी नाराज हैं। वह किसी भी स्थिति में अपने साथी दलों को खोना नहीं चाहती।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या है एडीएमके की मुश्किल?</h3>
<p>
	दूसरी ओर एडीएमके भी पार्टी में तोड़फोड़ की विजय की कोशिशों से नाराज हैं। वह हर हाल में टीवीके को सत्ता से दूर रखना चाहती है। डीएमके और उससे जुड़े दल भाजपा से नहीं जुड़ना चाहते इसलिए पलानीसामी की पार्टी पर भाजपा से अलग होने के लिए दबाव बना रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस खेल में किसकी जीत होती है।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gutpa </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 08 May 2026 12:39:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 08 May 2026 13:06:24 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[DMK-AIADMK गठबंधन की अटकलों के बीच TVK का बड़ा ऐलान, 107 विधायक इस्तीफे को तैयार]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-mlas-ready-to-resign-if-dmk-aiadmk-form-government-in-tamilnadu-126050700082_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-mlas-ready-to-resign-if-dmk-aiadmk-form-government-in-tamilnadu-126050700082_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/07/thumb/1_1/1778150030-8873.jpg"/>
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      <description><![CDATA[तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर गुरुवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। एआईएडीएमके (AIADMK) के महासचिव एडप्पडी के पलानीस्वामी पुडुचेरी के एक रिजॉर्ट पहुंचे, जहां सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच पार्टी के 20 से अधिक विधायकों को ठहराया गया ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="vijay" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/07/full/1778150030-8873.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="vijay" width="1200" /></p>
	तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर गुरुवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। एआईएडीएमके (AIADMK) के महासचिव एडप्पडी के पलानीस्वामी पुडुचेरी के एक रिजॉर्ट पहुंचे, जहां सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच पार्टी के 20 से अधिक विधायकों को ठहराया गया है। इस बीच तमिलगा वेट्ट्री कड़गम (TVK) ने कथित तौर पर कहा है कि यदि डीएमके और एआईएडीएमके मिलकर तमिलनाडु में सरकार बनाते हैं, तो पार्टी के सभी 107 विधायक इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-assembly-dissolved-rn-ravi-removes-mamata-banerjee-government-article-174-crisis-126050700078_1.html" target="_blank">Mamata Banerjee : ममता बनर्जी अब नहीं रहीं मुख्यमंत्री, बंगाल में बड़ा संवैधानिक फैसला, राज्यपाल RN रवि ने विधानसभा भंग की</a></strong></p>
</p>
<p>
	माना जा रहा है कि रिजॉर्ट में एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की एक अहम बैठक होने वाली है। इस बीच एआईएडीएमके और डीएमके (DMK) के बीच संभावित राजनीतिक गठबंधन की अटकलें भी तेज हो गई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने एक बार फिर टीवीके (TVK) प्रमुख विजय की सरकार बनाने की मांग को खारिज कर दिया।  राज्यपाल ने कहा कि पार्टी विधानसभा में बहुमत साबित करने में नाकाम रही है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/supreme-court-remark-on-religious-practices-and-sabarimala-case-126050700055_1.html" target="_blank">Supreme Court की बड़ी टिप्पणी, धार्मिक परंपराओं पर सवाल उठे तो टूट सकते हैं धर्म और सभ्यता , Sabarimala Temple से जुड़ा था मामला</a></strong></p>
</p>
<p>
	सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने विजय से पूछा कि टीवीके बहुमत के लिए जरूरी संख्या कैसे जुटाएगी और सरकार गठन के समर्थन में अन्य दलों के पत्र भी मांगे। साथ ही उन्होंने संभावित टीवीके सरकार की स्थिरता को लेकर भी चिंता जताई।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	 इसके जवाब में टीवीके ने कहा कि पहले भी कई ऐसे उदाहरण रहे हैं, जब स्पष्ट बहुमत नहीं होने के बावजूद सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका दिया गया था। पार्टी ने दावा किया कि वह सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	टीवीके अभी भी बहुमत के आंकड़े से पांच सीट पीछे है। ऐसे में अब सीपीआई, सीपीआई(एम) और वीसीके जैसे छोटे दलों पर सबकी नजरें टिकी हैं। इन तीनों दलों के नेताओं ने गुरुवार को डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से मुलाकात कर राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की। इस बीच डीएमके सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि यदि सीपीआई, सीपीआई(एम) या वीसीके टीवीके को समर्थन देने का फैसला करते हैं तो डीएमके उन्हें रोकने की कोशिश नहीं करेगी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके ने 108 सीटें जीतीं। वहीं डीएमके को 59, एआईएडीएमके को 47, पीएमके को 4, आईयूएमएल को 2, सीपीआई को 2 और सीपीआई(एम) को 2 सीटें मिलीं। जबकि भाजपा, डीएमडीके और एएमएमके ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की। बाद में कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया, लेकिन इसके बावजूद पार्टी सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से अभी भी पीछे है। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 07 May 2026 23:32:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 07 May 2026 23:35:15 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Mamata Banerjee : ममता बनर्जी अब नहीं रहीं मुख्यमंत्री, बंगाल में बड़ा संवैधानिक फैसला, राज्यपाल RN रवि ने विधानसभा भंग की]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-assembly-dissolved-rn-ravi-removes-mamata-banerjee-government-article-174-crisis-126050700078_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-assembly-dissolved-rn-ravi-removes-mamata-banerjee-government-article-174-crisis-126050700078_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-02/02/thumb/1_1/1770018805-7967.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-02/02/thumb/1_1/1770018805-7967.jpg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा संवैधानिक घटनाक्रम सामने आया है। बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग कर दी है, जिसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार का आधिकारिक तौर पर अंत हो गया। इसका मतलब है कि ममता बनर्जी अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="mamata banerjee attacks bjp in delhi" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-02/02/full/1770018805-7967.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा संवैधानिक घटनाक्रम सामने आया है। बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग कर दी है, जिसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार का आधिकारिक तौर पर अंत हो गया। इसका मतलब है कि ममता बनर्जी अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री नहीं रहीं। राज्यपाल ने यह फैसला भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लिया। आधिकारिक नोटिस में आरएन रवि ने कहा कि मैं 7 मई 2026 से पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करता हूं। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/uttar-pradesh/ncrb-report-up-law-and-order-dgp-says-uttar-pradesh-crime-rate-lower-than-national-average-126050700077_1.html" target="_blank">NCRB रिपोर्ट में यूपी की कानून-व्यवस्था की तारीफ, DGP बोले- राष्ट्रीय औसत से काफी कम है क्राइम रेट</a></strong></p>
</p>
<p>
	71 वर्षीय ममता बनर्जी चुनाव में हार के बावजूद मुख्यमंत्री पद छोड़ने को तैयार नहीं थीं। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 174 राज्यपाल को विधानसभा से जुड़े विशेष अधिकार देता है। इसके तहत राज्यपाल विधानसभा का सत्र समाप्त कर सकते हैं या विधानसभा को भंग कर सकते हैं। विधानसभा भंग होने की स्थिति में राज्य में नए चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू होती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	संवैधानिक एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक पांच साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद कोई भी सरकार पद पर बनी नहीं रह सकती। ऐसे में यदि मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो राज्यपाल विधानसभा भंग करने का फैसला ले सकते हैं। उन्होंने भाजपा की जीत को वोट लूट और EVM में कथित गड़बड़ी का परिणाम बताया था। ममता ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर उनकी सरकार को हटाने की साजिश की और भाजपा ने “अनैतिक तरीके” से जीत हासिल की।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	बंगाल सरकार का कार्यकाल बुधवार को समाप्त हो गया था। पूर्व केंद्रीय सचिव जौहर सरकार के मुताबिक, नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने तक राज्यपाल अंतरिम रूप से राज्य की जिम्मेदारी संभालेंगे।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/regional-hindi-news/mystery-deaths-watermelon-rat-poison-mass-suicide-investigation-126050700074_1.html" target="_blank">तरबूज से 4 लोगों की मौत मामले में 11 दिन बाद रहस्यमयी खुलासा</a></strong></p>
</p>
<p>
	चुनाव परिणाम आने के बाद से राज्य में लगातार राजनीतिक तनाव और हिंसा का माहौल बना हुआ है। तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि राज्य की 100 सीटों पर वोटों की लूट हुई, जहां उनके उम्मीदवार मतगणना की शुरुआत से बढ़त बनाए हुए थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय बल तैनात किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कई इलाकों में चुनाव बाद हिंसा भड़क उठी।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/supreme-court-remark-on-religious-practices-and-sabarimala-case-126050700055_1.html" target="_blank">Supreme Court की बड़ी टिप्पणी, धार्मिक परंपराओं पर सवाल उठे तो टूट सकते हैं धर्म और सभ्यता , Sabarimala Temple से जुड़ा था मामला</a></strong></p>
</p>
<p>
	अब तक पांच से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें भाजपा के मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ भी शामिल हैं, जिनकी मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।</p>
<p>
	 भाजपा ने अभी तक मुख्यमंत्री पद के लिए अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है। पार्टी विधायकों की बैठक शुक्रवार दोपहर 2 बजे बुलाई गई है, जिसमें विधायक दल का नेता चुना जाएगा। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 07 May 2026 21:13:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 07 May 2026 21:16:58 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या में अभिषेक बनर्जी का नाम, ममता को हराने के कारण मर्डर]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/abhishek-banerjee-s-name-has-been-mentioned-in-the-murder-case-of-suvendu-adhikari-s-pa-in-west-bengal-126050700054_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/abhishek-banerjee-s-name-has-been-mentioned-in-the-murder-case-of-suvendu-adhikari-s-pa-in-west-bengal-126050700054_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777526474-744.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777526474-744.jpg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद शुरु हुआ हिंसा का दौर अब तेज होता जा रहा है। चुनावी नतीजों के बाद शुरू हुई हिंसा ने एक बार फिर साल 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद हिंसा के दौर की यादें ताजा कर दी हैं।  बंगाल में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="mamata Banerjee and Suvendu Adhikari" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777526474-744.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="mamata Banerjee and Suvendu Adhikari" width="1376" /></p>
	<br />
	पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद शुरु हुआ हिंसा का दौर अब तेज होता जा रहा है। चुनावी नतीजों के बाद शुरू हुई हिंसा ने एक बार फिर साल 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद हिंसा के दौर की यादें ताजा कर दी हैं।बंगाल में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार और भवानीपुर से ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक  चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या किए जाने से राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/editorial-articles/west-bengal-political-violence-history-and-2026-election-aftermath-126050700040_1.html" target="_blank">बंगाल की राजनीति का ‘रक्तचरित्र, &#39;पोरिबोर्तन&#39; या प्रतिशोध?</a></strong></p>
	शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ की उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। बाइक सवार हमलावरों ने कार में सवार चंद्रनाथ रथ पर बेहद करीब से कई राउंड फायरिंग की। बताया जा रहा है कि हमलावारों ने 10 से अधिक राउंड की फायरिंग की। गंभीर रूप से घायल रथ को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वहीं घटना में चंद्रनाथ राय के ड्राइवर को भी गोली लगी है और हालत गंभीर है।<br />
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="murder of suvendu adhikari pa chandranath rath" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/07/full/1778135532-5286.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="suvendu adhikari pa chandranath rath" width="1200" /></p>
	<br />
	चंद्रनाथ रथ पूर्व वायुसेना अधिकारी रह चुके थे और बाद में भाजपा से जुड़कर शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी बन गए थे। राजनीतिक हलकों में उन्हें अधिकारी का भरोसेमंद रणनीतिक सहयोगी माना जाता था। बताया जा रहा है कि भवानीपुर में ममता बनर्जी को हारने की रणनीति तैयार करने में बड़ा रोल था। विधानसभा चुनाव के बाद जब भवानीपुर में काउंटिग को लेकर भाजपा और टीएमसी में टकराव हुआ था तब चंद्रनाथ राय ने ममता बनर्जी का विरोध किया था।<br />
	<br />
	<strong>ममता को हराने की वजह से मर्डर-</strong>वहीं अपने पीए की हत्या को शुभेंदु अधिकारी ने निर्मम और सुनियोजित हत्या बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से उनके सहयोगियों की रेकी की जा रही थी। मीडिया से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि उनके सहयोगी की बेरहमी से हत्या की गई है और इसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। शुभेंद्र अधिकारी ने कहा कि ममता को हराने की वजह से उनके पीए ही हत्या की गई है। वहीं भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के करीबी पुलिस अधिकारी की हत्या में भूमिका है। उन्होंने कहा कि यह पुलिस अधिकारी इस तरह के अपराधियों को संगठित कर ऐसी वारादात को अंजाम देते है।  <br />
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-08/07/full/1754569283-6194.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Abhishek Banerjee" width="1200" /></p>
	<br />
	बीजेपी ने इस हत्या को राजनीतिक साजिश बताते हुए राज्य सरकार पर विपक्षी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। वहीं इस घटना में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का नाम भी सामने आ रहा है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने घटना की निंदा करते हुए पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है।<br />
	<br />
	<strong>बंगाल के कई जिलों में हिंसा, 200 FIR-</strong>पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जमकर हिंसा हो रही है। हिंसा में अब तक 5 से अधिक लोगों की हत्या हो चुकी है। वहीं बंगाल में हिंसा के मामले में 200 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई है। राज्य के संदेशखाली में भी बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। न्याजत थाना क्षेत्र में ग्रामीणों को डराने-धमकाने की शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम पर हमला कर दिया गया। फायरिंग और पथराव में पुलिस तथा केंद्रीय बलों के पांच जवान घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।<br />
	<br />
	इसके अलावा हावड़ा के जगतबल्लभपुर में टीएमसी कार्यालय में आगजनी की घटना सामने आई, जबकि कोलकाता के हॉग मार्केट इलाके में भी जमकर बवाल हुआ। जलपाईगुड़ी, दक्षिण 24 परगना और आसनसोल समेत कई इलाकों में भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच झड़प, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। राज्य में जारी हिंसा के बीच पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए पिछले 48 घंटों में 500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 1100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी नतीजों के बाद पश्चिम बंगाल में जिस तरह हिंसा बढ़ रही है, वह राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 07 May 2026 17:20:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 07 May 2026 17:25:43 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>विकास सिंह</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[चेन्नई में सियासी हलचल: विजय पहुंचे राजभवन, राज्यपाल के कड़े रुख ने बढ़ाई टेंशन; बहुमत के आंकड़े पर फंसा पेंच]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-governor-meets-vijay-tvk-majority-hurdle-government-formation-126050700042_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-governor-meets-vijay-tvk-majority-hurdle-government-formation-126050700042_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/07/thumb/1_1/1778150030-8873.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/07/thumb/1_1/1778150030-8873.jpg</image>
      <description><![CDATA[तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस अभी बरकरार है। टीवीके प्रमुख विजय आज एक बार फिर राजभवन पहुंचे और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। हालांकि राज्यपाल ने साफ संकेत दे दिए हैं कि केवल सबसे बड़ी पार्टी होने भर से सरकार बनाने का ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="vijay" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/07/full/1778150030-8873.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="vijay" width="1200" /></p>
	</p>
	तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस अभी बरकरार है। टीवीके प्रमुख विजय आज एक बार फिर राजभवन पहुंचे और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। हालांकि राज्यपाल ने साफ संकेत दे दिए हैं कि केवल सबसे बड़ी पार्टी होने भर से सरकार बनाने का रास्ता आसान नहीं होगा। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-chief-vijay-oath-ceremony-postponed-governor-majority-hurdle-126050700011_1.html" target="_blank">क्यों टल गया थलापति विजय का शपथ ग्रहण समारोह, कब लेंगे सीएम पद की शपथ?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	तमिलनाडु के राज्यपाल अर्लेकर ने गुरुवार को दूसरे दिन भी टीवीके के अध्यक्ष थिरु सी. जोसेफ विजय को चेन्नई के लोक भवन में बुलाया। बैठक के दौरान, राज्यपाल ने समझाया कि सरकार बनाने के लिए तमिलनाडु विधानसभा में ज़रूरी बहुमत का समर्थन नहीं बन पाया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	राज्यपाल अपने रुख पर कायम हैं कि विजय को पहले विधानसभा में बहुमत का स्पष्ट आंकड़ा दिखाना होगा। उनका मानना है कि तमिलनाडु जैसे बड़े राज्य में अस्थिर सरकार का जोखिम नहीं लिया जा सकता, इसलिए 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन साबित करना अनिवार्य होगा।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	कहां फंसा है पेंच</h3>
<p>
	विधानसभा चुनाव के दौरान टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज की है और राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कांग्रेस के 5 विधायकों ने भी समर्थन दे दिया है। हालांकि 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का बहुमत जरूरी है और टीवीके अभी इससे 5 सीटें पीछे है। खुद विजय भी 2 सीटों से चुनाव जीते हैं, ऐसे में उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। एक विधायक स्पीकर बन जाएगा। इस तरह टीवीके के पास 111 विधायक ही रह जाएंगे। </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या मिलेगा लेफ्ट, IUML और VCK का समर्थन</h3>
<p>
	लेफ्ट, IUML और VCK ने समर्थन की बात कही है, जिनके पास 6 विधायक हैं। अगर टीवीके को कांग्रेस के साथ इन तीनों पार्टियों का समर्थन मिलता है तो उनके पास 117 विधायक हो जाएंगे। टाई होने की स्थिति में स्पीकर वोट कर सकते हैं। टीवीके को समर्थन देने के लिए VCK की मीटिंग शुक्रवार को होगी। इसी दिन लेफ्ट पार्टियां भी विजय को समर्थन देने को लेकर बैठक करेंगी।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 07 May 2026 15:54:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 07 May 2026 16:05:03 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[अग्निमित्रा पॉल को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, जानिए कौन है बंगाल भाजपा की यह कद्दावर नेता]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/agnimitra-paul-bjp-bengal-cm-candidate-profile-career-victory-126050700032_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/agnimitra-paul-bjp-bengal-cm-candidate-profile-career-victory-126050700032_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/07/thumb/1_1/1778146331-6165.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/07/thumb/1_1/1778146331-6165.jpg</image>
      <description><![CDATA[West Bengal CM candidate: बंगाल भाजपा की राजनीति में अग्निमित्रा पॉल किसी परिचय का मोहताज नहीं है। पॉल पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक उभरता हुआ और प्रभावशाली नाम हैं। वह न केवल एक सफल राजनेता हैं, बल्कि राजनीति में आने से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर की ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/07/full/1778146331-6165.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	West Bengal CM candidate: बंगाल भाजपा की राजनीति में अग्निमित्रा पॉल किसी परिचय का मोहताज नहीं है। पॉल पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक उभरता हुआ और प्रभावशाली नाम हैं। वह न केवल एक सफल राजनेता हैं, बल्कि राजनीति में आने से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर की मशहूर फैशन डिजाइनर भी रही हैं। उनका नाम मुख्‍यमंत्री पद के लिए भी चल रहा है। यदि उन्हें मुख्‍यमंत्री नहीं बनाया जाता है कि तो यह भी तय है कि उन्हें राज्य सरकार में बड़ी जिम्मेदारी जरूर मिलेगी। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	हालिया विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद, बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के साथ ही उनका नाम मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल प्रमुख चेहरों में गिना जा रहा है। हालांकि उनका मुख्‍यमंत्री बनना इतना आसान भी नहीं है, लेकिन उन्हें बड़ी जिम्मेदारी जरूर मिलने वाली है। महिला होने के नाते उन्हें डिप्टी सीएम भी बनाया जा सकता है। भाजपा ने बंगाल में 207 सीटें जीतकर इतिहास रचा है और राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। </p>
<h3>
	फाइटर नेता की छवि</h3>
<p>
	अग्निमित्रा पॉल को मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदारों में इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट से बड़े अंतर (लगभग 40,000+ वोट) से जीत दर्ज की है। इसके साथ ही उनकी छवि बंगाल के एक जुझारू नेता की रही है। हालांकि मुख्‍यमंत्री पद के नाम का ऐलान 8 मई को विधायक दल की बैठक में होगा। बंगाल में &#39;महिला अस्मिता&#39; एक बड़ा मुद्दा रहा है। ममता बनर्जी के विकल्प के रूप में भाजपा एक सशक्त महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाना चाहेगी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अग्निमित्रा पॉल को बंगाल में एक &#39;फाइटर&#39; नेता के रूप में देखा जाता है। वह सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए जानी जाती हैं। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार, उन पर लगभग 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश राजनीतिक प्रदर्शनों और &#39;गैर-कानूनी जमावड़े&#39; से संबंधित हैं। वह अक्सर ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाती रही हैं।</p>
<h3>
	फैशन डिजाइनर से राजनेता तक का सफर</h3>
<p>
	राजनीति में आने से पहले अग्निमित्रा सफल फैशन डिजाइनर थीं। उन्होंने श्रीदेवी, मिथुन चक्रवर्ती, ईशा देओल आदि बॉलीवुड सितारों के लिए कपड़े डिजाइन किए हैं। उन्होंने अपना ब्रांड &#39;Inga&#39; भी लॉन्च किया था। उन्होंने मार्च 2019 में भाजपा जॉइन की और बहुत कम समय में वह पार्टी की एक मुखर आवाज बनकर उभरीं। वह भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और बाद में पश्चिम बंगाल भाजपा की महासचिव और वर्तमान में उपाध्यक्ष पार्टी की उपाध्यक्ष हैं। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	अग्निमित्रा 2021 में पहली बार आसनसोल दक्षिण से विधायक बनीं। हालांकि, 2022 के लोकसभा उपचुनाव (आसनसोल) और 2024 के आम चुनाव (मेदिनीपुर) में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर से बड़ी जीत हासिल की है।</p>
<h3>
	बयानों को लेकर सुर्खियों में रहीं</h3>
<p>
	2026 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने बार-बार यह बयान दिया कि यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि &#39;बंगाल को बचाने की लड़ाई&#39; है। उन्होंने दावा किया कि अगर भाजपा नहीं जीती, तो बंगाल की संस्कृति और सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। अक्टूबर 2025 में बंगाल में कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा था कि ममता दीदी का दिल पत्थर बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में भी हल्की धाराएं लगाकर दोषियों को बचाने का प्रयास करती हैं। </p>
<h3>
	शिक्षा और व्यक्तिगत जीवन</h3>
<p>
	उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा आसनसोल के लोरेटो कॉन्वेंट से पूरी की। उनके पास बॉटनी (Honours) में ग्रेजुएशन की डिग्री है और उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड मैनेजमेंट साइंसेज से फैशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा किया है। उनके पास MBA की डिग्री भी है। उनका जन्म 25 नवंबर 1974 को आसनसोल के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर और अकादमिक परिवार में हुआ था। उनके पिता डॉ. अशोक रॉय आसनसोल के जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञ हैं। उनके पति पार्थ पॉल एक उद्यमी हैं।<br />
	Edited by: Vrijendra Singh Jhala </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 07 May 2026 14:56:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 07 May 2026 15:03:00 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[क्यों टल गया थलापति विजय का शपथ ग्रहण समारोह, कब लेंगे सीएम पद की शपथ?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-chief-vijay-oath-ceremony-postponed-governor-majority-hurdle-126050700011_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-chief-vijay-oath-ceremony-postponed-governor-majority-hurdle-126050700011_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/thumb/1_1/1778064892-0934.jpg"/>
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      <description><![CDATA[तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख चंद्रशेखर जोसेफ विजय का गुरुवार को होने वाला शपथ ग्रहण समारोह टल गया है। उन्होंने राज्यपाल के समझ सरकार बनाने का दावा पेश किया था हालांकि राज्यपाल बहुमत के दावे से संतुष्ट नहीं हुए और शपथ लेने से पहले विजय को ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="tamil nadu tvk chief vijay oath ceremony postponed" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/full/1778064892-0934.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="vk chief vijay oath ceremony postponed" width="1200" /></p>
	Thalapathy Vijay news in hindi : तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख चंद्रशेखर जोसेफ विजय का गुरुवार को होने वाला शपथ ग्रहण समारोह टल गया है। उन्होंने राज्यपाल के समझ सरकार बनाने का दावा पेश किया था हालांकि राज्यपाल बहुमत के दावे से संतुष्ट नहीं हुए और शपथ लेने से पहले विजय को उन्होंने बहुमत जुटाने को कहा। नंबर जुटाने में विजय को कुछ समय लग सकता है। इसके बाद ही राज्य में विजय की सरकार बनेगी।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	कहां फंसा है पेंच</h3>
<p>
	विधानसभा चुनाव के दौरान टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज की है और राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कांग्रेस के 5 विधायकों ने भी समर्थन दे दिया है। हालांकि 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का बहुमत जरूरी है और टीवीके अभी इससे 5 सीटें पीछे है। खुद विजय भी 2 सीटों से चुनाव जीते हैं, ऐसे में उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। एक विधायक स्पीकर बन जाएगा। इस तरह टीवीके के पास 111 विधायक ही रह जाएंगे। </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या मिलेगा लेफ्ट, IUML और VCK का समर्थन</h3>
<p>
	लेफ्ट, IUML और VCK ने समर्थन की बात कही है, जिनके पास 6 विधायक हैं। अगर टीवीके को कांग्रेस के साथ इन तीनों पार्टियों का समर्थन मिलता है तो उनके पास 117 विधायक हो जाएंगे। टाई होने की स्थिति में स्पीकर वोट कर सकते हैं। टीवीके को समर्थन देने के लिए VCK की मीटिंग शुक्रवार को होगी। शुक्रवार को ही लेफ्ट पार्टियां भी विजय को समर्थन देने को लेकर बैठक करेंगी।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या है डीएमके और एआईडीएमके का प्लान?</h3>
<p>
	इधर डीएमके और एआईडीएमके भी विजय को रोकने के लिए एकजुट होते नजर आ रहे हैं। दोनों के पास भले ही सरकार बनाने जितने नंबर नहीं है लेकिन अगर वे अपने सहयोगियों को रोकने में सफल रहे तो विजय के सामने मुश्किलें जरूर खड़ी कर सकते हैं।<br />
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 07 May 2026 11:08:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 07 May 2026 11:16:27 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट की हत्‍या]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/murder-of-bjp-leader-suvendu-adhikari-s-personal-assistant-in-west-bengal-126050600071_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/murder-of-bjp-leader-suvendu-adhikari-s-personal-assistant-in-west-bengal-126050600071_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/thumb/1_1/1778091717-1133.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/thumb/1_1/1778091717-1133.jpg</image>
      <description><![CDATA[Murder of Suvendu Adhikari's Personal Assistant : विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद पश्चिम बंगाल में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी बीच एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। खबरों के अनुसार, बुधवार देर शाम भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Murder of BJP Leader Suvendu Adhikari's Personal Assistant in West Bengal" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/full/1778091717-1133.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
	<strong>Murder of Suvendu Adhikari&#39;s Personal Assistant : </strong>विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद पश्चिम बंगाल में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी बीच एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। खबरों के अनुसार, बुधवार देर शाम भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) की उत्‍तर 24 परगना के मध्‍यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने कोलकाता में उन्हें निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ 4 गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	PA की गोली मारकर हत्या</h3>
<p>
	पश्चिम बंगाल में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी बीच एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। खबरों के अनुसार, बुधवार देर शाम भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) की उत्‍तर 24 परगना के मध्‍यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई।</p>
<h3>
	हमलावरों ने कार का पीछा किया </h3>
<p>
	हमलावरों ने कोलकाता में उन्हें निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ 4 गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ अपने घर जा रहे थे। हमलावरों ने उनकी कार का पीछा करने के बाद दोहारिया इलाके में ताबड़तोड़ फायरिंग की। 3 गोलियां चंद्रनाथ के सिर में लगीं।<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="hi">
			BREAKING NEWS : शुभेंदु अधिकारी के PA की उत्‍तर 24 परगना के मध्‍यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने कोलकाता में उन्हें निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ 4 गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई, पढ़ें ????????<a href="https://t.co/Ixy8NmrAPW">https://t.co/Ixy8NmrAPW</a><br />
			<br />
			<a href="https://twitter.com/hashtag/personalassistant?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#personalassistant</a> <a href="https://t.co/7e85SnPyOf">pic.twitter.com/7e85SnPyOf</a></p>
		— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) <a href="https://twitter.com/WebduniaHindi/status/2052104180303892756?ref_src=twsrc%5Etfw">May 6, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>
	पीएसओ चंद्रनाथ का ड्राइवर भी घायल</h3>
<p>
	हमले में पीएसओ चंद्रनाथ का ड्राइवर भी घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। भाजपा ने चंद्रनाथ रथ की हत्या का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाया है।</p>
<h3>
	हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस</h3>
<p>
	शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ पिछले कई वर्षों से शुभेंदु अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे और उनके बेहद करीबी माने जाते थे। हाल के चुनावों में भी वह प्रचार अभियान से जुड़े अहम काम देख रहे थे। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी हुई है।<br />
	Edited By : Chetan Gour</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 06 May 2026 23:29:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 07 May 2026 00:52:39 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर शुभेंदु ने की यह अपील, ममता के इस्‍तीफे पर क्‍या बोले BJP नेता अधिकारी?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/suvendu-adhikari-s-statement-on-post-poll-violence-in-west-bengal-126050600069_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/suvendu-adhikari-s-statement-on-post-poll-violence-in-west-bengal-126050600069_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-07/26/thumb/1_1/1753541457-8751.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-07/26/thumb/1_1/1753541457-8751.jpg</image>
      <description><![CDATA[BJP Leader Suvendu Adhikari's Appeal : भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Suvendu Adhikari's statement on post poll violence in West Bengal" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-07/26/full/1753541457-8751.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="Shubhendu Adhikari" /></p>
	<strong>BJP Leader Suvendu Adhikari&#39;s Appeal : </strong>भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	भारी तादाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो लगभग हिंसामुक्त रहे, लेकिन नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा की खबरें आई हैं। इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब कानून का राज चलेगा। अधिकारी ने हिंसा की खबरों के बीच जनता से शांति की अपील की।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/why-political-power-is-temporary-in-indian-democracy-myth-of-invincibility-126050600044_1.html" target="_blank">भारतीय लोकतंत्र में सत्ता क्यों हमेशा अस्थाई होती है और &#39;अपराजेय&#39; एक मिथक</a></strong></p>
</p>
<h3>
	जेल की सलाखों के पीछे होंगे हिंसा करने वाले </h3>
<p>
	अधिकारी ने कहा कि लोग घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें। हिंसा करने वालों का स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा। अधिकारी ने ममता बनर्जी के इस्तीफे पर कहा कि अब राज्यपाल ही फैसला लेंगे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यालयों को भाजपा कार्यालयों में बदले जाने के दावों और वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल पर शुभेंदु अधिकारी ने सीधा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसे विशिष्ट विवरण या ठोस जानकारी देता है जहां नियमों का उल्लंघन हुआ हो, तो उन दफ्तरों को वापस कर दिया जाएगा।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	CEC ज्ञानेश ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश</h3>
<p>
	इसी बीच चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने भी पश्चिम बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। CEC ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP), कोलकाता पुलिस कमिश्नर और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज के डायरेक्टर जनरल के साथ-साथ सभी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SPs) और पुलिस अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने का आदेश दिया।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/latest-cricket-news/manoj-tiwary-quits-tmc-over-rs-5-crore-ticket-demand-126050600043_1.html" target="_blank">TMC के खेल मंत्री और पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने खोली ममता की पोल, बताया टिकट का रेट</a></strong></p>
</p>
<h3>
	ममता बनर्जी का इस्‍तीफे से इनकार</h3>
<p>
	पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो चुनाव नहीं हारी हैं इसलिए इस्तीफ़ा नहीं देंगी। उन्होंने चुनाव हारने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार</h3>
<p>
	ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अब मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं, जो कभी ममता के सबसे करीबी लेफ्टिनेंट थे, अब उनके सबसे बड़े चैलेंजर बन चुके हैं। अगर 8 मई को विधायक दल की बैठक में शुभेंदु को नेता चुना जाता है तो उनके मंत्रिमंडल में क्या सामिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष और स्वपन दासगुप्ता जैसे चेहरे कैबिनेट में संतुलन बनाएंगे? क्या शुभेंदु अधिकारी सीएम बनेंगे या फिर बीजेपी किसी नए चेहरे का नाम आगे कर सबको चौंका सकती है। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/west-bengal-election-results-2026-muslim-vote-split-bjp-gains-murshidabad-malda-126050600034_1.html" target="_blank">पश्चिम बंगाल के मुस्लिम-बहुल जिलों में ममता बनर्जी की हार की कहानी, आंकड़ों की जुबानी</a></strong></p>
</p>
<h3>
	शुभेंदु अधिकारी के सामने धर्मसंकट</h3>
<p>
	पश्चिम बंगाल में जीत में अहम रोल अदा करने वाले शुभेंदु अधिकारी के सामने एक धर्मसंकट खड़ा हो गया है। भारतीय संविधान और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act, 1951) की धारा 33(7) के तहत कोई भी व्यक्ति 2 सीटों से चुनाव तो लड़ सकता है, लेकिन वह एकसाथ 2 निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही जगहों से जीत हासिल की है।<br />
	Edited By : Chetan Gour </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 06 May 2026 20:14:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 06 May 2026 21:55:30 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल के मुस्लिम-बहुल जिलों में ममता बनर्जी की हार की कहानी, आंकड़ों की जुबानी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/west-bengal-election-results-2026-muslim-vote-split-bjp-gains-murshidabad-malda-126050600034_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/west-bengal-election-results-2026-muslim-vote-split-bjp-gains-murshidabad-malda-126050600034_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/thumb/1_1/1778059120-9956.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/thumb/1_1/1778059120-9956.jpg</image>
      <description><![CDATA[Why did Mamata lose in Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय तक यह धारणा मजबूत रही कि मुस्लिम-बहुल जिले- विशेषकर मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर — तृणमूल कांग्रेस के सबसे सुरक्षित चुनावी किले हैं, लेकिन 2026 के चुनावी नतीजों ने इस ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Why did Mamata lose in Bengal" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/full/1778059120-9956.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	Why did Mamata lose in Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय तक यह धारणा मजबूत रही कि मुस्लिम-बहुल जिले- विशेषकर मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर — तृणमूल कांग्रेस के सबसे सुरक्षित चुनावी किले हैं, लेकिन 2026 के चुनावी नतीजों ने इस राजनीतिक समीकरण को पूरी तरह से बदल दिया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इस बार कहानी सिर्फ भाजपा की बढ़त की नहीं है, बल्कि उस सामाजिक और चुनावी पुनर्संरचना की है जिसमें वर्षों से एकजुट दिखने वाला अल्पसंख्यक वोट कई हिस्सों में बिखर गया। इसी बिखराव ने उन सीटों पर भी सत्ता का संतुलन बदल दिया जहां कभी तृणमूल की जीत लगभग तय मानी जाती थी।</p>
<h3>
	आंकड़े क्या कहते हैं?</h3>
<p>
	तीनों प्रमुख मुस्लिम-बहुल जिलों की कुल 43 विधानसभा सीटों पर भाजपा ने उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की। 2021 में जहां भाजपा को केवल 8 सीटें मिली थीं, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 19 तक पहुंच गई। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस 35 सीटों से घटकर 22 पर सिमट गई।</p>
<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Why did Mamata lose in Bengal" class="imgCont" height="1200" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/full/1778059165-9469.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="600" /></p>
</p>
<p>
	बाकी सीटें कांग्रेस, सीपीआई (एम) और क्षेत्रीय दलों — विशेषकर एजेयूपी — के बीच बंट गईं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार  यह बदलाव केवल भाजपा के विस्तार का परिणाम नहीं, बल्कि विपक्षी वोटों के पुनर्वितरण का संकेत है, जिसने तृणमूल के  पारंपरिक समर्थन आधार को कमजोर कर दिया।</p>
<h3>
	मुर्शिदाबाद : तृणमूल का सबसे बड़ा झटका</h3>
<p>
	मुर्शिदाबाद इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा। करीब 66 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले इस जिले में 2021 में तृणमूल ने 22 में से 20 सीटें जीती थीं। लेकिन 2026 में उसका आंकड़ा घटकर केवल 9 सीटों तक रह गया। भाजपा ने 9 सीटें जीत लीं, जबकि पिछली बार उसके खाते में केवल 2 सीटें थीं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीटें — रानीनगर, डोमकल, रेजिनगर और नवदा — बहुकोणीय मुकाबलों में बदल गईं। इन क्षेत्रों में कांग्रेस, वामदलों और छोटे क्षेत्रीय दलों ने अल्पसंख्यक वोट बैंक में सेंध लगाई। परिणामस्वरूप तृणमूल का परंपरागत बढ़त अंतर कई सीटों पर खत्म हो गया।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	एसआईआर और मतदाता सूची विवाद की भूमिका</h3>
<p>
	इस चुनाव में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने भी राजनीतिक बहस को तेज किया। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अकेले मुर्शिदाबाद में लगभग 7.8 लाख नाम हटाए गए, जिसका असर उसके परंपरागत मतदाता आधार पर पड़ा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	हालांकि चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि निर्णायक कारण केवल मतदाता सूची विवाद नहीं था। असल प्रभाव उस राजनीतिक बिखराव का था जिसमें अल्पसंख्यक वोट एक दल के पीछे संगठित होने के बजाय कई विकल्पों में विभाजित हो गया। यही विभाजन करीबी मुकाबलों में निर्णायक साबित हुआ।</p>
<h3>
	भाजपा को कैसे मिला फायदा?</h3>
<p>
	जहां एक तरफ अल्पसंख्यक वोट विभाजित हुए, वहीं दूसरी तरफ कई क्षेत्रों में हिंदू मतदाताओं का अपेक्षाकृत अधिक ध्रुवीकृत और  संगठित मतदान देखने को मिला। कांडी और नबग्राम जैसी सीटों पर भाजपा ने इसी सामाजिक-सांख्यिकीय समीकरण का लाभ उठाया। विश्लेषकों का मानना है कि  यदि मुकाबला द्विध्रुवीय रहता, तो इन सीटों पर भाजपा की राह उतनी आसान नहीं होती।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	यानी चुनाव का वास्तविक गणित दो समानांतर प्रक्रियाओं पर टिका था:</p>
<h3>
	विपक्षी वोटों का बिखराव</h3>
<ul>
	<li>
		भाजपा समर्थक वोटों का अपेक्षाकृत अधिक एकीकरण</li>
	<li>
		इसी संयोजन ने तृणमूल के पारंपरिक किलों में सेंध लगाने का रास्ता तैयार किया।</li>
	<li>
		मालदा और उत्तर दिनाजपुर में भी बदला समीकरण </li>
</ul>
<p>
	मालदा में भाजपा की सीटें 4 से बढ़कर 6 हो गईं। हालांकि कांग्रेस यहां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई, लेकिन उसके प्रभाव ने तृणमूल की जीत के अंतर को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई। इसी तरह उत्तर दिनाजपुर में भाजपा 2 से बढ़कर 4 सीटों तक पहुंची, जबकि तृणमूल 7 से घटकर 5 सीटों पर आ गई। कई सीटों पर कांग्रेस और वाम उम्मीदवारों का संयुक्त वोट शेयर उस अंतर से  अधिक था जिससे तृणमूल पराजित हुई। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि विपक्षी एकता की कमी भाजपा के लिए अप्रत्यक्ष लाभ  में बदल गई।</p>
<h3>
	तीन जिलों से आगे का असर</h3>
<p>
	यह पैटर्न केवल तीन जिलों तक सीमित नहीं रहा। दक्षिण 24 परगना और बीरभूम के कुछ हिस्सों में भी इसी तरह के संकेत  दिखाई दिए, जहाँ अल्पसंख्यक मतदाता निर्णायक भले न हों, लेकिन चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की स्थिति में हैं। इन क्षेत्रों में भी बिखरे विपक्षी वोट और भाजपा समर्थक मतों की अपेक्षाकृत एकजुटता ने राजनीतिक संतुलन बदल दिया।</p>
<h3>
	2021 और 2026 के बीच क्या बदला?</h3>
<ul>
	<li>
		2021 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने खुद को भाजपा के खिलाफ सबसे मजबूत राजनीतिक दीवार के रूप में प्रस्तुत किया था।</li>
	<li>
		एनआरसी और सीएए जैसे मुद्दों के कारण बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक मतदाता रणनीतिक रूप से तृणमूल के पीछे एकजुट हुए थे।</li>
</ul>
<p>
	लेकिन 2026 में वही रणनीतिक एकता कमजोर पड़ती दिखाई दी। अल्पसंख्यक मतदाताओं का एक हिस्सा कांग्रेस और वामपंथी  दलों की ओर लौटा, जबकि कुछ वोट छोटे क्षेत्रीय दलों में चले गए। नतीजा यह हुआ कि भाजपा को उन इलाकों में भी लाभ मिला जहां उसका संगठनात्मक आधार पहले सीमित माना जाता था।</p>
<h3>
	बंगाल की राजनीति के लिए बड़ा संकेत</h3>
<p>
	2026 के नतीजे यह बताते हैं कि पश्चिम बंगाल की राजनीति अब केवल ध्रुवीकरण या पहचान आधारित वोटिंग तक सीमित नहीं  रही। वोटों का बिखराव, स्थानीय उम्मीदवारों का प्रभाव, क्षेत्रीय असंतोष और बहुकोणीय मुकाबले अब चुनावी परिणामों को अधिक  गहराई से प्रभावित कर रहे हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	तृणमूल कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा संदेश यही है कि पुराने सामाजिक गठबंधनों पर निर्भर रहना अब पर्याप्त नहीं होगा। वहीं विपक्ष के लिए यह चुनाव एक स्पष्ट चेतावनी है — चुनावी राजनीति में अनैक्य केवल वैचारिक कमजोरी नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष राजनीतिक नुकसान में बदल सकता है।</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:42:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 06 May 2026 14:50:18 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया रिसर्च टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[क्या होगा यदि ममता मुख्‍यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी? राज्यपाल के पास हैं ये खास अधिकार]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/west-bengal–mamata-banerjee–resignation–crisis–2026–governor-126050600028_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/west-bengal–mamata-banerjee–resignation–crisis–2026–governor-126050600028_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/thumb/1_1/1778055800-9336.jpg"/>
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      <description><![CDATA[Mamata Banerjee Resignation Controversy: स्वतंत्र भारत में यह पहला अवसर है, जब किसी मुख्‍यमंत्री ने चुनाव हारने के बाद कहा है कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगी। दरअसल, पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने यह घोषणा (मैं इस्तीफा ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Mamata Banerjee Resignation Controversy" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/full/1778055800-9336.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	Mamata Banerjee Resignation Controversy: स्वतंत्र भारत में यह पहला अवसर है, जब किसी मुख्‍यमंत्री ने चुनाव हारने के बाद कहा है कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगी। दरअसल, पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने यह घोषणा (मैं इस्तीफा नहीं दूंगी) करके एक लोकतांत्रिक संकट खड़ा कर दिया है। हालांकि इसमें भी कोई दोराय नहीं कि उन्हें पद छोड़ना ही होगा क्योंकि वे चुनाव हार चुकी हैं और विधानसभा में उनके पास बहुमत का आंकड़ा भी नहीं है। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है और राज्य में नई सरकार का शपथ समारोह 9 मई को होगा। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भाजपा के साथ मिलकर धांधली करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इंकार किया है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल गूंज रहा है कि यदि मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देती हैं तो ऐसी स्थिति में क्या होगा? </p>
<h3>
	क्या कर सकते हैं राज्यपाल?</h3>
<p>
	संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं और मंत्रिपरिषद राज्यपाल के &#39;प्रसादपर्यंत&#39; पद पर बनी रहती है। यदि चुनाव हारने के बाद बहुमत वाली पार्टी सरकार बनाने का दावा पेश करती है, तो राज्यपाल निवर्तमान मुख्यमंत्री को इस्तीफा देने के लिए कह सकते हैं। अगर वे इनकार करती हैं, तो राज्यपाल उन्हें बर्खास्त करने का संवैधानिक अधिकार रखते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	राज्यपाल चुनाव जीतने वाली पार्टी के नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त कर सकते हैं और शपथ दिला सकते हैं। विधानसभा का कार्यकाल निश्चित होता है। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होते ही सरकार का कानूनी अस्तित्व स्वतः ही संकट में आ जाता है। यदि मुख्यमंत्री बहुमत खो चुकी हैं, तो वे सदन का विश्वास खो चुकी मानी जाती हैं।</p>
<h3>
	राष्ट्रपति शासन भी संभव</h3>
<p>
	यदि कोई तकनीकी पेंच फंसता है, तो राज्यपाल विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर फ्लोर टेस्ट का आदेश दे सकते हैं। अगर ममता बनर्जी सदन में बहुमत साबित नहीं कर पाती हैं, तो उन्हें पद छोड़ना ही होगा। आमतौर पर, जब एक मुख्यमंत्री हार जाता है, तो वह इस्तीफा देता है और राज्यपाल उसे नया मुख्यमंत्री चुने जाने तक &#39;कार्यवाहक मुख्यमंत्री&#39; के रूप में बने रहने को कहते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	यदि मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पूरी तरह इनकार करते हैं, तो राज्यपाल राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजकर बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर सकते हैं। इस गतिरोध के समाधान के लिए मामला अदालत में जा सकता है, जहां संविधान के अनुसार अंतिम निर्णय लिया जाता है।</p>
<h3>
	क्या कहते हैं विशेषज्ञ?</h3>
<p>
	पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने ‘द टेलीग्राफ ऑनलाइन’ को बताया कि ऐसी दुर्लभ स्थिति में राज्यपाल मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांग सकते हैं और यदि वे नहीं मानतीं, तो राज्यपाल अनुच्छेद 356 के तहत राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं। इस स्थिति में राष्ट्रपति शासन सबसे संभावित विकल्प है, चाहे फिर वह एक दिन के लिए ही क्यों न हो। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील फर्नांडीस कहते हैं कि इस्तीफे का विरोध करके वे केवल संवैधानिक अराजकता को बढ़ावा देंगी। कलकत्ता हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता जयंत नारायण चटर्जी ने कहा कि आजादी के बाद से ऐसा कभी नहीं हुआ। किसी मुख्यमंत्री ने पद छोड़ने से इनकार नहीं किया। संविधान कहता है कि कोई भी मुख्यमंत्री तभी तक पद पर बना रह सकता है, जब तक विधानसभा का विश्वास प्राप्त हो।</p>
<p>
	Edited by: Vrijendra Singh Jhala </p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 06 May 2026 13:50:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 06 May 2026 13:54:11 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बंगाल में किसके नाम की पर्ची खोलेंगे अमित शाह? दो महिला नेता भी मुख्‍यमंत्री पद की दौड़ में]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/west-bengal-bjp-chief-minister-suvendu-adhikari-agnimitra-paul-amit-shah-126050600023_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/west-bengal-bjp-chief-minister-suvendu-adhikari-agnimitra-paul-amit-shah-126050600023_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/thumb/1_1/1778054681-4035.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/thumb/1_1/1778054681-4035.jpg</image>
      <description><![CDATA[West Bengal BJP Chief Minister: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त पारा सातवें आसमान पर है। भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। 9 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तो जोरों पर हैं, लेकिन मुख्‍यमंत्री के नाम की घोषणा अब तक ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;clear: both;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/06/full/1778054681-4035.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 10px; padding: 1px; float: left; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	West Bengal BJP Chief Minister: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त पारा सातवें आसमान पर है। भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। 9 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तो जोरों पर हैं, लेकिन मुख्‍यमंत्री के नाम की घोषणा अब तक नहीं हुई है। सत्ता के गलियारों में एक ही सवाल गूंज रहा है कि आखिर बंगाल का मुख्‍यमंत्री कौन होगा? हालांकि शुभेन्दु अधिकारी का मुख्‍यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	हालांकि मुख्‍यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे शुभेंदु अधिकारी का नाम चल रहा है, लेकिन भाजपा की चौंकाने वाली आदत ऐन मौके पर किसी नई नाम को भी सामने ला सकती है। चूंकि 15 साल से बंगाल में ममता बनर्जी मुख्‍यमंत्री रही हैं, ऐसे में भाजपा किसी महिला चेहरे को भी इस पद के लिए आगे कर सकती है। फिलहाल दो चेहरे ही प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं, जिन्हें भाजपा मुख्‍यमंत्री बना सकती है। </p>
<h3>
	ये दो नाम चर्चा में</h3>
<p>
	<strong>अग्निमित्रा पॉल : </strong>कभी मशहूर फैशन डिजाइनर रहीं अग्निमित्रा पॉल ने विधानसभा चुनाव में तृणमूल के दिग्गज नेता को धूल चटाई है। आसनसोल दक्षिण से 40 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज करने वाली पॉल फिलहाल बंगाल भाजपा की उपाध्यक्ष हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या उनका ग्लैमर और राजनीतिक कौशल उन्हें सीएम की कुर्सी दिलाएगा?</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>रूपा गांगुली : </strong>हिन्दी के लोकप्रिय टीवी सीरियल महाभारत की लोकप्रिय &#39;द्रौपदी&#39; रूपा गांगुली ने इस बार सोनारपुर दक्षिण में अपना पराक्रम दिखाया है। 10 साल से भाजपा के साथ जुड़ी रूपा गांगुली राज्यसभा का अनुभव भी रखती हैं। उनकी बेबाकी और लोकप्रियता उन्हें इस रेस का &#39;डार्क हॉर्स&#39; बनाती है।</p>
<h3>
	शुभेन्दु अधिकारी का नाम सबसे आगे</h3>
<p>
	भले ही महिलाओं के नाम की चर्चा हो, लेकिन शुभेन्दु अधिकारी का नाम इस के लिए सबसे आगे है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते स्वाभाविक रूप से इस पद के लिए उनका दावा सबसे मजबूत है। इतना ही नहीं उन्होंने पिछले चुनाव (2021) में नंदीग्राम सीट पर तत्कालीन मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी को मात दी थी, वहीं 2026 के चुनाव में एक बार फिर ममता को भवानीपुर सीट पर शिकस्त दी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	खास बात यह है कि अधिकारी किसी समय ममता बनर्जी के ही प्रमुख सिपहसालार रहे हैं। वर्तमान में उन्हें केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह का भी करीबी माना जाता है। इनके अलावा शमिक भट्टाचार्य और दिलीप घोष के नाम भी इस मुख्यमंत्री पद के लिए चर्चा में हैं। बड़ा सवाल यह है कि अमित शाह मुख्‍यमंत्री पद के लिए किस नाम की पर्ची खोलेंगे? </p>
<p>
	Edited by: Vrijendra Singh Jhala </p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 06 May 2026 13:18:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 06 May 2026 13:35:41 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल में SIR बना ममता की हार और भाजपा की प्रचंड जीत का गेमचेंजर?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/has-sir-become-the-game-changer-in-west-bengal-for-mamata-defeat-and-bjp-massive-victory-126050600015_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/has-sir-become-the-game-changer-in-west-bengal-for-mamata-defeat-and-bjp-massive-victory-126050600015_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777515808-6839.jpg"/>
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      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद एक फिर चुनाव आयोग के द्वारा कराए SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर बहस तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण के लिए चलाए गए  SIR ने ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="west bengal exit poll result" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777515808-6839.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="west bengal exit poll result" width="1376" /></p>
	<br />
	पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद एक फिर चुनाव आयोग के द्वारा कराए SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर बहस तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण के लिए चलाए गए  SIR ने बंगाल की पूरी चुनावी तस्वीर बदल दी।<br />
	<br />
	वहीं राहुल गांधी ने एक बार वोट चोरी का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने लिखा कि वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 BJP सांसदों में से, मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं- क्या उन्हें BJP की भाषा में “घुसपैठिए” कहें? और हरियाणा? वहाँ तो पूरी सरकार ही “घुसपैठिया” है। जो संस्थाएँ अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं- वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएँ, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।<br />
	 <br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="hi">
			वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार।<br />
			<br />
			लोकसभा के 240 BJP सांसदों में से, मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं - क्या उन्हें BJP की भाषा में “घुसपैठिए” कहें?<br />
			<br />
			और हरियाणा? वहाँ तो पूरी सरकार ही “घुसपैठिया” है।<br />
			<br />
			जो संस्थाएँ अपनी जेब में…</p>
		— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) <a href="https://twitter.com/RahulGandhi/status/2051868159343534572?ref_src=twsrc%5Etfw">May 6, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>पश्चिम बंगाल में SIR बना गेमचेंजर?-बंगाल चुनाव में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच वोटों का गणित SIR के कारण उलझ गया है। विधानसभा चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 46 प्रतिशत रहा, जबकि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस 41 प्रतिशत रहा। दोनों ही पार्टियों के बीच वोट शेयर में 5 फीसदी के अंतर रहा है। लेकिन 5 प्रतिशत अधिक वोट हासिल कर भाजपा ने 207 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया,जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में 91 लाख वोटर्स के नाम SIR के तहत हटाए गए । वहीं फॉर्म 7 (वोट हटाने) और फॉर्म 6 (नए वोट जोड़ने) की प्रक्रिया के बाद करीब 30 लाख वोटों का अंतर भाजपा और टीएमसी के बीच हार-जीत का मुख्य कारण माना जा रहा है।<br />
	 <br />
	पश्चिम बंगाल में SIR यानी मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान, जिसका उद्देश्य फर्जी, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना था। राज्य में करीब 91 लाख नाम हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग 12 प्रतिशत है।विपक्षी दलों और कई विशेषज्ञों का तर्क है कि जिन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए, वहां चुनावी नतीजे पूरी तरह बदल गए। पश्चिम बंगाल में 25 ऐसी सीटें हैं जहां भाजपा की जीत का अंतर उन मतदाताओं की संख्या से कम है जिन्हें अयोग्य घोषित कर वोटर लिस्ट हटा दिया गया था। वहीं चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 128 सीटें 30 हजार से कम मार्जिन से बीजेपी ने जीतीं, जबकि एसआईआर में 30 हजार वोटर हर सीट पर कम हुए।<br />
	 <br />
	पश्चिम बंगाल की  कुल 293 सीटों में से 176 पर जीत का अंतर 30 हजार से कम और 117 सीटों पर 30 हजार से अधिक रहा। वहीं अगर वोट प्रतिशत देखा जाए  तो भाजपा ने 62 प्रतिशत सीटें 30 हजार से कम मार्जिन पर जीतीं। वहीं टीएमसी 44 सीटों पर जीत का मार्जिन 30 हजार से कम और 36 सीटों पर 30 हजार से अधिक रहा है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक विधानसभा चुनाव में भाजपा को तृणमूल कांग्रेस के मुकाबले 32 लाख वोट ज्यादा मिले। यानि भाजपा को बंगाल में कुल 2 करोड़ 92 लाख 24 हजार 804 और तृणमूल को 2 करोड़ 60 लाख13 हजार 377 वोट मिले यानी कुल वोट का अंतर 32 लाख 11 हजार 427 रहा। 293 सीटों के हिसाब से औसत निकालें तो प्रति सीट भाजपा को 10,960 वोट ज्यादा। भवानीपुर से ममता बनर्जी भाजपा के के शुभेंदु अधिकारी से 15,105 वोटों से चुनाव हार गईं। इस सीट पर भी हटाए गए वोटरों की संख्या जीत के अंतर से अधिक बताई जा रही है। वहीं अब चुनाव नतीजों के बाद तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया के जरिए उनके मतदाताओं शेषकर अल्पसंख्यक समुदाय के नाम काटकर भाजपा को फायदा पहुँचाया गया।<br />
	 </p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 06 May 2026 12:07:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 06 May 2026 12:31:25 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>विकास सिंह</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[तमिलनाडु में AIADMK में बवाल, विजय के समर्थन में पलानीसामी के 30 विधायक?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-vijay-tvk-government-formation-aiadmk-revolt-congress-support-126050600011_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-vijay-tvk-government-formation-aiadmk-revolt-congress-support-126050600011_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777868838-7042.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777868838-7042.jpg</image>
      <description><![CDATA[तमिलनाडु में थलापति विजय की टीवीके पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। कांग्रेस और अन्य छोटे दलों के समर्थन से पार्टी राज्य में सरकार बनाने के करीब है। इस बीच अन्नाद्रमुक में उस समय बवाल मच गया जब उसके करीब 30 विधायकों ने विजय की टीवीके को ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="tvk chief vijay thalapathy magic in tamilnadu " class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777868838-7042.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="tvk chief vijay thalapathy" width="1200" /></p>
	तमिलनाडु में थलापति विजय की टीवीके पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। कांग्रेस और अन्य छोटे दलों के समर्थन से पार्टी राज्य में सरकार बनाने के करीब है। इस बीच अन्नाद्रमुक में उस समय बवाल मच गया जब उसके करीब 30 विधायकों ने विजय की टीवीके को समर्थन देने की मांग कर दी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	AIADMK के कुछ विधायकों ने पार्टी महासचिव एडप्पाडी पालनिस्वामी से टीवीके को बाहर से समर्थन देने की अपील की है। अन्नाद्रमुक में बवाल के बीच आज चेन्नई में होने वाली पार्टी विधायक दल की बैठक को स्थगित कर दिया गया है। CV षणमुगम बागी विधायकों का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके घर पर कुछ देर में AIADMK MLA पहुंच सकते हैं। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	अन्नाद्रमुक ने राज्य में भाजपा के समर्थन से चुनाव लड़ा था। हालांकि पार्टी इस बार भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में विफल रही। ऐसे में पलानीसामी पर टीवीके सरकार का समर्थन करने का दबाव बढ़ रहा है। विजय पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे भाजपा का समर्थन नहीं लेंगे। </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	आज सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे विजय थलापति</h3>
<p>
	टीवीके चीफ थलापति विजय आज राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। कहा जा रहा है कि TNCC दफ्तर में अब से कुछ देर में मीटिंग होगी। इसके बाद कांग्रेस के 5 MLA विजय से मिलकर समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को भेजेंगे। हालांकि डीएमके कांग्रेस के TVK को समर्थन देने से बहुत नाराज है। UML के 2 विधायकों ने डीएमके गठबंधन के साथ ही रहने का फैसला किया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि तमिलनाडु में टीवीके को 108 सीटें मिलीं, वहीं डीएमके को 59 सीटें और एआईडीएमके को 47 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने 5 सीटें और PMK ने 4 सीटें हासिल की हैं। ऐसा माना जा रहा है कि विजय कांग्रेस और पीएमके के समर्थन से सरकार बना लेंगे।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta </p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 06 May 2026 11:11:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 06 May 2026 11:24:54 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Thalapathy Vijay : तमिलनाडु में TVK की ऐतिहासिक जीत के बाद सरकार गठन की तैयारी, विजय जल्द ले सकते हैं मुख्यमंत्री पद की शपथ]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/vijay-tvk-government-formation-tamilnadu-election-results-coalition-cm-oath-126050500062_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/vijay-tvk-government-formation-tamilnadu-election-results-coalition-cm-oath-126050500062_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777888858-8095.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777888858-8095.jpg</image>
      <description><![CDATA[तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में शानदार राजनीतिक शुरुआत करते हुए 234 सदस्यीय सदन में 108 सीटें जीतने के एक दिन बाद, TVK प्रमुख Vijay ने मंगलवार को चेन्नई स्थित अपने पट्टिनमपक्कम आवास पर नव-निर्वाचित विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक में मंत्रिमंडल गठन को ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777888858-8095.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में शानदार राजनीतिक शुरुआत करते हुए 234 सदस्यीय सदन में 108 सीटें जीतने के एक दिन बाद, TVK प्रमुख Vijay ने मंगलवार को चेन्नई स्थित अपने पट्टिनमपक्कम आवास पर नव-निर्वाचित विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक में मंत्रिमंडल गठन को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। सोमवार को आए नतीजों में TVK ने बड़ा उलटफेर करते हुए एमके स्टालिन की अगुवाई वाली DMK को हराया और AIADMK को तीसरे स्थान पर धकेल दिया। करीब छह दशक में यह पहला मौका है जब तमिलनाडु की राजनीति में द्रविड़ दलों का वर्चस्व निर्णायक रूप से टूटा है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/thalapathy-vijay-tvk-party-prashant-kishor-pk-strategy-tamilnadu-2026-126050500050_1.html" target="_blank">क्या PK की सलाह से विजय ने तमिलनाडु में बजाया जीत का डंका, TVK की जीत की क्यों 1 साल पहले की थी भविष्यवाणी</a></strong></p>
</p>
<p>
	सूत्रों के मुताबिक, विजय 7 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। उनके साथ नौ मंत्रियों के भी शपथ लेने की संभावना है। हालांकि, TVK साधारण बहुमत से 10 सीटें पीछे रह गई है, ऐसे में बैठक में गठबंधन सरकार बनाने के विकल्पों पर भी चर्चा हुई।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	 संभावित मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले कई विधायक ऐसे हैं जिन्होंने इस चुनाव में अहम भूमिका निभाई है। इनमें एक प्रशंसक से नेता बने आयोजक, पूर्व IRS अधिकारी, बीजेपी से जुड़े रहे सोशल मीडिया रणनीतिकार और अनुभवी राजनीतिक नेता शामिल हैं। इस बीच, पार्टी ने सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तमिलनाडु के राज्यपाल Rajendra Arlekar से मुलाकात का समय मांगा है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-resignation-refusal-bjp-cm-west-bengal-126050500048_1.html" target="_blank">Mamata Banerjee : ममता बनर्जी नहीं देंगी इस्तीफा तो भी बंगाल में बन जाएगा BJP का CM, क्या कहता है नियम</a></strong></p>
</p>
<p>
	राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि कांग्रेस और कई छोटे दल TVK के साथ मिलकर सरकार बना सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, विजय कांग्रेस, वाम दलों और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों जैसे Viduthalai Chiruthaigal Katchi, Communist Party of India (Marxist), Communist Party of India और Indian Union Muslim League से बातचीत कर रहे हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि ये सभी दल फिलहाल DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा हैं। 23 अप्रैल को हुए चुनाव में कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं, जबकि IUML, CPI, CPI(M) और VCK को 2-2 सीटें मिलीं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अगर कांग्रेस और उसके सहयोगी TVK का साथ देते हैं, तो विजय की पार्टी आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर सरकार बना सकती है। हालांकि, DMK ने भरोसा जताया है कि VCK और वाम दल उनके गठबंधन से अलग नहीं होंगे।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-slams-cec-bengal-election-chaos-tmc-reaction-results-controversy-126050500040_1.html" target="_blank">Mamata Banerjee : ऐसी अराजकता कभी नहीं देखी, हम नहीं हारे बंगाल विधानसभा चुनाव, CEC मुख्‍य विलेन, फूटा ममता बनर्जी का गुस्सा</a></strong></p>
</p>
<h3>
	कांग्रेस ने कहा- विजय ने समर्थन मांगा </h3>
<p>
	कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) नेता विजय ने तमिलनाडु में सरकार गठन के लिए उससे समर्थन मांगा है और आलाकमान ने पार्टी की प्रदेश इकाई को राज्य की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि तमिलनाडु का जनादेश धर्मनिरपेक्ष सरकार के लिए है और वह भाजपा तथा उसके प्रतिनिधि समूहों को सत्ता से दूर रखने के लिए प्रतिबद्ध है। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 23:02:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 23:43:30 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Mamata Banerjee : ममता बनर्जी नहीं देंगी इस्तीफा तो भी बंगाल में बन जाएगा BJP का CM, क्या कहता है नियम]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-resignation-refusal-bjp-cm-west-bengal-126050500048_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-resignation-refusal-bjp-cm-west-bengal-126050500048_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777983211-0338.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777983211-0338.jpg</image>
      <description><![CDATA[ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हम चुनाव हारे नहीं हैं, हराया गया है। ममता बनर्जी 15 साल तक बंगाल की मुख्यमंत्री रही हैं, लेकिन इस बार जब उनसे सत्ता छिनी तो वो अपनी विधानसभा सीट भी नहीं बचा पाईं। ममता बनर्जी अगर इस्तीफा नहीं देंगी तो क्या है नियम।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/full/1777983211-0338.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को आ चुके हैं। बंगाल के इतिहास में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के एक दिन बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वे इस्तीफा देने के लिए राजभवन नहीं जाएंगी। ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हम चुनाव हारे नहीं हैं, हराया गया है। ममता बनर्जी 15 साल तक बंगाल की मुख्यमंत्री रही हैं, लेकिन इस बार जब उनसे सत्ता छिनी तो वो अपनी विधानसभा सीट भी नहीं बचा पाईं। ममता बनर्जी अगर इस्तीफा नहीं देंगी तो क्या है नियम। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-slams-cec-bengal-election-chaos-tmc-reaction-results-controversy-126050500040_1.html" target="_blank">Mamata Banerjee : ऐसी अराजकता कभी नहीं देखी, हम नहीं हारे बंगाल विधानसभा चुनाव, CEC मुख्‍य विलेन, फूटा ममता बनर्जी का गुस्सा</a></strong></p>
</p>
<p>
	7 मई 2026 को 17वीं बंगाल विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में 7 मई के बाद ममता बनर्जी आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री मानी ही नहीं जाएंगी, क्योंकि विधानसभा के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद नए मुख्यमंत्री का निर्वाचन जरूरी होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक 7 मई को 17वीं बंगाल विधानसभा के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद 8 मई को सदन भंग हो जाएगा। इसके चलते सभी विधायकों की सदस्यता स्वतः ही रद हो जाएगी। इसके बाद ममता बनर्जी को इस्तीफा देना अनिवार्य भी नहीं है।<br />
	<br />
	<h3>
		क्या इस्तीफा न देने से बच जाएगी सत्ता?</h3>
	<p>
		बंगाल विधानसभा में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है और टीएमसी चुनाव हार चुकी है। संवैधानिक विशेषज्ञों के अनुसार, ममता बनर्जी केवल इस्तीफा देने से इनकार करके मुख्यमंत्री पद पर बनी नहीं रह सकतीं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 (Article 164) के तहत, कोई भी मुख्यमंत्री तभी तक पद पर रह सकता है जब तक उसे विधानसभा में बहुमत प्राप्त हो।</p>
	<h3>
		राज्यपाल के पास है बर्खास्त करने की शक्ति</h3>
	<p>
		बहुमत खोने के बाद ममता बनर्जी की सरकार संवैधानिक रूप से अस्थिर हो गई है। ऐसे में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के पास यह अधिकार है कि वह ममता बनर्जी और उनके मंत्रिपरिषद को बर्खास्त कर दें और सबसे बड़े दल (भाजपा) को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें। स्पष्ट है कि इस्तीफा न देने की जिद उन्हें सत्ता में नहीं बनाए रख सकती; बहुमत के बिना उन्हें पद से हटाया जाना तय है। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 20:37:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 20:42:48 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[क्या PK की सलाह से विजय ने तमिलनाडु में बजाया जीत का डंका, TVK की जीत की क्यों 1 साल पहले की थी भविष्यवाणी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/thalapathy-vijay-tvk-party-prashant-kishor-pk-strategy-tamilnadu-2026-126050500050_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/thalapathy-vijay-tvk-party-prashant-kishor-pk-strategy-tamilnadu-2026-126050500050_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777987963-4427.jpg"/>
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      <description><![CDATA[पीके की सलाह दी थी कि अगर विजय अकेले चुनाव लड़ते हैं तो उनके जीतने की संभावना काफी मजबूत है। पीके ने विजय की जीत के लिए तीन अहम शर्तें भी बताई थीं।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/full/1777987963-4427.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	तमिलनाडु चुनाव में सबसे अधिक सीट लाकर अभिनेता से राजनेता बने जोसेफ विजय ने सबको हैरत में डाल दिया है। तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने इस चुनाव में 108 सीटें अपने नाम की हैं। मंगलवार को टीवीके प्रमुख विजय ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक की। इसमें वे विधायक दल के नेता चुने गए।  वीके को सरकार बनाने के लिए 118 विधायक चाहिए, चूंकि विजय की पार्टी के पास 108 विधायक हैं ऐसे में उन्हें बाकि 10 के लिए किसी पार्टी के सहयोग की जरूरत पड़ेगी।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-resignation-refusal-bjp-cm-west-bengal-126050500048_1.html" target="_blank">Mamata Banerjee : ममता बनर्जी नहीं देंगी इस्तीफा तो भी बंगाल में बन जाएगा BJP का CM, क्या कहता है नियम</a></strong></p>
	इस बीच उनकी जीत और कैंपेन के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल रहे हैं।  ऐसा ही प्रशांत किशोर के साथ उनका वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे विजय को सलाह देते हुए विजय की जीत का दावा कर रहे हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	आखिर क्या है वीडियो में </h3>
<p>
	फरवरी 2025 में महाबलीपुरम में TVK के पहले स्थापना दिवस कार्यक्रम में पीके ने मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि वे महेंद्र सिंह धोनी से भी ज्यादा लोकप्रिय बिहारी बन जाएंगे, अगर वह विजय की पार्टी को जीत दिला देते हैं। उन्होंने कहा था,  कि अगर मुझे तमिलनाडु में सबसे लोकप्रिय बिहारी बनना है, तो मुझे धोनी से मुकाबला करना होगा, जो चेन्नई सुपर किंग्स को जिताते हैं।  इस कार्यक्रम से कुछ महीने पहले ही किशोर ने अनुमान जताया था कि TVK को 15 से 20 प्रतिशत तक वोट शेयर मिल सकता है।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/name-deleted-in-sir-became-mla-counting-still-underway-election-results-india-126050500038_1.html" target="_blank">SIR में नाम कटा, बाद में विधायक बना, 1 सीट पर अभी भी चल रही है काउंटिंग</a></strong></p>
</p>
<h3>
	बताई थीं 3 शर्तें</h3>
<p>
	मार्च में उन्होंने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि अगर विजय अकेले चुनाव लड़ते हैं तो उनके जीतने की संभावना काफी मजबूत है। पीके ने विजय की जीत के लिए तीन अहम शर्तें भी बताईं। उनके मुताबिक, यदि AIADMK भाजपा के साथ जाती है, DMK का गठबंधन जस का तस रहता है और TVK अकेले मैदान में उतरती है, तो विजय के पास जीत का अच्छा मौका होगा—बशर्ते वह अगले 10-12 महीनों में मजबूत राजनीतिक ढांचा तैयार करें और एक नेता के रूप में अपेक्षित मेहनत करें। <br />
	<br />
	<h3>
		चुने गए विधायक दल के नेता </h3>
	<p>
		मंगलवार को टीवीके प्रमुख विजय ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक की। इसमें वे विधायक दल के नेता चुने गए। टीवीके प्रमुख ने पार्टी मुख्यालय में पेरियार ई.वी रामसामी, बीआर आंबेडकर, के. कामराज, वेलू नाचियार और अंजलाई अम्माल को पुष्पांजलि अर्पित की। विजय का उनके पार्टी सदस्यों और कई विधायकों ने स्वागत किया। एक विधायक ने कहा कि विजय ने विधायक दल के नेता के चुनाव और विधानसभा में विधायकों के आचरण पर चर्चा करने के लिए पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई थी। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 19:00:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 19:12:35 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Mamata Banerjee : मैं नहीं दूंगी इस्तीफा, ममता बनर्जी के बयान से बंगाल में भूचाल]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-reacts-tmc-defeat-west-bengal-election-conspiracy-bjp-126050500043_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-reacts-tmc-defeat-west-bengal-election-conspiracy-bjp-126050500043_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/08/thumb/1_1/1767889373-7858.jpg"/>
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      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और Mamata Banerjee ने मंगलवार को विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने चुनाव परिणामों को जनता का जनादेश नहीं, बल्कि “साजिश” का नतीजा बताया।  बनर्जी ने कहा कि वे राजभवन जाकर ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/08/full/1767889373-7858.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और Mamata Banerjee ने मंगलवार को विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने चुनाव परिणामों को जनता का जनादेश नहीं, बल्कि “साजिश” का नतीजा बताया। All India Trinamool Congress (TMC) प्रमुख ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ पार्टी कार्यकर्ता डर के कारण Bharatiya Janata Party (BJP) में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनकी सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।<br />
	<br />
	<span style="background-color:#ffff00;">पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के एक दिन बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे इस्तीफा देने के लिए राजभवन नहीं जाएंगी। ममता ने कहा कि हम चुनाव हारे नहीं हैं, हराया गया है।</span><br />
	 </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-slams-cec-bengal-election-chaos-tmc-reaction-results-controversy-126050500040_1.html" target="_blank">Mamata Banerjee : ऐसी अराजकता कभी नहीं देखी, हम नहीं हारे बंगाल विधानसभा चुनाव, CEC मुख्‍य विलेन, फूटा ममता बनर्जी का गुस्सा</a></strong></p>
</p>
<p>
	ममता बनर्जी ने कहा, “हम कार्रवाई कर रहे हैं और जवाब भी देंगे, लेकिन हमारी रणनीति गोपनीय है, इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग के खिलाफ क्या कदम उठाया जाएगा, इस पर अभी फैसला नहीं लिया गया है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं को धमकी और डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	INDIA गठबंधन के नेताओं का जताया आभार</h3>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/name-deleted-in-sir-became-mla-counting-still-underway-election-results-india-126050500038_1.html" target="_blank">SIR में नाम कटा, बाद में विधायक बना, 1 सीट पर अभी भी चल रही है काउंटिंग</a></strong></p>
</p>
<p>
	TMC प्रमुख ने INDIA bloc के नेताओं का समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि Sonia Gandhi, Rahul Gandhi, Akhilesh Yadav, Hemant Soren और Tejashwi Yadav समेत कई नेताओं ने उनसे संपर्क किया। ममता ने कहा, “मैं सभी INDIA गठबंधन के नेताओं की आभारी हूं। अखिलेश यादव कल मुझसे मिलने आ रहे हैं। अब मेरा लक्ष्य साफ है। मैं स्वतंत्र हूं और आगे की रणनीति सहयोगियों के साथ मिलकर तय करूंगी।”</p>
<h3>
	BJP को चेतावनी</h3>
<p>
	ममता बनर्जी ने BJP को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और इतिहास खुद को दोहरा सकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने राजीव गांधी, अटलबिहारी वाजपेयी और  मनमोहन सिंह  की सरकारें देखी हैं, लेकिन ऐसा “अत्याचार” पहले कभी नहीं देखा।<br />
	<br />
	<h3>
		चुनाव आयोग को बताया विलेन </h3>
	<p>
		बनर्जी ने कहा कि दुख की बात है कि CEC इस चुनाव में लोगों के संवैधानिक अधिकारों को लूटने और EVM को लूटने के वाला खलनायक बन गया। क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद EVM में 80-90% चार्ज है? यह कैसे हो सकता है? चुनाव से दो दिन पहले, उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी करना शुरू कर दिया।  </p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		उन्होंने सभी IPS और IAS अधिकारियों को बदल दिया। उन्होंने अपनी पार्टी से लोगों को चुना और भाजपा ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच एक बेटिंग है। हमने पूरी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी शामिल हैं और सीधा दखल दे रहे हैं। उन्होंने SIR में 90 लाख नाम हटा दिए। जब ​​हम कोर्ट गए, तो 32 लाख नाम शामिल किए गए... उन्होंने गंदा और घटिया खेल खेला। मैंने अपनी ज़िंदगी में इस तरह का चुनाव कभी नहीं देखा। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 16:56:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 17:27:28 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Mamata Banerjee : ऐसी अराजकता कभी नहीं देखी, हम नहीं हारे बंगाल विधानसभा चुनाव, CEC मुख्‍य विलेन, फूटा ममता बनर्जी का गुस्सा]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-slams-cec-bengal-election-chaos-tmc-reaction-results-controversy-126050500040_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-slams-cec-bengal-election-chaos-tmc-reaction-results-controversy-126050500040_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777978246-2514.jpg"/>
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      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हम बंगाल विधानसभा चुनाव कभी नहीं हारे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने चुनाव आयोग को हथियार बनाया। बनर्जी ने चुनाव आयोग को विलेन बताया। बनर्जी ने कहा कि मेरी लड़ाई चुनाव आयोग ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="mamta banrjee" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/full/1777978246-2514.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="848" /></p>
	</p>
	पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हम बंगाल विधानसभा चुनाव कभी नहीं हारे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने चुनाव आयोग को हथियार बनाया। बनर्जी ने चुनाव आयोग को विलेन बताया। बनर्जी ने कहा कि मेरी लड़ाई चुनाव आयोग से थी। ईसी ने सभी पुलिस अधिकारियों को बदला। ऐसी अराजकता पहले कभी नहीं देखी।<br />
	<br />
	<p>
		 बनर्जी ने कहा कि दुख की बात है कि CEC इस चुनाव में लोगों के संवैधानिक अधिकारों को लूटने और EVM को लूटने के वाला खलनायक बन गया। क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद EVM में 80-90% चार्ज है? यह कैसे हो सकता है? चुनाव से दो दिन पहले, उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी करना शुरू कर दिया। </p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		उन्होंने सभी IPS और IAS अधिकारियों को बदल दिया। उन्होंने अपनी पार्टी से लोगों को चुना और भाजपा ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच एक बेटिंग है। </p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		हमने पूरी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी शामिल हैं और सीधा दखल दे रहे हैं। उन्होंने SIR में 90 लाख नाम हटा दिए। जब ​​हम कोर्ट गए, तो 32 लाख नाम शामिल किए गए... उन्होंने गंदा और घटिया खेल खेला। मैंने अपनी ज़िंदगी में इस तरह का चुनाव कभी नहीं देखा। <br />
		<h3>
			ममता बनर्जी बोलीं- INDIA गठबंधन मेरे साथ है </h3>
		<p>
			पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि सोनिया जी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन ने मुझे फ़ोन किया। INDIA गठबंधन के सभी साथियों ने मुझसे कहा कि वे पूरी तरह से मेरे साथ हैं। मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में हमारी एकजुटता और मज़बूत रहेगी। अखिलेश ने मुझसे अनुरोध किया कि क्या वह आज ही आ सकते हैं, लेकिन मैंने उनसे कहा कि कल आएँ। तो, वे कल आएंगे। एक-एक करके सब आएंगे। मेरा लक्ष्य बहुत साफ़ है।<br />
			<blockquote class="twitter-tweet">
				<p dir="ltr" lang="und">
					কালীঘাটে সাংবাদিক সম্মেলনে | Addressing the Press from Kalighat. <a href="https://t.co/pgpnNECkpV">https://t.co/pgpnNECkpV</a></p>
				— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) <a href="https://twitter.com/AITCofficial/status/2051611419762921981?ref_src=twsrc%5Etfw">May 5, 2026</a></blockquote>
			<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>मैं INDIA गठबंधन को मज़बूत करूंगी, बिल्कुल एक आम आदमी की तरह। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए मैं एक आम आदमी हूं। इसलिए, आप मुझसे यह नहीं कह सकते कि मैं अपनी कुर्सी का इस्तेमाल कर रही हूं। मैं अब एक आज़ाद पंछी हूं। मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी लोगों की सेवा में लगा दी, इन 15 सालों में मैंने पेंशन का एक पैसा भी नहीं निकाला। मैं तनख्वाह का एक पैसा भी नहीं ले रही हूं, लेकिन अब, मैं एक आज़ाद पंछी हूं। Edited by : Sudhir Sharma</p>
	</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 16:17:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 16:45:52 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[SIR में नाम कटा, बाद में विधायक बना, 1 सीट पर अभी भी चल रही है काउंटिंग]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/name-deleted-in-sir-became-mla-counting-still-underway-election-results-india-126050500038_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/name-deleted-in-sir-became-mla-counting-still-underway-election-results-india-126050500038_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/15/thumb/1_1/1768442660-717.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/15/thumb/1_1/1768442660-717.jpg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने अपनी हार के लिए एसआईआर को दोषी बताया। इस बीच कांग्रेस के मोताब शेख की जीत चर्चित रही। चुनाव से कुछ हफ्ते पहले उनका नाम वोटर लिस्ट से तकनीकी कारणों के चलते हटा दिया गया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="voting" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/15/full/1768442660-717.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="voting" width="1200" /></p>
	पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने अपनी हार के लिए एसआईआर को दोषी बताया। इस बीच कांग्रेस के मोताब शेख की जीत चर्चित रही। चुनाव से कुछ हफ्ते पहले उनका नाम वोटर लिस्ट से तकनीकी कारणों के चलते हटा दिया गया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यहां मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने नए बने अपीलेट ट्रिब्यूनल को मामला देखने का निर्देश दिया।<br />
	<br />
	ट्रिब्यूनल ने पासपोर्ट समेत उनके दस्तावेज सही पाए और उन्हें वैध मतदाता घोषित कर दिया। करीब 27 लाख आवेदनों में उनका मामला सबसे पहले मंजूर हुआ। नाम बहाल होने के बाद मोताब शेख ने फरक्का सीट से चुनाव लड़ा और भाजपा के सुधीर चौधरी को 8 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	राजारहाट न्यूटाउन में काउंटिंग जारी </h3>
<p>
	कोलकाता स्थित राजारहाट न्यूटाउन विधानसभा सीट पर मतों की दोबारा गिनती जारी है। इसके चलते रिजल्ट अभी घोषित नहीं किया गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक दोबारा गिनती पूरी होने के बाद ही अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद ही गजट तैयार कर राज्यपाल को भेजा जाएगा। फिलहाल इस सीट के नतीजों पर सबकी नजर टिकी हुई है। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 15:58:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 16:24:44 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बंगाल की इन 5 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, भाजपा को मिला नोटा का फायदा]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/nota-impact-bjp-win-tmc-loss-5-seats-analysis-126050500035_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/nota-impact-bjp-win-tmc-loss-5-seats-analysis-126050500035_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777974616-7329.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777974616-7329.jpg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बंपर जीत के साथ भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। पार्टी राज्य में 207 सीटें जीतने में सफल रही जबकि तृणमूल कांग्रेस मात्र 80 सीटों पर सिमट कर रह गई। हार जीत के इस खेल में 5 सीटों (सतगछिया, जंगीपाड़ा, ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="west bengal election results Nota helps bjp on 5 seats" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/full/1777974616-7329.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="west bengal election results 2026" width="1376" /></p>
	</p>
	पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बंपर जीत के साथ भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। पार्टी राज्य में 207 सीटें जीतने में सफल रही जबकि तृणमूल कांग्रेस मात्र 80 सीटों पर सिमट कर रह गई। हार जीत के इस खेल में 5 सीटों (सतगछिया, जंगीपाड़ा, इंदस, रैना और राजरहाट न्यू टाउन) पर हारे हुए उम्मीदवारों की उम्मीदों पर नोटा के वोटों पर पानी फेर दिया। ये चारों सीटे भाजपा के खाते में गई। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/asansol-temple-reopens-bjp-winner-krishnendu-mukherjee-election-promise-126050500032_1.html" target="_blank">आसनसोल में चुनाव जीतते ही BJP विधायक ने खुलवाया सालों से बंद मंदिर, जानिए क्यों लगा था ताला?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>सतगछिया</strong> विधानसभा सीट पर भाजपा के अग्निश्वर नासकर ने तृणमूल कांग्रेस की सोमाश्री बेतल पर 401 वोट से जीत दर्ज की। चुनाव में नोटा को 1654 वोट मिले। अगर ये वोट उम्मीद्वारों के खाते में गिर जाते तो चुनाव परिणाम बदल भी सकते थे।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	भाजपा के प्रसनजीत बेग ने <strong>जंगीपाड़ा</strong> विधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस के स्नेहशीश चक्रवर्ती को 862 वोटों से हराया। इस चुनाव में भी नोटा ने 2388 वोट हासिल किए। ये वोट अगर नोटा के स्थान पर प्रत्याशियों के खाते में जाते तो तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार को इसका फायदा मिल सकता था।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>इंदस</strong> विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के निर्मल कुमार धरा ने टीएमसी नेता श्यामली रॉय बागड़ी को 900 वोटों से मात दी। यहां भी नोटा के खाते में 1582 वोट चले गए। निर्मल को 108733 वोट मिले तो श्यामली 107833 वोट ही हासिल कर सकीं। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/suvendu-adhikari-bengal-bjp-cm-contender-profile-bengal-ka-yogi-126050500028_1.html" target="_blank">कौन हैं सुवेंदु अधिकारी? बन सकते हैं पश्चिम बंगाल के मुख्‍यमंत्री, कहा जाता है बंगाल का योगी</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	बंगाल के <strong>रैना</strong> विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के सुभाष पात्रा ने मंदिरा दलुई को 834 वोटों से हरा दिया। 14 राउंड में सुभाष पात्रा 103487 वोट हासिल करने में सफल रहे जबकि मंदिरा को 102653 वोट ही मिले। नोटा को 1442 वोट मिल गए। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/election-analysis-bjp-vote-share-muslim-voters-split-126050500018_1.html" target="_blank">ममता के गढ़ में सेंध: मुस्लिम बहुल सीटों पर भी भारी पड़ी BJP, जानिए कैसे पलटी बाजी?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>राजरहाट न्यू टाउन</strong> विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के पियूष कनोदिया ने तृणमूल कांग्रेस के तापस चटर्जी को 316 वोटों से हराया। यहां नोटा को 1792 वोट मिले। 18 राउंड की काउंटिंग के बाद भी यहां चुनाव परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 15:26:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 15:26:18 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[‘थलपति’ के ‘जननायक’ बनने की कहानी, तमिलनाडु की राजनीति में जोसेफ विजय चंद्रशेखर ने कैसे किया चमत्कार]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/thalapathy-vijay-political-entry-tvk-tamil-nadu-elections-jannayak-journey-126050500034_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/thalapathy-vijay-political-entry-tvk-tamil-nadu-elections-jannayak-journey-126050500034_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777973813-0049.jpg"/>
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      <description><![CDATA[Vijay Thalapathy Political Stance: तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से सिनेमा और जननेतृत्व के अद्वितीय मेल की साक्षी रही है। इसी परंपरा को एक नया आयाम देते हुए दक्षिण भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता Joseph Vijay Chandrasekhar (विजय थलप‍ति) ने राजनीति ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Vijay Thalapathy Political Stance" class="imgCont" height="700" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/full/1777973813-0049.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	Vijay Thalapathy Political Stance: तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से सिनेमा और जननेतृत्व के अद्वितीय मेल की साक्षी रही है। इसी परंपरा को एक नया आयाम देते हुए दक्षिण भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता Joseph Vijay Chandrasekhar (विजय थलप‍ति) ने राजनीति में औपचारिक प्रवेश किया है। उनकी पार्टी Tamilaga Vetri Kazhagam (टीवीके) ने हालिया विधानसभा चुनावों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए स्थापित द्रविड़ दलों—Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) को कड़ी चुनौती दी है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	हिंदी पट्टी सहित पूरे देश के लिए यह घटनाक्रम उत्सुकता का विषय है—एक ऐसा अभिनेता, जो पर्दे पर एक्शन और डायलॉग्स के लिए मशहूर था, अब जनता की सेवा के लिए राजनीति के मैदान में उतरा और ‘जननायक’ बनने की राह पर है। लेकिन यह सफर संयोग नहीं, बल्कि त्याग, संकल्प और गहरी जनस्वीकृति का परिणाम है।</p>
<h3>
	शुरुआती जीवन और सिनेमा : जनाधार की बुनियाद</h3>
<p>
	22 जून 1974 को चेन्नई में जन्मे विजय एक फिल्मी परिवार से आते हैं। उनके पिता SA Chandrasekhar एक प्रतिष्ठित निर्देशक रहे हैं, जबकि माता Shoba Chandrasekhar जानी-मानी गायिका हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	वे मात्र कुछ वर्ष के थे जब पिता की फिल्म ‘वेट्री’ में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में कैमरे के सामने आए। कॉलेज में विजुअल मीडिया पढ़ते हुए उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी और अभिनय को अपना करियर बनाया। 1992 में मां शोभा द्वारा लिखी और पिता द्वारा निर्देशित फिल्म ‘नालैया थीरपू’ से बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। फिल्म व्यावसायिक रूप से सफल नहीं हुई, लेकिन एक नया चेहरा उभरकर सामने आया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	शुरुआती संघर्ष के बाद 1996 की ‘पूवे उनक्कागा’ और फिर 2000 के दशक की ब्लॉकबस्टर फिल्मों जैसे ‘गिल्ली’ ने उन्हें ‘मास हीरो’ बना दिया। बच्चों से लेकर युवाओं तक, सब उनके डांस, स्टाइल और एक्शन के दीवाने हो गए। ‘मर्सल’, ‘सरकार’ और ‘लियो’ जैसी फिल्मों ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, बल्कि इनमें विजय ने सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों को भी बेबाकी से उठाया, जो बाद में उनकी राजनीतिक विचारधारा की झलक बन गया। उन्हें ‘थलपति’ (सेनापति) का खिताब मिला, जो अब जनता के बीच उनकी छवि का प्रतीक बन चुका है।</p>
<h3>
	स्वतंत्र राजनीति की नींव</h3>
<p>
	विजय का राजनीति में प्रवेश पारंपरिक ‘फिल्म से राजनीति’ मॉडल से कुछ अलग दिखाई देता है। राजनीति में विजय का सफर आसान नहीं था। 2020-21 में पिता एसए चंद्रशेखर ने उनके नाम पर ‘ऑल इंडिया थलपति विजय मक्कल इयक्कम’ नाम की पार्टी रजिस्टर करा दी। विजय ने इसे सख्ती से खारिज किया और बिना अनुमति के नाम के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। उन्होंने अदालत का रुख किया और सार्वजनिक बयान जारी कर कहा कि इस पार्टी से उनका कोई संबंध नहीं है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	यह टकराव दर्शाता है कि विजय किसी विरासत या पारिवारिक दबाव में राजनीति में नहीं आए। वे अपनी शर्तों पर उतरे—साफ-सुथरी छवि, बिना गठबंधन और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन के वादे के साथ। यह रुख उनके राजनीतिक व्यक्तित्व की एक प्रमुख विशेषता बनकर उभरा है— जहां व्यक्तिगत लोकप्रियता के साथ वैचारिक स्वतंत्रता को भी महत्व दिया गया है।</p>
<h3>
	टीवीके का गठन और सिनेमा को अलविदा</h3>
<p>
	फरवरी 2024 में विजय ने आधिकारिक रूप से Tamilaga Vetri Kazhagam की स्थापना की। यह निर्णय उस समय आया जब वे अपने फिल्मी करियर के शिखर पर थे। उन्होंने यह घोषणा भी की कि उनकी आगामी फिल्म थलपति 69 अंतिम फिल्म होगी और इसके बाद वे पूरी तरह राजनीति को समर्पित रहेंगे। विक्रवंडी में आयोजित उनकी पहली बड़ी रैली में उमड़ी भीड़ ने संकेत दिया कि उनका सिनेमा-आधारित जनाधार राजनीतिक समर्थन में परिवर्तित हो सकता है।</p>
<h3>
	विचारधारा : द्रविड़ परंपरा और समकालीन संतुलन</h3>
<p>
	विजय की राजनीतिक विचारधारा द्रविड़ आंदोलन की मूल भावना से प्रेरित दिखाई देती है, लेकिन उसमें एक संतुलित दृष्टिकोण भी शामिल है। उन्होंने Periyar EV Ramasamy के सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों का उल्लेख किया है, जबकि नास्तिकता के कठोर पक्ष से दूरी बनाई है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	विजय ने अपनी पहली रैली में ही स्पष्ट किया कि टीवीके द्रविड़ राष्ट्रवाद और तमिल गौरव को अलग नहीं करेगी। दोनों को राज्य की &#39;दो आंखें&#39; बताया। पार्टी सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, धर्मनिरपेक्षता और पेरियार के विचारों से प्रेरित है, लेकिन पेरियार की नास्तिकता से पूर्ण सहमत नहीं। भाषा नीति पर दो-भाषा (तमिल-अंग्रेजी) का समर्थन, जातिगत जनगणना और सामाजिक बराबरी पर जोर दिया। उन्होंने परिवारवाद का विरोध कर साफ छवि पेश की, जो युवा मतदाताओं को खास तौर पर प्रभावित किया। यह रुख उन्हें पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के भीतर रहते हुए एक वैकल्पिक सुधारवादी नेता के रूप में प्रस्तुत करता है।</p>
<h3>
	2026 का चुनाव : सत्ता समीकरणों में बदलाव</h3>
<p>
	2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों ने तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला दिया है। टीवीके का प्रदर्शन केवल सीटों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने पारंपरिक दलों के वोट बैंक में भी उल्लेखनीय सेंध लगाई है। यह जीत एंटी-इनकंबेंसी, युवा आकांक्षा और विजय की जमीनी पकड़ का नतीजा है। रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ पहले से संकेत दे रही थी। अब सत्ता गठन की चर्चाएं हैं और विजय को मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है</p>
<p>
	 </p>
<p>
	राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इसके पीछे कई कारक रहे:</p>
<ul>
	<li>
		व्यक्तिगत करिश्मा और जनसंपर्क</li>
	<li>
		स्थापित दलों के प्रति असंतोष</li>
	<li>
		युवा मतदाताओं की भागीदारी</li>
</ul>
<p>
	 </p>
<p>
	हालांकि, यह देखना अभी बाकी है कि यह समर्थन दीर्घकालिक राजनीतिक स्थिरता में किस हद तक परिवर्तित हो पाता है।</p>
<h3>
	प्रशंसक से हमसफर तक और अब अलगाव</h3>
<p>
	विजय की प्रेम कहानी भी फिल्मी है। लंदन में रहने वाली श्रीलंकन मूल की संगीता सोरलिंगम उनकी कट्टर प्रशंसक थीं। वे भारत आईं, मुलाकातें हुईं और 25 अगस्त 1999 को दोनों ने शादी कर ली। संगीता न केवल पत्नी बनीं, बल्कि उनकी सबसे करीबी सलाहकार भी रहीं। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	हालांकि, इस सुखी जोड़ी की कहानी अब दर्द भरे मोड़ पर पहुंच गई है। फरवरी 2026 में संगीता सोरलिंगम ने चेंगलपट्टू फैमिली वेलफेयर कोर्ट में तलाक की याचिका दायर कर दी। उन्होंने 27 वर्षों के वैवाहिक जीवन के बाद अलगाव की मांग की है। याचिका में कथित infidelity (वैवाहिक संबंधों के बाहर संबंध), मानसिक क्रूरता और विश्वासघात का आरोप लगाया गया है। संगीता ने अप्रैल 2021 से इस संबंध की जानकारी होने का जिक्र किया है और अंतरिम निवास व वित्तीय सहायता की भी मांग की है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	कोर्ट ने अप्रैल 2026 में सुनवाई की और मामले को 15 जून 2026 तक स्थगित कर दिया है। दोनों पक्षों को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉल के जरिए पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले ने मीडिया में खासी चर्चा बटोरी है और कुछ रिपोर्ट्स में अभिनेत्री तृषा कृष्णन के नाम का भी जिक्र आया है, हालांकि ये अफवाहें हैं और विजय पक्ष ने इन्हें खारिज किया है। यह निजी संकट विजय के राजनीतिक सफर के साथ-साथ सामने आया है, जिसने उनके समर्थकों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं।</p>
<h3>
	क्या यह स्थायी परिवर्तन है?</h3>
<p>
	Joseph Vijay Chandrasekhar का उदय तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देता है। यह न केवल सिनेमा और राजनीति के पारंपरिक संबंधों को पुनर्परिभाषित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मतदाता अब नए विकल्पों के प्रति खुले हैं। फिर भी, असली परीक्षा अब शुरू होती है— क्या यह जनसमर्थन प्रभावी शासन में बदल पाएगा या यह भी तमिलनाडु की राजनीति में करिश्माई नेतृत्व की एक और क्षणिक लहर बनकर रह जाएगा?</p>
<p>
	 </p>
<p>
	फिलहाल, इतना स्पष्ट है कि राज्य की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है—और इस परिवर्तन के केंद्र में हैं विजय। तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति का नया अध्याय शुरू हो चुका है। क्या विजय इस चुनौती को पूरा कर पाएंगे, यह तो समय ही  बताएगा। लेकिन एक बात तय है: ‘थलपति’ अब ‘जननायक’ बन चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 14:59:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 15:08:17 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[आसनसोल में चुनाव जीतते ही BJP विधायक ने खुलवाया सालों से बंद मंदिर, जानिए क्यों लगा था ताला?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/asansol-temple-reopens-bjp-winner-krishnendu-mukherjee-election-promise-126050500032_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/asansol-temple-reopens-bjp-winner-krishnendu-mukherjee-election-promise-126050500032_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777971318-0799.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777971318-0799.jpg</image>
      <description><![CDATA[West Bengal Durga Mandir: पश्चिम बंगाल में भाजपा की बंपर जीत के बाद आसनसोल में वर्षों से बंद पड़ा एक मंदिर खोल दिया गया है। पार्टी प्रत्याशी कृष्णेंदु मुखर्जी ने चुनाव में जीत के बाद मंदिर को खोलने का वादा किया था। उन्होंने चुनाव में टीएमसी के मोलोय ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="krishnendu mukherjee opens temple afer winniing election from asansol uttar" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/full/1777971318-0799.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="krishnendu mukherjee" width="1200" /></p>
	</p>
	Asansol Temple Opens : पश्चिम बंगाल में भाजपा की बंपर जीत के बाद आसनसोल में वर्षों से बंद पड़ा एक मंदिर खोल दिया गया है। पार्टी प्रत्याशी कृष्णेंदु मुखर्जी ने चुनाव में जीत के बाद मंदिर को खोलने का वादा किया था। उन्होंने चुनाव में टीएमसी के मोलोय घटक को 11 हजार से ज्यादा वोटों से हराया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	दरअसल आसनसोल उत्तर विधानसभा में स्थित यह मंदिर साल में एक-दो दिन के लिए खुलता था, उसके लिए भी भारी सुरक्षा बल तैनात होता था। बीजेपी उम्मीदवार ने वादा किया था कि अगर वो जीतते हैं तो यह मंदिर साल भर खुला रहेगा। उम्मीदवार जीत गया और मंदिर को खोल दिया गया। मंदिर खुलते ही श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई और पूजा के लिए भीड़ उमड़ गई।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्यों बंद पड़ा था मंदिर?</h3>
<p>
	बताया जा रहा है कि इलाके में सांप्रदायिक तनाव के कारण यह मंदिर बंद रहता था। 2 समुदायों के बीच तनाव के बीच प्रशासन ने आम दिनों में मंदिर को जनता के लिए नहीं खोलने का फैसला किया था।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="hi">
			Asansol में सालों से बंद Durga temple को आखिरकार फिर से खोल दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मंदिर लंबे समय से स्थानीय तनाव के कारण बंद था, लेकिन BJP की बड़ी जीत के बाद इसे दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। खबर <a href="https://t.co/ji1V6b2cZ0">https://t.co/ji1V6b2cZ0</a><a href="https://twitter.com/hashtag/BENGAL?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#BENGAL</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/asansol?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#asansol</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/durgatemple?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#durgatemple</a> <a href="https://t.co/x1BTTenMf5">pic.twitter.com/x1BTTenMf5</a></p>
		— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) <a href="https://twitter.com/WebduniaHindi/status/2051607737797365857?ref_src=twsrc%5Etfw">May 5, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>
	मुखर्जी ने पूरा किया वादा</h3>
<p>
	इस बार के विधानसभा चुनाव में आसनसोल उत्तर से भाजपा ने कृष्णेंदु मुखर्जी को टिकट दिया। मुखर्जी ने इलाके के लोगों से वादा किया कि अगर वो जीतते हैं तो यह मंदिर खुलवा देंगे। 4 मई को जैसे ही कृष्णेंदु मुखर्जी को जीत मिली वो मंदिर खुलवाने पहुंच गए। मंदिर की साफ सफाई करवाई गई, फिर आम लोगों के लिए मंदिर को खोल दिया गया। जैसे ही मंदिर के दरवाजे खुले, बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंचे, पूजा-अर्चना की और इस मौके का जश्न मनाया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी 207 सीटें जीतकर राज्य में पहली बार सत्ता में आई है। चुनाव में मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी को भी सुवेंदु अधिकारी के हाथों 15,000 से ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा। </p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta  </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 14:22:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 16:06:58 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत से मोदी के बाद अमित शाह के प्रधानमंत्री बनने की राह हुई आसान?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/has-bjp-landslide-victory-in-west-bengal-paved-the-way-for-amit-shah-to-become-prime-minister-after-modi-126050500029_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/has-bjp-landslide-victory-in-west-bengal-paved-the-way-for-amit-shah-to-become-prime-minister-after-modi-126050500029_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-12/23/thumb/1_1/1766488938-8759.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-12/23/thumb/1_1/1766488938-8759.jpg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के शिल्पकार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का क्या अब कद बढ़ने जा रहा है? पार्टी इतिहास में पहली बार पश्चिम बंगाल में भगवा लहराने के बाद क्या अब अमित शाह, नरेंद्र मोदी के बाद भाजपा की ओर से ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-12/23/full/1766488938-8759.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	<br />
	पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के शिल्पकार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का क्या अब कद बढ़ने जा रहा है? पार्टी इतिहास में पहली बार पश्चिम बंगाल में भगवा लहराने के बाद क्या अब अमित शाह, नरेंद्र मोदी के बाद भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के सबसे मजबूत और स्वाभाविक दावेदार हो गए है? बंगाल में भाजपा को प्रचंड जीत दिलाकर भाजपा के चाणक्य अमित शाह की अब क्या प्रधाममंत्री बनने की राह और आसान हो गई है? यह कुछ ऐसे स्वाभाविक सवाल है, जिन पर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद अब सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।<br />
	 <br />
	बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक और प्रचंड जीत के बाद देश की राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। मोदी-शाह  के नेतृत्व में भाजपा ने पहली बार राज्य में सरकार बनाई और 200 से अधिक सीटों पर प्रचंड जीत हासिल कर सभी सियासी पंडितों को भी चौंका दिया है। भाजपा की इस प्रचंड जीत का पूरा श्रेय भाजपा के चुनावी चाणक्य अमित शाह को जाता है। इस जीत के पीछे अमित शाह की अचूक चुनावी रणनीति, चुनावी कौशल, बूथ-स्तर की माइक्रो मैनेजमेंट, माइक्रो-टार्गेटिंग और आक्रामक चुनावी अभियान माना जा रहा है। अमित शाह ने बंगाल में 50 से अधिक चुनावी रैली, जनसभाएं और रोड शो किए है।  <br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/how-did-chanakya-amit-shah-script-bjp-victory-in-west-bengal-126050400026_1.html" target="_blank">पश्चिम बंगाल में चुनावी चाणक्य अमित शाह ने कैसे लिखी भाजपा की जीत की पटकथा?</a></strong></p>
	बंगाल में भाजपा की जीत के बाद अब बीजेपी और एनडीए का दायरा देश में बढ़ गया है। अब बीजेपी और उसके  नेतृत्व वाला एनडीए 22 राज्यों में सत्ता में है, जिससे पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में स्थिति और मजबूत हो गई है। पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत से अमित शाह का राजनीतिक कद और प्रभाव काफी बढ़ा है। सरकार और संगठन तक अमित शाह की बढ़ती भूमिका उन्हें मोदी के बाद अब प्रधानमंत्री पद के एक मजबूत दावेदार के तौर पर स्थापित कर रही है।<br />
	 <br />
	अमित शाह की सबसे बड़ी ताकत उनकी संगठनात्मक क्षमता और चुनावी रणनीति है। 2014 में दिल्ली में बीजेपी के सत्ता में बाद भाजपा के लगातार विस्तार होता जा रहा है। पश्चिम बंगाल, बिहार और उड़ीसा जैसे राज्यों में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बना और वह सरकार में काबिज हुई है। अमित शाह ने कई राज्यों में भाजपा को विस्तार दिलाया है। ऐसे में अमित शाह भाजपा के मजबूत रणनीतिक नेतृत्व के तौर पर स्थापित होते है और उनका दावा स्वाभाविक रूप से मजबूत होता है।<br />
	<br />
	वहीं अमित शाह ने देश के गृहमंत्री के तौर पर जिस तरह से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे  जैसे ट्रिपल तलाक, जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाना, नक्सलवाद का अंत, को पूरा किया है, उसके चलते उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए आरएसएस का भी समर्थन प्राप्त करने में कोई बड़ी परेशानी होनी होगी। आरएसएस के साथ उनकी निकटता भी उन्हें पार्टी के भीतर एक मजबूत आधार देती है।<br />
	 <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/5-major-reasons-for-bjp-massive-victory-in-west-bengal-126050400017_1.html" target="_blank">पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत के 5 बड़े कारण?</a></strong><br />
	सरकार में गृहमंत्री को तौर पर अमित शाह, नरेंद्र मोदी के बाद नंबर-2 पोजिशन पर है, ऐसे में वह स्वाभाविक तौर पर मोदी के बाद प्रधानमंत्री पद के दावेदार है। हलांकि अमित शाह को अगर प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचना है तो उन्हें अपनी पार्टी भाजपा के अंदर ही एक व्यापक सहमति और समर्थन की आवश्यतकता पड़ेगी। 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा बंगाल विजय से जिस तरह से हार्ड हिंदुत्व के एजेंडे पर लौटी है, उससे अमित शाह की छवि और मजबूत हुई है।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/abhishek-banerjee-is-the-biggest-culprit-behind-mamata-banerjee-crushing-defeat-in-west-bengal-126050400039_1.html" target="_blank">पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की करारी हार का सबसे बड़ा गुनहगार, जानें क्यों अभिषेक बनर्जी पर फूट रहा हार का ठीकरा?</a></strong></p>
	पश्चिम बंगाल जैसे चुनौतीपूर्ण राज्यों में भाजपा को तिहाई बहुमत के साथ प्रचंड जीत दर्ज कराकर उन्हें भाजपा के सियासी ग्राफ को और विस्तार दे दिया है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि संगठन में पार्टी मजबूत कर नई ऊंचाईयों पर पहुंचाने वाले अमित शाह भविष्य में सरकार का नेतृत्व भी कर सकते है।</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 14:00:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 14:19:55 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>विकास सिंह</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ममता के गढ़ में सेंध: मुस्लिम बहुल सीटों पर भी भारी पड़ी BJP, जानिए कैसे पलटी बाजी?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/election-analysis-bjp-vote-share-muslim-voters-split-126050500018_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/election-analysis-bjp-vote-share-muslim-voters-split-126050500018_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777515808-6839.jpg"/>
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      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की बंपर जीत ने कई चुनावी विश्लेषकों को भी दांतों तले अंगुलियां चबाने को मजबूर कर दिया। भाजपा को 45.84 फीसदी वोट शेयर मिले तो तृणमूल कांग्रेस 40.80 फीसदी वोट ही हासिल कर सकी। मात्र 5 फीसदी वोट शेयर ज्यादा लेकर भाजपा ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="west bengal exit poll result" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777515808-6839.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="west bengal exit poll result" width="1376" /></p>
	पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की बंपर जीत ने कई चुनावी विश्लेषकों को भी दांतों तले अंगुलियां चबाने को मजबूर कर दिया। भाजपा को 45.84 फीसदी वोट शेयर मिले तो तृणमूल कांग्रेस 40.80 फीसदी वोट ही हासिल कर सकी। मात्र 5 फीसदी वोट शेयर ज्यादा लेकर भाजपा टीएमसी से 125 सीटे अधिक जीतने में सफल रही। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी करारी हार का सामना करना पड़ा। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-allegations-bjp-victory-unethical-akhilesh-yadav-support-126050500014_1.html" target="_blank">"उन्होंने मुझे लात मारी, CCTV बंद किया": ममता बनर्जी का फूटा गुस्सा, अखिलेश को क्यों याद आया कन्नौज?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	TMC को नहीं मिला मुस्लिम वोटर्स का पूरा साथ</h3>
<p>
	पिछले 15 सालों से टीएमसी के कब्जे वाली 119 सीटों में से 69 सीटें भगवामय हो गई। राज्य के 6 मुस्लिम बहुल क्षेत्रों की 118 सीटों में से टीएमसी 58 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	भाजपा यहां 56 सीटे जीतने में सफल रहे। हुमायूं कबीर दोनों सीटों पर चुनाव जीत गए तो कांग्रेस ने 2 मुस्लिम बहुल सीटों पर चुनाव जीता। नतीजे बताते है कि मुस्लिम बहुल वोटर्स भी इस बार पूरी तरह तृणमूल कांग्रेस के साथ नहीं थे। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/what-it-means-to-be-the-congress-in-the-modi-era-126050400063_1.html" target="_blank">मोदी युग में कांग्रेस होने के मायने: लगातार कमजोर होकर भी कैसे भाजपा की मुख्य चुनौती है कांग्रेस?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	इन जिलों में भाजपा का बेहतर प्रदर्शन</h3>
<p>
	मुस्लिम बहूल जिलों की 45 फीसदी सीटों भाजपा ने जीती। दक्षिण 24 परगना में तो भाजपा 31 में से 21 सीटें जीतने में सफल रही। 2021 के चुनाव में यहां टीएमसी ने 30 सीटें हासिल की </p>
<p>
	 </p>
<p>
	थी। मालदा, उत्तर दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना, बीरभूम में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया। 30 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी वाली अधिकतर सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। 2021 के चुनावों में इन सीटों पर टीएमसी ने जीत दर्ज की थी।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	इस तरह लगाई टीएमसी के गढ़ में सेंध</h3>
<p>
	आंकड़ों के मुताबिक, मुस्लिम वोटर इस बार पूरी तरह तृणमूल कांग्रेस के साथ नहीं थे जबकि भाजपा को हिंदुओं का एकतरफा समर्थन मिला, जिसने टीएमसी के गढ़ में सेंध लगा दी। ममता बनर्जी ने वोटर्स को मछली के नाम पर डराया तो अनुराग ठाकुर ने सार्वजनिक रूप से मछली खा ली। अमित शाह ने भी कह दिया कि भाजपा का अगला मुख्‍यमंत्री मछली भात खाने वाला होगा। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-candidate-srinivasa-sethupathi-wins-by-1-vote-tiruppattur-seat-126050500016_1.html" target="_blank">लोकतंत्र का सबसे करीबी मुकाबला: तमिलनाडु में सिर्फ 1 वोट से जीते विजय की पार्टी के उम्मीदवार, DMK के कद्दावर मंत्री की हार</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या बोले सुवेंदु अधिकारी?</h3>
<p>
	भवानीपुर विधानसभा सीट में ममता बनर्जी को 15000 से ज्यादा वोटों से हराने वाले भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि हिंदू मतदाओं ने एकतरफा मतदान किया है। जबकि मुस्लिम वोटर बंट गया। उन्होंने कहा कि मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर में मुस्लिम वोटों का विभाजन हो चुका है।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 11:55:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 12:03:36 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[लोकतंत्र का सबसे करीबी मुकाबला: तमिलनाडु में सिर्फ 1 वोट से जीते विजय की पार्टी के उम्मीदवार, DMK के कद्दावर मंत्री की हार]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-candidate-srinivasa-sethupathi-wins-by-1-vote-tiruppattur-seat-126050500016_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tvk-candidate-srinivasa-sethupathi-wins-by-1-vote-tiruppattur-seat-126050500016_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777963983-7901.jpg"/>
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      <description><![CDATA[Tamil Nadu Election Results 2026 : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में बेहद चौंकाने वाला नतीजा सामने आया है। TVK पार्टी के उम्मीदवार श्रीनिवासा सेतुपति ने तिरुपत्तूर विधानसभा सीट पर महज 1 वोट से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। उन्होंने दिग्गज डीएमके नेता ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="TVK Srinivasa Sethupathi wins Tiruppattur seat by 1 vote" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/full/1777963983-7901.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Srinivasa Sethupathi wins Tiruppattur seat by 1 vote" width="1200" /></p>
	</p>
	Tamil Nadu Election Results 2026 : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में बेहद चौंकाने वाला नतीजा सामने आया है। TVK पार्टी के उम्मीदवार श्रीनिवासा सेतुपति ने तिरुपत्तूर विधानसभा सीट पर महज 1 वोट से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। उन्होंने दिग्गज डीएमके नेता पेरियाकरुप्पन को हराया। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/mk-stalin-faces-defeat-in-kolathur-assembly-seat-126050400064_1.html" target="_blank">तमिलनाडु के CM स्टालिन भी हारे, नहीं बचा पाए कोलाथुर सीट, अपने ही साथी से मिली हार</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	थलापति विजय की पार्टी से चुनाव लड़ रहे श्रीनिवासा सेतुपति को कुल 83,013 वोट मिले, जबकि DMK के उम्मीदवार पेरियाकरुप्पन को 83,012 वोट हासिल हुए। यानी दोनों के बीच सिर्फ एक वोट का अंतर रहा। यहां भाजपा प्रत्याशी तिरुमारन केसी को 29054 वोट मिले। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	पेरियाकरुप्पन को ईवीएम से 82191 वोट और पोस्टल बैलट से 1183 वोट मिले। उन्हें कुल 83374 वोट मिले और उनका वोट शेयर 38.65 रहा। इसी तरह श्रीनिवासा सेतुपति को ईवीएम से 83010, बैलट पेपर से 365 वोट मिले। उन्हें कुल 83375 वोट मिले और उनका वोट शेयर डीएमके के मंत्री के बराबर ही 38.65 रहा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पेरियाकरुप्पन 2006 से तिरुपत्तूर क्षेत्र से विधायक थे और लगातार 4 बार चुनाव जीते थे। वे स्टालिन सरकार में मंत्री भी थे। 23वें राउंड तक भी पेरियाकरुप्पन आगे चल रहे थे और उनकी जीत तय मानी जा रही थी। 29वें राउंड में दोनों बराबरी पर आ गए। आखिरी वोट श्रीनिवासा के पक्ष में गया और उन्होंने चुनाव जीत लिया। बहरहाल इस मुकाबले ने लोकतंत्र में हर वोट के अहमियत को भी फिर से साबित कर दिया। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/the-real-reasons-behind-dmk-s-crushing-defeat-126050400043_1.html" target="_blank">तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: भ्रष्टाचार, ड्रग्स और विजय के प्रति नफरत? डीएमके की करारी हार के असली कारण</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि तमिलनाडु चुनाव में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। तमिलनाडु में एक्टर विजय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की है जबकि मुख्यमंत्री स्टालिन को कोलाथुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा। पार्टी कांग्रेस और अन्य छोटे दलों की मदद से राज्य में सरकार बना सकती है। </p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 10:45:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 12:23:15 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA["उन्होंने मुझे लात मारी, CCTV बंद किया": ममता बनर्जी का फूटा गुस्सा, अखिलेश को क्यों याद आया कन्नौज?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-allegations-bjp-victory-unethical-akhilesh-yadav-support-126050500014_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-allegations-bjp-victory-unethical-akhilesh-yadav-support-126050500014_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-02/02/thumb/1_1/1770018805-7967.jpg"/>
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      <description><![CDATA[West Bengal election results: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की भारी जीत को अनैतिक करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 100 से अधिक सीटों पर जनादेश लूटा गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों पर पक्षपाती ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="mamata banerjee attacks bjp in delhi" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-02/02/full/1770018805-7967.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	West Bengal election results: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की भारी जीत को अनैतिक करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 100 से अधिक सीटों पर जनादेश लूटा गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया। सीएम ने कहा कि उन्होंने मुझे लात मारी... CCTV बंद कर दिया। सपा नेता अखिलेश यादव ने ममता का वीडियो शेयर कर 2022 के यूपी विधानसभा चुनावों में कन्नौज सीट पर हुए घपले को याद किया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ममता बनर्जी सोमवार को लॉर्ड सिन्हा रोड स्थित सखावत मेमोरियल गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल के मतगणना केंद्र पर उस समय पहुंचीं जब तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि उसके एक मतगणना एजेंट को वहां से जबरन बाहर निकाल दिया गया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ममता बनर्जी ने कहा कि तीन बजे से वे हमें मार रहे हैं। उन्होंने मुझे लात मारी... CCTV बंद कर दिया, हमारे एक एजेंट को घुसने नहीं दिया। मैं 5 मिनट के लिए घुसी थी, मैंने अनुरोध किया था कि हमारे एजेंट को घुसने दें। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि वे घुसने देंगे। लेकिन फिर कोई उपलब्ध नहीं था। मैंने हर जगह शिकायत की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	जब ममता बनर्जी केंद्र से बाहर निकलीं, तो BJP समर्थक &#39;जय श्री राम&#39; के नारे लगाने लगे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि BJP की जीत अनैतिक है। बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मिलीभगत से केंद्रीय बलों की मदद से चुनाव आयोग की गतिविधियां अवैध थीं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
	<p dir="ltr" lang="hi">
		अब क्या सत्ताधारी राजनीति को पाताल से भी नीचे ले जाएंगे। देश के राजनीतिक इतिहास का ये एक घनघोर ‘काला दिन’ है। आज पूरा देश आक्रोशित है और लोकतंत्र व्यथित।<br />
		<br />
		चुनावी व्यवस्था के नाम पर केंद्रीय बलों का जो दुरुपयोग मतगणना में आज बंगाल में हुआ है, ठीक वैसा ही घपला 2022 के यूपी… <a href="https://t.co/NcTyKIT6u4">pic.twitter.com/NcTyKIT6u4</a></p>
	— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) <a href="https://twitter.com/yadavakhilesh/status/2051331357046079623?ref_src=twsrc%5Etfw">May 4, 2026</a></blockquote>
<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
<h3>
	 </h3>
<h3>
	अखिलेश को याद आया कन्नौज</h3>
<p>
	ममता बनर्जी का वीडियो शेयर करते हुए अखिलेश यादव ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि अब क्या सत्ताधारी राजनीति को पाताल से भी नीचे ले जाएंगे। देश के राजनीतिक इतिहास का ये एक घनघोर ‘काला दिन’ है। आज पूरा देश आक्रोशित है और लोकतंत्र व्यथित। चुनावी व्यवस्था के नाम पर केंद्रीय बलों का जो दुरुपयोग मतगणना में आज बंगाल में हुआ है, ठीक वैसा ही घपला 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में अधिकांश जगह किया गया था, जिसकी साक्षात गवाह कन्नौज की विधानसभाएं थीं। फिर इसी निंदनीय मॉडल को फ़र्रुख़ाबाद के 2024 लोकसभा चुनाव में दोहराया गया था। सब जानते हैं क्या हुआ है और सच क्या है और जनमत की खुली लूट कैसे हुई है। घोर, घोर, घोर निंदनीय!!!</p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने ममता को 15,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया। भवानीपुर की हार ने पिछले विधानसभा चुनाव में बनर्जी की नंदीग्राम सीट पर हार की यादें ताजा कर दीं, जहां शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें हराया था।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 09:50:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 09:58:03 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मोदी युग में कांग्रेस होने के मायने: लगातार कमजोर होकर भी कैसे भाजपा की मुख्य चुनौती है कांग्रेस?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/what-it-means-to-be-the-congress-in-the-modi-era-126050400063_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/what-it-means-to-be-the-congress-in-the-modi-era-126050400063_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777905149-0201.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777905149-0201.jpg</image>
      <description><![CDATA[भारतीय राजनीति के मौजूदा दौर को समझने के लिए एक बुनियादी सवाल बार-बार सामने आता है—क्या कांग्रेस आज भी  प्रासंगिक है? Narendra Modi के नेतृत्व में भाजपा की लगातार चुनावी सफलताओं ने ऐसा राजनीतिक परिदृश्य रचा है, जहां विपक्ष बिखरा और रक्षात्मक नजर आता ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Modi and Rahul" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777905149-0201.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Modi and Rahul" width="1200" /></p>
</p>
<br />
भारतीय राजनीति के मौजूदा दौर को समझने के लिए एक बुनियादी सवाल बार-बार सामने आता है—क्या कांग्रेस आज भी  प्रासंगिक है? Narendra Modi के नेतृत्व में भाजपा की लगातार चुनावी सफलताओं ने ऐसा राजनीतिक परिदृश्य रचा है, जहां विपक्ष बिखरा और रक्षात्मक नजर आता है।<br />
<br />
लेकिन इसी तस्वीर में एक महत्वपूर्ण विरोधाभास भी है— कांग्रेस आज भी भाजपा के सामने खड़ी एकमात्र ऐसी चुनौती है, जिसकी उपस्थिति अखिल भारतीय (Pan-India) है। यही वजह है कि सत्तापक्ष अपनी राजनीतिक वैधता और तुलना को स्थापित करने के लिए बार-बार नेहरू युग और कांग्रेस के ‘60 साल’ के शासन का संदर्भ गढ़ता है—क्योंकि मुकाबला अंततः उसी विरासत से तय होता है।<br />
<br />
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद भाजपा ने अपनी सांगठनिक पकड़ को और मजबूत किया है, लेकिन 2026 के विधानसभा  चुनाव परिणामों ने उसे एक बड़ी चुनौती भी दी है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की 15 साल पुरानी सत्ता का अंत और  भाजपा की ऐतिहासिक बढ़त ने यह साफ कर दिया है कि भाजपा अब पूर्वी भारत में एक निर्णायक शक्ति बन चुकी है। वहीं, केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF की वापसी ने दक्षिण भारत में कांग्रेस के आधार को मजबूती दी है।<br />
<br />
अब देश में राजनीतिक परिदृश्य यह है कि पंजाब के अलावा दिल्ली में &#39;आप&#39; और तमिलनाडु में विजय की TVK (तमिलगा वेट्टी कड़गम) के उदय ने गैर-कांग्रेसी विपक्ष की नई लकीर खींच दी है। वर्तमान में कांग्रेस अपने दम पर हिमाचल, कर्नाटक, तेलंगाना और अब केरल में सत्ता में है। यदि झारखंड और तमिलनाडु के सहयोगियों को मिला लिया जाए, तो वह देश के लगभग 6 राज्यों में प्रभावी गठबंधन का हिस्सा है। लोकसभा चुनाव 2029 के लिए बिसात अब और अधिक जटिल हो गई है, जहाँ कांग्रेस के पास राष्ट्रीय धुरी बनने का अवसर तो है, लेकिन क्षेत्रीय ताकतों का बढ़ता प्रभाव उसके लिए कड़ी चुनौती भी पेश कर रहा है।<br />
<br />
<strong>भाजपा की बढ़त: </strong><strong>“मोदी मैजिक” या संगठित राजनीति?</strong><br />
2014 के बाद से भाजपा ने सिर्फ चुनाव नहीं जीते, बल्कि राजनीतिक नैरेटिव पर कब्जा किया है।<br />
<br />
भाजपा की सफलता का राज सिर्फ "मोदी मैजिक" नहीं, बल्कि संगठन + रणनीति + संदेश का त्रिकोण है।<br />
<br />
<strong>प्रेसिडेंशियल स्टाइल:</strong> चुनाव को &#39;नेतृत्व बनाम कौन&#39; की लड़ाई में तब्दील करना।<br />
<br />
<strong>कैडर की ताकत:</strong> आरएसएस का जमीनी आधार और केंद्रीकृत निर्णय प्रक्रिया।<br />
<br />
<strong>लाभार्थी वर्ग:</strong> कल्याणकारी योजनाओं के जरिए एक नया और वफादार वोट बैंक।<br />
<br />
इसके विपरीत, कांग्रेस अक्सर &#39;रिएक्टिव पॉलिटिक्स&#39; (प्रतिक्रियावादी राजनीति) तक सीमित रह जाती है, जहाँ वह भाजपा के  नैरेटिव पर प्रतिक्रिया देती है, अपना एजेंडा सेट नहीं कर पाती।<br />
<br />
“मोदी मैजिक” सिर्फ करिश्मा नहीं, बल्कि संगठन + रणनीति + संदेश का त्रिकोण है। यही कारण है कि भाजपा ने राज्य दर  राज्य अपनी पकड़ मजबूत की, और विपक्ष को रिएक्टिव पॉलिटिक्स तक सीमित कर दिया। भाजपा के पास आरएसएस जैसा एक अनुशासित कैडर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा एक शक्तिशाली चेहरा है, जो चुनाव को ‘प्रेसिडेंशियल’ (राष्ट्रपति शैली) बना देता है। इसके मुकाबले, कांग्रेस का ढांचा बिखरा हुआ है। सीट-बंटवारे की जटिलताएं और संगठनात्मक तालमेल की कमी इसे एक ‘प्रतिक्रियावादी’ समूह तक सीमित कर देती है।<br />
<br />
<strong>कांग्रेस: हार की आदत या पुनर्निर्माण का दौर</strong><strong>?</strong><br />
कांग्रेस का प्रदर्शन पिछले एक दशक में निराशाजनक रहा है— चुनाव दर चुनाव हार, कमजोर संगठन और स्पष्ट रणनीति की  कमी।<br />
<br />
<strong>लेकिन इसके बावजूद:</strong> कांग्रेस अभी भी राष्ट्रीय स्तर पर फैला एकमात्र ढांचा है जो क्षेत्रीय दलों के बीच समन्वय की धुरी बन  सकती है। यही पार्टी है को लंबे समय से वैचारिक स्तर पर भाजपा के खिलाफ मुख्य प्रतिपक्ष है। दिलचस्प बात यह है कि  Mamata Banerjee, अखिलेश यादव या अरविंद केजरीवाल जैसे मजबूत क्षेत्रीय नेताओं के बाद भी राष्ट्रीय स्तर पर  भाजपा के मुकाबले सीधी लड़ाई कांग्रेस ही देती है।<br />
<br />
<strong>चेहरे का संकट और </strong><strong>&#39;राहुल 2.0&#39;</strong><br />
कांग्रेस की सबसे बड़ी समस्या संगठन से अधिक विश्वसनीय नेतृत्व की रही है। राहुल गांधी की छवि में &#39;भारत जोड़ो यात्रा&#39; के बाद सुधार तो हुआ है, लेकिन भाजपा के सुव्यवस्थित मशीनरी के सामने वे अब भी &#39;निर्णायक विकल्प&#39; के रूप में खुद को पूरी तरह स्थापित करने के संघर्ष में हैं।<br />
<br />
<strong>प्रियंका गांधी का फैक्टर: </strong>प्रियंका को हमेशा कांग्रेस के &#39;ट्रम्प कार्ड&#39; के रूप में देखा जाता है। उनकी इंदिरा गांधी जैसी छवि और संवाद शैली उनकी ताकत है, लेकिन क्या पार्टी उन्हें महज एक &#39;प्रचारक&#39; से आगे बढ़ाकर &#39;निर्णायक चेहरा&#39; बनाने का साहस दिखाएगी? 2029 की लड़ाई इसी साहस पर टिकी है।<br />
<br />
<strong>अस्तित्व से विकल्प तक का सफर : </strong>मोदी युग में कांग्रेस होना सिर्फ एक दल का अस्तित्व बचाना नहीं, बल्कि एक वैकल्पिक विचार (Alternative Vision) को जीवित रखना है। कांग्रेस को सत्ता की वास्तविक दावेदार बनने के लिए तीन मोर्चों पर खुद को साबित करना होगा:<br />
<br />
<strong>नैरेटिव की लड़ाई:</strong> क्या कांग्रेस भाजपा के राष्ट्रवाद के सामने एक अधिक आकर्षक &#39;जन-केंद्रित&#39; विजन दे पाएगी?<br />
<br />
<strong>संगठन की धार:</strong> क्या वह गुटबाजी छोड़कर बूथ स्तर पर भाजपा जैसी सक्रियता दिखा पाएगी?<br />
<br />
<strong>विश्वसनीयता:</strong> क्या जनता उसे सिर्फ भाजपा के &#39;विरोध&#39; के रूप में नहीं, बल्कि शासन के एक &#39;बेहतर विकल्प&#39; के रूप में देखेगी? यदि कांग्रेस इन सवालों का हल ढूंढ लेती है, तो वह 2029 में सिर्फ मुख्य प्रतिपक्ष नहीं, बल्कि वास्तविक विकल्प बनकर उभरेगी। वरना, क्षेत्रीय क्षत्रपों के उदय के बीच उसका स्थान एक &#39;सहायक किरदार&#39; तक सीमित हो सकता है।<br />
Edited By: Naveen R Rangiyal<br />
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 05 May 2026 08:13:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 08:13:36 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[RG Kar केस की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ की बड़ी जीत, पानीहाटी से BJP ने दिया था टिकट]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/rg-kar-case-ratna-debnath-wins-panihati-seat-126050500001_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/rg-kar-case-ratna-debnath-wins-panihati-seat-126050500001_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777919501-6059.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777919501-6059.jpg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के पानीहाटी विधानसभा सीट से रत्ना देबनाथ ने शानदार जीत दर्ज की है। आरजी कर केस की पीड़िता की मां और भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ को कुल 87,977 वोट मिले और उन्होंने 28,836 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="520" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/full/1777919501-6059.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="700" /></p>
	</p>
	पश्चिम बंगाल के पानीहाटी विधानसभा सीट से रत्ना देबनाथ ने शानदार जीत दर्ज की है। आरजी कर केस की पीड़िता की मां और भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ को कुल 87,977 वोट मिले और उन्होंने 28,836 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। <br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/bhabanipur-result-suvendu-adhikari-defeats-mamata-banerjee-bengal-election-126050400066_1.html" target="_blank">Mamata Banerjee : ममता को मुसलमानों ने वोट दिया, मुझे हिन्दुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने जिताया, भवानीपुर में जीत के बाद बोले सुवेंदु</a></strong></p>
	पश्चिम बंगाल चुनाव में पानीहाटी सीट सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बनकर उभरी था, जहां देबनाथ का सामना टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष से था, जो एक बड़े नेता के बेटे हैं।<br />
	<br />
	<p>
		पनिहाटी टीएमसी का गढ़ माना जाता था, जिसे ढहा दिया गया। तृणमूल कांग्रेस को 15 साल के बाद हार मिली है। टीएमसी के अभेद्य किले में सेंधमारी करने वालीं रत्‍ना देबनाथ कोई राजनेता नहीं बल्‍क‍ि अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सियासी समर में उतरने वाली एक मां हैं। रत्‍ना देबनाथ ने 5 बार के विधायक अमृत घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को करारी शिकस्त दी।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		जब भाजपा ने रत्ना देबनाथ को प्रत्याशी के रूप में फाइनल किया तो उसी समय से उनकी जीत तय मानी जा रही थी। रत्ना देबनाथ की इस चुनाव में उम्मीदवारी ने महिलाओं के दिल में बड़ा प्रभाव डाला है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से हर वर्ग की महिलाओं ने गले लगाकर आंसुओं की धारा बहाकर रत्ना का स्वागत कर इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा होने का वादा किया, यह चुनाव में एक बड़ा फैक्टर साबित हुआ। इस बार किसी पार्टी का नहीं बल्कि एक मां होने के नाते महिलाओं ने एक मां का साथ देने का फैसला किया, जो चुनाव प्रचार में साफ दिख रहा था।</p>
	<p>
		<p>
			<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/rahul-gandhi-alleges-bengal-assam-elections-stolen-supports-mamata-banerjee-126050400069_1.html" target="_blank">चुराए गए बंगाल और असम चुनाव, 100 से ज्यादा सीटें छीनी गई, राहुल गांधी का बड़ा आरोप</a></strong></p>
	</p>
	<p>
		इस वर्ष विधानसभा चुनाव प्रचार में आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला जूनियर डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत की घटना को भाजपा ने जोरशोर से उठाया। चुनाव प्रचार के समय ही अलग-अलग पार्टी को सपोर्ट करने वाली महिलाओं ने एकजुट होकर इंसाफ की लड़ाई में रत्ना के साथ खड़ा होने का ऐलान किया। हर महिला ने ‘अभया’ को अपनी बेटी मानते हुए इस इंसाफ में खुद को रत्ना के साथ खड़ा कर दिया। </p>
	Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 23:56:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 00:07:29 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[चुराए गए बंगाल और असम चुनाव, 100 से ज्यादा सीटें छीनी गई, राहुल गांधी का बड़ा आरोप]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/rahul-gandhi-alleges-bengal-assam-elections-stolen-supports-mamata-banerjee-126050400069_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/rahul-gandhi-alleges-bengal-assam-elections-stolen-supports-mamata-banerjee-126050400069_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/05/thumb/1_1/1775391339-1071.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/05/thumb/1_1/1775391339-1071.jpg</image>
      <description><![CDATA[कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि असम और पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों को भाजपा ने चुनाव आयोग के समर्थन से 'चुरा लिया'। राहुल गांधी ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों से सहमत हैं और दावा किया कि ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/05/full/1775391339-1071.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Rahul Gandhi" width="1200" /></p>
	कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि असम और पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों को भाजपा ने चुनाव आयोग के समर्थन से &#39;चुरा लिया&#39;। राहुल गांधी ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों से सहमत हैं और दावा किया कि राज्य में &#39;100 से ज्यादा सीटें छीनी गईं&#39;। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ळ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि असम और बंगाल चुनावों में भाजपा ने चुनाव आयोग की सहायता से जीत हासिल की।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/bhabanipur-result-suvendu-adhikari-defeats-mamata-banerjee-bengal-election-126050400066_1.html" target="_blank">Mamata Banerjee : ममता को मुसलमानों ने वोट दिया, मुझे हिन्दुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने जिताया, भवानीपुर में जीत के बाद बोले सुवेंदु</a></strong></p>
	उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह के पैटर्न पहले भी देखने को मिले हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और 2024 के लोकसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	 इससे पूर्व ममता बनर्जी ने भी भाजपा पर 100 से अधिक सीटें &#39;लूटने&#39; का आरोप लगाया था और चुनाव आयोग को &#39;भाजपा का आयोग&#39; बताया था। उन्होंने इस जीत को &#39;अनैतिक&#39; और &#39;अवैध&#39; करार दिया। ममता ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उन्होंने केंद्रीय बलों की तैनाती, चुनाव आयोग की भूमिका और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री की भागीदारी पर भी सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह अवैध बताया। ममता बनर्जी ने कहा, “यह जीत नैतिक नहीं है, बल्कि लूट है। हम वापसी करेंगे।”</p>
<p>
	 </p>
<p>
	यह परिणाम राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है, जहां ममता बनर्जी के 13 साल के शासन का अंत करीब नजर आ रहा है। इस बीच भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम जैसी अहम सीटों पर जीत दर्ज की। गौरतलब है कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने 294 में से 213 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि भाजपा 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनी थी। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 23:41:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 23:43:31 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत पर जश्‍न, जमकर नाचे पुलिसकर्मी, वीडियो हुआ वायरल]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/policemen-dance-to-celebrate-bjp-s-victory-in-west-bengal-126050400067_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/policemen-dance-to-celebrate-bjp-s-victory-in-west-bengal-126050400067_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777912182-0395.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777912182-0395.jpg</image>
      <description><![CDATA[West Bengal Assembly Elections : 4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद खुशी का माहौल है। भाजपा की जीत का जश्न मनाते हुए पुलिसकर्मियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी भाजपा की जीत का जश्न मनाते नजर आ ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Policemen dance to celebrate BJP's victory in West Bengal" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777912182-0395.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="" /></p>
	</p>
	<strong>West Bengal Assembly Elections : </strong>4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद खुशी का माहौल है। भाजपा की जीत का जश्न मनाते हुए पुलिसकर्मियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी भाजपा की जीत का जश्न मनाते नजर आ रहे हैं। वायरल हो रहे वीडियो में पुलिसकर्मी नाचते हुए दिख रहे हैं। पुलिसकर्मियों का कहना है कि भाजपा की इस बंपर जीत के बाद इस साल से उन्हें 7वें वेतन आयोग का लाभ मिलेगा।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/bhabanipur-result-suvendu-adhikari-defeats-mamata-banerjee-bengal-election-126050400066_1.html" target="_blank">Mamata Banerjee : ममता को मुसलमानों ने वोट दिया, मुझे हिन्दुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने जिताया, भवानीपुर में जीत के बाद बोले सुवेंदु</a></strong></p>
</p>
<p>
	4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद खुशी का माहौल है। भाजपा की जीत का जश्न मनाते हुए पुलिसकर्मियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी भाजपा की जीत का जश्न मनाते नजर आ रहे हैं। वायरल हो रहे वीडियो में पुलिसकर्मी नाचते हुए दिख रहे हैं।<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="hi">
			4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद खुशी का माहौल है। भाजपा की जीत का जश्न मनाते हुए पुलिसकर्मियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, खबर ????<a href="https://t.co/ZSUazplGDn">https://t.co/ZSUazplGDn</a><a href="https://twitter.com/hashtag/ResultUpdates?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#ResultUpdates</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/SuvenduAdhikari?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#SuvenduAdhikari</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/MamataBanerjee?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#MamataBanerjee</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/WestBengal?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WestBengal</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/NarendraModi?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#NarendraModi</a> <a href="https://t.co/6nkWjAGXLa">pic.twitter.com/6nkWjAGXLa</a></p>
		— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) <a href="https://twitter.com/WebduniaHindi/status/2051344298520793116?ref_src=twsrc%5Etfw">May 4, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script><br />
	पुलिसकर्मियों का कहना है कि भाजपा की इस बंपर जीत के बाद इस साल से उन्हें 7वें वेतन आयोग का लाभ मिलेगा। पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह की रैलियां व रोडशो निर्णायक साबित हुई। चुनाव अभियान का आगे बढ़कर नेतृत्व करते हुए प्रधानमंत्री ने कुल 19 रैलियों को संबोधित किया और दो रोडशो भी किए।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/pm-modi-speech-bjp-victory-bengal-assam-top-10-highlights-126050400065_1.html" target="_blank">Election Result 2026 : बंगाल-असम में BJP की बंपर जीत पर PM मोदी का भाषण, जानिए 10 बड़ी बातें</a></strong></p>
	वहीं अमित शाह ने 30 जनसभाओं को संबोधित किया और 12 रोड शो किए। चुनाव प्रचार के दौरान शाह 15 दिनों तक पश्चिम बंगाल में डटे रहे। इसके साथ ही शाह ने कई प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर चुनावी मुद्दों को स्पष्ट कर आम जनता में भरोसा कायम करने का काम किया।<br />
	Edited By : Chetan Gour</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 21:56:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 22:26:09 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Mamata Banerjee : ममता को मुसलमानों ने वोट दिया, मुझे हिन्दुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने जिताया, भवानीपुर में जीत के बाद बोले सुवेंदु]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/bhabanipur-result-suvendu-adhikari-defeats-mamata-banerjee-bengal-election-126050400066_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/bhabanipur-result-suvendu-adhikari-defeats-mamata-banerjee-bengal-election-126050400066_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/thumb/1_1/1777920648-0427.jpg"/>
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      <description><![CDATA[भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पांच साल पहले नंदीग्राम के राजनीतिक परिदृश्य की तरह ही एक नाटकीय और महत्वपूर्ण मुकाबले में, सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में हराकर तृणमूल कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया। चुनाव आयोग ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="mamta banrjee_shubendu adhikari" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/05/full/1777920648-0427.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पांच साल पहले नंदीग्राम के राजनीतिक परिदृश्य की तरह ही एक नाटकीय और महत्वपूर्ण मुकाबले में, सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में हराकर तृणमूल कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया। चुनाव आयोग के अनुसार अधिकारी ने 15,105 मतों के अंतर से जीत हासिल की। यह एक आश्चर्यजनक उलटफेर है क्योंकि बनर्जी शुरुआती दौर में बढ़त बनाये हुए थीं।
	<p>
		 </p>
	<p>
		शुभेंदु को 73,917 वोट मिले, जबकि बनर्जी को 58,812 वोट प्राप्त हुए।  अधिकारी ने इस चर्चित निर्वाचन क्षेत्र में मिली जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद कहा कि  मैं भवानीपुर के लोगों को मुझे वोट देने और 15,000 से अधिक मतों के अंतर से विजयी बनाने के लिए धन्यवाद देता हूं। 2021 के विधानसभा चुनाव में भी नंदीग्राम में अधिकारी ने एक बेहद कड़े मुकाबले में बनर्जी को हराया था।</p>
	<p>
		<p>
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	</p>
	<h3>
		17000 वोटों से आगे थीं</h3>
	<p>
		भवानीपुर में सातवें चरण की मतगणना के अंत तक मुख्यमंत्री 17,000 से अधिक मतों से आगे थीं, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उन्होंने निर्णायक बढ़त बना ली है। हालांकि, मतगणना के बाद के चरण में यह बढ़त धीरे-धीरे कम होती गई और अधिकारी ने वापसी करते हुए अंतिम दौर में उन्हें पीछे छोड़ दिया।</p>
	<p>
		<p>
			<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/pm-modi-speech-bjp-victory-bengal-assam-top-10-highlights-126050400065_1.html" target="_blank">Election Result 2026 : बंगाल-असम में BJP की बंपर जीत पर PM मोदी का भाषण, जानिए 10 बड़ी बातें</a></strong></p>
	</p>
	<h3>
		14वें चरण में हुआ तनाव </h3>
	<p>
		मतगणना के 14वें चरण तक बनर्जी की बढ़त घटकर 4,000 मतों से भी कम रह गई थी, जिससे मुकाबला काफी तनावपूर्ण हो गया था। इसके बाद, भाजपा प्रत्याशी ने बढ़त हासिल कर ली और जीत हासिल की। दिनभर इस सीट पर नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला और सखावत मेमोरियल गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल स्थित मतगणना केंद्र पर दोनों प्रत्याशी मौजूद रहे। बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘क्या आपको लगता है कि यह जीत है? यह एक अनैतिक जीत है। 100 से अधिक सीट की लूट हुई है। निर्वाचन आयोग भाजपा का आयोग है।’</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		जनादेश में हेराफेरी का दावा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के एक मतगणना एजेंट को जबरन बाहर निकाल दिया गया था और उन्हें (ममता को) मतगणना केंद्र के अंदर ‘धक्का दिया गया और अपशब्द कहे गए।’ इन आरोपों पर निर्वाचन आयोग या भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। अपनी जीत के बाद मतगणना केंद्र से बाहर निकलते हुए अधिकारी ने भवानीपुर के मतदाताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि जनादेश बदलाव की इच्छा को दर्शाता है।</p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/mk-stalin-faces-defeat-in-kolathur-assembly-seat-126050400064_1.html" target="_blank">तमिलनाडु के CM स्टालिन भी हारे, नहीं बचा पाए कोलाथुर सीट, अपने ही साथी से मिली हार</a></strong></p>
	उन्होंने भी कहा कि यह बहुत ज़रूरी था। ममता बनर्जी को हराना बहुत ज़रूरी था। यह ममता बनर्जी का राजनीतिक से रिटायरमेंट है... इस बार भी वे 15,000 से ज़्यादा वोटों से हार गईं। मुसलमानों ने उन्हें दिल खोलकर वोट दिया। वार्ड नंबर 77 में, वोट देने आए सभी मुसलमानों ने ममता को वोट दिया, और हिंदुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने मुझे आशीर्वाद दिया और जिताया।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-first-reaction-on-bengal-election-results-and-bjp-win-126050400062_1.html" target="_blank">Mamata Banerjee : बंगाल में हार के बाद ममता बनर्जी का पहला रिएक्शन, बोलीं- EVM लूटी, BJP ने किया अवैध काम, मुझे लात मारी, CCTV बंद किया</a></strong></p>
	सुवेंदु ने कहा कियह जीत हिन्दुत्व की जीत है। CPM के सभी मज़बूत सपोर्टर्स ने मुझे वोट दिया। भवानीपुर में CPM के 13,000 वोट थे, और उनमें से कम से कम 10,000 मुझे मिले। मैं वहां के CPM वोटर्स का भी शुक्रिया अदा करता हूं। सभी बंगाली हिंदुओं ने मुझे दिल खोलकर वोट दिया।<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="hi">
			<a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> कोलकाता | BJP नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "सभी को बधाई। यह बंगाल के लोगों की जीत है। यह मोदी जी की जीत है।" <a href="https://t.co/6oSMkBazCD">pic.twitter.com/6oSMkBazCD</a></p>
		— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/2051337701694296274?ref_src=twsrc%5Etfw">May 4, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>उनके साथ, गुजरातियों, जैनों, मारवाड़ियों, पूर्वांचलियों और सिख कम्युनिटी ने भी मुझे दिल खोलकर वोट दिया। अमित शाह ने मुझे दो-तीन बार फ़ोन किया। उन्होंने भवानीपुर को लेकर कुछ चिंता भी ज़ाहिर की। मैंने उन्हें कुछ समय पहले बताया था। मैंने किसी और से बात नहीं की है। मुझे फ़ोन इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं थी। मैं अभी उन्हें बताने जा रहा हूं। वह इंतजार कर रहे हैं। मुझे नंदीग्राम सर्टिफिकेट भी लेना है। Edited by : Sudhir Sharma</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 21:18:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 05 May 2026 00:21:26 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Election Result 2026 : बंगाल-असम में BJP की बंपर जीत पर PM मोदी का भाषण, जानिए 10 बड़ी बातें]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/pm-modi-speech-bjp-victory-bengal-assam-top-10-highlights-126050400065_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/pm-modi-speech-bjp-victory-bengal-assam-top-10-highlights-126050400065_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777906245-9405.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777906245-9405.jpg</image>
      <description><![CDATA[प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर कहा- बंगाल की पहली कैबिनेट मीटिंग में ही आयुष्मान भारत को मंजूरी मिलेगी। घुसपैठ करने वालों पर एक्शन लिया जाएगा। पढ़िए कार्यकर्ताओं को संबोधन की 10 खास बातें-]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777906245-9405.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर कहा- बंगाल की पहली कैबिनेट मीटिंग में ही आयुष्मान भारत को मंजूरी मिलेगी। घुसपैठ करने वालों पर एक्शन लिया जाएगा। पढ़िए कार्यकर्ताओं को संबोधन की 10 खास बातें- </p>
<p>
	 </p>
<p>
	1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश का हर राज्य भी एक-दूसरे से लड़कर नहीं, एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहता है। इन चुनावों ने इस संदेश को भी बहुत स्पष्ट किया है। बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में जिन तीन सरकारों को जनता ने सत्ता से बाहर किया उनकी एक समान पहचान थी, विभाजन की राजनीति। यही उनकी पहचान थी। उनकी राजनीति जोड़ने की नहीं, तोड़ने की थी। कभी भाषा के नाम पर विवाद खड़ा किया गया, कभी खाने-पीने की आदतों को लेकर समाज को बांटने की कोशिशें हुईं, कभी अपने ही देश के लोगों को तक बाहरी कहा गया लेकिन भारत की जनता ने इस राजनीति को साफ जवाब दिया है। देश ने बता दिया है कि उसे विवाद नहीं विकास चाहिए, विभाजन नहीं विश्वास चाहिए। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/mk-stalin-faces-defeat-in-kolathur-assembly-seat-126050400064_1.html" target="_blank">तमिलनाडु के CM स्टालिन भी हारे, नहीं बचा पाए कोलाथुर सीट, अपने ही साथी से मिली हार</a></strong></p>
</p>
<p>
	 </p>
<p>
	2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम बंगाल, असम और पुडुचेरी की जनता की हर उम्मीद, हर अपेक्षा को अपनी सेवा से पूरा करेंगे। इसी विश्वास के साथ बंगाल, असम और पुडुचेरी में एक बार फिर से भाजपा-NDA को विजयी बनाने के लिए, लोकतंत्र को विजयी बनाने के लिए मैं सभी नागरिकों का, सभी मतदाताओं का और सभी देशवासियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं और सिर झुकाकर के उनका आदेश स्वीकार करता हूं।"</p>
<p>
	 </p>
<p>
	3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हम भारत की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देख रहे हैं। आज पूरे देश में एक भी ऐसा राज्य नहीं है जहां कम्यूनिस्ट पार्टी की सरकार हो। यह सिर्फ सियासत का बदलाव नहीं है, यह सोच का बदलाव है। यह बताता है कि विकसित होता हुआ भारत किस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। आज का भारत अवसर चाहता है, विकास चाहता है, विश्वास चाहता है, आज का भारत प्रगति चाहता है, स्थिरता चाहता है, आज का भारत ऐसी राजनीति चाहता है जो देश को आगे बढ़ाए लेकिन दुर्भाग्य से आज की कांग्रेस बिल्कुल विपरीत दिशा में चल पड़ी है। ऐसे समय में जब पूरा देश कम्युनिज्म से किनारा कर चुका है तब कांग्रेस उसी विचारधारा को अपनाने में लगी है जिसे देश ने ठुकरा दिया है। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-first-reaction-on-bengal-election-results-and-bjp-win-126050400062_1.html" target="_blank">Mamata Banerjee : बंगाल में हार के बाद ममता बनर्जी का पहला रिएक्शन, बोलीं- EVM लूटी, BJP ने किया अवैध काम, मुझे लात मारी, CCTV बंद किया</a></strong></p>
</p>
<p>
	4. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का एक और महत्वपूर्ण स्तंभ भारत की नारी शक्ति है। नारी शक्ति अब विकसित भारत के निर्माण में तेजी से आगे बढ़ रही है। लेकिन नारी शक्ति की इस रफ्तार को कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने कुछ दिन पहले रोकने का काम किया है। इन नारी विरोधी दलों ने संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन को पास नहीं होने दिया और इसलिए मैंने कुछ दिन पहले कहा भी था कि महिलाओं के आरक्षण का विरोध करने वाले ऐसा दलों को महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा। आज कांग्रेस, TMC और DMK को बहनों और बेटियों ने सजा दी है...मुझे विश्वास है कि केरलम की बहनें भी अगले चुनावों में कांग्रेस को सबक जरूर सिखाएगी।"</p>
<p>
	 </p>
<p>
	5.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बंगाल के ये चुनाव एक और वजह से बहुत खास रहे हैं। आप याद कीजिए, बंगाल चुनाव के समय कैसी खबरें आती थीं। हिंसा, डर और निर्दोष लोगों की मौतें। लेकिन इस बार पूरे देश ने एक नई खबर सुनी। पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान हुआ। पहली बार ऐसा हुआ कि चुनावी हिंसा में एक भी निर्दोष नागरिक की जान नहीं गई। लोकतंत्र के इस महापर्व में बंदूक की आवाज नहीं जनता जनार्धन की आवाज गूंजी। पहली बार डर नहीं, लोकतंत्र जीता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	6. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बंगाल के भविष्य की एक ऐसी यात्रा शुरू हो रही है जहां विकास, अटूट विश्वास और नई उम्मीदें कदम से कदम मिलाकर चलेंगी। मैं आज हर बंगालवासी को भरोसा देता हूं, बंगाल के बेहतर भविष्य के लिए, भाजपा दिन-रात एक कर देगी। बंगाल में अब महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिलेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा, पलायन रुकेगा। पहली कैबिनेट में ही आयुष्मान भारत योजना को हरि झंडी दिखाई जाएगी और घुसपैठियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	 </p>
<p>
	7. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डॉ मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने के लिए एक बड़ी लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने जिस सशक्त और समृद्ध समृद्ध बंगाल का सपना देखा था वो सपना कई दशकों से पूरा होने का इंतजार कर रहा था। आज 4 मई 2026 को बंगाल की जनता ने हम भाजपा कार्यकर्ता को वो अवसर दिया है। बंगाल के भाग्य में आज से एक नया अध्याय जुड़ गया है। आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है। विकास के भरोसे से युक्त हुआ है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	8. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भाजपा-NDA की सरकारे हैं। हमारा मंत्र है, &#39;नागरिक देवो भव:&#39;। हम जनता की सेवा में जुटे हुए हैं और इसलिए जनता भाजपा पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कर रही है। जनता साफ देख रही है जहां भाजपा वहां गुड गवर्नेंस, जहां भाजपा वहां विकास। आप बीते 2 साल के ट्रेंड को देखिए। हरियाणा में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनी, महाराष्ट्र में भाजपा की जोरदार विजय हुई, दिल्ली में अभूतपूर्व जीत हासिल हुई, बिहार में हमें पहले से भी बड़ी जीत मिली।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	9. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गंगा जी के साथ-साथ ब्रह्मपुत्र का भी हम पर आशीर्वाद रहा है, माँ कामाख्या का भी हम पर आशीर्वाद रहा है। असम की जनता ने लगातार तीसरी बार भाजपा-NDA पर भरोसा किया है। हैट्रिक हुई है।  पिछले साल 14 नवंबर को जब बिहार चुनाव के नतीजे आए थे, तब मैंने यहीं इसी जगह से आप सबको कहा था गंगा जी बिहार से आगे बहते हुए गंगासागर तक जाती हैं। आज बंगाल की जीत के साथ गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक कमल ही कमल खिला हुआ है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और अब पश्चिम बंगाल। आज माँ गंगा के ईर्द-गिर्द बसे इन राज्यों में भाजपा, NDA सरकार है।  </p>
<p>
	 </p>
<p>
	10. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज विभिन्न उपचुनावों के परिणाम भी अत्यंत उत्साहजनक रहे हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, नागालैंड और त्रिपुरा में जो उपचुनाव हुए हैं, उसमें हमारे उम्मीदवारों को जनता-जनार्धन ने आशीर्वाद दिया और इन राज्यों में भी जीत गए हैं। NDA की नेता, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री, सुनेत्रा पवार जी ने भी बड़ी जीत दर्ज की है। मैं इन सभी राज्यों की जनता का उनके समर्थन के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 20:18:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 21:35:58 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[तमिलनाडु के CM स्टालिन भी हारे, नहीं बचा पाए कोलाथुर सीट, अपने ही साथी से मिली हार]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/mk-stalin-faces-defeat-in-kolathur-assembly-seat-126050400064_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/mk-stalin-faces-defeat-in-kolathur-assembly-seat-126050400064_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777905967-9481.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777905967-9481.jpg</image>
      <description><![CDATA[MK Stalin also lost election : तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन को कोलाथुर सीट से हार का सामना करना पड़ा है। DMK प्रमुख स्टालिन उत्तरी चेन्नई के कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="MK Stalin faces defeat in Kolathur Assembly seat" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777905967-9481.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="MK Stalin" /></p>
	</p>
	<strong>MK Stalin also lost election : </strong>तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन को कोलाथुर सीट से हार का सामना करना पड़ा है। DMK प्रमुख स्टालिन उत्तरी चेन्नई के कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के सीनियर नेता वीएस बाबू से 8795 वोटों से हार गए हैं। वीएस बाबू को 82997 वोट मिले जबकि स्टालिन को 74202 वोट मिले। यह सीट स्टालिन का मजबूत गढ़ मानी जाती थी, जहां से वे 2011, 2016 और 2021 में लगातार जीतते आए थे।<br />
	<br />
	तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन को कोलाथुर सीट से हार का सामना करना पड़ा है। DMK प्रमुख स्टालिन उत्तरी चेन्नई के कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के सीनियर नेता वीएस बाबू से 8795 वोटों से हार गए हैं। वीएस बाबू को 82997 वोट मिले जबकि स्टालिन को 74202 वोट मिले।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/west-bengal-assam-bjp-lead-tamil-nadu-tvk-strong-performance-2026-126050400051_1.html" target="_blank">Election Result 2026 : बंगाल में BJP की आंधी, तमिलनाडु में &#39;थलापति&#39; का धमाका, क्या हैं असम, केरल और पुडुचेरी के हाल</a></strong></p>
	यह सीट स्टालिन का मजबूत गढ़ मानी जाती थी, जहां से वे 2011, 2016 और 2021 में लगातार जीतते आए थे। इस बार विजय की पार्टी TVK के उम्मीदवार और उनके पुराने सहयोगी वीएस बाबू ने उन्हें हरा दिया। वीएस बाबू पहले डीएमके से जुड़े थे और 2011 में कोलाथुर सीट पर स्टालिन के चुनाव प्रभारी भी रहे थे। बाद में उन्होंने पार्टी छोड़कर एआईएडीएमके का रुख किया और फिर 7 फरवरी 2026 को TVK में शामिल हो गए।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/the-real-reasons-behind-dmk-s-crushing-defeat-126050400043_1.html" target="_blank">तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: भ्रष्टाचार, ड्रग्स और विजय के प्रति नफरत? डीएमके की करारी हार के असली कारण</a></strong></p>
	2006 में वीएस बाबू ने डीएमके के टिकट पर पुरासवलकम सीट से चुनाव जीता। वीएस बाबू कई सालों तक स्टालिन और डीएमके के बड़े नेता रहे लेकिन 2011 में जिस तरह से उन्हें उनके पद से हटाया गया, वह उनके लिए आहत करने वाला था। तमिलनाडु में जो हुआ, उसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने हैरान कर दिया है।<br />
	Edited By : Chetan Gour</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 20:02:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 20:17:39 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Mamata Banerjee : बंगाल में हार के बाद ममता बनर्जी का पहला रिएक्शन, बोलीं- EVM लूटी, BJP ने किया अवैध काम, मुझे लात मारी, CCTV बंद किया]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-first-reaction-on-bengal-election-results-and-bjp-win-126050400062_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-first-reaction-on-bengal-election-results-and-bjp-win-126050400062_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-08/07/thumb/1_1/1754510941-2319.jpg"/>
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      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में भाजपा की बंपर जीत हुई है। इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पहला रिएक्शन सामने आया है। TMC अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने शिकायत की है, मनोज अग्रवाल को भी मैंने शिकायत की, मैंने पश्चिम बंगाल CEO, ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-08/07/full/1754510941-2319.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Mamta Banerjee" width="1200" /></p>
	पश्चिम बंगाल में भाजपा की बंपर जीत हुई है। इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पहला रिएक्शन सामने आया है। TMC अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने शिकायत की है, मनोज अग्रवाल को भी मैंने शिकायत की, मैंने पश्चिम बंगाल CEO, RO, DEO सबको शिकायत की लेकिन वे कुछ नहीं कर रहे। उन्होंने मुझे अंदर नहीं आने दिया। मेरे पास ID कार्ड है, फिर भी वे मुझे अंदर नहीं जाने दे रहे।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/assembly-election-results-2026-for-five-states-live-updates-126050200057_1.html" target="_blank">LIVE: बंगाल जीत पर बंगाली धोती पहनकर BJP हेडक्वार्टर पहुंचे PM मोदी, बोले- वर्षों की साधना सिद्ध, इसकी खुशी कार्यकर्ताओं के चेहरे पर</a></strong></p>
	यह नैतिक जीत नहीं है, यह अनैतिक जीत है। चुनाव आयोग, सेंट्रल फोर्स, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने जो किया है वह पूरी तरह अवैध है। SIR से शुरू करके, EVM मशीन लूटकर इन्होंने यह सब जानबूझ कर किया है। लूट, लूट, लूट हुई है। <br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			We will bounce back! <a href="https://t.co/86PafNQSyd">pic.twitter.com/86PafNQSyd</a></p>
		— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) <a href="https://twitter.com/AITCofficial/status/2051309461290274911?ref_src=twsrc%5Etfw">May 4, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>TMC अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 3 बजे से वे हमें मार रहे हैं, उन्होंने मुझे लात मारी, CCTV बंद कर दिया, हमारे एक एजेंट को घुसने नहीं दिया। मैं 5 मिनट के लिए घुसी थी, मैंने अनुरोध किया था कि हमारे एजेंट को घुसने दें, उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि वे घुसने देंगे लेकिन फिर कोई उपलब्ध नहीं था। मैंने हर जगह शिकायत की। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 19:53:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 21:25:06 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल में भाजपा की बंपर जीत पर क्या बोले PM मोदी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/prime-minister-narendra-modi-s-statement-on-bjp-s-bumper-victory-in-assembly-elections-126050400059_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/prime-minister-narendra-modi-s-statement-on-bjp-s-bumper-victory-in-assembly-elections-126050400059_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-12/22/thumb/1_1/1766344446-1383.jpg"/>
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      <description><![CDATA[Prime Minister Narendra Modi : पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली है। सबसे ज्यादा खास बंगाल की जीत है। भाजपा कार्यकर्ता इस बड़ी जीत का जश्न मना रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्‍ट किया है। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-12/22/full/1766344446-1383.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Prime Minister Narendra Modi" width="1200" /></p>
	<strong>Prime Minister Narendra Modi :</strong> पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली है। सबसे ज्यादा खास बंगाल की जीत है। भाजपा कार्यकर्ता इस बड़ी जीत का जश्न मना रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्‍ट किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पीढ़ियों से अनगिनत कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों और संघर्ष के बिना पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह ऐतिहासिक जीत संभव नहीं होती। मैं उनमें से प्रत्येक को सलाम करता हूं।<br />
	<br />
	पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली है। सबसे ज्यादा खास बंगाल की जीत है। भाजपा कार्यकर्ता इस बड़ी जीत का जश्न मना रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्‍ट किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पीढ़ियों से अनगिनत कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों और संघर्ष के बिना पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह ऐतिहासिक जीत संभव नहीं होती। मैं उनमें से प्रत्येक को सलाम करता हूं।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-election-results-2026-mamata-banerjee-tmc-fortress-collapse-abhishek-banerjee-factor-126050400052_1.html" target="_blank">पश्चिम बंगाल 2026: ममता बनर्जी का ‘अभेद्य किला’ कैसे ढहा, क्या &#39;अभिषेक बनर्जी फैक्टर&#39; बना टर्निंग पॉइंट?</a></strong></p>
	साल-दर-साल उन्होंने विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष किया है, क्षेत्र में कड़ी मेहनत की है और हमारे विकास एजेंडे के बारे में बात की है। वे हमारी पार्टी की ताकत हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, 2026 का पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव अविस्मरणीय रहेगा। जनता की शक्ति और भाजपा की सुशासन की राजनीति विजयी हुई है। मैं पश्चिम बंगाल के हर व्यक्ति को नमन करता हूं।<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="bn">
			প্রজন্মের পর প্রজন্মের অগণিত কার্যকর্তার প্রচেষ্টা এবং সংগ্রাম ছাড়া পশ্চিমবঙ্গে বিজেপির এই রেকর্ড জয় সম্ভব হতো না। আমি তাঁদের সকলকে অভিবাদন জানাচ্ছি। বছরের পর বছর ধরে, তাঁরা প্রতিকূল পরিস্থিতির সঙ্গে লড়াই করে, মাঠে নেমে কঠোর পরিশ্রম করেছেন এবং আমাদের উন্নয়নের এজেন্ডার বিষয়ে…</p>
		— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/2051285646480900536?ref_src=twsrc%5Etfw">May 4, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script><br />
	लोगों ने भाजपा को अभूतपूर्व जनादेश दिया है, और मैं उन्हें विश्वास दिलाता हूं कि हमारी पार्टी पश्चिम बंगाल के लोगों के सपनों और आशाओं-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। हम एक ऐसी सरकार बनाएंगे जो समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए अवसर और सम्मान सुनिश्चित करेगी।<br />
	<br />
	प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं असम के लोगों के बीच चौबीस घंटे के प्रयासों के लिए सभी भाजपा-एनडीए कार्यकर्ताओं की सराहना करता हूं। यह सराहनीय है कि पिछले दशक में हमारी पार्टी और गठबंधन किस तरह आगे बढ़े हैं। उनके प्रयासों ने यह सुनिश्चित किया है कि हमारा सकारात्मक एजेंडा लोगों के साथ जुड़ गया है।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/kerala-assembly-election-2026-news/kerala-election-2026-udf-landslide-victory-ldf-major-defeat-bjp-gains-126050400057_1.html" target="_blank">केरल में UDF की ऐतिहासिक जीत, LDF का सफाया; BJP ने भी बढ़ाया जनाधार</a></strong></p>
	इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी आज दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचेंगे। इस दौरान वो भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। भाजपा मुख्यालय पर जश्न की तैयारियां चल रही हैं। भाजपा के कई नेता यहां पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने असम चुनाव में भाजपा की तीसरी बार प्रचंड जीत पर कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि असम ने एक बार फिर BJP-NDA को अपना आशीर्वाद दिया है।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/are-the-country-regional-parties-shrinking-in-the-face-of-the-bjp-strategy-126050400040_1.html" target="_blank">क्या भाजपा की रणनीति के आगे सिमट रहें हैं देश के क्षेत्रीय दल?</a></strong></p>
	उन्होंने कहा कि असम विधानसभा चुनावों में BJP-NDA की जीत, विकास पर हमारे गठबंधन के जोर और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के हमारे प्रयासों के प्रति अटूट समर्थन को दर्शाती है। मैं असम की अपनी बहनों और भाइयों का इस जबरदस्त जनादेश के लिए धन्यवाद करता हूं। मैं उन्हें यह भी भरोसा दिलाता हूं कि हम राज्य के कायाकल्प के लिए लगातार काम करते रहेंगे।<br />
	Edited By : Chetan Gour</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 18:36:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 18:54:28 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[केरल में UDF की ऐतिहासिक जीत, LDF का सफाया; BJP ने भी बढ़ाया जनाधार]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/kerala-assembly-election-2026-news/kerala-election-2026-udf-landslide-victory-ldf-major-defeat-bjp-gains-126050400057_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/kerala-assembly-election-2026-news/kerala-election-2026-udf-landslide-victory-ldf-major-defeat-bjp-gains-126050400057_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777898808-286.jpg"/>
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      <description><![CDATA[यूनाइटेड ड्रेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव कर दिया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 103 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि Left Democratic Front (एलडीएफ) 35 सीटों ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="720" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777898808-286.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1280" /></p>
	</p>
	<strong><span style="color:#0000ff;">जितिन राज</span></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	यूनाइटेड ड्रेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव कर दिया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 103 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि Left Democratic Front (एलडीएफ) 35 सीटों तक सिमट गया। वहीं Bharatiya Janata Party के नेतृत्व वाले एनडीए ने 3 सीटें जीतकर सीमित लेकिन अहम मौजूदगी दर्ज कराई।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/west-bengal-assam-bjp-lead-tamil-nadu-tvk-strong-performance-2026-126050400051_1.html" target="_blank">Election Result 2026 : बंगाल में BJP की आंधी, तमिलनाडु में &#39;थलापति&#39; का धमाका, क्या हैं असम, केरल और पुडुचेरी के हाल</a></strong></p>
</p>
<p>
	राज्यभर में दिखी सत्ता विरोधी लहर ने एलडीएफ के एक दशक पुराने शासन को खत्म कर दिया। तालीपारंबा, पय्यन्नूर, उडुमा और त्रिक्करिपुर जैसे पारंपरिक वामपंथी गढ़ भी यूडीएफ के खाते में चले गए, जिसे केरल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan को भी अपने गढ़ धर्मडम में शुरुआती राउंड्स में पीछे रहना पड़ा, जो इस चुनाव में सत्ता विरोधी लहर की तीव्रता को दर्शाता है। चुनाव परिणामों में एलडीएफ को बड़ा झटका लगा, जहां कई वरिष्ठ मंत्री चुनाव हार गए। इनमें वी. शिवनकुट्टी, पी. राजीव, एम.बी. राजेश, वीना जॉर्ज, के.बी. गणेश कुमार समेत कई बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा के.के. शैलजा और टी.पी. रामकृष्णन जैसे प्रमुख नेता भी हार गए।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-election-results-2026-mamata-banerjee-tmc-fortress-collapse-abhishek-banerjee-factor-126050400052_1.html" target="_blank">पश्चिम बंगाल 2026: ममता बनर्जी का ‘अभेद्य किला’ कैसे ढहा, क्या &#39;अभिषेक बनर्जी फैक्टर&#39; बना टर्निंग पॉइंट?</a></strong></p>
</p>
<p>
	यूडीएफ के भीतर Indian National Congress सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 64 सीटें जीतीं, जबकि Indian Union Muslim League ने 22 सीटों के साथ अहम भूमिका निभाई। वहीं भाजपा ने भी केरल में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। पार्टी ने नेमोम सीट बरकरार रखने के साथ चथन्नूर और कझाकूट्टम में पहली बार जीत दर्ज की। यह चुनाव नतीजे केरल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत देते हैं, जहां दशकों पुराने राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 18:14:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 18:22:53 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Kerala Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[West Bengal Election Results 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम : पार्टीवार दलीय स्थिति]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-election-results-2026-west-bengal-assembly-election-results-party-wise-status-126050200066_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-election-results-2026-west-bengal-assembly-election-results-party-wise-status-126050200066_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777734128-7016.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777734128-7016.jpg</image>
      <description><![CDATA[West Bengal Election Results 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में मतदान हुआ। यहां तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में सीधा मुकाबला नजर आ रहा है। किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत होगी। अधिकांश एक्जिट ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;clear: both;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="" alt="West Bengal Election Results 2026 live" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/full/1777734128-7016.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 10px; padding: 1px; float: left; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
</p>
<br />
<h3 style="text-align: center;">
	<strong>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम 2026</strong></h3>
<p style="text-align: center;">
	<strong>कुल सीटें : 294</strong></p>
<p style="text-align: center;">
	<strong>बहुमत : 148 </strong><br />
	<table align="center" border="1" cellpadding="1" cellspacing="1" style="width: 100%">
		<thead>
			<tr>
				<th scope="col">
					पार्टी </th>
				<th scope="col">
					जीत</th>
			</tr>
		</thead>
		<tbody>
			<tr>
				<td>
					<strong>टीएमसी</strong></td>
				<td>
					<strong>81</strong></td>
			</tr>
			<tr>
				<td>
					<strong>भाजपा</strong></td>
				<td>
					<strong>206</strong></td>
			</tr>
			<tr>
				<td>
					<strong>कांग्रेस</strong></td>
				<td>
					<strong>02</strong></td>
			</tr>
			<tr>
				<td>
					<strong>एजेयूपी</strong></td>
				<td>
					<strong>02</strong></td>
			</tr>
			<tr>
				<td>
					<strong>सीपीआईएम</strong></td>
				<td>
					<strong>01</strong></td>
			</tr>
			<tr>
				<td>
					<strong>एआईएसएफ</strong></td>
				<td>
					<strong>01</strong></td>
			</tr>
		</tbody>
	</table>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 17:20:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 23:21:38 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल 2026: ममता बनर्जी का ‘अभेद्य किला’ कैसे ढहा, क्या 'अभिषेक बनर्जी फैक्टर' बना टर्निंग पॉइंट?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-election-results-2026-mamata-banerjee-tmc-fortress-collapse-abhishek-banerjee-factor-126050400052_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-election-results-2026-mamata-banerjee-tmc-fortress-collapse-abhishek-banerjee-factor-126050400052_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777895645-9925.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777895645-9925.jpg</image>
      <description><![CDATA[4 मई 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों ने भारतीय राजनीति को चौंका दिया। 2011 से लगातार सत्ता में रही Mamata Banerjee की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पहली बार इतनी कमजोर दिखाई दी कि उसका “अभेद्य किला” ढह गया।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777895645-9925.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	4 मई 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों ने भारतीय राजनीति को चौंका दिया। 2011 से लगातार सत्ता में रही Mamata Banerjee की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पहली बार इतनी कमजोर दिखाई दी कि उसका “अभेद्य किला” ढह गया। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं है; यह उस राजनीतिक मॉडल की परीक्षा है जिसने “मां, माटी, मानुष” के नारे पर तीन चुनाव जीते थे। पिछले कुछ वर्षों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जिस तरह अभिषेक बनर्जी को &#39;भविष्य का चेहरा&#39; बनाया गया, उसी ने इस चुनाव को उनके लिए एक लिटमस टेस्ट भी बना दिया।</p>
<h3>
	सत्ता का शिखर और गिरावट : इतिहास की पुनरावृत्ति?</h3>
<ul>
	<li>
		1977 से 2011 तक वाम मोर्चा का 34 साल लंबा शासन </li>
	<li>
		2011 में ममता बनर्जी का उदय और वाम का पतन </li>
	<li>
		2026 में वही चक्र फिर घूमता हुआ दिखाई दिया</li>
</ul>
<p>
	बंगाल का राजनीतिक इतिहास बताता है कि यहां लंबे शासन के बाद बदलाव लगभग अपरिहार्य हो जाता है।</p>
<h3>
	“अभिषेक बनर्जी फैक्टर” : पार्टी के ‘नंबर 2’ से ‘पावर सेंटर’ तक</h3>
<ul>
	<li>
		2019 के बाद से अभिषेक बनर्जी ने टीएमसी के संगठन और रणनीति में तेजी से हस्तक्षेप बढ़ाया। </li>
	<li>
		पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में संगठनात्मक फेरबदल </li>
	<li>
		बूथ-लेवल मैनेजमेंट में नए चेहरों को मौका </li>
	<li>
		“डायमंड हार्बर मॉडल” के जरिए विकास और प्रशासन की नई छवि</li>
</ul>
<p>
	 </p>
<p>
	उनकी शैली पारंपरिक बंगाली राजनीति से अलग थी— अधिक कॉर्पोरेट-स्टाइल मैनेजमेंट, डेटा-ड्रिवन कैंपेन और आक्रामक मैसेजिंग। यही बदलाव शुरुआत में टीएमसी के लिए ऊर्जा का स्रोत बना।</p>
<h3>
	वेलफेयर + मैनेजमेंट का मिश्रण</h3>
<p>
	अभिषेक बनर्जी ने चुनावी रणनीति में तीन बड़े स्तंभ बनाए:</p>
<p>
	<strong>1. “टार्गेटेड वेलफेयर पॉलिटिक्स”</strong></p>
<ul>
	<li>
		लक्षित लाभार्थियों तक योजनाओं का सीधा संदेश </li>
	<li>
		लोकल स्तर पर “डायरेक्ट कनेक्ट”</li>
</ul>
<p>
	लेकिन जमीनी स्तर पर आरोप लगे कि लाभ वितरण में पक्षपात और स्थानीय नेटवर्क का दखल बढ़ा </p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>2. “डेटा और डिजिटल कैंपेन”</strong></p>
<ul>
	<li>
		सोशल मीडिया, माइक्रो-टार्गेटिंग, वॉर-रूम मॉडल </li>
	<li>
		मीम, वीडियो और युवा-केंद्रित कंटेंट </li>
</ul>
<p>
	इससे शहरी और युवा वर्ग में पकड़ मजबूत हुई, लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह सीमित असर छोड़ पाया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>3. युवा नेतृत्व का प्रमोशन</strong></p>
<p>
	पुराने नेताओं को किनारे कर नए चेहरों को आगे लाना, इससे पार्टी में ऊर्जा तो आई, लेकिन आंतरिक असंतोष भी बढ़ा। </p>
<h3>
	विवाद : क्या इमेज मैनेजमेंट फेल हुआ?</h3>
<p>
	अभिषेक बनर्जी की राजनीति जितनी तेज़ी से उभरी, उतनी ही तेजी से विवाद भी जुड़े:</p>
<ul>
	<li>
		भ्रष्टाचार और फंडिंग से जुड़े आरोप </li>
	<li>
		एजेंसियों की जांच और राजनीतिक टकराव </li>
	<li>
		विपक्ष का लगातार “परिवारवाद” पर हमला </li>
</ul>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>इन विवादों ने एक नैरेटिव बनाया:</strong></p>
<ul>
	<li>
		“नई राजनीति” बनाम “पुराना सत्ता ढांचा”</li>
	<li>
		और यही नैरेटिव चुनाव में उनके खिलाफ भी गया।</li>
	<li>
		कैंपेन स्टाइल : आक्रामकता बनाम भावनात्मक जुड़ाव</li>
</ul>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>अभिषेक बनर्जी का कैंपेन स्टाइल स्पष्ट रूप से अलग था:</strong></p>
<ul>
	<li>
		हाई-एनर्जी रैलियां </li>
	<li>
		सोशल मीडिया पर लगातार मौजूदगी </li>
	<li>
		विपक्ष पर सीधा और तीखा हमला </li>
</ul>
<p>
	<strong>लेकिन यहां एक अहम अंतर सामने आया:</strong></p>
<p>
	जहां Mamata Banerjee की राजनीति भावनात्मक जुड़ाव और सादगी पर आधारित थी, वहीं अभिषेक की राजनीति रणनीतिक और आक्रामक दिखी। नतीजा: मतदाताओं के एक वर्ग को यह “प्रभावशाली” लगा,</p>
<p>
	तो दूसरे को यह “दूर और मैनेज्ड” महसूस हुआ।</p>
<h3>
	क्या “अभिषेक फैक्टर” बैकफायर हुआ?</h3>
<p>
	इस चुनाव के बाद यह सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है। जहां यह गेमचेंजर रहा:</p>
<ul>
	<li>
		युवा वोटर तक पहुंच </li>
	<li>
		डिजिटल नैरेटिव सेट करना </li>
	<li>
		संगठन को आधुनिक बनाना </li>
</ul>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>जहां यह बैकफायर हुआ:</strong></p>
<ul>
	<li>
		वंशवाद का आरोप मजबूत हुआ </li>
	<li>
		पुराने कैडर का असंतोष </li>
	<li>
		जमीनी बनाम डिजिटल गैप </li>
</ul>
<p>
	यानी, रणनीति मजबूत थी, लेकिन सामाजिक-राजनीतिक संतुलन बिगड़ गया। लेकिन चुनावी नतीजों ने एक कठिन सवाल खड़ा किया: क्या यही फैक्टर अंततः बैकफायर कर गया?</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>आलोचकों का तर्क है कि:</strong></p>
<ul>
	<li>
		नेतृत्व का फोकस “दीदी” से हटकर “परिवार” पर केंद्रित हो गया </li>
	<li>
		वंशवाद के आरोप मजबूत हुए </li>
	<li>
		जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा </li>
	<li>
		यानी, जो चेहरा “नया भविष्य” माना जा रहा था, वही कुछ हद तक विश्वसनीयता का संकट भी बन गया।</li>
</ul>
<h3>
	एंटी-इंकम्बेंसी: 15 साल का बोझ</h3>
<ul>
	<li>
		तीन कार्यकालों के बाद टीएमसी सरकार को स्पष्ट एंटी-इंकम्बेंसी का सामना करना पड़ा।</li>
	<li>
		“कट मनी” और भ्रष्टाचार के आरोप </li>
	<li>
		पंचायत और स्थानीय निकायों में शिकायतें </li>
	<li>
		बेरोजगारी और शहरी अव्यवस्था </li>
</ul>
<p>
	इन मुद्दों ने धीरे-धीरे एक “साइलेंट नाराजगी” को जन्म दिया, जो चुनाव परिणामों में साफ दिखाई दी।</p>
<h3>
	बीजेपी का उभार: बाहरी से स्थानीय तक</h3>
<ul>
	<li>
		Narendra Modi और Amit Shah के नेतृत्व में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में लंबी रणनीति अपनाई।</li>
	<li>
		2021 की हार के बाद भी पार्टी ने बूथ स्तर पर संगठन मजबूत किया </li>
	<li>
		स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाया </li>
	<li>
		केंद्र की योजनाओं को राजनीतिक नैरेटिव से जोड़ा </li>
</ul>
<p>
	इसका नतीजा यह हुआ कि बीजेपी अब &#39;बाहरी पार्टी&#39; की छवि से निकलकर एक वास्तविक विकल्प बन गई।</p>
<h3>
	पहचान की राजनीति: बंगाली अस्मिता बनाम धार्मिक ध्रुवीकरण</h3>
<ul>
	<li>
		पश्चिम बंगाल की राजनीति लंबे समय से सांस्कृतिक पहचान पर आधारित रही है।</li>
	<li>
		टीएमसी ने “बंगाली अस्मिता” को केंद्र में रखा, जबकि बीजेपी ने धार्मिक ध्रुवीकरण के जरिए समर्थन जुटाने की कोशिश की।</li>
	<li>
		2026 में पहली बार यह देखा गया कि धार्मिक पहचान का नैरेटिव क्षेत्रीय अस्मिता को कड़ी चुनौती देने में सफल रहा।</li>
</ul>
<h3>
	क्या ममता का करिश्मा कम हुआ?</h3>
<ul>
	<li>
		ममता बनर्जी का व्यक्तिगत करिश्मा अभी भी एक बड़ी ताकत है।</li>
	<li>
		लेकिन इस चुनाव में:</li>
	<li>
		संगठनात्मक कमजोरी </li>
	<li>
		युवा वोटर से दूरी </li>
	<li>
		शहरी वर्ग की नाराजगी </li>
</ul>
<p>
	इन सबने मिलकर उनके प्रभाव को सीमित कर दिया। यह हार व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राजनीतिक मॉडल की चुनौती के रूप में देखी जा रही है।</p>
<h3>
	बंगाल किस दिशा में?</h3>
<ul>
	<li>
		2026 का जनादेश कई स्तरों पर संदेश देता है:</li>
	<li>
		“बंगाल की राजनीति अब स्थिर नहीं, बल्कि लगातार बदलती हुई प्रक्रिया है।”</li>
	<li>
		एक मजबूत क्षेत्रीय दल का कमजोर होना </li>
	<li>
		राष्ट्रीय दल का उभार </li>
	<li>
		युवा और शहरी वोट का निर्णायक प्रभाव </li>
</ul>
<p>
	सबसे बड़ा सवाल अब यह है: क्या यह बदलाव स्थायी होगा, या पश्चिम बंगाल एक और राजनीतिक चक्र की ओर बढ़ रहा है?</p>
<p>
	 </p>
<p>
	यह चुनाव सिर्फ एक परिणाम नहीं, बल्कि एक संकेत है कि बंगाल में अब भावनाओं, पहचान और शासन—तीनों का नया संतुलन बन रहा है। पश्चिम बंगाल 2026 का चुनाव TMC के लिए हार या जीत से ज्यादा एक सीख है।</p>
<p>
	“सिर्फ आधुनिक रणनीति और डिजिटल ताकत पर्याप्त नहीं, राजनीति में भावनात्मक जुड़ाव और जमीनी भरोसा उतना ही जरूरी है।”</p>
<p>
	 </p>
<p>
	यह स्पष्ट है कि बंगाल की राजनीति अब एक नए मोड़ पर है— जहां नेतृत्व, नैरेटिव और नेटवर्क—तीनों की परीक्षा साथ-साथ हो रही है।</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 17:13:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 17:24:47 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया रिसर्च टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[election result 2026 : भवानीपुर में हंगामा, रुकी काउंटिंग, ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी पहुंचे]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/election-result-2026-ruckus-in-bhawanipur-counting-halted-mamata-banerjee-and-shubhendu-adhikari-arrived-126050400047_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/election-result-2026-ruckus-in-bhawanipur-counting-halted-mamata-banerjee-and-shubhendu-adhikari-arrived-126050400047_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777895605-1675.jpg"/>
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      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के वीवीआईपी सीट भवानीपुर में हंगामा हो रहा है. यहां 12 राउंड की काउंटिंग की एनाउंसमेंट रोक दी गई है। मतदान केंद्र के अंदर ममता बनर्जी और   शुभेंदु अधिकारी मौजूद हैं। खबरें यह भी हैं कि ममता बनर्जी राज्यपाल से मिलने जा सकती हैं।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="bhawanipur seat" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777895605-1675.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	पश्चिम बंगाल के वीवीआईपी सीट भवानीपुर में हंगामा हो रहा है. यहां 12 राउंड की काउंटिंग की एनाउंसमेंट रोक दी गई है। मतदान केंद्र के अंदर ममता बनर्जी और   शुभेंदु अधिकारी मौजूद हैं। खबरें यह भी हैं कि ममता बनर्जी राज्यपाल से मिलने जा सकती हैं।  <br />
	<br />
	 </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/are-the-country-regional-parties-shrinking-in-the-face-of-the-bjp-strategy-126050400040_1.html" target="_blank">क्या भाजपा की रणनीति के आगे सिमट रहें हैं देश के क्षेत्रीय दल?</a></strong></p>
</p>
<p>
	चुनाव आयोग के मुताबिक शाम 4.24 बजे तक TMC चेयरपर्सन और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से 7184 वोटों के अंतर से आगे चल रही हैं। दूसरी पार्टियों के एजेंट का आरोप है कि बीजेपी के एजेंट ने उन्हें बाहर निकाल दिया है। <br />
	<br />
	<span style="background-color:#ffff00;">भवानीपुर के सखावत स्कूल मेमोरियल काउंटिंग सेंटर में करीब 45 मिनट तक काउंटिंग रुकी थी। हालांकि अब जारी हो गई है। अभिषेक बनर्जी भी आए थे जिन्हें रोक दिया गया। दोनों कैंडिडेट सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी को फोन जमा करके भीतर जाने दिया है।</span> Edited by : Sudhir Sharma </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:52:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 17:23:41 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: भ्रष्टाचार, ड्रग्स और विजय के प्रति नफरत? डीएमके की करारी हार के असली कारण]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/the-real-reasons-behind-dmk-s-crushing-defeat-126050400043_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/the-real-reasons-behind-dmk-s-crushing-defeat-126050400043_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777892296-7146.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777892296-7146.jpg</image>
      <description><![CDATA[तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना चल रही है। नवीनतम रुझानों के मुताबिक टीवीके 104 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि डीएमके 68 और एआईएडीएमके 62 सीटों पर है। इन आंकड़ों से साफ हो चुका है कि एम.के. स्टालिन की डीएमके सरकार दोबारा सत्ता में नहीं आ पाएगी। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Vijay and stalin" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777892296-7146.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Vijay and stalin" width="1376" /></p>
</p>
<br />
<strong><em>(तमिलनाडू से बालाकृष्नन की ग्राउंड रिपोर्ट)</em></strong><br />
<strong>चेन्नई: </strong>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना चल रही है। नवीनतम रुझानों के मुताबिक टीवीके 104 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि डीएमके 68 और एआईएडीएमके 62 सीटों पर है। इन आंकड़ों से साफ हो चुका है कि एम.के. स्टालिन की डीएमके सरकार दोबारा सत्ता में नहीं आ पाएगी। राजनीतिक विश्लेषक इसे ऐतिहासिक करार दे रहे हैं। मात्र दो साल पहले बनी पार्टी के साथ अभिनेता विजय ने 50 साल पुरानी डीएमके को धूल चटा दी है। तो आखिर जनता ने डीएमके का साथ क्यों छोड़ दिया? ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए असली कारण:<br />
<br />
<strong>डीएमके हार के प्रमुख कारण</strong><br />
<strong>1. जनता से पूरी तरह कटाव</strong><br />
2021 में सत्ता संभालने के बाद एम.के. स्टालिन और उनके करीबी तंत्र ने जनता की असली पीड़ा को समझने की कोशिश ही नहीं की। खुफिया विभाग और सलाहकारों ने उन्हें यह झूठा भरोसा दिलाया कि “सब ठीक है, लोग खुश हैं”। नतीजा यह हुआ कि जनता का गुस्सा और असंतोष पूरी तरह अनदेखा रह गया।<br />
<br />
<strong>2. वंशवाद और rampant भ्रष्टाचार</strong><br />
सरकार के हर विभाग में खुला भ्रष्टाचार और परिवारवाद चरम पर था। सरकारी अधिकारियों पर भी जबरदस्त दबाव डाला जा रहा था।<br />
<br />
<strong>3. युवाओं में ड्रग्स की बाढ़</strong><br />
तमिलनाडु में गंजा और अन्य नशीले पदार्थों की लत ने युवाओं को बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। 15 साल से ऊपर के लाखों युवा नशे की गिरफ्त में आ गए, जिससे अपराधों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई। मुख्यमंत्री स्टालिन ने इस गंभीर मुद्दे को हल्के में लिया, जो युवा वोटरों और उनके परिवारों में सबसे बड़ा आक्रोश का कारण बना।<br />
<br />
<strong>4. महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल और पुलिस का आतंक :</strong><br />
महिलाओं पर यौन अत्याचार के मामले बढ़े। पुलिस, जिसका सीधा जिम्मा स्टालिन के पास था, पूरी तरह अनियंत्रित हो गई। थानों में संदिग्ध मौतें, आम लोगों पर ज्यादतियां और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस का बदतमीजी भरा व्यवहार आम हो गया। इससे खासकर महिलाओं और आम नागरिकों में भारी नाराजगी फैली।<br />
 <br />
<strong>5. वादाखिलाफी और आंदोलनों का दमन : </strong><br />
कई बड़े वादे पूरे नहीं किए गए। सफाई कर्मचारी, सहायक कर्मी और इंटरमीडिएट शिक्षकों के आंदोलन को पुलिस लाठीचार्ज से कुचला गया। करूर घटना का सारा दोष विजय पर डालने की कोशिश भी उल्टी पड़ गई।<br />
 <br />
<strong>6. विजय का तीखा हमला और “Evil Force” वाला बयान: </strong><br />
विजय ने डीएमके पर लगातार हमले बोले। उनका “डीएमके एक शैतानी ताकत है” वाला बयान मोबाइल पर वायरल होकर हर गांव और मोहल्ले तक पहुंच गया। जनता पहले से नाराज थी, इसलिए विजय की बात दिल तक बैठ गई।<br />
<br />
<strong>7. सोशल मीडिया पर घृणा का जहर: </strong><br />
डीएमके कार्यकर्ताओं और आईटी विंग ने विजय, उनके फैंस और टीवीके कार्यकर्ताओं के खिलाफ अश्लील और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। पार्टी नेतृत्व ने इसे नहीं रोका, बल्कि चुपचाप ताली बजाई। इससे तटस्थ और आम मतदाताओं में भी डीएमके के प्रति नफरत बढ़ गई।<br />
<br />
<strong>8. अति आत्मविश्वास और पैसा-मुफ्तखोरी की रणनीति: </strong><br />
डीएमके नेतृत्व को भरोसा था कि महिलाओं को 1000 मासिक, चुनाव से पहले 5000, फ्री बस यात्रा और वोट के बदले नकद बांटने से सब ठीक हो जाएगा। यही घमंड उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हुआ।जनता का फैसलानए युवा मतदाताओं, महिलाओं, अल्पसंख्यक समुदाय और कई पुराने डीएमके वोटरों ने भी इस बार बदलाव चुना। उन्होंने टीवीके के ‘व्हिसल’ चिह्न पर भरोसा जताया।<br />
<br />
<strong>2026 का चुनाव डीएमके के लिए एक बड़ा सबक है: </strong><br />
भ्रष्टाचार, ड्रग्स, पुलिस की मनमानी, वादाखिलाफी और जनता से दूरी— इन सबने मिलकर डीएमके को सत्ता से बाहर कर दिया। वहीं विजय ने महज दो साल में जनता की नाराजगी को अपनी ताकत बनाकर इतिहास रच दिया। जनता ने साफ संदेश दिया है— पुरानी राजनीति अब नहीं चलेगी।<br />
Edited By: Naveen R Rangiyal<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:23:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 16:29:42 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Assam Election Results 2026 : असम विधानसभा चुनाव परिणाम : पार्टीवार दलीय स्थिति]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/assam-assembly-election-2026-news/assembly-election-results-for-five-states-live-updates-126050200067_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/assam-assembly-election-2026-news/assembly-election-results-for-five-states-live-updates-126050200067_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777731692-5899.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777731692-5899.jpg</image>
      <description><![CDATA[Assam Assembly Election Results 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 में भी असम में भाजपा नीत एनडीए की स्थिति अच्छी है। यहां बहुमत के लिए 64 सीटों की जरूरत होगी। एग्जिट पोल में भी एनडीए को बढ़त है।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;">
	 </p>
<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<img align="center" alt="Assam Election Result 2026 live" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/full/1777731692-5899.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
<h3 style="text-align: center;">
	<br />
	असम विधानसभा चुनाव परिणाम 2026</h3>
<p style="text-align: center;">
	<strong>कुल सीटें : 126</strong></p>
<p style="text-align: center;">
	<strong>बहुमत : 64 </strong><br />
	<table align="center" border="1" cellpadding="1" cellspacing="1" style="width: 100%">
		<thead>
			<tr>
				<th scope="col">
					पार्टी </th>
				<th scope="col">
					जीत</th>
			</tr>
		</thead>
		<tbody>
			<tr>
				<td>
					<b>भाजपा</b></td>
				<td>
					<strong>82</strong></td>
			</tr>
			<tr>
				<td>
					<strong>कांग्रेस</strong></td>
				<td>
					<strong>19</strong></td>
			</tr>
			<tr>
				<td>
					<strong>बीओपीएफ</strong></td>
				<td>
					<strong>10</strong></td>
			</tr>
			<tr>
				<td>
					<strong>एजीपी</strong></td>
				<td>
					<strong>10</strong></td>
			</tr>
			<tr>
				<td>
					<strong>एआईयूडीएफ</strong></td>
				<td>
					<strong>02</strong></td>
			</tr>
			<tr>
				<td>
					<strong>तृणमूल कांग्रेस</strong></td>
				<td>
					<strong>01</strong></td>
			</tr>
			<tr>
				<td>
					<strong>रायजोर दल</strong></td>
				<td>
					<strong>02</strong></td>
			</tr>
			<tr>
				<td>
					<strong>अन्य </strong></td>
				<td>
					<strong>00</strong></td>
			</tr>
		</tbody>
	</table>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:10:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 23:31:42 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Assam Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बंगाल में BJP का शू्न्य तक का सफर, आखिर कैसे ढह गया ममता बनर्जी का किला]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/bjp-historic-rise-in-west-bengal-first-time-government-journey-jan-sangh-to-bjp-126050400041_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/bjp-historic-rise-in-west-bengal-first-time-government-journey-jan-sangh-to-bjp-126050400041_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777891712-9004.jpg"/>
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      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) पहली बार अपने दम पर सरकार बनाने की ओर बढ़ती नजर आ रही है।  2026  के विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में दिखाई दे रही ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777891712-9004.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) पहली बार अपने दम पर सरकार बनाने की ओर बढ़ती नजर आ रही है।  2026  के विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में दिखाई दे रही है। भाजपा ने ममता बनर्जी के 15 सालों के साम्राज्य खत्म कर दिया है।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/abhishek-banerjee-is-the-biggest-culprit-behind-mamata-banerjee-crushing-defeat-in-west-bengal-126050400039_1.html" target="_blank">पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की करारी हार का सबसे बड़ा गुनहगार, जानें क्यों अभिषेक बनर्जी पर फूट रहा हार का ठीकरा?</a></strong></p>
	यह बदलाव न सिर्फ पार्टी की रणनीति और संगठन क्षमता को दर्शाता है, बल्कि बंगाल के मतदाताओं के बदलते रुझान का भी संकेत है। इस चुनाव में नजरें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर थी।  ममता बनर्जी एसआईआर को लेकर केंद्र सरकार पर खूब क्रोधित थीं। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	टीएमसी और भाजपा दोनों पार्टियां चुनाव प्रचार में मां, मानुष, माटी की बात करती रहीं। पीएम मोदी ने झालमुड़ी खाने से लेकर फुटबॉल के मैदान और हुगली से फोटोग्राफी कर बंगाल के मतदाताओं को रिझाया। कुल मिलाकर पश्चिम बंगाल में भाजपा का यह सफर शून्य से शिखर तक पहुंचने की कहानी है- एक ऐसी कहानी, जिसमें दशकों की मेहनत, राजनीतिक संघर्ष और जनाधार के विस्तार का समावेश है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	बीजेपी के संस्थापक बंगाल से, पर नहीं चला जादू</h3>
<p>
	भाजपा की जड़ें 1980 में पड़ी थीं, जब जनसंघ के नेताओं ने मिलकर इस पार्टी की स्थापना की। जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संबंध भी पश्चिम बंगाल से रहा है, जिससे राज्य में पार्टी का वैचारिक आधार पहले से मौजूद था। इसके बावजूद शुरुआती वर्षों में पार्टी को बंगाल की राजनीति में खास सफलता नहीं मिल सकी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	 अगर इतिहास को देखें तो 1952 के पहले विधानसभा चुनाव में जनसंघ को महज 9 सीटों से संतोष करना पड़ा था। इसके बाद 1967 में पार्टी सिर्फ एक सीट पर सिमट गई। लंबे समय तक भाजपा (और उससे पहले जनसंघ) बंगाल की राजनीति में हाशिए पर ही रही।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	2011 में नहीं खुला खाता, 2021 बना आधार</h3>
<p>
	स्थिति इतनी कमजोर थी कि 2011 तक भाजपा पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी, लेकिन 2016 का चुनाव पार्टी के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ, जब भाजपा ने पहली बार 3 सीटें जीतकर विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।  इसके बाद 2021 के चुनाव में भाजपा ने जबरदस्त छलांग लगाई और 77 सीटों पर जीत हासिल की। यह परिणाम पार्टी के लिए एक मजबूत आधार बना, जिसने बंगाल की राजनीति में उसे मुख्य विपक्ष के रूप में स्थापित कर दिया। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:09:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 16:22:08 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[क्या भाजपा की रणनीति के आगे सिमट रहें हैं देश के क्षेत्रीय दल?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/are-the-country-regional-parties-shrinking-in-the-face-of-the-bjp-strategy-126050400040_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/are-the-country-regional-parties-shrinking-in-the-face-of-the-bjp-strategy-126050400040_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777890101-8819.jpeg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777890101-8819.jpeg</image>
      <description><![CDATA[भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 2014 के बाद का समय एक बड़े 'पैराडाइम शिफ्ट' (वैचारिक बदलाव) का गवाह रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जिस चुनावी मशीनरी और रणनीति का विकास किया है, उसने न केवल उसे सत्ता के ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="BJP and regional parties" class="imgCont" height="900" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777890101-8819.jpeg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="BJP and regional parties" width="1600" /></p>
</p>
<br />
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 2014 के बाद का समय एक बड़े &#39;पैराडाइम शिफ्ट&#39; (वैचारिक बदलाव) का गवाह रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जिस चुनावी मशीनरी और रणनीति का विकास किया है, उसने न केवल उसे सत्ता के शिखर पर पहुंचाया, बल्कि पारंपरिक विपक्षी राजनीति की जड़ों को भी हिलाकर रख दिया है। आज सवाल यह नहीं है कि भाजपा चुनाव कैसे जीतती है, बल्कि सवाल यह है कि क्या विपक्ष उसके सामने टिक पाने की क्षमता खो रहा है? और कैसे देशभर के क्षेत्रीय दल बीजेपी के सामने दम तोड़ते नजर आ रहे हैं।<br />
<br />
<strong>बीजेपी के सामने सिमटते नेता और दल : </strong>हाल ही में जिन नेताओं के राजनीतिक कॅरियर पर एक तरह से विराम लगा है उनमें पश्‍चिम बंगाल में ममता बनर्जी हैं। जिनका किला हाल ही में ढहता नजर आ रहा है। बिहार में नीतीश कुमार लगभग खत्‍म हो चुके हैं। वहीं लालू यादव की विरासत संभालने वाले तेजस्‍वी यादव भी कुछ खास कर नहीं पाए हैं। ओडिशा में नवीन पटनायक की राजनीति तकरीबन खत्‍म हो चुकी है। दिल्‍ली में अरविंद केजरीवाल फिलहाल उबरने की स्‍थिति में नहीं है, राघव चड्ढा समेत 6 सांसदों की हाल ही में बीजेपी में एंट्री ने पंजाब को भी खतरे में डाल दिया है। महाराष्‍ट्र में शिवसेना की स्‍थिति कोई खास नहीं है।<br />
<br />
<strong>लेकिन ब</strong><strong>ड़ी</strong><strong> पार्टियां कभी खत्‍म नहीं होंगी : </strong>हालांकि राजनीतिक विश्‍लेषकों और राजनीतिक बीट कवर करने वाले पत्रकारों का मानना है कि बड़ी पार्टियां कभी खत्‍म नहीं होगी। कांग्रेस के नेता आज भी किसी न किसी राज्‍य में सक्रिय हैं। उनका कहना है कि बल्‍कि यह कांग्रेस के मजबूत होने की प्रक्रिया का दौर है, क्‍योंकि अगर क्षेत्रीय दल खत्‍म होंगे तो बीजेपी के सामने कांग्रेस उबरकर आएगी। क्‍योंकि जनता को बीजेपी के सामने कोई न कोई विकल्‍प चाहिए ही होगा। ऐसे में क्षेत्रीय दलों का एक तरफ से सिमटना बीजेपी के लिए भी आगे चलकर घातक साबित होगा।<br />
<br />
<strong>क्षेत्रीय दलों के साथ क्‍यों हो रहा ऐसा : </strong>भारतीय राजनीति, जो कभी &#39;गठबंधन युग&#39; (1989-2014) के सहारे चलती थी, अब &#39;प्रबल रूप से एक-दलीय व्यवस्था&#39; की ओर मुड़ने लगी है। भाजपा की आक्रामक विस्तारवादी रणनीति ने उन क्षेत्रीय दलों को आत्ममंथन के लिए मजबूर कर दिया है, जो दशकों से अपने राज्यों के निर्विवाद सुल्तान रहे थे।<br />
<br />
<strong>नैरेटिव की कमी:</strong> विपक्ष अक्सर &#39;भाजपा विरोध&#39; को ही अपना मुख्य मुद्दा बनाता है, लेकिन वह जनता को यह समझाने में विफल रहता है कि उनके पास देश के लिए &#39;वैकल्पिक विजन&#39; क्या है। विपक्ष के कमजोर होने के पीछे केवल भाजपा की मजबूती ही नहीं, बल्कि उनकी अपनी कुछ आंतरिक कमियां भी हैं।<br />
<br />
<strong>भाजपा की </strong><strong>&#39;क्षेत्रीय&#39; घेराबंदी: </strong>रणनीति के मुख्य बिंदु<br />
भाजपा ने क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने के लिए त्रि-स्तरीय रणनीति अपनाई है:<br />
<br />
<strong>जातिवाद पर हिंदुत्व की बढ़त:</strong> क्षेत्रीय दल अक्सर &#39;मंडल&#39; (जाति आधारित) राजनीति पर टिके थे। भाजपा ने &#39;कमंडल&#39; (हिंदुत्व) और &#39;सबका साथ, सबका विकास&#39; के जरिए जातियों को एक बड़े धार्मिक और राष्ट्रीय पहचान के नीचे संगठित कर दिया, जिससे क्षेत्रीय दलों का पारंपरिक &#39;जातिगत वोट बैंक&#39; दरक गया।<br />
<br />
<strong>नेतृत्व का </strong><strong>&#39;राष्ट्रीयकरण&#39;: </strong>भाजपा ने विधानसभा चुनावों को भी प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर लड़कर उसे &#39;राष्ट्रीय बनाम क्षेत्रीय&#39; बना दिया है। जनता अब राज्य स्तर पर भी एक &#39;मजबूत राष्ट्रीय नेतृत्व&#39; को प्राथमिकता देने लगी है।<br />
<br />
<strong>संगठनात्मक पैठ: </strong>भाजपा केवल चुनावों के समय सक्रिय नहीं होती। वह क्षेत्रीय दलों के असंतुष्ट नेताओं को अपने साथ जोड़कर और जमीनी स्तर पर आरएसएस (RSS) के कैडर का उपयोग कर क्षेत्रीय दलों के आधार को अंदर से खोखला करती है।<br />
<br />
<strong>सांगठनिक ढांचा : </strong>भाजपा ने चुनाव को एक इवेंट के बजाय एक 24x7 चलने वाली प्रक्रिया बना दिया है। बूथ स्तर पर &#39;पन्ना प्रमुखों&#39; की नियुक्ति और कार्यकर्ताओं का विशाल नेटवर्क विपक्षी दलों के पास फिलहाल नहीं है।<br />
<br />
<strong>राष्ट्रवाद और हिंदुत्व का समावेश: </strong>पार्टी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विकास (Vikas) को एक साथ जोड़कर एक ऐसा &#39;वोट बैंक&#39; तैयार किया है जो जातिगत सीमाओं से ऊपर उठकर मतदान करता है।<br />
<br />
<strong>नेतृत्व का अभाव और अस्पष्टता:</strong> राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन (जैसे I.N.D.I.A.) अक्सर &#39;चेहरे&#39; के सवाल पर उलझ जाता है। राहुल गांधी या क्षेत्रीय क्षत्रपों के बीच नेतृत्व की खींचतान जनता में अविश्वास पैदा करती है।<br />
<br />
<strong>क्षेत्रीय दलों की सीमाएं:</strong> ममता बनर्जी (बंगाल), स्टालिन (तमिलनाडु) या पिनाराई विजयन (केरल) जैसे नेता अपने राज्यों में तो मजबूत हैं, लेकिन उनकी पहुंच राष्ट्रीय स्तर पर सीमित है।<br />
Edited By: Naveen R Rangiyal<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 15:48:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 15:51:49 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की करारी हार का सबसे बड़ा गुनहगार, जानें क्यों अभिषेक बनर्जी पर फूट रहा हार का ठीकरा?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/abhishek-banerjee-is-the-biggest-culprit-behind-mamata-banerjee-crushing-defeat-in-west-bengal-126050400039_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/abhishek-banerjee-is-the-biggest-culprit-behind-mamata-banerjee-crushing-defeat-in-west-bengal-126050400039_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777890376-2832.jpeg"/>
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      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का दुर्ग ढह गया है। बंगाल की सियासत में पहली बार भगवा लहराने जा रहा है। डेढ़ दशक पहले वर्ष 2011 में जिस तरह से ममता बनर्जी ने राज्य की 294 में से 184 सीटों पर जीत हासिल कर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाकर बंगाल को अपना ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">
	<p style="float: left;clear: both;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="" alt="" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777890376-2832.jpeg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 10px; padding: 1px; float: left; z-index: 0;" title="" width="1376" /></p>
	</p>
	<br />
	पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का दुर्ग ढह गया है। बंगाल की सियासत में पहली बार भगवा लहराने जा रहा है। डेढ़ दशक पहले वर्ष 2011 में जिस तरह से ममता बनर्जी ने राज्य की 294 में से 184 सीटों पर जीत हासिल कर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाकर बंगाल को अपना अभेद किला बनाया था, ठीक उसी तरह 2026 के चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल कर ममता के गढ़ में सेंध लगा दी है।<br />
	 <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/5-major-reasons-for-bjp-massive-victory-in-west-bengal-126050400017_1.html" target="_blank">पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत के 5 बड़े कारण?</a></strong><br />
	<strong>पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के परिणाणों ने के बाद एक नई बहस ने और जोर पकड़ लिया है। आखिरी बंगाल में ममता बनर्जी क्यों चुनाव हार गई, क्या बंगाल में टीएमसी की हार के असली गुनहगार ममता बनर्जी नहीं अभिषेक बनर्जी है? विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार की वजह ममता बनर्जी नहीं, बल्कि अभिषेक बनर्जी की भूमिका रही? यह सवाल अब सिर्फ राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं, बल्कि पार्टी के अंदर और विश्लेषकों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।</strong><br />
	 
	<p style="float: left;clear: both;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="" alt="" class="imgCont" height="415" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777890424-1131.jpeg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 10px; padding: 1px; float: left; z-index: 0;" title="" width="738" /></p>
	</p>
	<br />
	<strong>टिकट बंटवारे में अभिषेक बनर्जी का दखल-</strong> बंगाल विधानसभा चुनाव में सीटिंग विधायकों का टिकट काटना टीएमसी पर पड़ा भारी पड़ गया। पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने जिस तरह से 74 सीटिंग विधायकों का टिकट काटा, उसकी बड़ी वजह अभिषेक बनर्जी का टिकट बंटवारे में सीधा दखल देना था। टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी, जो पार्टी के युवा चेहरे और रणनीतिकार माने जाते हैं, पिछले कुछ वर्षों में संगठन के भीतर काफी प्रभावशाली हुए हैं।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/how-did-chanakya-amit-shah-script-bjp-victory-in-west-bengal-126050400026_1.html" target="_blank">पश्चिम बंगाल में चुनावी चाणक्य अमित शाह ने कैसे लिखी भाजपा की जीत की पटकथा?</a></strong></p>
	टिकट वितरण से लेकर चुनावी प्रबंधन तक उनकी भूमिका बढ़ी है। बंगाल की राजनीति के जानकार बताते है कि अभिषेक बनर्जी ने टिकट बंटवारे से से लेकर संगठन में  कई पुराने और जमीनी नेताओं की अनदेखी हुई, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष पनपा और इसका असर चुनाव में बूथ पर दिखा और टीएमसी को करारी हार का सामना करना पड़ा।<br />
	 <br />
	पश्चिम बंगाल में टीएमसी की हार के उंगलियां संगठन के भीतर की रणनीतियों पर उठ रही हैं। दरअसल बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पिछले तीन विधानसभा चुनावों से ममता बनर्जी के नेतृत्व में चुनाव लड़ती और जीतती रही है। ममता बनर्जी की &#39;दीदी&#39; की छवि ने पार्टी को मजबूत आधार दिया। बंगाल में महिला वोटर्स के बीच ममता की जो पकड़ थी उसे भाजपा ने पूरी तरह भेद दिया। आरजीकर मेडिकल कॉलेज कांड ने ममता की छवि को ऐसा आघात किया कि एक झटके में उनके हाथों से बंगाल का किला हाथ से निकल गया।<br />
	 <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-election-results-2026-west-bengal-assembly-election-results-party-wise-status-126050200066_1.html" target="_blank">West Bengal Election Results 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम : पार्टीवार दलीय स्थिति</a></strong><br />
	<strong>अभिषेक की रणनीति से ममता का पुराना जनाधार छिटका- </strong>ममता बनर्जी के तीसरे कार्यकाल में अभिषेक बनर्जी जिस तरह से सरकार और संगठन पर हावी हुए, उससे ममता का पुराना जनाधार उनसे छिटक गया। अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली के अनुरूप पार्टी  के पुराने कार्यकर्ता और नेता अपने को ढाल नहीं पाए। चुनावी रणनीतिकार कंपनी I-PAC के साथ मिलकर अभिषेक बनर्जी ने डेटा, डिजिटल कैंपेन और नई टीम पर ज्यादा भरोसा किया, जो चुनाव में उस पर भारी पड़ गई। दरअसल बंगाल की सियासत में ममता बनर्जी की राजनीति का उत्कर्ष पारंपरिक जनसंपर्क और जमीनी जुड़ाव पर आधारित था लेकिन ममता इस बार  के चुनाव में ममता  बनर्जी इसको संभाल नहीं पाई और पार्टी  को करारी हार का सामना करना पड़ा।<br />
	 <br />
	पार्टी में नंबर 2 की हैसियत रखने वाले अभिषेक बनर्जी ने इस बार चुनाव की पूरी कमान अपने हाथों में ली थी, उन्होंने पुराने चेहरों को किनारे कर युवा चेहरों को तरजीह दी। बंगाल की राजनीति के जानकारों मानना है कि अभिषेक की कॉर्पोरेट स्टाइल  राजनीति बंगाल के पुराने और जमीनी कार्यकर्ताओं को रास नहीं आई। आंतरिक गुटबाजी और पुराने नेताओं की नाराजगी ने टीएमसी के संगठनात्मक ढांचे को भीतर से कमजोर कर दिया और पार्टी का करारी हार का सामना करना पड़ा।<br />
	 <br />
	<strong>परिवारवाद और भ्रष्टाचार ममता पर पड़ा भारी-</strong>पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने ममता बनर्जी की जगह अभिषेक बनर्जी को अधिक निशाने पर रखा। बीजेपी ने अभिषेक बनर्जी पर भ्रष्टाचार के सीधे आरोप लगाकर ममता पर घेरा। ममता बनर्जी के तीसरे कार्यकाल में जिस तरह से अभिषेक बनर्जी पर रियल एस्टेट कारोबारियों से संबंध और सरकारी जमीनों को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हुए।<br />
	 <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/cm-dr-mohan-yadav-spoke-on-bjp-s-victory-in-west-bengal-126050400029_1.html" target="_blank">ममता जब निर्ममता करेगी तो कीमत चुकानी पड़ेगी, पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पर बोले CM डॉ. मोहन यादव</a></strong><br />
	2011 के बाद लगातार सत्ता में काबिज टीमसी के जिन नेताओं पर राशन घोटाला, शिक्षक भर्ती घोटाला जैसे भ्रष्टाचार के आरोप लगे, उनकी गिनती अभिषेक बनर्जी के करीबियों मे होती थी। इसके साथ भाजपा ने परिवारवाद के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया गया, जिससे उनकी छवि पर असर पड़ा और भाजपा को राजनीतिक फायदा मिला।<br />
	 <br />
	मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण विवाद के कारण टीएमसी से बाहर किए गए नेता हुमायूं कबीर ने भी ममता की हार के लिए अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है। हुमायूं कबीर ने  कहा कि जो हुआ वह अच्छा है, यह तो होना ही था. ममता बनर्जी तीन बार मुख्यमंत्री बनीं और उन्होंने अपने भतीजे को असीमित अधिकार दे दिए. उन्होंने जनता को धोखा दिया और उनके पैसे लूटे, 15 वर्षों में उन्होंने उस लूट को भी पीछे छोड़ दिया जो अंग्रेजों ने 100-200 वर्षों में की थी&#39;।<br />
	 <br />
	<strong>अभिषेक बनर्जी का बड़बोलापन-</strong>विधानसभा चुनाव में अभिषेक बनर्जी का बड़बोलापन टीएमसी पर काफी भारी पड़ा। चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी ने जिस तरह से  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधे चुनौती दी, उसका असर उलटा पड़ता दिख रहा है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अमित शाह में हिम्मत है तो वे मतगणना के दिन कोलकाता में मौजूद रहें। इस तरह अभिषेक बनर्जी का एक बाप की औलाद वाला बयान भी टीएमसी पर भारी पड़ गया। <br />
	 <br />
	 </p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 15:45:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 15:57:18 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>विकास सिंह</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बंगाल BJP की 5 धाकड़ महिला नेता, क्‍या ममता के काउंटर में पार्टी खेलेगी महिला CM कार्ड?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/5-powerhouse-women-leaders-of-bengal-bjp-126050400030_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/5-powerhouse-women-leaders-of-bengal-bjp-126050400030_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777883369-4228.jpg"/>
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      <description><![CDATA[2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ की ओर इशारा कर रहे हैं। 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े (148) को पार करते हुए भाजपा ने जिस तरह की बढ़त बनाई है, उसमें महिला उम्मीदवारों ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Bengal bjp woman" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777883369-4228.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Bengal bjp woman" width="1376" /></p>
</p>
<br />
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ की ओर इशारा कर रहे हैं। 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े (148) को पार करते हुए भाजपा ने जिस तरह की बढ़त बनाई है, उसमें महिला उम्मीदवारों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण बनकर उभरी है।<br />
<br />
यह आश्‍चर्य की बात नहीं अगर बीजेपी यहां अपनी किसी महिला उम्‍मीदवार को मुख्‍यमंत्री बना दे। क्‍योंकि दिल्‍ली में आतिशी के बदले बीजेपी ने रेखा गुप्‍ता को सीएम बनाया था। यहां ममता के काउंटर में पार्टी किसी महिला को सीएम का दाव खेल सकती है। अगर ऐसा होता है तो अग्‍निमित्रा पॉल, लॉकेट चटर्जी, सोमा ठाकुर और रूपा गांगुली जैसे नामों पर चर्चा हो सकती है।<br />
<br />
<strong>ममता कार्ड</strong><strong>&#39; का मुकाबला &#39;नारी शक्ति&#39; से : </strong>ममता बनर्जी की &#39;लक्ष्मी भंडार&#39; जैसी योजनाओं के जवाब में भाजपा की महिला उम्मीदवारों ने केंद्र सरकार की &#39;उज्ज्वला योजना&#39; और &#39;महिला आरक्षण विधेयक&#39; (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के लाभों को घर-घर तक पहुंचाया। उन्होंने यह संदेश दिया कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल भत्तों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी भागीदार बनना चाहिए।<br />
<br />
<strong>टिकट वितरण में विविधता : </strong>इस बार भाजपा ने विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमियों से आने वाली महिलाओं को मौका दिया। मतुआ समुदाय, राजबंशी, और जनजातीय क्षेत्रों से आने वाली महिला उम्मीदवारों ने अपने-अपने समुदायों के वोट भाजपा की ओर मोड़ने में अहम भूमिका निभाई।<br />
<br />
<strong>भाजपा का नारी शक्‍ति कार्ड : </strong>बता दें कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में महिलाओं का योगदान हमेशा से निर्णायक रहा है, लेकिन इस बार भाजपा ने अपनी रणनीति में &#39;नारी शक्ति&#39; को केंद्र में रखकर ममता बनर्जी के &#39;महिला वोट बैंक&#39; के किले में सेंध लगाने में सफलता पाई है। यह भी एक सच्‍चाई है कि बंगाल में अब तक एक महिला यानी ममता बनर्जी का ही राज रहा है। जानते हैं बंगाल बीजेपी के उन बड़े महिला चेहरों के बार में जो आगे चलकर बंगाल की कमान संभाल सकती हैं।<br />
<br />
<strong>अग्निमित्रा पॉल (</strong><strong>Agnimitra Paul):</strong> वर्तमान में आसनसोल दक्षिण से विधायक और राज्य बीजेपी की महासचिव। वे पार्टी का सबसे चर्चित चेहरा हैं और अक्सर रैलियों व विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करती हैं।<br />
<br />
<strong>लॉकेट चटर्जी (</strong><strong>Locket Chatterjee):</strong> पूर्व सांसद और अभिनेत्री। लॉकेट चटर्जी महिला सुरक्षा के मुद्दों पर बंगाल में बीजेपी की प्रमुख आवाज रही हैं। वे हुगली क्षेत्र में पार्टी को<br />
मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं।<br />
<br />
<strong>सोमा ठाकुर (</strong><strong>Soma Thakur) : </strong>सोमा ठाकुर बागदा विधानसभा सीट से बीजेपी उम्‍मीदवार हैं। वे अब तक की मतगणना में Bagda (sc) विधानसभा सीट पर बढ़त बनाये हुए है।<br />
<br />
<strong>रूपा गांगुली (</strong><strong>Roopa Ganguly):</strong> पूर्व राज्यसभा सांसद और प्रसिद्ध अभिनेत्री। &#39;द्रौपदी&#39; के रूप में अपनी पहचान रखने वाली रूपा गांगुली पार्टी की एक वरिष्ठ नेता हैं, जो अक्सर राज्य की कानून व्यवस्था पर अपनी राय रखती हैं।<br />
<br />
<strong>भारती घोष (</strong><strong>Bharati Ghosh):</strong> पूर्व आईपीएस अधिकारी। भारती घोष अपनी प्रशासनिक समझ और आक्रामक भाषणों के लिए जानी जाती हैं। वे पश्चिम मेदिनीपुर क्षेत्र में पार्टी की महत्वपूर्ण रणनीतिकार हैं।<br />
<br />
<strong>डॉ. प्रियंका टिबरेवाल (</strong><strong>Priyanka Tibrewal):</strong> पेशे से वकील प्रियंका ने भवानीपुर उपचुनाव में ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़कर काफी सुर्खियां बटोरी थीं। वे पार्टी के लिए कानूनी मोर्चे पर भी काफी सक्रिय रहती हैं।<br />
<br />
<strong>चंदना बाउरी (</strong><strong>Chandana Bauri):</strong> सालटोरा (SC) सीट से विधायक। अपनी सादगी और संघर्ष के लिए प्रसिद्ध चंदना बाउरी बंगाल बीजेपी के लिए एक प्रेरणादायक चेहरा हैं, जो गरीबों और दलितों का प्रतिनिधित्व करती हैं।<br />
<br />
<strong>श्रीरूपा मित्रा चौधरी (</strong><strong>Nirbhoy Didi):</strong> इंग्लिश बाजार से विधायक। इन्हें &#39;निर्भय दीदी&#39; के नाम से भी जाना जाता है। वे महिला अधिकारों और सामाजिक कार्यों के लिए उत्तर बंगाल में काफी लोकप्रिय हैं।<br />
<br />
<strong>शिखा चटर्जी (</strong><strong>Sikha Chatterjee):</strong> डाबग्राम-फुलबाड़ी से विधायक। उत्तर बंगाल में पार्टी को आधार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है और वे स्थानीय मुद्दों को मजबूती से उठाती हैं।<br />
<br />
<strong>सबीता बर्मन (</strong><strong>Sabita Barman):</strong> 2026 के चुनावों में इटाहार सीट से प्रमुख प्रत्याशी। वे जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में सक्रिय रही हैं।<br />
<br />
<strong>सर्बरी मुखर्जी:</strong> कोलकाता के पूर्व वामपंथी गढ़ जादवपुर में सर्बरी मुखर्जी की बढ़त ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। दक्षिण कोलकाता जैसे कठिन क्षेत्र में उनकी पकड़ ने भाजपा के लिए जीत की राह आसान की।<br />
<br />
<strong>मालती रावा रॉय और सावित्री बर्मन:</strong> उत्तर बंगाल के कूचबिहार और तुफानगंज जैसे क्षेत्रों में सावित्री बर्मन और मालती रावा रॉय जैसे उम्मीदवारों ने ग्रामीण और राजबंशी समुदायों के बीच अपनी पैठ मजबूत की, जिससे भाजपा को वहां बड़ी बढ़त मिली।<br />
Edited By: Naveen R Rangiyal<br />
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 13:56:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 13:59:35 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ममता जब निर्ममता करेगी तो कीमत चुकानी पड़ेगी, पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पर बोले CM डॉ. मोहन यादव]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/cm-dr-mohan-yadav-spoke-on-bjp-s-victory-in-west-bengal-126050400029_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/cm-dr-mohan-yadav-spoke-on-bjp-s-victory-in-west-bengal-126050400029_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/19/thumb/1_1/1776608057-3035.jpg"/>
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      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल-असम में बीजेपी प्रचंड जीत की ओर बढ़ रही है। इस पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चुनाव की बेला में मैं सभी को दिल से बधाई देता हूं। गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा है अंग भंग कलिंग। आज सब तरफ भाजपा का झंडा लहराया है। असम में ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/19/full/1776608057-3035.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	<br />
	भोपाल। पश्चिम बंगाल-असम में बीजेपी प्रचंड जीत की ओर बढ़ रही है। बीजेपी की प्रचंड जीत पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी को जीत की बधाई दी है। ग्वालियर में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा है अंग भंग कलिंग। आज सब तरफ भाजपा का झंडा लहराया है। असम में राष्ट्रवादी शक्तियों का फिर एक बार घुसपैठियों के खिलाफ विजयी कदम बढ़ा है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी बेहाल हो गई है। बंगाल आजादी के पहले से बहुत सक्षम-सबल और विकासपरक राज्य हुआ करता था। लेकिन, दुर्भाग्य से पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्ट, फिर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने यहां जंगल राज स्थापित किया। बंगाल की लीडरशीप के कारण यह राज्य देश में पिछड़ गया। ममता जब निर्ममता करेगी तो उसकी कीमत तो चुकानी पड़ेगी। </p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	<strong>सभी जगह लहरा रहा भाजपा का झंडा-</strong>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का परिणाम टीएमसी की दुर्व्यवस्था का प्रतिकार है। चुनाव परिणाम को लेकर जो-जो सर्व आए थे वह सभी लगभग सार्थक होते दिखाई दे रहे हैं। हर तरफ भाजपा का झंडा लहरा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह 22वां राज्य एनडीए के साथ खड़ा होता दिखाई देगा। यह 17वां राज्य होगा जहां भाजपा का मुख्यमंत्री होगा। भारतीय जनता पार्टी के प्रति प्रेम दर्शाने के लिए, निर्वाचन प्रक्रिया में धैर्य दिखाने के लिए, आतंक-अव्यवस्था के बावजूद दृढ़ प्रतिज्ञ रहने के लिए मैं पश्चिम बंगाल की जनता को बधाई देता हूं। </p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत के साथ पश्चिम बंगाल औरअसम में जीत रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुशासन की बयार चल रही है। इस विजय अभियान में प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कुशल मार्गदर्शन में हर कार्यकर्ता ने अपनी भूमिका अदा की।</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 13:50:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 13:57:46 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>विकास सिंह</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल में चुनावी चाणक्य अमित शाह ने कैसे लिखी भाजपा की जीत की पटकथा?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/how-did-chanakya-amit-shah-script-bjp-victory-in-west-bengal-126050400026_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/how-did-chanakya-amit-shah-script-bjp-victory-in-west-bengal-126050400026_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777880303-221.jpeg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777880303-221.jpeg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। पश्चिम बंगाल में जीत भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का वर्षों पुराना सपना था, जिसको इस बार भाजपा के चुनावी चाणक्य अमित शाह ने साकार कर दिया। साल 2014 में दिल्ली में भाजपा के काबिज होने के ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">
	<p style="float: left;clear: both;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="" alt="" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777880303-221.jpeg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 10px; padding: 1px; float: left; z-index: 0;" title="" width="1376" /></p>
	</p>
	<br />
	पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। पश्चिम बंगाल में जीत भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का वर्षों पुराना सपना था, जिसको इस बार भाजपा के चुनावी चाणक्य अमित शाह ने साकार कर दिया। साल 2014 में दिल्ली में भाजपा के काबिज होने के बाद अमित शाह ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर बंगाल विजय का जो मिशन शुरु किया वह अब पूरा हो रहा है। अब तक के रूझान और चुनाव परिणाम बताते है कि  पश्चिम बंगाल में भाजपा अपने बल पर बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए सरकार बनाने जा रही है।<br />
	 <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-election-results-2026-west-bengal-assembly-election-results-party-wise-status-126050200066_1.html" target="_blank">West Bengal Election Results 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम : पार्टीवार दलीय स्थिति</a></strong><br />
	पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का असली शिल्पकार गृहमंत्री अमित शाह है। अमित शाह में बंगाल में वोटिंग से पहले 15 दिन का डेरा डालने के साथ 50 से अधिक चुनावी सभाएं और रोड शो किया। पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत का पूरा श्रेय भाजपा के चुनावी चाणक्य माने जाने वाले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को जाता है। 2021 के विधानसभा चुनाव के नतीजों से सबक लेते हुए अमित शाह ने बंगाल विधानसभा की पूरी चुनावी कमान अपने हाथों में रखी। और बंगाल में भाजपा की जीत की पटकथा लिख दी।<br />
	 <br />
	अमित शाह की रणनीति सिर्फ रैलियां करना और भरना नहीं, बल्कि उनका पूरा फोकस चुनावी मैंनेजमेंट पर था। अमित शाह की अगुवाई में भाजपा ने एक ऐसा वार रूम तैयार किया हो कोलकाता से लेकर सीधे दिल्ली तक सीधा जुड़ा  था। इसके  साथ अमित शाह ने संगठन की तरफ से सुनील बंसल, महेश शर्मा, सीपी जोशी और संजय भाटिया जैसे अनुभवी लोगों को बंगाल भेजा और इन नेताओं ने लोकल स्तर पर समन्वय कर एक अक्रामक और सधी रणनीति तैयार की।<br />
	 <br />
	अमित शाह ने बंगाल में बूथ मैनेजमेंट पर काफी फोकस किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को हर बूथ पर 10-15 अतिरिक्त वोटर जोड़ने के निर्देश दिए, ऐसे में एक विधानसभा क्षेत्र में ढाई हजार से लेकर साढ़े तीन हजार वोटर्स जोड़े गए। पश्चिम बंगाल में अब तक के रुझान में जिस तरह का कांटे का मुकाबला देखा गया उसमें यह अतिरिक्त वोट निर्णायक साबित हुए।<br />
	 <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/5-major-reasons-for-bjp-massive-victory-in-west-bengal-126050400017_1.html" target="_blank">पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत के 5 बड़े कारण?</a></strong><br />
	दरअसल बंगाल विजय के लिए अमित शाह ने तीन स्तरीय एक रणनीति तैयार की। उन्होंने भाजपा के बंगाल यूनिट को बूथ स्तर तक री-इंजीनियर किया. हर बूथ पर 5-7 सक्रिय कार्यकर्ता, वोटर लिस्ट का डेटा एनालिसिस और एआई टूल्स से टारगेटेड कैंपेन जारी किया, दूसरा, मुद्दों का चयन. वे टीएमसी को गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया।<br />
	 <br />
	तीसरी रणनीति मुद्दों का चुनाव, अमित शाह ने इस बार बंगाल में वोटरों के ध्रुवीकरण के लिए जहां सांप्रदायिक एजेंडा चलाया वहीं विकास का मिश्रण किया। अमित शाह का पूरा फोकस हिंदू वोटरों के ध्रुवीकरण पर था और चुनाव पऱिणाम बता रहे है कि चुनाव में भाजपा के पक्ष में जबरदस्त हिंदू वोटरों का ध्रुवीकरण हुआ। भाजपा ने बंगाल चुनाव में CAA, NRC जैसे मुद्दों को सांस्कृतिक सुरक्षा से जोड़, जिसने वोटर्स को इमोशनल प्रभावित किया। इस बार भाजपा ने जिस तरह से बंगाल के लोगों को अपने से जोड़ने का इमोशनल दांव चला उसका जमकर असर हुआ।<br />
	 <br />
	पश्चिम बंगाल चुनाव में अमित शाह की सबसे बड़ी रणनीति रही जमीन से शुरुआत। उन्होंने बंगाल में बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने पर जोर दिया। हजारों कार्यकर्ताओं की भर्ती, प्रशिक्षण और माइक्रो-मैनेजमेंट के जरिए भाजपा ने उन इलाकों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, जहां पहले उसका कोई आधार नहीं था।<br />
	 <br />
	अमित शाह जिनकी पहचान एक चुनावी चाणक्य पर होती है, उन्होंने बंगाल में सीट-दर-सीट रणनीति बनाई, जिसमें किस क्षेत्र में किस मुद्दे को उठाना है, किस समुदाय को कैसे साधना है, और किस बूथ पर किस तरह की रणनीति अपनानी है, यह माइक्रो प्लानिंग भाजपा की चुनावी ताकत बनी और भाजपा ने चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की।<br />
	 <br />
	इसके साथ ही बंगाल की राजनीति जो बीते दो दशक से स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित रही, उसको अमित शाह ने बहुत ही आसानी से राष्ट्रीय विमर्श से जोड़ दिया। उन्होंने भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और बदलाव जैसे मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया, जिससे चुनावी बहस का फोकस बदल गया और इसका फायदा भाजपा को मिला।</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 13:06:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 13:11:16 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>विकास सिंह</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Tamil Nadu Election Results 2026 : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-election-results-2026-live-updates-126050200059_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamil-nadu-election-results-2026-live-updates-126050200059_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777731039-3083.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777731039-3083.jpg</image>
      <description><![CDATA[Tamil Nadu Election Results 2026: तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर इस बार मुकाबला काफी रोचक है। सत्तारूढ़ द्रमुक और अन्नाद्रमुक के अलावा फिल्म अभिनेता विजय थलपति की पार्टी टीवीके ने चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया है। तमिलनाडु में इस बार परिणाम चौंकाने ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Tamil Nadu Election Results 2026 Live updates" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/full/1777731039-3083.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
</p>
<br />
<strong>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 से जुड़ी पल-पल की जानकारी </strong><br />
<iframe class="elc_result" height="218" src="https://hindi.webdunia.com/widgets/election/state-result/state/tn" style="width:100%;"></iframe>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 12:09:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 12:17:50 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Tamil Nadu Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Assam Election Results 2026 : असम विधानसभा चुनाव परिणाम 2026]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/assam-assembly-election-2026-news/assam-election-results-2026-live-updates-126050200061_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/assam-assembly-election-2026-news/assam-election-results-2026-live-updates-126050200061_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777731692-5899.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777731692-5899.jpg</image>
      <description><![CDATA[Assam Election Results 2026 : असम विधानसभा की 126 सीटों पर 1 चरण में 9 अप्रैल को मतदान हुआ था। यहां भाजपा और  कांग्रेस में सीधा मुकाबला है। किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 64 सीटों की आवश्यकता है। एक्जिट पोल्स में राज्य में भाजपा की सरकार बनती नजर ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Assam Election Result 2026 live" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/full/1777731692-5899.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
</p>
<br />
असम विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 से जुड़ी पल-पल की जानकारी <br />
<iframe class="elc_result" height="218" src="https://hindi.webdunia.com/widgets/election/state-result/state/as" style="width:100%;"></iframe>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 12:08:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 12:17:18 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Assam Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[West Bengal Election Results 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-election-results-2026-live-updates-126050200060_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-election-results-2026-live-updates-126050200060_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777731320-031.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777731320-031.jpg</image>
      <description><![CDATA[West Bengal Election Results 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में मतदान हुआ। यहां तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में सीधा मुकाबला नजर आ रहा है। किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत होगी। अधिकांश एक्जिट ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="West Bengal Election Results 2026 Live updates" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/full/1777731320-031.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
</p>
<br />
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम से जुड़ी पल-पल की जानकारी<br />
<iframe class="elc_result" height="218" src="https://hindi.webdunia.com/widgets/election/state-result/state/wb" style="width:100%;"></iframe>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 12:05:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 12:16:43 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[तमिलनाडु 2026: ‘थलापति’ की महाविजय, दक्षिण की राजनीति में सिनेमा का जादू फिर लौटा]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/tamil-nadu-election-results-2026-thalapathy-vijay-victory-126050400018_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/tamil-nadu-election-results-2026-thalapathy-vijay-victory-126050400018_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777876012-0493.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777876012-0493.jpg</image>
      <description><![CDATA[Vijay Thalapathy TVK Victory: 4 मई 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय राजनीति के डीएनए की पुनर्पुष्टि है। विजय थलापति की ऐतिहासिक जीत ने यह साबित कर दिया कि इस राज्य में रुपहले परदे का करिश्मा अभी ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;clear: both;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="" alt="Vijay Thalapathy TVK Victory" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777876012-0493.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 10px; padding: 1px; float: left; z-index: 0;" title="" width="1199" /></p>
	</p>
	<br />
	Vijay Thalapathy TVK Victory: 4 मई 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय राजनीति के डीएनए की पुनर्पुष्टि है। विजय थलापति की ऐतिहासिक जीत ने यह साबित कर दिया कि इस राज्य में रुपहले परदे का करिश्मा अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि नई पीढ़ी के साथ और मजबूत हुआ है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	एमजीआर (M. G. Ramachandran) और J. Jayalalithaa के बाद जो राजनीतिक शून्य था, उसे अब विजय ने भर दिया है। यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राजनीतिक संस्कृति का पुनर्जागरण है।</p>
<h3>
	सिनेमा से सत्ता तक : एक पुरानी परंपरा, नया चेहरा </h3>
<ul>
	<li>
		तमिलनाडु की राजनीति में सिनेमा का प्रभाव कोई नई बात नहीं है।</li>
	<li>
		1960-80 के दशक में एमजीआर ने गरीबों के मसीहा की छवि बनाई</li>
	<li>
		1990-2010 में जयललिता ने आयरन लेडी की राजनीति स्थापित की</li>
	<li>
		2026 में विजय ने “युवा नायक + सिस्टम चेंजर” का नैरेटिव गढ़ा</li>
</ul>
<p>
	विजय की फिल्मों में दिखने वाला एंटी-करप्शन, सिस्टम से लड़ने वाला हीरो अब राजनीतिक मंच पर वास्तविकता बन गया।<br />
	 </p>
<iframe class="elc_key" frameborder="0" height="200" id="state-candidate-hr" src="https://hindi.webdunia.com/widgets/election/key-candidates/state/tn" style="width:100%;"></iframe>जेन-जी और महिलाओं ने पलटी बाज़ी 
<ul>
	<li>
		इस चुनाव की असली कहानी डेमोग्राफिक शिफ्ट है।</li>
	<li>
		Gen-Z फैक्टर</li>
	<li>
		पहली बार वोट करने वाले युवाओं ने विजय को ‘अपना नेता’ माना</li>
	<li>
		सोशल मीडिया कैंपेन, मीम कल्चर और डिजिटल कनेक्ट ने गेम बदल दिया</li>
	<li>
		महिला वोटर</li>
	<li>
		महंगाई, सुरक्षा और वेलफेयर योजनाओं के वादों ने महिला वोट बैंक को शिफ्ट किया</li>
	<li>
		विजय की “क्लीन इमेज” ने भरोसा पैदा किया</li>
	<li>
		<strong>नतीजा : </strong>पारंपरिक जाति और पार्टी समीकरण टूट गए</li>
</ul>
<p>
	MK Stalin के नेतृत्व में डीएमके ने मजबूत शासन दिया, लेकिन चुनाव में कुछ बड़ी चूकें सामने आईं:</p>
<ul>
	<li>
		<strong>एंटी-इंकम्बेंसी :</strong> लंबे शासन के बाद थकान साफ दिखी</li>
	<li>
		<strong>युवा कनेक्ट की कमी : </strong>डिजिटल और ग्राउंड दोनों स्तर पर गैप</li>
	<li>
		<strong>स्थानीय मुद्दों पर नाराज़गी : </strong>बेरोज़गारी, शहरी अव्यवस्था</li>
</ul>
<p>
	स्टालिन का प्रशासनिक अनुभव मजबूत था, लेकिन भावनात्मक नैरेटिव विजय के पास चला गया।<br />
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Vijay Thalapathy TVK Victory" class="imgCont" height="1200" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777876071-9294.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="569" /></p>
	</p>
</p>
<h3>
	हिंदी बनाम तमिल अस्मिता : पुराना मुद्दा, नया असर </h3>
<p>
	तमिलनाडु में हिंदी विरोध और तमिल अस्मिता हमेशा से बड़ा मुद्दा रहा है। 1965 के Anti-Hindi agitations of 1965 से लेकर आज तक “एक राष्ट्र, एक भाषा” की बहस ने दक्षिण में राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ाया। विजय ने इस मुद्दे को सॉफ्ट लेकिन प्रभावी तरीके से उठाया, जिससे उन्हें क्षेत्रीय गौरव का समर्थन मिला।</p>
<p>
	 </p>
<iframe class="elc_result" height="218" src="https://hindi.webdunia.com/widgets/election/state-result/state/tn" style="width:100%;"></iframe>Narendra Modi और Amit Shah ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बनाया था। लेकिन:
<ul>
	<li>
		बीजेपी का ग्राउंड नेटवर्क कमजोर रहा</li>
	<li>
		स्थानीय नेतृत्व की कमी</li>
	<li>
		क्षेत्रीय पहचान के मुद्दे पर विश्वसनीयता की कमी</li>
	<li>
		नतीजा : राष्ट्रीय चेहरा होने के बावजूद स्थानीय राजनीति भारी पड़ गई</li>
</ul>
<h3>
	विजय की जीत के 5 निर्णायक कारण</h3>
<ul>
	<li>
		स्टार पावर + राजनीतिक टाइमिंग</li>
	<li>
		युवा और महिला वोट का अभूतपूर्व समर्थन</li>
	<li>
		एंटी-इंकम्बेंसी वेव</li>
	<li>
		डिजिटल और ग्राउंड कैंपेन का परफेक्ट मिश्रण</li>
	<li>
		क्षेत्रीय अस्मिता का स्मार्ट उपयोग</li>
</ul>
<h3>
	दक्षिण की राजनीति का नया अध्याय</h3>
<p>
	तमिलनाडु 2026 का जनादेश सिर्फ एक नेता की जीत नहीं, बल्कि एक संदेश है: “दक्षिण भारत में राजनीति आज भी दिल और पहचान से चलती है, सिर्फ विकास के आंकड़ों से नहीं।”  विजय की महाविजय ने यह स्पष्ट कर दिया कि सिनेमा अभी भी सबसे बड़ा “मास कनेक्टर” है। युवा वोटर अब गेम चेंजर बन चुका है और राष्ट्रीय बनाम क्षेत्रीय की लड़ाई में स्थानीय भावनाएं अभी भी निर्णायक हैं। </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 12:02:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 12:14:43 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>संदीप सिंह सिसोदिया</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Kerala Election Results 2026 : केरल विधानसभा चुनाव परिणाम]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/kerala-assembly-election-2026-news/kerala-assembly-election-result-2026-live-126050200062_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/kerala-assembly-election-2026-news/kerala-assembly-election-result-2026-live-126050200062_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777731963-1774.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777731963-1774.jpg</image>
      <description><![CDATA[Kerala Election Results 2026 : 140 सीटों वाली केरल विधानसभा में बहुमत के लिए 121 सीटों की जरूरत होगी। यहां सत्तारूढ़ एलडीएफ और कांग्रेस नीत यूडीएफ यहां भाजपा और कांग्रेस में सीधा मुकाबला है। इस बार यहां कांग्रेस का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Kerala Election Results 2026 Live updates" class="imgCont" height="720" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/full/1777731963-1774.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1280" /></p>
</p>
<br />
केरल विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 से जुड़ी पल-पल की जानकारी <br />
<iframe class="elc_result" height="218" src="https://hindi.webdunia.com/widgets/election/state-result/state/kl" style="width:100%;"></iframe>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 12:02:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 12:16:02 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Kerala Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत के 5 बड़े कारण?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/5-major-reasons-for-bjp-massive-victory-in-west-bengal-126050400017_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/5-major-reasons-for-bjp-massive-victory-in-west-bengal-126050400017_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777875753-7594.jpeg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/thumb/1_1/1777875753-7594.jpeg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। अब तक के चुनावी रुझान और परिणाम बता रहे है कि बंगाल में भाजपा बहुमत का आंकड़ा पारकर अपने बल पर सरकार बनाने जा रही है। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के 5 बड़े कारण क्या है जिसके चलते भाजपा ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">
	<p style="float: left;clear: both;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="" alt="" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/04/full/1777875753-7594.jpeg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 10px; padding: 1px; float: left; z-index: 0;" title="" width="1376" /></p>
	</p>
	<br />
	पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। अब तक के चुनावी रुझान और परिणाम बता रहे है कि बंगाल में भाजपा बहुमत का आंकड़ा पारकर अपने बल पर सरकार बनाने जा रही है। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के 5 बड़े कारण क्या है जिसके चलते भाजपा प्रचंड जीत दर्ज करती हुई दिख रही है।  <br />
	 <br />
	<strong>1-ममता के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर- </strong>पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत के पीछे सबसे बड़ा कारण ममता सरकार के खिलाफ जबरदस्त सत्ता विरोधी लहर होना था। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार रिकॉर्ड 92 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। चुनावी राज्य में जब रिकॉर्ड मतदान होता है तो इसे एंटी इनकंबेंसी यानी सत्ता विरोधी लहर माना जाता है और अब बंगाल के चुनाव नतीजे इस बात की पुष्टि भी करते है, यह बढ़ा वोट प्रतिशत सत्ता विरोधी लहर का था। <br />
	 <br />
	बंगाल में पहले चरण की वोटिंगं के बाद भाजपा की ओर से खुद गृहमंत्री अमित शाह ने बंगाल में रिक़ॉर्ड मतदान को सत्ता विरोधी लहर बताने के साथ परिवर्तन की लहर बताया था। मीडिया से बात करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था भी कि बंगाल में ममता सरकार के खिलाफ जो एंटी इंकमबेंसी थी उसके चलते इनकी बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से निकलकर वोट दिए।<br />
	 <br />
	<strong>दरअसल विधानसभा चुनाव में भाजपा को बंगाल के लोगों ने एक विकल्प के तौर पर देखा। यह ठीक उसी तरह का था जिस तरह का 2011 वामपंथी शासन को हटाकर ममता सत्ता में आई थी  उसी तरह इस बार विधानसभा चुनावों में लोगों के सामने भाजपा एक विकल्प के तौर पर नजर आई। बंगाल में वोटर्स ने भाजपा को एक विकल्प के तौर पर पंसद किया। बंगाल में भाजपा को विकल्प के दौर पर देखने के लिए ममता सरकार की नीतियां और महिला सुरक्षा और भष्टाचार का मुद्दा थता।</strong><br />
	<br />
	पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा आरजीकर मेडिकल कॉलेज के चलते ममता बनर्जी के विरोध में गया और जो महिला वोटर्स उनके पक्ष में जाता था वह इस बार छिटक गया। इसी तरह भ्रष्टाचार का मुद्दा भी इस चुनाव में प्रमुखता से उठाया गया। भाजपा ने लगातार आरोप लगाए कि राज्य में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है और इसी मुद्दे को लेकर जनता के बीच अपनी बात रखने की कोशिश की और चुनाव नतीजे बताते है कि भाजपा इसमें सफल भी रही।<br />
	<br />
	<strong>2-हिंदू वोटरों का भाजपा के पक्ष में जबरदस्त ध्रुवीकरण- </strong>पश्चिम बंगाल में हिंदू वोटरों का भाजपा के पक्ष में ध्रुवीकरण भाजपा की जीत का बड़ा कारण है। भाजपा ने पूरे चुनाव के दौरान हिंदू वोटर्स को रिझाने के कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। चुनाव में भाजपा वोटर्स को इस बात को समझाने में सफल रही कि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी मुस्लिमों की पार्टी है। ममता बनर्जी केवल मुस्लिम वोटर्स को रिझाने के लिए तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। चुनाव के दौरान अमित शाह से लेकर सुवेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि हिंदू भाजपा के लिए वोट कर रहा है।<br />
	 <br />
	<strong>पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेता जिस तरह से चुनावी मंच पर जय श्री राम का नारा लगाते हुए नजर आए, उनसे हिंदू वोटोरों का जबरदस्त ध्रुवीकरण किया। खुद पीएम मोदी ने जय मां काली और जय श्री राम के नारे के साथ बंगाल में भाजपा के चुनावी अभियान का आगाज किया था। चुनाव नतीजे बताते है कि भाजपा ने हिंदू बाहुल्य इलाकों क्लीन स्वीप किया है। वहीं मुस्लिम वोटर्स के बाहुल्य इलाकों में टीएमसी ने पिछले चुनाव के तुलना में कई सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था।</strong><br />
	 <br />
	<strong>3-मोदी का चेहरा ममता पर पड़ा भारी-</strong>बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत का बड़ा कारण मोदी का चेहरा रहा। चुनाव में भाजपा ने ममता बनर्जी के खिलाफ मोदी का चेहरा आगे किया। भाजपा ने अपनी पूरी चुनावी रणनीति को प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता और उनकी छवि के इर्द-गिर्द केंद्रित किया है। पार्टी के पोस्टर, रैलियां और डिजिटल कैंपेन हर जगह मोदी का प्रभाव साफ दिखाई देता है। यह रणनीति खासतौर पर उन मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए बनाई गई है जो राष्ट्रीय मुद्दों और मजबूत नेतृत्व को प्राथमिकता देते हैं।<br />
	 <br />
	<strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में 19 से अधिक रैलियां करने के साथ 5 बड़े रोड शो किए। मोदी ने टीएमसी के प्रभाव वाले इलाकों में बिष्णुपुर, पुरुलिया, झाड़ग्राम और मेदिनीपुर जैसे क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित किया। इन रैलियों में उन्होंने घुसपैठ, भ्रष्टाचार और परिवर्तन के मुद्दों पर जोर दिया। चुनाव में ममता बनर्जी की बंगाली अस्मिता का जवाब देने के लिए पीएम मोदी ने हुगली नदी में सैर करने के साथ दुकान पर पहुंचकर झालमुड़ी खाते नजर आए, जिसने बंगाल के लोगों से भाजपा को सीधे कनेक्टर किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोदी को चुनाव का चेहरा बनाकर भाजपा ने चुनाव को लोकल मुद्दों से उठाकर राष्ट्रीय विमर्श में बदलने की जो कोशिश की थी वह पूरी तरह सफल रही।</strong><br />
	<br />
	<strong>4- BJP की चुनावी रणनीति,बूथ मैनेजमेंट पर फोकस-</strong> पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का बड़ा कारण भाजपा की चुनाव रणनीति रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा का पूरा फोकस बूथ मैनेजमेंट पर रहा। अमित शाह का वोटिंग से ठीक पहले 15 दिन बंगाल में डेरा डालना और 50 से अधिक सभाएं और रोड शो से भाजपा का कार्यकर्ता मोटिवेट हुआ और उसने वोटर्स के बूथ तक पहुंचाकर भाजपा की जीत की पटकथा लिख दी। भाजपा की ओऱ से अमित शाह के अगुवाई में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, सुनील बंसल ने ऐसी रणनीति तैयार की, जिससे ममता के दुर्ग को धाराशयी कर दिया। <br />
	 <br />
	वहीं वोटिंग से ठीक पहले जिस तरह से टीएमसी के लिए काम करने वाली कंपनी I-PAC का काम समेटना भी टीएमसी की हार का बड़ा कारण रही। 2021 के चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा ने लगातार काम किया और पार्टी ने बूथ स्तर तक संगठन मजबूत किया और कार्यकर्ताओं का एक नेटवर्क खड़ा किया, जिसका फायदा चुनाव में मिला।<br />
	 <br />
	<strong>5-बंगाल चुनाव में SIR गेमचेंजर-</strong>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में SIR का मुद्दा हावी रहा। चुनाव आयोग ने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 91 लाख से अधिक वोटरों को सूची से हटाया, जिसका विपक्ष ने खूब विरोध किया। चुनाव आयोग ने माना कि SIR के कारण बंगाल में 92 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई है। बंगाल की राजनीति के जानकार कहते है कि चुनाव के दौरान बाहरी राज्यों में रह रहे वोटर्स बंगाल लौटे और उन्होंने जमकर वोटिंग की जो भाजपा के पक्ष में मानी गई।<br />
	 </p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 04 May 2026 11:50:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 04 May 2026 12:27:33 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>विकास सिंह</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[नतीजों से पहले CM ममता बनर्जी का बड़ा दावा, बोलीं- अबकी बार 200 पार, एग्जिट पोल को किया खारिज]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/chief-minister-mamata-banerjee-makes-big-claim-ahead-of-west-bengal-assembly-election-results-126050200056_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/chief-minister-mamata-banerjee-makes-big-claim-ahead-of-west-bengal-assembly-election-results-126050200056_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-08/07/thumb/1_1/1754510941-2319.jpg"/>
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      <description><![CDATA[Chief Minister Mamata Banerjee's Big Claim : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी जीत को लेकर बड़ा दावा किया है। शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पार्टी के काउंटिंग एजेंटों को संबोधित करते हुए ममता ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Chief Minister Mamata Banerjee makes big claim ahead of West Bengal Assembly election results" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-08/07/full/1754510941-2319.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Chief Minister Mamata Banerjee" width="1200" /></p>
	<strong>Chief Minister Mamata Banerjee&#39;s Big Claim : </strong>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी जीत को लेकर बड़ा दावा किया है। शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पार्टी के काउंटिंग एजेंटों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक बार फिर भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौट रही है और 200 से अधिक सीटें जीत रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल के उन आंकड़ों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें भाजपा को बढ़त दिखाई गई है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	एग्जिट पोल के आंकड़ों को किया खारिज</h3>
<p>
	पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी जीत को लेकर बड़ा दावा किया है। शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पार्टी के काउंटिंग एजेंटों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक बार फिर भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौट रही है और 200 से अधिक सीटें जीत रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल के उन आंकड़ों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें भाजपा को बढ़त दिखाई गई है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/mamata-banerjee-government-is-slipping-in-the-new-phalaudi-prediction-126050100019_1.html" target="_blank">फलोदी की नई भविष्‍यवाणी में खिसक रही ममता बनर्जी की सरकार, दूसरे चरण की वोटिंग के बाद क्‍यों बदला अनुमान</a></strong></p>
</p>
<h3>
	शेयर बाजार में हेराफेरी की साजिश</h3>
<p>
	ममता ने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि उन्होंने बहुत सारी लड़ाइयां लड़ी हैं और यह लड़ाई भी उनके पक्ष में ही खत्म हो रही है। उन्होंने साफ कर दिया कि पार्टी का आंतरिक आंकलन एग्जिट पोल के नतीजों से बिलकुल अलग और सकारात्मक है। ममता ने एग्जिट पोल के नतीजों को &#39;शेयर बाजार में हेराफेरी&#39; करने की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, ये एग्जिट पोल कुछ और नहीं बल्कि स्टॉक मार्केट को प्रभावित करने का एक जरिया हैं।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-protest-strong-room-evm-row-126043000072_1.html" target="_blank">बंगाल में EVM की सुरक्षा को लेकर BJP-TMC कार्यकर्ताओं में टकराव, कोलकाता में स्ट्रांग रूम के बाहर ममता बनर्जी का धरना</a></strong></p>
</p>
<h3>
	CAPF पर लगाया यह आरोप</h3>
<p>
	मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, उन्होंने 2021 और 2024 में भी यही किया था और अब फिर वही कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने अपने काउंटिंग एजेंटों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि मतगणना वाले दिन किसी भी कीमत पर मैदान नहीं छोड़ना है। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यकर्ता तब तक काउंटिंग सेंटर से बाहर न निकलें जब तक कि उन्हें खुद मुख्यमंत्री की तरफ से आदेश न मिल जाए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) पर टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ बर्बरता करने का आरोप लगाया।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/will-young-voters-become-kingmakers-in-bengal-126050200016_1.html" target="_blank">Exit Poll: पश्चिम बंगाल में क्या युवा वोटर्स बनेंगे किंगमेकर, रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई सियासी दलों की धड़कनें?</a></strong></p>
</p>
<h3>
	भाजपा केंद्रीय बलों का इस्तेमाल कर रही</h3>
<p>
	उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा, आने वाले दिनों में पार्टी उन लोगों को पुरस्कृत करेगी जिन्होंने CAPF की क्रूरता का डटकर सामना किया है। मतगणना से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को वर्चुअली ममता के संबोधन के बाद डायमंड हार्बर के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी उनकी बातों का समर्थन किया। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा मतदाताओं, विशेषकर महिलाओं को डराने-धमकाने के लिए केंद्रीय बलों का इस्तेमाल कर रही है।<br />
	Edited By : Chetan Gour</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 02 May 2026 19:03:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 02 May 2026 19:16:07 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[15 बूथों पर पुनर्मतदान के बीच दक्षिण 24 परगना में हंगामा, टीएमसी नेता पर धमकाने के आरोप]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-repolling-violence-falta-south-24-pargana-126050200041_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-repolling-violence-falta-south-24-pargana-126050200041_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777717687-1159.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/thumb/1_1/1777717687-1159.jpg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर और मगराहट पश्चिम निर्वाचन क्षेत्रों के 15 बूथों पर पुनर्मतदान के बीच दक्षिण 24 परगना जिले में जमकर हंगामा हुआ। स्थानीय लोगों ने टीएमसी नेता पर धमकाने का आरोप लगाया। हंगामे के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="security in south 24 pargana" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/02/full/1777717687-1159.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="security in south 24 pargana" width="1200" /></p>
	</p>
	पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर और मगराहट पश्चिम निर्वाचन क्षेत्रों के 15 बूथों पर पुनर्मतदान के बीच दक्षिण 24 परगना जिले में जमकर हंगामा हुआ। स्थानीय लोगों ने टीएमसी नेता पर धमकाने का आरोप लगाया। हंगामे के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/indore/now-indore-betting-market-has-predicted-the-bengal-and-assam-elections-126050200032_1.html" target="_blank">अब इंदौर के सट्टा बाजार ने की बंगाल, असम चुनाव की भविष्यवाणी, जान लीजिए किसकी बन रही है सरकार?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा में स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि वोट डालने के बाद हम पर TMC के लोगों ने हमला किया। हमारे साथ मारपीट की गई है। उन्होंने टीएमसी नेताओं पर भी धमकाने का आरोप लगाया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उन्होंने कहा कि जब हम इस घटना का शांति से विरोध कर रहे थे तो पुलिस ने हम पर लाठीचार्ज किया। कई लोगों को पैर में, सिर में और हाथ में चोट आई है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/will-young-voters-become-kingmakers-in-bengal-126050200016_1.html" target="_blank">Exit Poll: पश्चिम बंगाल में क्या युवा वोटर्स बनेंगे किंगमेकर, रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई सियासी दलों की धड़कनें?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने बुधवार को कहा था कि मतदान के दूसरे चरण के दौरान ईवीएम में छेड़छाड़ के 77 मामले सामने आए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जिन बूथों पर इस तरह के उल्लंघन की पुष्टि होती है, वहां दोबारा मतदान का आदेश दिया जाएगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 2 चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। मतगणना के बाद 4 मई को चुनाव परिणामों की घोषणा की जाएगी। </p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 02 May 2026 15:49:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 02 May 2026 15:58:15 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Exit Poll: पश्चिम बंगाल में क्या युवा वोटर्स बनेंगे किंगमेकर, रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई सियासी दलों की धड़कनें?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/will-young-voters-become-kingmakers-in-bengal-126050200016_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/will-young-voters-become-kingmakers-in-bengal-126050200016_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777515808-6839.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777515808-6839.jpg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में अब 24 घंटे का समय शेष बचा है। इसके साथ ही बंगाल में नई सरकार बनने का काउंटडाउन भी शुरु हो गया है। चुनाव परिणाम को लेकर अटकलों का दौर जारी है। राज्य में इस साल हुए रिकॉर्ड 93 प्रतिशत मतदान, विशेषकर युवाओं और ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="west bengal exit poll result" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777515808-6839.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="west bengal exit poll result" width="1376" /></p>
	<br />
	पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में अब 24 घंटे का समय शेष बचा है। इसके साथ ही बंगाल में नई सरकार बनने का काउंटडाउन भी शुरु हो गया है। चुनाव परिणाम को लेकर अटकलों का दौर जारी है। राज्य में इस साल हुए रिकॉर्ड 93 प्रतिशत मतदान, विशेषकर युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं की भारी भागीदारी ने राजनीतिक पंडितों के राजनीतिक दलों की बेचैनी बढ़ा दी है। चुनाव आयोग के आंकड़ों और बूथों पर लगी लंबी कतारों से स्पष्ट है कि 18-25 आयु वर्ग के मतदाता इस बार किसी भी अन्य वर्ग की तुलना में अधिक मुखर और सक्रिय रहा हैं।<br />
	 <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/why-can-bjp-win-in-west-bengal-126050100053_1.html" target="_blank">Exit Poll: बंगाल में बदलाव की बयार की Inside story</a></strong><br />
	बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार युवाओं से जुड़े मुद्दे हावी रहे। राज्य में बढ़ती बेरोजगारी और रोजगार की तलाश में लोगों का पलायन इस बार चुनाव में बड़ा मुद्दा रहा। इसके साथ शिक्षक भर्ती घोटाले के साथ उच्च शिक्षा ऐसे मुद्दें थे जिसने युवाओं को सीधे प्रभावित किया। शिक्षक भर्ती  विवाद और 26 हजार से अधिक नियुक्तियों के रद्द होने से युवाओं में काफी असंतोष देखा गया।<br />
	 <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/us-based-polymarket-makes-explosive-prediction-regarding-bengal-elections-126050100037_1.html" target="_blank">फलोदी, कोलकाता नहीं, अमेरिकी ‘पॉलीमार्केट’ ने कर दी बंगाल चुनाव पर विस्‍फोटक भविष्‍यवाणी, ट्रेडिंग में व्हेल ट्रेडर्स की एंट्री</a></strong><br />
	पारंपरिक रूप से बंगाल में चुनाव राजनीतिक विचारधारा और पहचान की राजनीति पर टिके होते थे, वहीं 2026 के चुनावों में बदलाव की एक लहर देखी जा रही है। पहली बार वोट डालने वाली महिला मतदाताओं के लिए महिला सुरक्षा और उच्च शिक्षा सबसे बड़े मुद्दे बनकर उभरे हैं।<br />
	 <br />
	दूसरी ओर, रोजगार और तकनीकी विकास की मांग करने वाले युवा वोटर्स ने साफ कर दिया है कि वे केवल वादों पर नहीं, बल्कि विजन पर वोट कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में युवा मतदाता किसी भी दल विशेष के प्रति फिक्स्ड नहीं हैं, जिससे वे इस बार असली किंगमेकर बन गए हैं।<br />
	 <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-claims-victory-in-west-bengal-on-the-basis-of-m-factor-126043000070_1.html" target="_blank">पश्चिम बंगाल में M फैक्टर के दम पर ममता बनर्जी ने किया जीत का दावा, इतनी सीटें जीतने की कहीं बात</a></strong><br />
	यहीं कारण है कि युवा वोटर्स को रिझाने के लिए भाजपा और टीएमसी ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। सूबे मे सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने युवा श्री जैसे कार्यक्रमों के दम पर युवाओं को साधने की कोशिश की। टीएमसी ने युवा साथी योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को 15 सौ रुपया प्रति माह का भत्ता देने का वादा किया, युवाओं को साधने की कोशिश है।<br />
	 <br />
	वहीं भाजपा ने लिएंडर पेस जैसे चेहरों को पार्टी में शामिल कराकरटाउन हाल कार्यक्रम कर कर युवा वर्ग के बीच अपनी पैठ बनाई। इसके साथ भाजपा ने रोजगार के मुद्दों और भ्रष्टाचार के आरोपों को सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला। भाजपा ने अपने भरोसा पत्र में बेरोजगार युवाओं को 3 हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता देने का भी वादा किया। <br />
	 <br />
	बंगाल के राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि  93 प्रतिशत से अधिक मतदान होना इस बात का संकेत है कि जनता बदलाव या स्थिरता के लिए बहुत उत्साहित है। इसमें युवाओं का बढ़ता ग्राफ यह दर्शाता है कि वे इस चुनाव को अपने भविष्य के फैसले के तौर पर देख रहे हैं। असल मायने में बंगाल की सत्ता का फैसला अब उन हाथों में है, जो पहली बार लोकतंत्र के इस महापर्व का हिस्सा बन रहे हैं। चुनाव के दौरान युवा मतदाताओं का साइलेंट वोटिंग पैटर्न यह तय करेगा कि 2026 में बंगाल की सत्ता का ताज किसके सिर सजेगा।<br />
	<br />
	चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल मतदाता 6.44 करोड़ हैं। इनमें 1.4 से 1.7 करोड़ युवा (18-29 आयु वर्ग) हैं। वहीं 18 से 19 वर्ष के 5.2 लाख से अधिक युवाओं ने पहली बार अपने मताधिकार का उपयोग किया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में युवा मतदाता निर्णायक बनकर उभरे हैं और राज्य का हर चौथा मतदाता युवा है। ऐसे में बेरोजगारी और भर्ती घोटाला समेत कई मुद्दे हैं, जिनके आधार पर अगर युवाओं ने वोट किया तो चुनाव में बड़ा खेला हो सकता है।</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 02 May 2026 12:15:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 02 May 2026 14:32:46 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>विकास सिंह</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने TMC की मांग ठुकराई, अब केंद्रीय कर्मचारी ही करेंगे वोटों की गिनती]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/supreme-court-rejects-tmc-plea-counting-supervisor-election-commission-bengal-polls-126050200010_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/supreme-court-rejects-tmc-plea-counting-supervisor-election-commission-bengal-polls-126050200010_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-07/28/thumb/1_1/1753711686-5891.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-07/28/thumb/1_1/1753711686-5891.jpg</image>
      <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि चुनाव आयोग को अधिकारी चुनने का अधिकार है। केंद्र या राज्य में से अधिकारी को चुना जा सकता है। अदालत ने साफ कहा कि चुनाव आयोग के सर्कुलर का पूरी तरह पालन होगा। इस मामले में किसी आदेश की जरूरत ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Supreme Court big jolt of TMC on counting officers " class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-07/28/full/1753711686-5891.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Supreme Court" width="1200" /></p>
	सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि चुनाव आयोग को अधिकारी चुनने का अधिकार है। केंद्र या राज्य में से अधिकारी को चुना जा सकता है। अदालत ने साफ कहा कि चुनाव आयोग के सर्कुलर का पूरी तरह पालन होगा। इस मामले में किसी आदेश की जरूरत नहीं है।<br />
	<br />
	सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि 4 मई को होने वाली मतगणना पूरी तरह से चुनाव आयोग के मौजूदा सर्कुलर के अनुसार ही होगी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	जस्टिस नरसिम्हा, बागची की पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए टीएमसी का पक्ष सुना। अदालत ने कहा कि काउंटिंग अधिकारी राज्य का हो या केंद्र का, इसका फैसला करना चुनाव आयोग का अधिकार है। हर सेंटर पर आपके एजेंट भी होंगे।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	कपिल सिब्बल ने टीएमसी का पक्ष रखते हुए कहा कि चुनाव आयोग मनमानी नहीं कर सकता। राज्य के अधिकारियों को भी चुना जाना चाहिए। इस पर चुनाव आयोग ने कहा कि टीएमसी की आशंका ही गलत है। रिटर्निंग ऑफिसर राज्य का ही है और उसने ही अधिकारियों को चुना है। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार को चुनाव आयोग (EC) के एक फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। आयोग ने निर्देश दिया था कि मतगणना के दौरान केवल केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) के कर्मचारियों को ही काउंटिंग सुपरवाइजर के रूप में नियुक्त किया जाएगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	TMC ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है और राज्य सरकार के कर्मचारियों को प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	हाईकोर्ट में भी नहीं मिली थी टीएमसी को राहत</h3>
<p>
	हाईकोर्ट से भी इस मामले में टीएमसी को राहत नहीं मिली थी। कोर्ट ने कहा था कि काउंटिंग स्टाफ की नियुक्ति चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है और इसमें कोई अवैधता नहीं है। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि राज्य में 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में बंपर वोटिंग हुई थी। आज भी दक्षिण 24 परगना जिले में 15 बूथों पर पुनर्मतदान हो रहा है। 4 मई को मतगणना के बाद चुनाव परिणामों की घोषणा की जाएगी।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 02 May 2026 11:15:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 02 May 2026 14:37:34 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बंगाल चुनाव पुनर्मतदान: दक्षिण 24 परगना के 15 बूथों पर वोटिंग जारी, फाल्टा पर आज आएगा फैसला]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-election-2026-repolling-diamond-harbour-magrahat-126050200006_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-election-2026-repolling-diamond-harbour-magrahat-126050200006_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/29/thumb/1_1/1777444577-3667.jpg"/>
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      <description><![CDATA[West Bengal repolling : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की 2 विधानसभा सीटों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार को पुर्नमतदान हो रहा है। चुनाव आयोग आज फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान को लेकर फैसला करेगा।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="revoting on 15 booths of west bengal" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/29/full/1777444577-3667.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="voting on 15 booths in dakshin 24 pargana" width="1200" /></p>
	West Bengal repolling : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की 2 विधानसभा सीटों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार को पुर्नमतदान हो रहा है। चुनाव आयोग आज फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान को लेकर फैसला करेगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के चार मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। सुबह 9 बजे तक 16.23% मतदान हो चुका है। डायमंड हार्बर में 15.83 और मगरहाट में 16.68 फीसदी वोट डाले जा चुके हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में वोटिंग प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की रुकावट को रोकने के लिए पोलिंग बूथ के पास रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात की गई है। इस सीट पर TMC के शमीम अहमद, भाजपा के गौरसुंदर घोष और कांग्रेस के अब्दुल मजीद हलदर के बीच मुकाबला है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	भाजपा ने इन मतदान केंद्रों पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे, जिसका संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग ने इन सभी जगहों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला किया है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	इन 30 सीटों पर भी पुनर्मतदान!</h3>
<p>
	बताया जा रहा है कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के 30 और बूथों पर भी पुनर्मतदान हो सकता है। भाजपा का आरोप है कि फल्टा इलाके में मतदान केंद्रों पर ईवीएम में कमल के फूल निशान वाले बटन पर टेप लगाकर उसे छिपाने की कोशिश की गई। इसका फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 02 May 2026 10:15:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 02 May 2026 10:26:07 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[West Bengal elections : काउंटिंग स्टाफ को लेकर TMC सुप्रीम कोर्ट पहुंची, EC के फैसले को दी चुनौती]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/tmc-supreme-court-plea-election-commission-counting-staff-126050100071_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/tmc-supreme-court-plea-election-commission-counting-staff-126050100071_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/thumb/1_1/1775486007-4769.jpg"/>
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      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार को चुनाव आयोग (EC) के एक फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। आयोग ने निर्देश दिया था कि मतगणना के दौरान केवल केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) के कर्मचारियों को ही ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="mamta banrjee" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/full/1775486007-4769.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="mamta banrjee" width="1200" /></p>
	पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार को चुनाव आयोग (EC) के एक फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। आयोग ने निर्देश दिया था कि मतगणना के दौरान केवल केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) के कर्मचारियों को ही काउंटिंग सुपरवाइजर के रूप में नियुक्त किया जाएगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	TMC ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है और राज्य सरकार के कर्मचारियों को प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। इससे पहले पार्टी ने इसी मुद्दे पर कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन अदालत ने राहत देने से इनकार कर दिया। अब उसी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की विशेष सुनवाई शनिवार सुबह 10.30 बजे होगी। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने दो जजों की विशेष पीठ गठित की है, जिसमें जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची शामिल हैं।</p>
<p>
	<p>
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</p>
<p>
	इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग के फैसले को सही ठहराते हुए TMC की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि काउंटिंग स्टाफ की नियुक्ति चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है और इसमें कोई अवैधता नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों के राजनीतिक प्रभाव में काम करने की आशंका केवल अनुमान है, जिसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने भी हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि किसी राजनीतिक दल को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि चुनाव प्रक्रिया में किसे शामिल किया जाए। यह निर्णय रिटर्निंग ऑफिसर के विवेक पर निर्भर करता है।</p>
<p>
	<p>
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</p>
<p>
	वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले आरोप लगाया था कि बाहरी पर्यवेक्षकों और पुलिस अधिकारियों की तैनाती के जरिए TMC कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि CRPF के जवानों ने एक TMC पार्षद के घर में बिना स्थानीय पुलिस के प्रवेश कर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। इसी बीच, चुनावी विवाद के बढ़ते माहौल में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है, जिसमें एक वरिष्ठ IPS अधिकारी को पद से हटाने की मांग की गई है। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 01 May 2026 23:55:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 01 May 2026 23:58:53 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>Webdunia Desk</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल में कल पुनर्मतदान, स्ट्रांग रूम पहुंचे सुवेंदु अधिकारी, ममता बनर्जी पर लगाया ड्रामे का आरोप]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-repoll-suvendu-adhikari-strong-room-mamata-banerjee-drama-allegation-126050100056_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-repoll-suvendu-adhikari-strong-room-mamata-banerjee-drama-allegation-126050100056_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/29/thumb/1_1/1777431594-5988.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/29/thumb/1_1/1777431594-5988.jpg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में कल कई बूथों पर पुनर्मतदान होगा। इधर पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और नंदीग्राम व भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर स्ट्रांग रूम, सखावत मेमोरियल गर्ल्स हाई स्कूल पहुंचे। नंदीग्राम और ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="voting in west bengal : all eyes on mamata Banerjee and Suvendu Adhikari" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/29/full/1777431594-5988.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="voting in west bengal : all eyes on mamata Banerjee and Suvendu Adhikari" width="1200" /></p>
	पश्चिम बंगाल में कल कई बूथों पर पुनर्मतदान होगा। इधर पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और नंदीग्राम व भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर स्ट्रांग रूम, सखावत मेमोरियल गर्ल्स हाई स्कूल पहुंचे। नंदीग्राम और भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने पुनर्मतदान पर कहा कि मगरा हाट पश्चिम क्षेत्रों में पुनर्मतदान का स्वागत है। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/scenes-from-jabalpur-just-before-the-cruise-sank-126050100048_1.html" target="_blank">जबलपुर में क्रूज डूबने से पहले के दृश्‍य, म्यूजिक-मस्ती में खुश थे सभी, अचानक ऊंची लहरों ने डूबा दी जिंदगी</a></strong></p>
</p>
<p>
	डायमंड हार्बर के ज्यादा बूथों पर पुनर्मतदान होना चाहिए था लेकिन केवल चार बूथों पर मतदान हो रहा है। फलता को लेकर अभी फैसला नहीं हुआ है। कम से कम 60 बूथों पर तो पुनर्मतदान होना ही चाहिए।  प्रक्रिया के अनुसार ही ये निर्णय लिया जा रहा है। हम चुनाव आयोग का पूरा सम्मान करते हैं। हम ममता बनर्जी की तरह बात नहीं करते।<br />
	<br />
	सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि शर्म की बात है कि जिन्होंने 8 बार पार्लियामेंट में और चार बार विधानसभा के लिए चुनाव लड़ा उन्होंने इस तरीके से अनैतिक ड्रामाबाजी की। इसका कोई आधार नहीं है। यह पूरी तरह से झूठे आरोप हैं।  चुनाव हो चुका है, जनता ने जिसे जनादेश दे दिया है, उसे स्वीकार करना चाहिए। जो तीखी नोंक-झोंक चुनाव के दौरान हुई है, उसे अब खत्म करना चाहिए। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 01 May 2026 19:16:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 01 May 2026 19:20:06 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Exit Poll: बंगाल में बदलाव की बयार की Inside story]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/why-can-bjp-win-in-west-bengal-126050100053_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/why-can-bjp-win-in-west-bengal-126050100053_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777515808-6839.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777515808-6839.jpg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के फाइनल नतीजों के आने में भले ही अभी 48 घंटे से अधिक का समय बचा हो लेकिन बंगाल में बदलाव की बयार बहने लगी है। पहले रिकॉर्ड वोटिंग और फिर अधिकांश एग्जिट पोल में बंगाल में भाजपा की जीत की संभावना जताई जा रही है। क्या भाजपा ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="west bengal exit poll result" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777515808-6839.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="west bengal exit poll result" width="1376" /></p>
	<br />
	पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के फाइनल नतीजों के आने में भले ही अभी 48 घंटे से अधिक का समय बचा हो लेकिन बंगाल में बदलाव की बयार बहने लगी है। पहले रिकॉर्ड वोटिंग और फिर अधिकांश एग्जिट पोल में बंगाल में भाजपा की जीत की संभावना जताई जा रही है। क्या भाजपा पहली बार बंगाल को जीतने जा रही है? क्या भाजपा ने ममता के गढ़ में सेंध लगा दी है? क्या 4 मई को बंगाल में ममता का किला ढह जाएगा? इन सवालों को लेकर &#39;वेबदुनिया&#39; ने बंगाल की पूरी चुनावी राजनीति को करीब से देखने वाले राजनीतिक विश्लेषकों और पत्रकारों से चर्चा की।</p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	राजनीतिक विश्लेषक बताते है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है। राज्य में बदलाव की बयार महसूस की जा रही है। बंगाल का इस बार का चुनाव पिछले कई चुनाव से एकदम अलग ढंग से लड़ा गया और अब परिणाम भी काफी चौंकाने वाले होंगे। राज्य में 93 प्रतिशत से अधिक हुआ मतदान का सीधा फायदा भाजपा को मिलता हुआ दिखाई दे रहा है और यह तय है कि चुनाव में  भाजपा का वोट परसेंट पिछले चुनाव के मुकाबले निश्चित तौर पर बढा है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि यह वोट परसेंट इतना बढ़ा है कि वह भाजपा को सत्ता तक पहुंचा दें। </p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	बंगाल में चुनाव के दौरान सबसे प्रमुख पहलू मतदाताओं का ध्रुवीकरण रहा है। अलग-अलग समुदायों के बीच स्पष्ट राजनीतिक झुकाव देखने को मिला। वोटिंग के दौरान वोटरों का ध्रुवीकरण भी साफ नजर आय़ा। भाजपा यह समझने में सफल रही कि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति की पोषक है और टीएमसी मुस्लिमानों की पार्टी बन गई है, यहीं कारण है कि चुनाव के दौरान भाजपा के पक्ष में हिंदू वोटरों का ध्रुवीकरण देखा गया। विपक्षी दल भाजपा राज्य में  इस धारणा को मजबूत करने की कोशिश की कि राज्य की मौजूदा राजनीति एक खास वर्ग की ओर झुकी हुई है, और इसी आधार पर उसने अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की रणनीति बनाई।</p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	इन विधानसभा चुनाव में बंगाल में भाजपा को लोगों ने एक विकल्प के तौर पर देखा। जिस तरह 2011 वामपंथी शासन को हटाकर ममता सत्ता में आई थी, उसी तरह इस बार विधानसभा चुनावों में लोगों के सामने भाजपा एक विकल्प के तौर पर नजर आई। कई राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि मतदाताों ने इस बार विकल्प की जाना पंसद किया है, इससे बंगाल में बदलाव की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।</p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	विकल्प तलाशने के एक नहीं कई कारण थे। भ्रष्टाचार का मुद्दा भी इस चुनाव में प्रमुखता से उठाया गया। भाजपा ने लगातार आरोप लगाए कि राज्य में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है और इसी मुद्दे को लेकर जनता के बीच अपनी बात रखने की कोशिश की। पिछले डेढ़ दशक से सत्ता में काबिज ममता बनर्जी के आसपास चुनिंदा लोगों के समूहों का होना और जमीनी कार्यकर्ताओं से उनकी दूरी चुनाव में टीएमसी पर भारी पड़ सकती है। ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर भी पार्टी कार्यकर्ताओं में वह निष्ठा नही है, जो ममता के प्रति थी। </p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	वहीं राजनीतिक विश्लेषक मानते है कि मतदान के दिन एक और दिलचस्प पहलू सामने आया, मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी यानि 93 प्रतिशत से अधिक मतदान होना। भाजपा ने अपने वोटरों को मतदान केंद्र तक लाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी,  जिसका असर वोटिंग प्रतिशत में देखने को मिला। वहीं SIR के बाद लोगों के मन यह डर भी दिखाई दिया कि अगर वह मतदान नहीं करेंगे तो भविष्य में उनके वोट खत्म हो जाएगा, जिससे प्रवासी बंगाली इस बार चुनाव में वोट डालने के लिए बंगाल बड़ी संख्या में लौटे। </p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	वोट प्रतिशत के आंकड़ों पर नजर डालें तो विपक्षी दल का समर्थन पिछले चुनावों की तुलना में बढ़ता हुआ दिख रहा है। हालांकि, यह बढ़त जीत में कितनी तब्दील होगी, यह परिणाम आने के बाद ही साफ हो पाएगा। कई सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी बताया जा रहा है, जहां जीत-हार का अंतर महज 5 से 10 हजार वोटों के बीच रह सकता है।</p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	हलांकि राजनीतिक विश्लेषक यह भी मानते है कि सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी और उसकी मुखिया ममता बनर्जी की योजनाओं खासकर महिलाओं को लेकर चलाई जा रही योजनाओं का असर अब भी काफी है। इन योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर दिखाई भी देता है, जिससे मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नहीं रह गया है। टीएमसी ने खुद को धर्मनिरपेक्ष छवि के साथ पेश करते हुए बंगाली अस्मिता को चुनावी मुद्दा बनाया। यह रणनीति भी मतदाताओं के एक वर्ग को प्रभावित करती नजर आई है और इसका असर चुनाव परिणाम में भी देखा जाएगा। </p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 01 May 2026 18:53:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 01 May 2026 19:08:35 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>विकास सिंह</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[फलोदी, कोलकाता नहीं, अमेरिकी ‘पॉलीमार्केट’ ने कर दी बंगाल चुनाव पर विस्‍फोटक भविष्‍यवाणी, ट्रेडिंग में व्हेल ट्रेडर्स की एंट्री]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/us-based-polymarket-makes-explosive-prediction-regarding-bengal-elections-126050100037_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/us-based-polymarket-makes-explosive-prediction-regarding-bengal-elections-126050100037_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/01/thumb/1_1/1777631029-3946.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/01/thumb/1_1/1777631029-3946.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिकी ‘पॉलीमार्केट’ सट्टाबाजार में 4.8 मिलियन डॉलर से ज्यादा की ट्रेडिंग हो चुकी है। बताया जा रहा है कि इसमें ‘व्हेल ट्रेडर्स’ यानी उन बड़े खिलाड़ियों की एंट्री हो चुकी है जो लाखों डॉलर एक साथ निवेश करते हैं। रिपोर्ट में ‘KairosHunter’ नाम के एक ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Polymarket satta bazar" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-05/01/full/1777631029-3946.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Polymarket satta bazar" width="1200" /></p>
</p>
<br />
पश्‍चिम बंगाल में चुनाव हो चुके हैं। 4 मई को परिणाम आते ही साफ हो जाएगा कि बंगाल पर ममता दीदी का ही राज होगा या पीएम मोदी का होगा कब्‍जा। लेकिन इसके पहले कई सट्टा बाजार सक्रिय हो गए हैं। राजस्‍थान के फलोदी सट्टा बाजार ने अपनी भविष्‍यवाणी कर दी है। लेकिन सबसे विस्‍फोटक भविष्‍यवाणी भारत से नहीं बल्‍कि भारत के बाहर से आ रही है। जी, हां। बंगाल चुनाव पर एक भविष्‍यवाणी अमेरिका के पॉली मार्केट से आ रही है। यह अपनी तेज़ और सटीक भविष्यवाणी के लिए प्रसिद्ध है, जो मुख्यधारा के मीडिया से पहले संभावित नतीजों को उजागर कर सकता है।<br />
<br />
हैरान करने वाली बात है कि अमेरिकी ‘पॉलीमार्केट’ सट्टाबाजार में 4.8 मिलियन डॉलर से ज्यादा की ट्रेडिंग हो चुकी है। बताया जा रहा है कि इसमें ‘व्हेल ट्रेडर्स’ यानी उन बड़े खिलाड़ियों की एंट्री हो चुकी है जो लाखों डॉलर एक साथ निवेश करते हैं। रिपोर्ट में ‘KairosHunter’ नाम के एक प्रोफाइल का जिक्र है, जिसने बीजेपी की जीत के ‘Yes’ वाले 1,05,417 शेयर खरीदे हैं। कुल मिलाकर फलोदी सट्टा, दिल्‍ली और कोलकाता नहीं, बल्‍कि अमेरिका के ‘पॉलीमार्केट’ ने तहलका मचा दिया है।<br />
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	<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/mamata-banerjee-government-is-slipping-in-the-new-phalaudi-prediction-126050100019_1.html" target="_blank">फलोदी की नई भविष्‍यवाणी में खिसक रही ममता बनर्जी की सरकार, दूसरे चरण की वोटिंग के बाद क्‍यों बदला अनुमान</a></strong></p>
<strong>बंगाल चुनाव ट्रेडिंग पर टूटे रिकॉर्ड : </strong>अमेरिकी प्रिडिक्शन मार्केट पॉलीमार्केट पर बंगाल चुनाव को लेकर हो रही ट्रेडिंग ने सबको हैरान कर दिया है। वियॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म पर निवेशक सीधे तौर पर अपनी राय और पैसा लगा रहे हैं। 29 अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार इस ऑनलाइन बाजार में करीब 4.8 मिलियन डॉलर का व्यापार बंगाल चुनाव के नतीजों पर हुआ है। यह पहली बार है जब किसी राज्य के चुनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा आर्थिक दांव देखा जा रहा है। बाजार में बीजेपी की जीत की संभावना 56 प्रतिशत और टीएमसी की 43 प्रतिशत दिखाई जा रही है, जबकि अन्य दल 1 प्रतिशत से भी नीचे हैं।<br />
<br />
<strong>अमेरिकी बाजार में </strong><strong>4.8 मिलियन डॉलर से ज्यादा की ट्रेडिंग: </strong>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रेडिक्शन मार्केट में बंगाल चुनाव पर 4.8 मिलियन डॉलर से ज्यादा की ट्रेडिंग हो चुकी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दूसरे चरण के मतदान के बाद जीत-हार का पूरा गणित बदल गया है। जहां पहले ममता बनर्जी की टीएमसी को पसंदीदा पार्टी माना जा रहा था, वहीं अब विदेशी सट्टेबाज बीजेपी की जीत पर भारी दांव लगा रहे हैं। आंकड़ों की मानें तो बीजेपी की जीत की संभावना अब 56 फीसदी के पार निकल गई है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।<br />
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<strong>दूसरे फेज की वोटिंग के बाद कैसे पलटा पांसा : </strong>बंगाल चुनाव में सट्टे पर असली ट्विस्ट दूसरे चरण की वोटिंग के बाद आया। अप्रैल की शुरुआत में इसी पॉलीमार्केट पर टीएमसी को 75-80 प्रतिशत के साथ सबसे मजबूत बताया जा रहा था, तब बीजेपी महज 20-25 प्रतिशत पर थी। लेकिन पहले चरण की वोटिंग के बाद यह आंकड़ा 54 प्रतिशत पर पहुंचा और दूसरे चरण की हिंसा और भारी मतदान के बाद बीजेपी अब 56 प्रतिशत के साथ सबसे आगे निकल गई है। यह ट्रेंड बताता है कि जैसे-जैसे वोटिंग बढ़ रही है, सट्टेबाजों का भरोसा बीजेपी की ओर शिफ्ट हो रहा है, जिसने बंगाल की सत्ता की लड़ाई को बेहद रोमांचक मोड़ पर खड़ा कर दिया है।<br />
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<strong>ट्रेडिंग वॉल्यूम में टीएमसी आगे : </strong>पॉलीमार्केट के डेटा का एक और रोचक बात यह है कि भले ही जीत की संभावना बीजेपी की ज्यादा बताई जा रही है, लेकिन ट्रेडिंग वॉल्यूम में टीएमसी अब भी काफी आगे है। रिपोर्ट के मुताबिक टीएमसी पर करीब 1.8 मिलियन डॉलर की ट्रेडिंग हुई है, जबकि बीजेपी पर यह आंकड़ा 1.1 मिलियन डॉलर है। विशेषज्ञों का मानना है कि टीएमसी पर ज्यादा वॉल्यूम होने का मतलब है कि कई लोग उसकी हार पर दांव लगा रहे हैं या फिर कुछ बड़े सट्टेबाज भारी रकम के साथ बाजार में उतार-चढ़ाव पैदा कर रहे हैं।<br />
<br />
<strong>क्‍या कहते हैं दिल्ली और फलोदी सट्टा बाजार : </strong>अमेरिकी बाजार बीजेपी की जीत बता रहा है, वहीं दिल्ली और राजस्‍थान का फलोदी के सट्टा बाजारों के आंकड़े थोड़े अलग हैं। दिल्ली सट्टा बाजार के मुताबिक, टीएमसी को 146-149 सीटें मिल सकती हैं, जबकि बीजेपी 140-143 सीटों के साथ कड़ी टक्कर दे रही है। भारतीय बाजारों में अभी भी मुकाबला बराबरी का माना जा रहा है। वियॉन की रिपोर्ट कहती है कि यह अंतर इसलिए भी हो सकता है क्योंकि पॉलीमार्केट में कई विदेशी निवेशक और वीपीएन का इस्तेमाल करने वाले भारतीय शामिल हैं, जिनकी सोच स्थानीय सट्टा बाजारों से अलग हो सकती है।<br />
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<strong>बड़े खिलाड़ियों की एंट्री से हड़कंप : </strong>सट्टा बाजार में ‘व्हेल ट्रेडर्स’ यानी उन बड़े खिलाड़ियों की एंट्री हो चुकी है जो लाखों डॉलर एक साथ निवेश करते हैं। रिपोर्ट में ‘KairosHunter’ नाम के एक प्रोफाइल का जिक्र है, जिसने बीजेपी की जीत के ‘Yes’ वाले 1,05,417 शेयर खरीदे हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि अकेले इस खिलाड़ी ने बीजेपी की जीत पर 44 हजार से 60 हजार डॉलर के बीच दांव लगाया है। जब कोई बड़ा निवेशक इतनी मोटी रकम लगाता है, तो बाजार का पूरा समीकरण बदल जाता है। इसी वजह से बीजेपी का जीत प्रतिशत अचानक बढ़ गया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ रूम्स तक चर्चा गर्म है।<br />
Edited By: Naveen R Rangiyal]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 01 May 2026 15:50:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 01 May 2026 15:54:12 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[कोलकाता में हाई वोल्टेज ड्रामा, बैलेट बॉक्स से टेम्परिंग का आरोप और आमने-सामने BJP-TMC, EC ने क्या कहा]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/kolkata-strong-room-row-tmc-ballot-tampering-allegation-126043000076_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/kolkata-strong-room-row-tmc-ballot-tampering-allegation-126043000076_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777573080-3798.jpg"/>
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      <description><![CDATA[गुरुवार को उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान खत्म होने के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया कि भाजपा और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया मिलकर पार्टी प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी में पोस्टल बैलेट खोलने ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777573080-3798.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	गुरुवार को उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान खत्म होने के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया कि भाजपा और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया मिलकर पार्टी प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी में पोस्टल बैलेट खोलने की कोशिश कर रहे हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	आरोपों के बाद टीएमसी नेता शशि पांजा और कुणाल घोष मौके पर पहुंचे और कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठ गए।  TMC नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग के अधिकारियों की मौजूदगी में भाजपा ने पार्टी प्रतिनिधियों के बिना बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश की। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठे कुनाल घोष ने कहा कि अंदर कुछ लोग पोस्टल बैलेट से छेड़छाड़ कर रहे हैं और वहां TMC का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं है।<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			<a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | West Bengal Elections 2026 | Police deployed outside the strong room in Kolkata. Counting of votes to be held on 4th May. <a href="https://t.co/00hpvvczGa">pic.twitter.com/00hpvvczGa</a></p>
		— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/2049906649314501017?ref_src=twsrc%5Etfw">April 30, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
	<p>
		<p>
			<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-exit-poll-chanakya-bjp-192-seats-tmc-126043000063_1.html" target="_blank">Exit Poll : टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल में BJP 192 सीटों पर आगे, TMC को बड़ा झटका</a></strong></p>
	</p>
	<p>
		उन्होंने कहा कि आप चुनाव आयोग की लाइव स्ट्रीमिंग और CCTV फुटेज देख सकते हैं, जिसमें कुछ लोग अंदर काम करते नजर आ रहे हैं। हमारे किसी प्रतिनिधि को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है। भाजपा अपने लोगों को अंदर भेजकर पोस्टल बैलेट से छेड़छाड़ कर रही है। </p>
	<p>
		सीसीटीवी फुटेज जारी किए </p>
	<p>
		<blockquote class="twitter-tweet">
			<p dir="ltr" lang="en">
				ALARMING<br />
				<br />
				This is the murder of democracy in broad daylight.<br />
				<br />
				CCTV footage has exposed how <a href="https://twitter.com/BJP4India?ref_src=twsrc%5Etfw">@BJP4India</a>, in active collusion with the <a href="https://twitter.com/ECISVEEP?ref_src=twsrc%5Etfw">@ECISVEEP</a>, is opening ballot boxes without the presence of any relevant party stakeholders. This is gross electoral fraud being committed openly… <a href="https://t.co/aSe36kGKPI">pic.twitter.com/aSe36kGKPI</a></p>
			— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) <a href="https://twitter.com/AITCofficial/status/2049866825350168739?ref_src=twsrc%5Etfw">April 30, 2026</a></blockquote>
		<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
		<p>
			इन आरोपों के समर्थन में TMC ने सोशल मीडिया पर एक कथित CCTV वीडियो भी साझा किया, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयोग की जानकारी और संरक्षण में बैलेट बॉक्स खोले जा रहे हैं। पार्टी ने इसे खुला चुनावी घोटाला करार दिया।</p>
		<p>
			<blockquote class="twitter-tweet">
				<p dir="ltr" lang="en">
					Victory is Certain!<br />
					<br />
					Smt. <a href="https://twitter.com/MamataOfficial?ref_src=twsrc%5Etfw">@MamataOfficial</a> has assured every leader, party worker, booth agent of the Trinamool Congress, and the Maa-Mati-Manush of Bengal that the Trinamool Congress is returning for a historic 4th term. Bengal refuses to bow to the Bohiragotos of Delhi and… <a href="https://t.co/6xvuKP89wb">pic.twitter.com/6xvuKP89wb</a></p>
				— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) <a href="https://twitter.com/AITCofficial/status/2049896271163662656?ref_src=twsrc%5Etfw">April 30, 2026</a></blockquote>
			<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
			<p>
				इस पूरे घटनाक्रम से कुछ ही घंटे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल को खारिज करते हुए TMC कार्यकर्ताओं से ईवीएम की सुरक्षा करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ईवीएम बदले जाने की साजिश हो सकती है, इसलिए मतगणना पूरी होने तक कार्यकर्ता सतर्क रहें और काउंटिंग टेबल न छोड़ें।</p>
			<p>
				<p>
					<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-reaction-on-exit-poll-tight-race-bjp-vs-tmc-126043000051_1.html" target="_blank">TMC 226 सीटें जीतेगी, पश्चिम बंगाल के EXit polls पर ममता बनर्जी का रिएक्शन</a></strong></p>
			</p>
			<h3>
				चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा </h3>
			<p>
				चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम रखी गई हैं, वे पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैलेट की अलग-अलग श्रेणियों में छंटाई स्ट्रॉन्ग रूम के कॉरिडोर में रिटर्निंग ऑफिसर्स की निगरानी में की जा रही है।<br />
				<blockquote class="twitter-tweet">
					<p dir="ltr" lang="en">
						<a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | West Bengal Elections 2026 | Police deployed outside the strong room in Kolkata. Counting of votes to be held on 4th May. <a href="https://t.co/00hpvvczGa">pic.twitter.com/00hpvvczGa</a></p>
					— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/2049906649314501017?ref_src=twsrc%5Etfw">April 30, 2026</a></blockquote>
				<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
				<p>
					<p>
						<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-warning-to-us-bottom-of-sea-hormuz-new-plan-khamenei-persian-gulf-crisis-126043000054_1.html" target="_blank">अमेरिका को ‘समुद्र की गहराई’ में रहने की चेतावनी, Hormuz पर ईरान का बड़ा प्लान, मोजतबा खामनेई का क्या है बयान</a></strong></p>
				</p>
				<h3>
					भाजपा ने टीएमसी के आरोपों पर क्या कहा </h3>
				<p>
					भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि ममता बनजी की पार्टी हार की आशंका के चलते अफवाहें फैला रही है। भाजपा नेता तपस राय ने कहा कि हम स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी के लिए अपने दो लोगों को तैनात करेंगे। यहां तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। टीएमसी सिर्फ अपनी हार का माहौल तैयार करने के लिए भ्रम फैला रही है। Edited by : Sudhir Sharma</p>
			</p>
		</p>
	</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 23:40:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 01 May 2026 08:55:59 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बंगाल में EVM की सुरक्षा को लेकर BJP-TMC कार्यकर्ताओं में टकराव, कोलकाता में स्ट्रांग रूम के बाहर ममता बनर्जी का धरना]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-protest-strong-room-evm-row-126043000072_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-protest-strong-room-evm-row-126043000072_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-02/02/thumb/1_1/1770018805-7967.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-02/02/thumb/1_1/1770018805-7967.jpg</image>
      <description><![CDATA[एक्जिट पोल के बाद 4 मई को नतीजों से पहले पश्चिम बंगाल में तकरार शुरू हो गई है। टीएमसी ने ईवीएम स्ट्रांग रूम के बाहर धरना दिया। ममता बनर्जी ने भी स्ट्रांग रूम के बाहर धरना दिया। MC नेता शशि पांजा और कुणाल घोष नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर स्ट्रॉन्ग ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="mamata banerjee attacks bjp in delhi" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-02/02/full/1770018805-7967.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	एक्जिट पोल के बाद 4 मई को नतीजों से पहले पश्चिम बंगाल में तकरार शुरू हो गई है। टीएमसी ने ईवीएम स्ट्रांग रूम के बाहर धरना दिया। ममता बनर्जी ने भी स्ट्रांग रूम के बाहर धरना दिया। MC नेता शशि पांजा और कुणाल घोष नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर स्ट्रॉन्ग रूम के सामने धरने पर बैठे। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और ECI अधिकारी पार्टी के संबंधित प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बिना बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश कर रहे हैं।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-exit-poll-chanakya-bjp-192-seats-tmc-126043000063_1.html" target="_blank">Exit Poll : टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल में BJP 192 सीटों पर आगे, TMC को बड़ा झटका</a></strong></p>
	कुणाल घोष ने कहा कि आप चुनाव आयोग की लाइवस्ट्रीमिंग और CCTV कैमरे में देख सकते हैं कि कुछ लोग अंदर काम कर रहे हैं। हमारा कोई भी प्रतिनिधि अंदर नहीं है। वे हमें अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। वे हमसे दूसरे उम्मीदवारों से बात करने के लिए कह रहे हैं। हम दूसरे उम्मीदवारों की ज़िम्मेदारी क्यों लें?</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			<a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | West Bengal | Security forces deployed in Kolkata after BJP leaders, along with workers, arrived at the spot where TMC leaders Shashi Panja and Kunal Ghosh are sitting on a dharna outside the strong room, alleging that attempts are being made by BJP and ECI officials to… <a href="https://t.co/HLCEHzzeSG">https://t.co/HLCEHzzeSG</a> <a href="https://t.co/wSHWVbBIdp">pic.twitter.com/wSHWVbBIdp</a></p>
		— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/2049882220954071102?ref_src=twsrc%5Etfw">April 30, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
	<p>
		शशि पांजा ने कहा कि हमें चिंता है। कोई हेरफेर नहीं होना चाहिए। हमें यह सब क्यों नहीं दिखाया जा रहा है? </p>
	<p>
		इससे पहले ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि मतगणना से पहले ईवीएम बदली जा सकती हैं और टीएमसी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने एग्जिट पोल के अनुमानों को भी खारिज करते हुए कहा कि मीडिया संस्थानों पर भाजपा के पक्ष में नतीजे दिखाने के लिए दबाव डाला गया है।</p>
	<p>
		<blockquote class="twitter-tweet">
			<p dir="ltr" lang="en">
				❗️ALARMING❗️<br />
				<br />
				This is the murder of democracy in broad daylight.<br />
				<br />
				CCTV footage has exposed how <a href="https://twitter.com/BJP4India?ref_src=twsrc%5Etfw">@BJP4India</a>, in active collusion with the <a href="https://twitter.com/ECISVEEP?ref_src=twsrc%5Etfw">@ECISVEEP</a>, is opening ballot boxes without the presence of any relevant party stakeholders. This is gross electoral fraud being committed openly… <a href="https://t.co/aSe36kGKPI">pic.twitter.com/aSe36kGKPI</a></p>
			— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) <a href="https://twitter.com/AITCofficial/status/2049866825350168739?ref_src=twsrc%5Etfw">April 30, 2026</a></blockquote>
		<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
		<p>
			एग्जिट पोल में भाजपा को बढ़त मिलने के एक दिन बाद जारी वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने दावा किया कि चुनाव में भाजपा की पूरी मशीनरी विफल रही है। उन्होंने टीएमसी उम्मीदवारों से कहा कि वे मतगणना के दिन अपनी-अपनी सीटों पर कड़ी निगरानी रखें।</p>
		<p>
			<p>
				<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-warning-to-us-bottom-of-sea-hormuz-new-plan-khamenei-persian-gulf-crisis-126043000054_1.html" target="_blank">अमेरिका को ‘समुद्र की गहराई’ में रहने की चेतावनी, Hormuz पर ईरान का बड़ा प्लान, मोजतबा खामनेई का क्या है बयान</a></strong></p>
		</p>
		<p>
			ममता बनर्जी ने कहा, “ईवीएम को मतगणना केंद्रों तक ले जाते समय बदलने की साजिश रची गई है। जब तक मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए न कहूं, तब तक काउंटिंग कैबिन नहीं छोड़ें। शांति बनाए रखें और मुझ पर भरोसा रखें। भरोसा रखें कि टीएमसी ही सत्ता में आ रही है।” Edited by : Sudhir Sharma</p>
	</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 21:30:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 30 Apr 2026 22:12:07 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल में M फैक्टर के दम पर ममता बनर्जी ने किया जीत का दावा, इतनी सीटें जीतने की कहीं बात]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-claims-victory-in-west-bengal-on-the-basis-of-m-factor-126043000070_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-claims-victory-in-west-bengal-on-the-basis-of-m-factor-126043000070_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777559334-3549.jpeg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777559334-3549.jpeg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद अब सबकी निगाहें 4 मई की तारीख पर लग गई है। पश्चिम बंगाल को लेकर आए एग्जिट पोल के आंकड़ों को देखा जाए तो मुकाबले के कांटे के होने का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">
	<p style="float: left;clear: both;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777559334-3549.jpeg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 10px; padding: 1px; float: left; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद अब सबकी निगाहें 4 मई की तारीख पर लग गई है। पश्चिम बंगाल को लेकर आए एग्जिट पोल के आंकड़ों को देखा जाए तो मुकाबले के कांटे के होने का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार शाम वीडियो मैसेज जारी कर दावा किया कि राज्य में फिर से TMC सरकार बनेगी। वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि टीएसी बंगाल में 294 में से 226 से ज्यादा सीटें जीतकर फिर से सत्ता में लौटेगी। एग्जिट पोल पर टिप्पणी करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि एग्जिट पोल भाजपा के इशारे पर दिखाए गए,ताकि टीएमसी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ा जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने चुनाव के दौरान भाजपा के एजेंट की तरह काम किया।<br />
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	अपने वीडियो मैसेज में बंगाल की जनता का आभार जताते हुए कहा कि भीषण गर्मी और अत्याचारों के बावजूद आपने वोट डाला। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मैं पार्टी  के सभी कार्यकर्ताओं की भी आभारी हूं, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर लड़ाई लड़ी और केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और 19 राज्यों के भाजपा नेताओं के दबाव को झेला। इसके साथ ही ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पैसे, ताकत और हथियारों से बंगाल को दबाने की कोशिश की, लेकिन जनता ने बैलेट से उन्हें जवाब दिया।</p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;"><blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | In a video message, West Bengal CM Mamata Banerjee says, "We are very grateful to the people of Bengal. Despite the scorching heat and atrocities, you have cast vote. I am also very grateful to TMC workers that they fought with their lives, endured the collective… <a href="https://t.co/zavDMImaUC">pic.twitter.com/zavDMImaUC</a></p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/2049822269355233785?ref_src=twsrc%5Etfw">April 30, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
	<strong>ममता को &#39;M&#39; फैक्टर पर भरोसा- </strong>पश्चिम बंगाल में अगर ममता बनर्जी को अपनी जीत का भरोसा है तो ममता के कॉन्फिडेंस की वजह वह M फैक्टर है, जिसके सहारे ही वह अपनी जीत  की हैट्रिक लगा चुकी है। मुस्लिम और महिला वोटर्स वह दो अहम M फैक्टर है जिसके दम पर ममता बनर्जी एक बार फिर अपनी जीत का दावा कर रही है। पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यक समुदाय का 30 फ़ीसदी वोट है, यह वोट बैंक ही ममता बनर्जी की असली ताकत है। बंगाल में 63 ऐसी‌ विधानसभा सीट है, जहां अल्पसंख्यक वोट 40 प्रतिशत से ज़्यादा है और ममता का फोकस इन 63 सीटों पर है। वोटिंग प्रतिशत का ट्रेंड बता रहा है कि बंगाल में वोटों का खासा धुवीकरण हुआ है, ऐसे में इन सीटों का परिणाम भाजपा के पक्ष में जाने की बहुत कम संभावना है, वहीं इन सीटों में अगर ममता बनर्जी प्रचंड जीत हासिल करती है तो ममता को चौंका लगाना तय हो जाएगा </p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	बंगाल में अल्पसंख्यक वोट लंबे समय से टीएमसी का मजबूत आधार रहे हैं और आम तौर पर एकजुट होकर मतदान करते हैं। इस बार भी मुस्लिम वोट बैंक ममता बनर्जी के साथ माना जा रहा है, यदि अल्पसंख्यक वोट एकजुट रहता है, तो यह टीएमसी के लिए निर्णायक बढ़त दिला सकता है।</p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	वहीं सेफ़ोलॉजिस्ट के तौर पहचाने जाने वाले योगेंद्र यादव ने बंगाल चुनाव को लेकर कहा कि मैं अब सेफ़ोलॉजी नहीं करता, इसलिए अब तक चुप रहा. लेकिन पश्चिम बंगाल के एग्ज़िट पोल देखने के बाद मुझे इतना तो कहना ही पड़ेगा, एक निष्पक्ष चुनाव में इस बार टीएमसी का बहुमत से कम रहना किसी भी हालत में संभव नहीं है।</p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	<strong>महिला वोट बैंक ममता का मजबूत आधार-</strong>पश्चिम बंगाल में महिला वोटर्स पर पिछले तीन विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की मजबूत पकड़ रही है। पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव में महिलाओं का वोट प्रतिशत 93 प्रतिशत के आसपास है। बंगाल कुल 6 करोड़ 82 लाख में से 3 करोड़ 49 लाख से अधिक पुरुष, 3 करोड़ 33 लाख से अधिक महिलाएं है,यानि बंगाल में पुरुष और महिला वोटरों की संख्या लगभग बराबर है। ऐसे में इस बार महिला वोटर्स का रूख सूबे में यह तय करेगा की ममता बनर्जी चौथी बार सत्ता में वापस लौटेगी या भाजपा पहली बार अपना खाता खुलेगी।</p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	बंगाल की राजनीति के जानकार मानते है कि देश के दूसरे राज्यों के उलट बंगाल की महिलाएं सिर्फ पति या घर के मुखिया के कहने पर वोट नहीं देती। राजनीतिक रूप से जागरूक इन महिलाओं की अपनी सोच भी है। इसलिए कुछ तबकों को छोड़ दें तो ज्यादातर घरों में अपने वोट का फैसला महिलाएं खुद करती हैं।<br />
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	<strong>ममता के साथ महिला वोट बैंक?-</strong>अगर बंगाल में पिछले चुनाव नतीजों पर नजर डाली जाए तो महिला वोटर टीएमसी के साथ पूरी तरह अडिग है। 2021 के विधानसभा के चुनावी नतीजों को देखा जाए तो टीएमसी को 84 फीसदी के आसपास महिलाओं ने वोट दिए थे। 2011 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों को देखें,तो टीएमसी को 84.45 फ़ीसदी महिला वोट पड़े, जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में 82.06 फ़ीसदी महिला वोट पड़े, जिनमें टीएमसी को 34 सीटों पर और बीजेपी को 2 सीटों पर जीत मिली। वर्ष 2016 में महिला वोट शेयर 83.13 रहा और टीएमसी फिर से सत्ता में आई, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में यह वोट शेयर 81.7% रहा। जिसके चलते टीएमसी को 22 सीटों पर दी जीत दर्ज हुई, जबकि बीजेपी 18 सीटें जीतने में कामयाब रही।<br />
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	इस बार के विधानसभा चुनावों में भी ममता बनर्जी की पूरी चुनावी रणनीति बंगाल की जड़ों और महिला वोटर्स के आसपास ही रही। टीएमसी ने अपने घोषणा-पत्र में महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता के साथ कन्याश्री, लक्ष्मीर भंडार जैसी योजनाओं को लगातार याद दिलाया।  दरअसल ममता बनर्जी ने बंगाल की आधी आबादी वाले महिला मतदाताओं को साधने के लिए इस बार 52 महिला उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा।</p>
<p style="text-align: justify;">
	 </p>
<p style="text-align: justify;">
	महिला वोटर्स को साधने के लिए ममता सरकार ने राज्य में महिलाओं के लिए कन्याश्री, रुपाश्री, साबुज साथी और मातृत्व शिशु अवकाश जैसी तमाम योजनाएं चला रखी है। जिनका लाभ बड़े पैमाने पर यहाँ की महिलाओं को हुआ। जहां कन्याश्री योजना में 13-18 वर्ष की लड़कियों को ₹1000 की छात्रवृवहीं भाजापा त्ति मिलती है,तो वहीं रुपाश्री स्कीम में गरीब लड़कियों को ₹25000 की धनराशि दी जाती है, जबकि साबुज साथी स्कीम के तहत लड़कियों को साइकिल और मातृत्व शिशु अवकाश के लिए सरकारी कर्मचारी महिलाओं को 2 साल की छुट्टी देने का प्रावधान भी ममता सरकार किया है। </p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 19:50:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 30 Apr 2026 20:00:03 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>विकास सिंह</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Exit Poll : टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल में BJP 192+ सीटों पर आगे, TMC को बड़ा झटका]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-exit-poll-chanakya-bjp-192-seats-tmc-126043000063_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-exit-poll-chanakya-bjp-192-seats-tmc-126043000063_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777556570-6166.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777556570-6166.jpg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में क्या 4 मई को बड़ा उलटफेर होगा। गुरुवार को आए टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने के संकेत दिए हैं। सर्वे के मुताबिक, भाजपा को 192 से अधिक सीटों के साथ स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="poll" class="imgCont" height="788" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777556570-6166.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
	</p>
	पश्चिम बंगाल में क्या 4 मई को बड़ा उलटफेर होगा। गुरुवार को आए टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने के संकेत दिए हैं। सर्वे के मुताबिक, भाजपा को 192 से अधिक सीटों के साथ स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 100 से ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य दलों को महज 2 सीटें मिल सकती हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव होगा और राज्य में TMC के 15 साल पुराने दबदबे का अंत हो सकता है। एग्जिट पोल मतदान के बाद किए गए सर्वे पर आधारित होते हैं और ये जनमत का संकेत देते हैं, लेकिन इनके नतीजे हमेशा अंतिम परिणाम से मेल खाएं, यह जरूरी नहीं होता।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान हुआ, जिसमें केंद्रीय बलों की भारी तैनाती के बीच 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। भाजपा ने इस भारी मतदान को 15 साल के TMC शासन के बाद &#39;परिवर्तन&#39; का संकेत बताया है। इससे पूर्व बुधवार को आए एक्जिट पोल्स ने भी भाजपा की बढ़त को ही बताया था। बहुमत का आंकड़ा 147 है।<br />
	 </p>
<p>
	 2021 के विधानसभा चुनाव में भी अधिकांश एग्जिट पोल्स ने भाजपा और TMC के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान जताया था, लेकिन अंतिम नतीजों में TMC ने 215 सीटें जीतकर बड़ी जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनी थी।  Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 19:08:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 30 Apr 2026 19:12:58 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[TMC 226 सीटें जीतेगी, पश्चिम बंगाल के EXit polls पर ममता बनर्जी का रिएक्शन]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-reaction-on-exit-poll-tight-race-bjp-vs-tmc-126043000051_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-reaction-on-exit-poll-tight-race-bjp-vs-tmc-126043000051_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-08/07/thumb/1_1/1754510941-2319.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-08/07/thumb/1_1/1754510941-2319.jpg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में 7 एग्जिट पोल में से 5 में भाजपा सरकार बनाने का दावा किय गया है। इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान भी सामने आया है। ममता बनर्जी का दावा किया है कि हम सरकार बना रहे हैं। ममता बनर्जी ने वीडियो जारी कर कहा कि टीएमसी 226 ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-08/07/full/1754510941-2319.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Mamta Banerjee" width="1200" /></p>
	पश्चिम बंगाल में 7 एग्जिट पोल में से 5 में भाजपा सरकार बनाने का दावा किय गया है। इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान भी सामने आया है।<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="bn">
			আমরা মা-মাটি-মানুষের সরকার গঠন করছি।<br />
			<br />
			জয় বাংলা! <a href="https://t.co/igVP0FlM9G">pic.twitter.com/igVP0FlM9G</a></p>
		— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) <a href="https://twitter.com/MamataOfficial/status/2049807447393698154?ref_src=twsrc%5Etfw">April 30, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>ममता बनर्जी का दावा किया है कि हम सरकार बना रहे हैं। ममता बनर्जी ने वीडियो जारी कर कहा कि टीएमसी 226 सीटें जीतेगी। उन्होंने कहा कि बंगाल में मां, मानुष और माटी की सरकार बनेगी। <br />
	<br />
	<p>
		चुनाव पश्चात जारी कई सर्वेक्षणों (एग्जिट पोल) में पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बढ़त मिलने की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल में बुधवार को दूसरे एवं अंतिम चरण में मतदान संपन्न हुआ। इससे पहले बीते 23 अप्रैल को राज्य की 152 सीटों पर मतदान हुआ था। प्रदेश में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं। </p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बुधवार शाम आए कई चुनाव सर्वेक्षण एजेंसियों के सर्वे में भाजपा को निर्णायक बढ़त या बहुमत मिलने की संभावना जताई गई। हालांकि कुछ सर्वेक्षणों ने तृणमूल कांग्रेस की सरकार बरकरार रहने का अनुमान जताया है।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		‘पीपुल्स प्लस’ के सर्वे में कहा गया है कि तृणमूल कांग्रेस 177 से 187 सीटें हासिल करके अपनी सत्ता बरकार रख सकती है। भाजपा को 95 से 110 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को एक से तीन सीट मिलने की संभावना जताई गई है। ‘जनमत पोल्स’ के एग्जिट पोल के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस को 195 से 205 सीटें मिल सकती हैं तो भाजपा को 80 से 90 सीटों से ही संतोष करना पड़ सकता है।</p>
	<p>
		<p>
			<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/bengali-women-and-their-existence-in-elections-126043000028_1.html" target="_blank">एक दिन मछली खाकर कोई बंगाल नहीं जीत सकता, उसके लिए ‘आमी बांगाली’ होना पड़ेगा</a></strong></p>
	</p>
	<p>
		‘पोल डायरी’ के सर्वे का अनुमान है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा 142 से 171 सीटों के साथ पहली बार सत्ता में आ सकती है। इस सर्वेक्षण के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस को 99 से 127 से ही संतोष करना पड़ सकता है। ‘मैट्रिज’ के सर्वेक्षण में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा 146 से 161 सीटों के साथ सरकार बना सकती है और टीएमसी को 125 से 140 सीटें मिल सकती है तथा वह सत्ता से बाहर हो सकती है। ‘पी-मार्क’ के सर्वेक्षण में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को 150 से 175 सीटें मिल सकती हैं तो टीएमसी को 118-138 सीटें मिलने का अनुमान है।<br />
		<br />
		<h3>
			तृणमूल नेताओं ने भी खारिज किए</h3>
		तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बढ़त दिखाने वाले एग्जिट पोल को खारिज करते हुए उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने ‘एक्स’ पर कहा कि 2021 के विधानसभा चुनाव में भी एग्जिट पोल वास्तविक नतीजों से काफी अलग थे। उन्होंने आंकड़े शेयर करते हुए बताया कि उस समय कई एग्जिट पोल में तृणमूल को 143-162 सीटें और भाजपा को 115-147 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था, जबकि अंतिम परिणाम में तृणमूल ने 215 सीटें जीतीं और भाजपा 77 सीटों पर सिमट गई। पार्टी के पूर्व राज्यसभा सदस्य साकेत गोखले ने भी कहा कि पश्चिम बंगाल में एग्जिट पोल अक्सर करीबी मुकाबले का संकेत देते हैं, लेकिन राज्य में जनादेश ऐतिहासिक रूप से निर्णायक रहा है। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:16:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 30 Apr 2026 17:29:54 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[एक दिन मछली खाकर कोई बंगाल नहीं जीत सकता, उसके लिए ‘आमी बांगाली’ होना पड़ेगा]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/bengali-women-and-their-existence-in-elections-126043000028_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/bengali-women-and-their-existence-in-elections-126043000028_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777537421-5348.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777537421-5348.jpg</image>
      <description><![CDATA[बंगाली माछ भात खाते हैं— सदियों से खाते आ रहे हैं. हर घर में हिल्‍सा और रोहू बनती हैं. वे मटन में आलू डालते ही हैं चाहे कुछ भी हो जाए. उनके लिए मिठाई रसगुल्ला, संदेश, मिष्टी दोई और चमचम ही है, वे दूसरी मिठाई खा सकते हैं, किंतु अपनी वाली को कभी नहीं ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Bengal Elections woman" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777537421-5348.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Bengal Elections woman" width="1200" /></p>
</p>
<br />
बंगाली माछ भात खाते हैं— सदियों से खाते आ रहे हैं. हर घर में हिल्‍सा और रोहू बनती हैं. वे मटन में आलू डालते ही हैं चाहे कुछ भी हो जाए. उनके लिए मिठाई रसगुल्ला, संदेश, मिष्टी दोई और चमचम ही है, वे दूसरी मिठाई खा सकते हैं, किंतु अपनी वाली को कभी नहीं त्‍यागेंगे. गरीब आदमी अपने ‘पांतो भात’ पर जिंदगी गुजार लेता है. किंतु ज्‍यादा उठापटक नहीं करेगा.<br />
<br />
अपनी संस्‍कृति और जीवन में रचे-बसे बांग्‍ला मानुष प्रगति तो चाहते हैं, लेकिन अपनी शर्तों पर और अपने ही तरीके में. अपनी शर्तों पर उन्‍हें कुछ कम भी मिले तो उन्‍हें स्‍वीकार्य है. इसलिए अपनी चीजों को लेकर वे बहुत Stubborn (जिद्दी) हैं. अपने कल्‍चर, अपनी भाषा, रहनी और कहनी में पक्‍के.<br />
<br />
अपनी संस्कृति और जीवन के प्रति गहरा लगाव, बौद्धिकता और भावनात्मक दृष्टिकोण उन्‍हें दूसरे राज्‍यों के लोगों से कुछ अलग बनाता है. अपने अस्‍तित्‍व के इस लगाव के लिए बांग्‍ला औरतों को श्रेय दिया जाना चाहिए.<br />
तकरीबन पूरे पश्‍चिम बंगाल में और बंगाली अस्‍तित्‍व को बनाए रखने के इस पूरे एल्‍गोरिदम में बांग्‍ला औरतों का योगदान ज्‍यादा है. बांग्‍ला जीवन और घर का ज्‍यादातर हिस्‍सा बांग्‍ला महिलाएं ही ड्राइव करती हैं. घर में इस प्रभुत्‍व का असर चारदीवार से निकलकर बाहर तक आता है. बांग्‍ला महिलाओं की यह रिजिडनेस यहां से हमें तो उनका जिद्दीपन-सा नजर आता है, किंतु यह अपने कल्‍चर, अपनी बीईंग में सकारात्‍मक है. वो यह सब अपने अस्‍तित्‍व से जुड़े कमिटमेंट के लिए करती हैं. वो ठीक से अपनी बात कहती है और ठीक से दूसरों की बात सुनती है. उन्‍हें पता है ढुलमुल रवैये से जिंदगी नहीं चलती. एक बार कोई बात हो गई तो फिर वो उस पर अटल हैं. उनका यही ‘एब्‍सोल्‍यूट जैस्‍चर’ बाहर से दूसरों को एक जिद की तरह नजर आता है. लेकिन राजनीतिक और व्‍यवहारिक दृष्‍टि से देखें तो आगे चलकर वो ममता बनर्जी की तरह लीडरशिप में तब्‍दील होता है. ममता बनर्जी को तोड़ा जा सकता है— झुकाया नहीं जा सकता. समझ लीजिए कि ममता बनर्जी ज्‍यादातर बंगाली महिलाओं का ही ‘ओल्‍ड वर्जन’ हैं. अपना बंगाली ‘पक्‍कापन’ वहां की हर औरत में ‘मोर ऑर लेस’ मौजूद है ही.<br />
<br />
यही जैस्‍चर बंगाल के धार्मिक, सामाजिक और बहुत हद तक राजनीतिक हिस्‍सों को भी प्रभावित करता है. सायोनी घोष को ही ले लीजिए. दीदी के बाद टीएमसी की यही नेता प्रोमिनेंटली नजर आ रही हैं.<br />
<br />
पुनर्जागरण (Bengal Renaissance) के केंद्र रहे बंगाल में अगर कोई उनके अस्‍तित्‍व को चुनौती देगा तो नकार दिया जाएगा. वो सिर्फ अपने अस्‍तित्‍व के लिए लड़ते हैं. फिर वो चाहे राजनीतिक मैदान ही क्‍यों न हो.<br />
बांग्‍ला औरतें किसी से तब लड़ती हैं, जब उन्‍हें कोई बदलने की कोशिश करता है— ऐसे में बंगाल में कोई परिवर्तन संभव है, इस पर मुझे कुछ संशय है.<br />
<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Bengal Elections woman" class="imgCont" height="987" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777537453-8997.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Bengal Elections woman" width="740" /></p>
</p>
<br />
इसे राजनीतिक दृष्‍टि से देखें तो बंगाल में ‘बाहरी बनाम भीतरी’ का नैरेटिव बहुत मजबूत है. बंगाल के लोग अपने में— और अपनों के साथ ही रहना चाहते हैं. अपनों के बीच उनकी एक अलग तरह की सहूलियत है और ‘कंफर्ट’ है. बाहरी चीजें उन्‍हें ज्‍यादा आकर्षित और प्रभावित नहीं करती. परिवर्तन एक ठीक बात है, लेकिन यह सभी के भीतर एक जैसी उत्‍कंठा पैदा करें, ऐसा जरूरी नहीं. इसलिए पश्‍चिम बंगाल में मुझे सत्‍ता को लेकर कोई बदलाव नजर नहीं आता. बीजेपी यहां केंद्र के भरोसे रही हैं. ग्राउंड पर उनकी अपनी कोई टीम नहीं है. कुछ हैं जो दीदी का मुकाबला नहीं कर पाते हैं. कोई टीम होगी भी तो चुनाव के कुछ महीने पहले गई होगी— और इतने अंतराल में वो इतनी सक्षम नहीं हो सकती कि ‘बांग्‍ला मानस’ को इस हद तक बदल सकें कि वो सत्‍ता ही बदल दे. अतीत में जो भी गैर-बांग्‍ला भाजपाई वहां गया है वो उल्‍टे पैर लौटा है.<br />
<br />
बीजेपी बंगाल में महाराष्‍ट्र, मध्‍यप्रदेश और उत्‍तर प्रदेश की तरह उसी लाठी से चुनावी घोड़ा नहीं दौड़ा सकती. यहां ज्‍यादातर बांग्‍ला मानुष न सिर्फ पढ़ा- लिखा है, बल्‍कि वो अपने अस्‍तित्‍व के लिए सजग भी है. इसके साथ ही वो देश के दूसरे राज्‍यों पर भी बराबर नजर रखते हैं. उन्‍हें भाषाई अपनापन चाहिए, उन्‍हें खानपान में अपनत्‍व चाहिए, उन्‍हें अपनी संस्‍कृति से लगाव नजर आना चाहिए— एक दिन मछली खाकर कोई बंगालियों के दिलों पर राज नहीं कर सकता. उसके लिए बांग्‍ला अस्‍मिता को समझना होगा. उन्‍हें ‘आमी बांगाली’ के भाव से एकात्‍म होना होगा. बीजेपी इतना कर ले तो कुछ हो सकता है. रवींद्रनाथ, टेगौर, रवींद्र संगीत, कला, कविता और बांग्‍ला मानस तो किसी ‘आउटसाइडर’ के लिए बहुत दूर की कौड़ी है.<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 13:50:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 30 Apr 2026 13:54:33 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>नवीन रांगियाल</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[एग्ज़िट पोल बनाम हकीकत: पश्चिम बंगाल में कब और कितने सटीक रहे EXIT Poll?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/when-and-how-accurate-have-exit-polls-been-in-west-bengal-126043000021_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/when-and-how-accurate-have-exit-polls-been-in-west-bengal-126043000021_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777532669-9372.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777532669-9372.jpg</image>
      <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को समाप्त होते ही राजनीतिक विमर्श का केंद्र फिर  वही पुराना सवाल बन गया है—क्या एग्ज़िट पोल इस बार भरोसेमंद होंगे? 4 मई को नतीजे आने हैं, लेकिन 2021 का अनुभव  बताता है कि खासकर बंगाल ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Exit Poll" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777532669-9372.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Exit Poll" width="1200" /></p>
</p>
<br />
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को समाप्त होते ही राजनीतिक विमर्श का केंद्र फिर  वही पुराना सवाल बन गया है—क्या एग्ज़िट पोल इस बार भरोसेमंद होंगे? 4 मई को नतीजे आने हैं, लेकिन 2021 का अनुभव  बताता है कि खासकर बंगाल में एग्ज़िट पोल अक्सर वास्तविकता से दूर रहे हैं।<br />
<br />
यदि हम 2021 के पश्चिम बंगाल के एग्ज़िट पोल और वास्तविक परिणामों के तुलनात्मक डेटा के आधार पर यह समझने की  कोशिश करें कि सर्वेक्षण कितने सटीक रहे और कहाँ बड़ी चूक हुई तो तस्वीर का अलग ही पहलू सामने आता है।<br />
<br />
<strong>पश्चिम बंगाल: सबसे बड़ी चूक</strong><strong>, सबसे बड़ा सबक</strong><br />
2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव एग्ज़िट पोल की विश्वसनीयता पर सबसे बड़ा प्रश्नचिह्न बनकर सामने आए।<br />
 <br />
<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<img align="center" alt="" class="imgCont" height="747" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/29/full/1777471930-934.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
 <br />
यानी, एग्ज़िट पोल ने न केवल अंतर गलत आंका, बल्कि विजेता की ताकत को भी गंभीर रूप से कम करके दिखाया।<br />
<br />
<strong>क्यों हुई इतनी बड़ी चूक</strong><strong>?</strong><br />
डेटा और चुनावी व्यवहार के विश्लेषण से कुछ प्रमुख कारण सामने आते हैं:<br />
<strong>1. महिला वोट का अंडरएस्टिमेशन</strong><br />
बंगाल में महिला वोटिंग पैटर्न निर्णायक रहा, जिसे सर्वे ठीक से पकड़ नहीं पाए।<br />
<br />
<strong>2. </strong><strong>‘शर्मीला वोटर’ (Shy Voter Effect)</strong><br />
मतदाता वास्तविक पसंद बताने से बचते हैं—विशेषकर जब चुनाव अत्यधिक ध्रुवीकृत हो।<br />
<br />
<strong>3. स्थानीय बनाम राष्ट्रीय नैरेटिव</strong><br />
एग्ज़िट पोल में राष्ट्रीय मुद्दों का ओवरवेट, जबकि वोटिंग स्थानीय मुद्दों पर हुई।<br />
 <br />
<strong>4. सैंपलिंग बायस</strong><br />
ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं।<br />
2026 के चुनावों में भी बंगाल वही जटिल सामाजिक-राजनीतिक पैटर्न दिखा रहा है:<br />
<br />
<strong>*</strong> <strong>मजबूत क्षेत्रीय नेतृत्व</strong><br />
<strong>* महिला वोट का उच्च प्रभाव</strong><br />
<strong>* ग्रामीण-शहरी विभाजन</strong><br />
<strong>* पहचान आधारित राजनीति</strong><br />
<br />
ऐसे में, अगर एग्ज़िट पोल फिर से राष्ट्रीय नैरेटिव या सीमित सैंपलिंग पर आधारित रहे, तो 2021 जैसी चूक दोहराई जा सकती  है।<br />
<br />
<strong>एग्ज़िट पोल</strong><strong>—संकेत, सत्य नहीं</strong><br />
डेटा साफ बताता है कि एग्ज़िट पोल को “ट्रेंड इंडिकेटर” के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन “फाइनल रिजल्ट” के रूप में  नहीं—खासकर पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में। 2021 का अनुभव यह सिखाता है कि एग्ज़िट पोल दिशा बता सकते हैं लेकिन लोकतंत्र का अंतिम निर्णय मतगणना के दिन ही  सामने आता है और बंगाल में, यह अंतर अक्सर बहुत बड़ा होता है।<br />
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:30:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 30 Apr 2026 15:54:46 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[एक्जिट पोल में भाजपा को बढ़त, क्या हैं ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी का दावा?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-exit-poll-2026-bjp-tmc-voter-turnout-126043000009_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-exit-poll-2026-bjp-tmc-voter-turnout-126043000009_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777526474-744.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/thumb/1_1/1777526474-744.jpg</image>
      <description><![CDATA[West Bengal  Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल में दोनों चरणों में 90 फीसदी से ज्यादा मतदान ने सभी राजनीतिक दलों की सांसें ऊपर नीचे कर दी है। एग्जिट पोल में पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर में भाजपा को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। हालांकि मुख्यमंत्री ममता ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="mamata Banerjee and Suvendu Adhikari" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777526474-744.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="mamata Banerjee and Suvendu Adhikari" width="1376" /></p>
	</p>
	West Bengal  Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल में दोनों चरणों में 90 फीसदी से ज्यादा मतदान ने सभी राजनीतिक दलों की सांसें ऊपर नीचे कर दी है। एग्जिट पोल में पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर में भाजपा को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने अपनी अपनी सरकार बनने के दावे किए हैं। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/women-voters-changed-the-game-in-the-west-bengal-assembly-elections-126042900070_1.html" target="_blank">Exit Poll: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में क्या महिला वोटर्स ने बदला गेम?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	पश्चिम बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बुधवार शाम आए कई चुनाव सर्वेक्षण एजेंसियों के सर्वे में भाजपा को निर्णायक बढ़त या बहुमत मिलने की संभावना जताई गई। हालांकि कुछ सर्वेक्षणों ने तृणमूल कांग्रेस की सरकार बरकरार रहने का अनुमान जताया है। पोल ऑफ पोल्स में टीएमसी को 146 और भाजपा को 140 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="west bengal exit poll 2026 " class="imgCont" height="747" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/29/full/1777471930-934.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
	चुनाव आयोग के अनुसार, बंगाल विधानसभा चुनाव में बंपर वोटिंग हुई है। दोनों चरणों में 90 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही भारी मतदान को अपने पक्ष में बता रहे हैं। ममता बनर्जी ने 200 से ज्यादा सीटों पर जीत का दावा किया है जबकि सुवेंदु अधिकारी का दावा है कि बंगाल में इस बार ममता बनर्जी मुख्‍यमंत्री नहीं बनने जा रही है। इस चुनाव में भाजपा को 180 से ज्यादा सीटें मिलेगी। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/how-did-bjp-chanakya-amit-shah-write-the-script-of-bjp-victory-in-bengal-126042900065_1.html" target="_blank">Exit Poll: बंगाल में चुनावी चाणक्य अमित शाह ने कैसे लिखी भाजपा की जीत की पटकथा?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	असम, तमिलनाडु, केरल और पुड्‍डुचेरी में पिक्चल क्लियर है। सबसे ज्यादा सस्पेंस पश्चिम बंगाल को लेकर बना हुआ है, जिसे BJP ने “करो या मरो” की लड़ाई बताया था और पार्टी का अंतिम गढ़ कहा था। 2014 से BJP लगातार ममता बनर्जी के इस किले में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।<br />
	 </p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 10:46:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 30 Apr 2026 11:13:45 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Poll of Polls :  5 राज्यों में किसकी बन रही सरकार? पढ़िए पोल्स ऑफ पोल्स के अनुमान]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/exit-polls-2026-bjp-leads-assam-west-bengal-dmk-tn-udf-kerala-analysis-126042900082_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/exit-polls-2026-bjp-leads-assam-west-bengal-dmk-tn-udf-kerala-analysis-126042900082_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/29/thumb/1_1/1777486025-0557.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/29/thumb/1_1/1777486025-0557.jpg</image>
      <description><![CDATA[चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में महीने भर चले कड़े चुनावी मुकाबले के बाद आए एग्जिट पोल्स के औसत अनुमान में असम में BJP की बड़ी जीत की भविष्यवाणी की गई है, जबकि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की TMC पर पार्टी को बढ़त मिलती दिख रही है। दक्षिण ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/29/full/1777486025-0557.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में महीने भर चले कड़े चुनावी मुकाबले के बाद आए एग्जिट पोल्स के औसत अनुमान में असम में BJP की बड़ी जीत की भविष्यवाणी की गई है, जबकि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की TMC पर पार्टी को बढ़त मिलती दिख रही है। दक्षिण भारत में एग्जिट पोल्स के मुताबिक तमिलनाडु में DMK की वापसी और केरल में 10 साल बाद कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF की वापसी के संकेत हैं।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/tamil-nadu-assembly-election-2026-news/tamilnadu-election-2026-exit-poll-vijay-tvk-dmk-vs-aiadmk-predictions-126042900079_1.html" target="_blank">Tamil Nadu Election 2026 में क्या विजय की TVK करेगी बड़ा उलटफेर, एग्जिट पोल में चौंकाने वाले आंकड़े</a></strong></p>
</p>
<p>
	हालांकि सबसे ज्यादा सस्पेंस पश्चिम बंगाल को लेकर बना हुआ है, जिसे BJP ने “करो या मरो” की लड़ाई बताया था और पार्टी का अंतिम गढ़ कहा था। 2014 से BJP लगातार ममता बनर्जी के इस किले में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।  </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/bjp-leads-bengal-assam-hattrick-tvk-vijay-tamil-nadu-exit-poll-2026-126042900074_1.html" target="_blank">Exit Poll 2026 : पश्चिम बंगाल, असम, केरल और तमिलनाडु में किसकी बन सकती है सरकार, क्या कहते हैं एक्जिट पोल्स</a></strong></p>
</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Poll of Exit Polls 2026" class="imgCont" height="877" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/29/full/1777486072-8185.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/exit-polls-2026-5-states-assembly-elections-live-hindi-126042800039_1.html" target="_blank">Exit Poll Results 2026: पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर, असम में एक बार फिर BJP सरकार</a></strong></p>
</p>
<p>
	  Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 23:33:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 29 Apr 2026 23:41:51 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[West Bengal Assembly Election 2026 News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज़ टीम</authorname>
    </item>
  </channel>
</rss>
